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वर्ष में केवल एक ही दिन 24 घंटो के लिए खुलते हैं, मंदिर के पट मान्यता हैं की सर्पराज तक्षक स्वयं इस मंदिर में शिव आराधना करते हैं, उनकी शिव साधना में कोई विलंभ ना हो इसलिए 364 दिन यह मंदिर नागदेवता के सम्मान में बंद रहता हैं, महाकाल मंदिर के ऊपरी सतह पर मौजूद श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर साल में सिर्फ एक बार खुलते हैं नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट, 16 अगस्त की रात 12 बजे से होंगे दर्शन उज्जैन | 16 अगस्त 2026 उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के शीर्ष पर विराजमान श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट नागपंचमी के अवसर पर साल में सिर्फ एक बार श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं। इस वर्ष नागपंचमी 17 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट 16 अगस्त की मध्यरात्रि 12 बजे खोले जाएंगे और 17 अगस्त की रात 12 बजे तक श्रद्धालु भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन कर सकेंगे। यानी इस बार भक्तों को लगातार 24 घंटे दर्शन का अवसर मिलेगा। खास बात यह है कि इस वर्ष नागपंचमी और सावन का तीसरा सोमवार एक ही दिन पड़ रहा है। इसके चलते उज्जैन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसी दिन बाबा महाकाल की सवारी भी निकलेगी, जिससे धार्मिक नगरी में आस्था का विशेष माहौल रहेगा। कपाट खुलने से पहले 16 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे से विशेष पूजन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद मध्यरात्रि में मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। 17 अगस्त को दोपहर में शासकीय पूजन और शाम को पुजारी-पुरोहितों द्वारा पूजन किया जाएगा। रात 12 बजे के बाद मंदिर के कपाट फिर एक वर्ष के लिए बंद कर दिए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने दर्शन की विशेष व्यवस्था की है। शीघ्र दर्शन के लिए ₹300 शुल्क के साथ ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था की गई है। इसके लिए 11 अलग-अलग स्लॉट रखे गए हैं। शीघ्र दर्शन के लिए निर्धारित गेट नंबर-5 से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर की सबसे खास विशेषता यहां विराजमान भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की सर्प शय्या पर विराजमान दुर्लभ प्रतिमा है। नागपंचमी के दिन इस विशेष स्वरूप के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। धार्मिक नगरी उज्जैन एक बार फिर नागपंचमी पर आस्था के रंग में रंगने को तैयार है। सालभर के इंतजार के बाद 16 अगस्त की रात 12 बजे नागचंद्रेश्वर के कपाट खुलेंगे और भक्तों को 24 घंटे तक दर्शन का अवसर मिलेगा।

13 hrs ago
user_Journalist shubham
Journalist shubham
Dewas, Madhya Pradesh•
13 hrs ago

