जब कलेक्टर ने खुद संभाली चाक-डस्टर: बच्चों को खेल-खेल में सिखाए गणित के गुर, स्कूल के पास गुटखा बेचने वालों पर गिराई गाज जशपुर/सन्ना। जशपुर जिले में शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाई देने और नौनिहालों का भविष्य संवारने के लिए कलेक्टर श्री रोहित व्यास इन दिनों खुद ग्राउंड जीरो पर उतरे हुए हैं। गुरुवार को उनका एक बेहद आत्मीय, प्रेरक और साथ ही एक सख्त प्रशासक का रूप देखने को मिला। नए शिक्षण सत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर ने मनोरा विकासखंड और सन्ना तहसील के कई स्कूलों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान वे न केवल एक शिक्षक की भूमिका में नजर आए, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को भी कड़ा सबक सिखाया। कलेक्टर बने 'गुरुजी', आत्मीयता से दूर किया गणित का डर सरकारी स्कूलों में कक्षा तीसरी से पांचवीं तक के बच्चों को गणित में दक्ष बनाने के लिए चलाए जा रहे 'जश लर्न' कार्यक्रम को कलेक्टर खुद मॉनिटर कर रहे हैं। शासकीय आदर्श प्राथमिक शाला बेलटोली के निरीक्षण के दौरान वे सीधे बच्चों के बीच पहुंच गए। उनका अंदाज इतना सहज था कि बच्चों के मन से एक बड़े अधिकारी का डर पल भर में गायब हो गया। कलेक्टर ने कक्षा पांचवीं के छात्र शिवम महतो से 13 का पहाड़ा सुनाने को कहा। जब छात्र ने पूरे आत्मविश्वास के साथ पहाड़ा सुनाया, तो कलेक्टर ने उसकी जमकर हौसलाअफजाई की। इसके बाद उन्होंने खुद शिक्षक की भूमिका निभाते हुए ब्लैकबोर्ड पर बच्चों को गणित की अवधारणाएं खेल-खेल में और बेहद व्यावहारिक तरीके से समझाईं। जिले के मुखिया से इस तरह पढ़कर बच्चों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे। स्कूल के पास गुटखा बिक्री पर सख्त एक्शन, मौके पर हुई जब्ती कलेक्टर श्री व्यास की नजर सिर्फ पढ़ाई पर नहीं, बल्कि बच्चों के आसपास के माहौल पर भी थी। शासकीय प्राथमिक शाला सरडीह के निरीक्षण के दौरान जब उन्हें पता चला कि स्कूल परिसर के 100 मीटर के दायरे में नियम विरुद्ध गुटखा और पान मसाला बेचा जा रहा है, तो उन्होंने तत्काल सख्त रुख अपनाया। कलेक्टर के निर्देश पर मौके पर ही संबंधित अधिकारियों ने जब्ती की कार्रवाई की और दुकान संचालक को कड़ी चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसी हरकत पर सीधे एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षकों को दिए साफ निर्देश: पालकों से करें बात, कमजोर बच्चों पर दें ध्यान निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विकासखंड बगीचा के चन्दाडीपा और सरनाटोली के प्राथमिक विद्यालयों का भी जायजा लिया। उन्होंने व्यवस्था को सुधारने के लिए कई अहम निर्देश दिए: तकनीक का इस्तेमाल: शिक्षकों को 'चौटबोट गणिता ऐप' का प्रभावी उपयोग करने और डैशबोर्ड में समय पर जानकारी दर्ज करने को कहा गया। पालकों से संवाद: शिक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे समय निकालकर बच्चों के पालकों से फोन पर बात करें, ताकि बेहतर समन्वय से सकारात्मक परिणाम आ सकें। बुनियादी सुविधाएं: बारिश के मौसम को देखते हुए स्कूल परिसर को फिसलन मुक्त रखने, साफ-सफाई, पेयजल और बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त क्लास: पढ़ाई में कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देकर उन्हें अतिरिक्त मार्गदर्शन देने को कहा गया। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। सराहनीय पहल से जगी नई उम्मीद कलेक्टर श्री रोहित व्यास का यह दौरा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर जहां उनका शिक्षक बनकर बच्चों को पढ़ाना शिक्षा विभाग और विद्यार्थियों में नई ऊर्जा का संचार कर रहा है, वहीं असामाजिक तत्वों पर उनकी त्वरित कार्रवाई यह संदेश दे रही है कि जिले में शिक्षा और बच्चों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कलेक्टर की यह नेक और सकारात्मक पहल निश्चित ही जशपुर के सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने में मील का पत्थर साबित होगी।
जब कलेक्टर ने खुद संभाली चाक-डस्टर: बच्चों को खेल-खेल में सिखाए गणित के गुर, स्कूल के पास गुटखा बेचने वालों पर गिराई गाज जशपुर/सन्ना। जशपुर जिले में शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाई देने और नौनिहालों का भविष्य संवारने के लिए कलेक्टर श्री रोहित व्यास इन दिनों खुद ग्राउंड जीरो पर उतरे हुए हैं। गुरुवार को उनका एक बेहद आत्मीय, प्रेरक और साथ ही एक सख्त प्रशासक का रूप देखने को मिला। नए शिक्षण सत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर ने मनोरा विकासखंड और सन्ना तहसील के कई स्कूलों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान वे न केवल एक शिक्षक की भूमिका में नजर आए, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को भी कड़ा सबक सिखाया। कलेक्टर बने 'गुरुजी', आत्मीयता से दूर किया गणित का डर सरकारी स्कूलों में कक्षा तीसरी से पांचवीं तक के बच्चों को गणित में दक्ष बनाने के लिए चलाए जा रहे
