"बघेल की मुश्किलें बढ़ीं! महादेव बेटिंग ऐप मामले में पूर्व CM पर CBI का बड़ा आरोप, एफआईआर में नाम शामिल!" छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महादेव बेटिंग ऐप मामले में सीबीआई ने उन्हें आरोपी बनाया है। यह मामला छह हजार करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा हुआ है [1]। भूपेश बघेल के अलावा महादेव बेटिंग ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत 21 लोग आरोपी बनाए गए हैं। इन आरोपियों में कई अन्य नेता और पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं [1]। आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं: रवि उप्पल शुभम सोनी चंद्रभूषण वर्मा सौरभ चंद्राकर असीम दास सतीश चंद्राकर भूपेश बघेल नितीश दीवान अनिल अग्रवाल विकास छापरिया रोहित गुलाटी विशाल आहूजा धीरज आहूजा अनिल कुमार दम्मानी सुनील कुमार दम्मानी भीम सिंह यादव हरीशंकर तिबरवाल सुरेंद्र बागड़ी सूरज चोखानी दो अज्ञात ब्यूरोक्रेट सीबीआई ने इस मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी की है, जिनमें दिल्ली, छत्तीसगढ़, भोपाल, और कोलकाता शामिल हैं [1]। आरोप है कि पूर्ववर्ती सरकार में मुख्यमंत्री समेत कई नेता और पुलिस अधिकारी महादेव सट्टा आरोपियों को बचाने के लिए प्रोटेक्शन मनी लेते थे [1]। यह मामला महादेव बेटिंग ऐप के जरिए हुए घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसमें 6 हजार करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई है [1]। इस मामले में अब तक आरोपियों की ढाई हजार करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है [1]।
"बघेल की मुश्किलें बढ़ीं! महादेव बेटिंग ऐप मामले में पूर्व CM पर CBI का बड़ा आरोप, एफआईआर में नाम शामिल!" छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महादेव बेटिंग ऐप मामले में सीबीआई ने उन्हें आरोपी बनाया है। यह मामला छह हजार करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा हुआ है [1]। भूपेश बघेल के अलावा महादेव बेटिंग ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत 21 लोग आरोपी बनाए गए हैं। इन आरोपियों में कई अन्य नेता और पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं [1]। आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं: रवि उप्पल शुभम सोनी चंद्रभूषण वर्मा सौरभ चंद्राकर असीम दास सतीश चंद्राकर भूपेश बघेल नितीश दीवान अनिल अग्रवाल विकास छापरिया रोहित गुलाटी विशाल आहूजा धीरज आहूजा अनिल कुमार दम्मानी सुनील कुमार दम्मानी भीम सिंह यादव हरीशंकर तिबरवाल सुरेंद्र बागड़ी सूरज चोखानी दो अज्ञात ब्यूरोक्रेट सीबीआई ने इस मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी की है, जिनमें दिल्ली, छत्तीसगढ़, भोपाल, और कोलकाता शामिल हैं [1]। आरोप है कि पूर्ववर्ती सरकार में मुख्यमंत्री समेत कई नेता और पुलिस अधिकारी महादेव सट्टा आरोपियों को बचाने के लिए प्रोटेक्शन मनी लेते थे [1]। यह मामला महादेव बेटिंग ऐप के जरिए हुए घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसमें 6 हजार करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई है [1]। इस मामले में अब तक आरोपियों की ढाई हजार करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है [1]।