वर्ष में केवल एक ही दिन 24 घंटो के लिए खुलते हैं, मंदिर के पट मान्यता हैं की सर्पराज तक्षक स्वयं इस मंदिर में शिव आराधना करते हैं, उनकी शिव साधना में कोई विलंभ ना हो इसलिए 364 दिन यह मंदिर नागदेवता के सम्मान में बंद रहता हैं, महाकाल मंदिर के ऊपरी सतह पर मौजूद श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर साल में सिर्फ एक बार खुलते हैं नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट, 16 अगस्त की रात 12 बजे से होंगे दर्शन उज्जैन | 16 अगस्त 2026 उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के शीर्ष पर विराजमान श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट नागपंचमी के अवसर पर साल में सिर्फ एक बार श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं। इस वर्ष नागपंचमी 17 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट 16 अगस्त की मध्यरात्रि 12 बजे खोले जाएंगे और 17 अगस्त की रात 12 बजे तक श्रद्धालु भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन कर सकेंगे। यानी इस बार भक्तों को लगातार 24 घंटे दर्शन का अवसर मिलेगा। खास बात यह है कि इस वर्ष नागपंचमी और सावन का तीसरा सोमवार एक ही दिन पड़ रहा है। इसके चलते उज्जैन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसी दिन बाबा महाकाल की सवारी भी निकलेगी, जिससे धार्मिक नगरी में आस्था का विशेष माहौल रहेगा। कपाट खुलने से पहले 16 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे से विशेष पूजन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद मध्यरात्रि में मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। 17 अगस्त को दोपहर में शासकीय पूजन और शाम को पुजारी-पुरोहितों द्वारा पूजन किया जाएगा। रात 12 बजे के बाद मंदिर के कपाट फिर एक वर्ष के लिए बंद कर दिए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने दर्शन की विशेष व्यवस्था की है। शीघ्र दर्शन के लिए ₹300 शुल्क के साथ ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था की गई है। इसके लिए 11 अलग-अलग स्लॉट रखे गए हैं। शीघ्र दर्शन के लिए निर्धारित गेट नंबर-5 से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर की सबसे खास विशेषता यहां विराजमान भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की सर्प शय्या पर विराजमान दुर्लभ प्रतिमा है। नागपंचमी के दिन इस विशेष स्वरूप के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। धार्मिक नगरी उज्जैन एक बार फिर नागपंचमी पर आस्था के रंग में रंगने को तैयार है। सालभर के इंतजार के बाद 16 अगस्त की रात 12 बजे नागचंद्रेश्वर के कपाट खुलेंगे और भक्तों को 24 घंटे तक दर्शन का अवसर मिलेगा।

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    शिवालिक परिसर में उल्लास: भव्य कावड़ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, गुटकेश्वर महादेव के जल से हुआ भोलेनाथ का अभिषेक
    user_Jaypal Gurjar
    Jaypal Gurjar
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • खजराना गणेश मंदिर की दुकान नंबर 43 से खरीदे लड्डुओं में निकले कीड़े, स्वतंत्रता दिवस पर सोनगुराड़िया स्कूल में मचा हड़कंप योगेश शर्मा प्रसाद पॉइंट से खरीदे गए थे लड्डू, बच्चों को बांटते समय एक बच्चे ने बताई सच्चाई; प्रशासन और खाद्य विभाग ने लिए सैंपल, बिना बिल खरीदी ने भी खड़े किए गंभीर सवाल संवाददाता राजेश विश्वकर्मा | इंदौर ग्रामीण इंदौर। स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर जहां देशभर में तिरंगा फहराकर देशभक्ति और उत्साह का माहौल था, वहीं इंदौर ग्रामीण क्षेत्र के सोनगुराड़िया गांव के शासकीय स्कूल में बच्चों को वितरित किए जा रहे लड्डुओं में कीड़े मिलने से हड़कंप मच गया। बच्चों के लिए स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर खरीदे गए लड्डू जब बांटे जा रहे थे, तभी एक बच्चे ने लड्डू में कीड़े होने की जानकारी दी। बच्चे की शिकायत के बाद जब लड्डुओं की जांच की गई तो स्कूल प्रबंधन और पंचायत स्तर पर हड़कंप की स्थिति बन गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्कूल के बच्चों के लिए ये लड्डू खजराना गणेश मंदिर परिसर स्थित योगेश शर्मा प्रसाद पॉइंट, दुकान नंबर 43 से खरीदे गए थे। मामला सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। स्वतंत्रता दिवस के जश्न के बीच सामने आया मामला 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शासकीय स्कूल में बच्चों के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों में मिठाई के रूप में लड्डू वितरित किए जा रहे थे। इसी दौरान एक बच्चे ने लड्डू में कीड़े होने की बात कही। बच्चे की शिकायत को नजरअंदाज करने के बजाय जब लड्डू को देखा गया तो उसमें कीड़े मिलने की बात सामने आई। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी। देखते ही देखते यह मामला ग्रामीण क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। खजराना गणेश मंदिर की दुकान नंबर 43 से हुई थी खरीदी मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक बच्चों को वितरित किए गए लड्डू खजराना गणेश मंदिर स्थित योगेश शर्मा प्रसाद पॉइंट, दुकान नंबर 43 से खरीदे गए थे। लड्डुओं में कीड़े मिलने के बाद अब संबंधित दुकान पर उपलब्ध खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया, भंडारण व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठान को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। खाद्य विभाग की वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लड्डुओं में वास्तविक रूप से खाद्य गुणवत्ता संबंधी खामी थी या नहीं। एसडीएम के निर्देशन में प्रशासन ने की कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। बताया गया है कि एसडीएम राहुल गुप्ता के निर्देशन में नायब तहसीलदार जयेश प्रताप सिंह एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों की टीम संबंधित दुकान पर पहुंची। टीम ने मौके पर जांच की और लड्डुओं के सैंपल लिए। सैंपलों को नियमानुसार जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी। स्कूल और पंचायत की खरीदी प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में लड्डुओं में कीड़े मिलने के साथ ही अब केवल दुकानदार ही नहीं, बल्कि खाद्य सामग्री की खरीदी प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है। बताया जा रहा है कि लड्डुओं की खरीदी के दौरान संबंधित दुकानदार से बिल नहीं लिया गया। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए खाद्य सामग्री खरीदते समय अधिकृत बिल या रसीद क्यों नहीं ली गई? खरीदी किसके द्वारा की गई? कितनी मात्रा में लड्डू खरीदे गए? भुगतान किस आधार पर किया गया? दुकानदार को भुगतान किस रिकॉर्ड के आधार पर किया गया? खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई? इन तमाम सवालों का जवाब अब जांच के बाद सामने आना जरूरी है। बिना बिल भुगतान की प्रक्रिया की भी हो जांच सरकारी स्तर पर बच्चों के लिए खाद्य सामग्री खरीदी जाती है तो सामान्य तौर पर खरीदी से संबंधित रिकॉर्ड, बिल, मात्रा और भुगतान का विवरण महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में यदि वास्तव में बिना बिल के लड्डुओं की खरीदी की गई है तो इस प्रक्रिया की प्रशासनिक जांच होना आवश्यक है। हालांकि बिना बिल खरीदी सामने आने मात्र से भ्रष्टाचार या आर्थिक अनियमितता साबित नहीं होती। इसके लिए संबंधित दस्तावेजों और भुगतान रिकॉर्ड की जांच जरूरी होगी। बच्चों की सेहत को लेकर अभिभावकों में चिंता लड्डुओं में कीड़े मिलने की खबर सामने आने के बाद बच्चों के अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। मामले में कुछ बच्चों की तबीयत खराब होने की भी चर्चा सामने आई है। हालांकि बच्चों की तबीयत खराब होने का कारण लड्डू ही थे या कोई अन्य वजह, यह चिकित्सकीय परीक्षण एवं प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इसलिए इस संबंध में अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार फिलहाल प्रशासन और खाद्य विभाग द्वारा लिए गए सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। अब रिपोर्ट का इंतजार है। यदि जांच में लड्डू अमानक, दूषित अथवा स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाए जाते हैं तो खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत संबंधित जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा यदि खरीदी प्रक्रिया में भी कोई अनियमितता सामने आती है तो प्रशासनिक स्तर पर संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका की जांच की जा सकती है। दुकान के लाइसेंस और भंडारण व्यवस्था की भी जांच की मांग घटना के बाद ग्रामीणों की मांग है कि खाद्य विभाग संबंधित दुकान के खाद्य लाइसेंस, लड्डुओं के निर्माण की प्रक्रिया, कच्चे माल की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और स्वच्छता मानकों की भी जांच करे। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि संबंधित प्रतिष्ठान से पूर्व में किन स्कूलों, पंचायतों अथवा अन्य संस्थानों को खाद्य सामग्री की सप्लाई की गई है और क्या वहां से पहले भी गुणवत्ता संबंधी कोई शिकायत सामने आई थी। बड़ा सवाल—बच्चों के भोजन की गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी? स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर बच्चों को वितरित होने वाले लड्डुओं में कीड़े मिलने की घटना ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यदि बच्चों के लिए खाद्य सामग्री खरीदी जा रही थी तो उसकी गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई? खरीदी के समय बिल क्यों नहीं लिया गया? खाद्य सामग्री का निरीक्षण किसने किया? और यदि जांच में लड्डू अमानक पाए जाते हैं तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? इन सवालों के जवाब खाद्य विभाग की रिपोर्ट और प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएंगे। जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी जिम्मेदारी फिलहाल मामले में प्रशासन ने सैंपलिंग की कार्रवाई कर दी है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य सामग्री में मिलावट, खराब गुणवत्ता अथवा स्वास्थ्य के लिए खतरा पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता साफ होगा। वहीं बिना बिल खरीदी के मामले में पंचायत एवं संबंधित स्तर के दस्तावेजों की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि खरीदी और भुगतान की प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई थी या नहीं। स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर बच्चों को बांटे गए लड्डुओं में कीड़े मिलने की घटना ने न केवल अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है, बल्कि सरकारी संस्थानों में बच्चों के लिए खरीदी जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और पारदर्शी खरीदी प्रक्रिया पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब सबकी निगाहें खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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    खजराना गणेश मंदिर की दुकान नंबर 43 से खरीदे लड्डुओं में निकले कीड़े, स्वतंत्रता दिवस पर सोनगुराड़िया स्कूल में मचा हड़कंप

योगेश शर्मा प्रसाद पॉइंट से खरीदे गए थे लड्डू, बच्चों को बांटते समय एक बच्चे ने बताई सच्चाई; प्रशासन और खाद्य विभाग ने लिए सैंपल, बिना बिल खरीदी ने भी खड़े किए गंभीर सवाल

संवाददाता राजेश विश्वकर्मा | इंदौर ग्रामीण

इंदौर। स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर जहां देशभर में तिरंगा फहराकर देशभक्ति और उत्साह का माहौल था, वहीं इंदौर ग्रामीण क्षेत्र के सोनगुराड़िया गांव के शासकीय स्कूल में बच्चों को वितरित किए जा रहे लड्डुओं में कीड़े मिलने से हड़कंप मच गया। बच्चों के लिए स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर खरीदे गए लड्डू जब बांटे जा रहे थे, तभी एक बच्चे ने लड्डू में कीड़े होने की जानकारी दी। बच्चे की शिकायत के बाद जब लड्डुओं की जांच की गई तो स्कूल प्रबंधन और पंचायत स्तर पर हड़कंप की स्थिति बन गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्कूल के बच्चों के लिए ये लड्डू खजराना गणेश मंदिर परिसर स्थित योगेश शर्मा प्रसाद पॉइंट, दुकान नंबर 43 से खरीदे गए थे। मामला सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।

स्वतंत्रता दिवस के जश्न के बीच सामने आया मामला

15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शासकीय स्कूल में बच्चों के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों में मिठाई के रूप में लड्डू वितरित किए जा रहे थे। इसी दौरान एक बच्चे ने लड्डू में कीड़े होने की बात कही।

बच्चे की शिकायत को नजरअंदाज करने के बजाय जब लड्डू को देखा गया तो उसमें कीड़े मिलने की बात सामने आई। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी। देखते ही देखते यह मामला ग्रामीण क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।

खजराना गणेश मंदिर की दुकान नंबर 43 से हुई थी खरीदी

मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक बच्चों को वितरित किए गए लड्डू खजराना गणेश मंदिर स्थित योगेश शर्मा प्रसाद पॉइंट, दुकान नंबर 43 से खरीदे गए थे।

लड्डुओं में कीड़े मिलने के बाद अब संबंधित दुकान पर उपलब्ध खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया, भंडारण व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठान को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। खाद्य विभाग की वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लड्डुओं में वास्तविक रूप से खाद्य गुणवत्ता संबंधी खामी थी या नहीं।

एसडीएम के निर्देशन में प्रशासन ने की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। बताया गया है कि एसडीएम राहुल गुप्ता के निर्देशन में नायब तहसीलदार जयेश प्रताप सिंह एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों की टीम संबंधित दुकान पर पहुंची।

टीम ने मौके पर जांच की और लड्डुओं के सैंपल लिए। सैंपलों को नियमानुसार जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी।

स्कूल और पंचायत की खरीदी प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में

लड्डुओं में कीड़े मिलने के साथ ही अब केवल दुकानदार ही नहीं, बल्कि खाद्य सामग्री की खरीदी प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है।

बताया जा रहा है कि लड्डुओं की खरीदी के दौरान संबंधित दुकानदार से बिल नहीं लिया गया। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए खाद्य सामग्री खरीदते समय अधिकृत बिल या रसीद क्यों नहीं ली गई?

खरीदी किसके द्वारा की गई? कितनी मात्रा में लड्डू खरीदे गए? भुगतान किस आधार पर किया गया? दुकानदार को भुगतान किस रिकॉर्ड के आधार पर किया गया? खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई? इन तमाम सवालों का जवाब अब जांच के बाद सामने आना जरूरी है।

बिना बिल भुगतान की प्रक्रिया की भी हो जांच

सरकारी स्तर पर बच्चों के लिए खाद्य सामग्री खरीदी जाती है तो सामान्य तौर पर खरीदी से संबंधित रिकॉर्ड, बिल, मात्रा और भुगतान का विवरण महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में यदि वास्तव में बिना बिल के लड्डुओं की खरीदी की गई है तो इस प्रक्रिया की प्रशासनिक जांच होना आवश्यक है।

हालांकि बिना बिल खरीदी सामने आने मात्र से भ्रष्टाचार या आर्थिक अनियमितता साबित नहीं होती। इसके लिए संबंधित दस्तावेजों और भुगतान रिकॉर्ड की जांच जरूरी होगी।

बच्चों की सेहत को लेकर अभिभावकों में चिंता

लड्डुओं में कीड़े मिलने की खबर सामने आने के बाद बच्चों के अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। मामले में कुछ बच्चों की तबीयत खराब होने की भी चर्चा सामने आई है।

हालांकि बच्चों की तबीयत खराब होने का कारण लड्डू ही थे या कोई अन्य वजह, यह चिकित्सकीय परीक्षण एवं प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इसलिए इस संबंध में अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल प्रशासन और खाद्य विभाग द्वारा लिए गए सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। अब रिपोर्ट का इंतजार है। यदि जांच में लड्डू अमानक, दूषित अथवा स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाए जाते हैं तो खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत संबंधित जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

इसके अलावा यदि खरीदी प्रक्रिया में भी कोई अनियमितता सामने आती है तो प्रशासनिक स्तर पर संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका की जांच की जा सकती है।

दुकान के लाइसेंस और भंडारण व्यवस्था की भी जांच की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों की मांग है कि खाद्य विभाग संबंधित दुकान के खाद्य लाइसेंस, लड्डुओं के निर्माण की प्रक्रिया, कच्चे माल की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और स्वच्छता मानकों की भी जांच करे।

साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि संबंधित प्रतिष्ठान से पूर्व में किन स्कूलों, पंचायतों अथवा अन्य संस्थानों को खाद्य सामग्री की सप्लाई की गई है और क्या वहां से पहले भी गुणवत्ता संबंधी कोई शिकायत सामने आई थी।

बड़ा सवाल—बच्चों के भोजन की गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी?

स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर बच्चों को वितरित होने वाले लड्डुओं में कीड़े मिलने की घटना ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

यदि बच्चों के लिए खाद्य सामग्री खरीदी जा रही थी तो उसकी गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई? खरीदी के समय बिल क्यों नहीं लिया गया? खाद्य सामग्री का निरीक्षण किसने किया? और यदि जांच में लड्डू अमानक पाए जाते हैं तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?

इन सवालों के जवाब खाद्य विभाग की रिपोर्ट और प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएंगे।

जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी जिम्मेदारी

फिलहाल मामले में प्रशासन ने सैंपलिंग की कार्रवाई कर दी है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य सामग्री में मिलावट, खराब गुणवत्ता अथवा स्वास्थ्य के लिए खतरा पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।

वहीं बिना बिल खरीदी के मामले में पंचायत एवं संबंधित स्तर के दस्तावेजों की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि खरीदी और भुगतान की प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई थी या नहीं।

स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर बच्चों को बांटे गए लड्डुओं में कीड़े मिलने की घटना ने न केवल अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है, बल्कि सरकारी संस्थानों में बच्चों के लिए खरीदी जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और पारदर्शी खरीदी प्रक्रिया पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब सबकी निगाहें खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
    user_राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    Newspaper publisher Indore, Madhya Pradesh•
    3 hrs ago
  • प्रेम संबंधो के बाद विवाह फिर परिवार के उकसावे मै झूठी मुकदमेबाजी वैवाहिक विवाद मै बढ़ती झूठी मुकदमेबाजी चिंता का विषय जावरा सुखेड़ा बहुचर्चित हर्ष ओर सुरभि निवासी सुखेड़ा का प्रेम सम्बन्ध ओर विवाह फिर झूठे आरोप मै जारी हुआ सीसीटीवी फुटेज बताई घटना झूठी निकली, झूठे आरोप का हुआ भांडाफोड प्रेम संबंधो के बाद झूठे आरोपों ने जैन समाज को अचंभित कर दिया सोचने पर मजबूर कर दिया है कही अगला झूठा आरोप आप पर तो नहीं लग रहा है सावधान रहे ऐसी मुकदमेबाज लड़कियों से क्योंकि झूठ के पैर नहीं होते है पर वो बहुत दूर तक चला जाता है ओर फिर उससे जुड़ी सच्चाई सामने आ ही जाती है यही हुआ यहा प्रेम संबंधो के बाद बिना किसी लेन देन के तय हुए विवाह मै भी लड़की ओर उसके परिवार ने लगा दिए झूठे आरोप लोगो की माने तो लड़की के परिवार वाले लड़की के प्रेम विवाह से नाराज थे इसलिए उनके द्वारा झूठे आरोप लगाये गए ओर लगाए आरोप के सम्बन्ध मै उस दिनांक की सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो चुकी है जिससे सबको पता चल गया है कि झूठे आरोप लगा कर फर्जी मुकदमेबाजी की जा रही है इस झूठे प्रकरण से आस पास के लोगो मै ओर विवाह योग्य लड़कों मै डर का माहौल है सब अब इसी पर चर्चा कर रहे है कि प्रेम विवाह भी अगर सफल नहीं हो रहा है ओर उसमें भी लड़की पक्ष झूठी मुकदमेबाजी से बाज नहीं आ रहे है तो भविष्य मै शादी जैसे पवित्र रिश्ते का मजाक बन कर रह जाएगा लोगो को अब ओर सावधानी से संबन्ध तय करने होगे ओर कानूनी लिखा पढ़ी भी करनी होगी वरना मुकदमेबाज परिवार ओर उनकी लड़कियां ऐसे ही झूठे मुकदमे करेगी ओर कानून का दुरूपयोग किया जाता रहेगा । लड़की के परिवार के अनुसार 8 अक्टूबर को उसे भगा दिया था परंतु हमारी पड़ताल मै वो उसके भाई के लेने आने के बाद ही अपने गांव गई थी ओर उसके द्वारा झूठी शिकायत की गई है यहां भी लंबे प्रेम सम्बन्ध के बाद हुए विवाह मै झूठे आरोप लगे है जो कि समाज के लिए चिंता का विषय बना हुआ है
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    प्रेम संबंधो के बाद विवाह फिर परिवार के उकसावे मै झूठी मुकदमेबाजी वैवाहिक विवाद मै बढ़ती झूठी मुकदमेबाजी चिंता का विषय जावरा सुखेड़ा बहुचर्चित हर्ष ओर सुरभि निवासी सुखेड़ा का प्रेम सम्बन्ध ओर विवाह फिर झूठे आरोप मै जारी हुआ सीसीटीवी फुटेज बताई घटना झूठी निकली, झूठे आरोप का हुआ भांडाफोड 
प्रेम संबंधो के बाद झूठे आरोपों ने जैन समाज को अचंभित कर दिया सोचने पर मजबूर कर दिया है कही अगला झूठा आरोप आप पर तो नहीं लग रहा है सावधान रहे ऐसी मुकदमेबाज लड़कियों से क्योंकि झूठ के पैर नहीं होते है पर वो बहुत दूर तक चला जाता है ओर फिर उससे जुड़ी सच्चाई सामने आ ही जाती है 
यही हुआ यहा प्रेम संबंधो के बाद बिना किसी लेन देन के तय हुए विवाह मै भी लड़की ओर उसके परिवार ने लगा दिए झूठे आरोप लोगो की माने तो लड़की के परिवार वाले लड़की के प्रेम विवाह से नाराज थे इसलिए उनके द्वारा झूठे आरोप लगाये गए ओर लगाए आरोप के सम्बन्ध मै उस दिनांक की सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो चुकी है जिससे सबको पता चल गया है कि झूठे आरोप लगा कर फर्जी मुकदमेबाजी की जा रही है 
इस झूठे प्रकरण से आस पास के लोगो मै ओर विवाह योग्य लड़कों मै डर का माहौल है सब अब इसी पर चर्चा कर रहे है कि प्रेम विवाह भी अगर सफल नहीं हो रहा है ओर उसमें भी लड़की पक्ष झूठी मुकदमेबाजी से बाज नहीं आ रहे है तो भविष्य मै शादी जैसे पवित्र रिश्ते का मजाक बन कर रह जाएगा लोगो को अब ओर सावधानी से संबन्ध  तय करने होगे ओर कानूनी लिखा पढ़ी भी करनी होगी वरना मुकदमेबाज परिवार ओर उनकी लड़कियां ऐसे ही झूठे मुकदमे करेगी ओर कानून का  दुरूपयोग किया जाता रहेगा ।
लड़की के परिवार के अनुसार 8 अक्टूबर को उसे भगा दिया था परंतु हमारी पड़ताल मै वो उसके भाई के लेने आने के बाद ही अपने गांव गई थी ओर उसके द्वारा झूठी शिकायत की गई है 
यहां भी लंबे प्रेम सम्बन्ध के बाद हुए विवाह मै झूठे आरोप लगे है जो कि समाज के लिए चिंता का विषय बना हुआ है
    user_News
    News
    Ujjain, Madhya Pradesh•
    4 hrs ago
  • *प्राणी संग्रहालय में पीपीपी मॉडल पर 14D सिनेमा थिएटर व वर्चुअल जंगल सफारी का लोकार्पण* *माननीय मुख्यमंत्री डॉ॰ मोहन यादव जी* के कर कमलों से राशि रु. 4.5 करोड़ की लागत से कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में पीपीपी मॉडल पर भारत के पहले 14D सिनेमा थिएटर व वर्चुअल जंगल सफारी के लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर माननीय नगरीय प्रशासन मंत्री, माननीय जल संसाधन मंत्री, माननीय महापौर, सांसद, विधायक एवं अन्य उपस्थित थे।
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    *प्राणी संग्रहालय में पीपीपी मॉडल पर 14D सिनेमा थिएटर व वर्चुअल जंगल सफारी का लोकार्पण* 
*माननीय मुख्यमंत्री डॉ॰ मोहन यादव जी* के कर कमलों से राशि रु. 4.5 करोड़ की लागत से कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में पीपीपी मॉडल पर भारत के पहले 14D सिनेमा थिएटर व वर्चुअल जंगल सफारी के लोकार्पण किया गया।  इस अवसर पर माननीय नगरीय प्रशासन मंत्री, माननीय जल संसाधन मंत्री, माननीय महापौर, सांसद, विधायक एवं अन्य उपस्थित थे।
    user_Naseem Khan
    Naseem Khan
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • गणतंत्र दिवस के अवसर पर धारवाड़ स्कूल में 15 अगस्त का कार्यक्रम
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    गणतंत्र दिवस के अवसर पर धारवाड़ स्कूल में 15 अगस्त का कार्यक्रम
    user_V k Vishwakarma
    V k Vishwakarma
    Photographer इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मुख्यमंत्री माननीय डॉक्टर मोहन यादव जी ने इंदौर देश का पहला वर्चुअल मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने इंदौर देश का पहला वर्चुअल चिड़ियाघर का लोकार्पण कर। यहाँ बने 14-डी व 360 डोम थियेटर और डिजिटल जंगल सफारी का लुत्फ लिया। साथ ही उन्होंने देश के पहले चिड़ियाघर में की गई व्यवस्थाओं के सम्बंध में अनुभव साझा किए।
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    मुख्यमंत्री माननीय डॉक्टर मोहन यादव जी ने इंदौर देश का पहला वर्चुअल 
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने इंदौर देश का पहला वर्चुअल चिड़ियाघर का लोकार्पण कर। यहाँ बने 14-डी  व 360 डोम थियेटर और डिजिटल जंगल सफारी का लुत्फ लिया। साथ ही उन्होंने देश के पहले चिड़ियाघर में की गई व्यवस्थाओं के सम्बंध में अनुभव साझा किए।
    user_Sarfaraz Khan
    Sarfaraz Khan
    Media company इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • राष्ट्रगीत वंदे मातरम का अपमान: सीएम डॉ. यादव ने किया कांग्रेस पर हमला, कहा- देश से माफी मांगें राहुल और सोनिया*
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    राष्ट्रगीत वंदे मातरम का अपमान: सीएम डॉ. यादव ने किया कांग्रेस पर हमला, कहा- देश से माफी मांगें राहुल और सोनिया*
    user_Jaypal Gurjar
    Jaypal Gurjar
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • *गुना (जिला कुम्भराज ) मप्र* आजादी के जश्न में बँटवारे पर ज्ञान देने लगे नेताजी तो मंच पर भिड़े कांग्रेस-भाजपा के नेता सीएम राईज स्कूल में हाथापाई की नौबत देख आयोजकों ने की कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा
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    *गुना (जिला कुम्भराज ) मप्र*

आजादी के जश्न में बँटवारे पर ज्ञान देने लगे नेताजी तो मंच पर भिड़े कांग्रेस-भाजपा के नेता

सीएम राईज स्कूल में हाथापाई की नौबत देख आयोजकों ने की कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा
    user_राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    Newspaper publisher Indore, Madhya Pradesh•
    5 hrs ago
  • अन्नपूर्णा रोड पर कावड़ियों का स्वागत किया गया माननीय मुख्यमंत्री द्वारा इंदौर माननीय मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के इंदौर के दौरे के दौरान अन्नपूर्णा रोड पर कांवड़ियों का स्वागत किया गया
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    अन्नपूर्णा रोड पर कावड़ियों का स्वागत किया गया माननीय मुख्यमंत्री द्वारा
इंदौर माननीय मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के इंदौर के दौरे के दौरान अन्नपूर्णा रोड पर कांवड़ियों का स्वागत किया गया
    user_Sarfaraz Khan
    Sarfaraz Khan
    Media company इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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