'जश लर्न' कार्यक्रम को कलेक्टर खुद मॉनिटर कर रहे हैं। शासकीय आदर्श प्राथमिक शाला बेलटोली के निरीक्षण के दौरान वे सीधे बच्चों के बीच पहुंच गए। उनका अंदाज इतना सहज था कि बच्चों के मन से एक बड़े अधिकारी का डर पल भर में गायब हो गया। कलेक्टर ने कक्षा पांचवीं के छात्र शिवम महतो से 13 का पहाड़ा सुनाने को कहा। जब छात्र ने पूरे आत्मविश्वास के साथ पहाड़ा सुनाया, तो कलेक्टर ने उसकी जमकर हौसलाअफजाई की। इसके बाद उन्होंने खुद शिक्षक की भूमिका निभाते हुए ब्लैकबोर्ड पर बच्चों को गणित की अवधारणाएं खेल-खेल में और बेहद व्यावहारिक तरीके से समझाईं। जिले के मुखिया से इस तरह पढ़कर बच्चों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे। स्कूल के पास गुटखा बिक्री पर सख्त एक्शन, मौके पर हुई जब्ती कलेक्टर श्री व्यास की नजर सिर्फ पढ़ाई पर नहीं, बल्कि बच्चों के आसपास के माहौल पर भी थी। शासकीय प्राथमिक शाला सरडीह के निरीक्षण
के दौरान जब उन्हें पता चला कि स्कूल परिसर के 100 मीटर के दायरे में नियम विरुद्ध गुटखा और पान मसाला बेचा जा रहा है, तो उन्होंने तत्काल सख्त रुख अपनाया। कलेक्टर के निर्देश पर मौके पर ही संबंधित अधिकारियों ने जब्ती की कार्रवाई की और दुकान संचालक को कड़ी चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसी हरकत पर सीधे एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षकों को दिए साफ निर्देश: पालकों से करें बात, कमजोर बच्चों पर दें ध्यान निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विकासखंड बगीचा के चन्दाडीपा और सरनाटोली के प्राथमिक विद्यालयों का भी जायजा लिया। उन्होंने व्यवस्था को सुधारने के लिए कई अहम निर्देश दिए: तकनीक का इस्तेमाल: शिक्षकों को 'चौटबोट गणिता ऐप' का प्रभावी उपयोग करने और डैशबोर्ड में समय पर जानकारी दर्ज करने को कहा गया। पालकों से संवाद: शिक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे समय निकालकर बच्चों के पालकों से फोन पर बात करें, ताकि
बेहतर समन्वय से सकारात्मक परिणाम आ सकें। बुनियादी सुविधाएं: बारिश के मौसम को देखते हुए स्कूल परिसर को फिसलन मुक्त रखने, साफ-सफाई, पेयजल और बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त क्लास: पढ़ाई में कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देकर उन्हें अतिरिक्त मार्गदर्शन देने को कहा गया। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। सराहनीय पहल से जगी नई उम्मीद कलेक्टर श्री रोहित व्यास का यह दौरा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर जहां उनका शिक्षक बनकर बच्चों को पढ़ाना शिक्षा विभाग और विद्यार्थियों में नई ऊर्जा का संचार कर रहा है, वहीं असामाजिक तत्वों पर उनकी त्वरित कार्रवाई यह संदेश दे रही है कि जिले में शिक्षा और बच्चों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कलेक्टर की यह नेक और सकारात्मक पहल निश्चित ही जशपुर के सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने में मील का पत्थर साबित होगी।
- बच्चों पर मोबाइल फोन का गलत असर पड़ रहा है इस लिये अपने बच्चों को सावधान रखना चाहिए बच्चों को मोबाइल नही देना ओके1
- सिक्किम के 50वें राज्यत्व समारोह में PM मोदी का संबोधन, विकास और 'विकसित भारत 2047' पर जोर 🇮🇳 सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में भाग लेते हुए राज्य की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और विकास यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प में सिक्किम की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यटन, कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना को नई गति देने वाली विकास परियोजनाओं पर भी जोर दिया गया। 🌿 सिक्किम की गौरवशाली यात्रा को नमन, विकास के नए अध्याय की ओर एक और मजबूत कदम। #PMModi #Sikkim #Statehood50 #ViksitBharat2047 #Gangtok #Development #NewIndia #भारत #NarendraModi #PradeshKhabarNetwork1
- शाम को लग रहा है बहुत ज्यादा बारिश होगा मौसम को देखते हुए धूप प्लस बादल ऐसा लग रहा है कि शाम को इतना ज्यादा बात बदल है उसे हिसाब से बहुत ज्यादा बारिश होगी लग रहा है कि एक-दो दिन नहीं छोड़ेगी बारिश1
- shrawan ke first din sankerghat mandir mai sawan ki suruat shrawan ke first din sankerghat mandir mai sawan ki suruat mai bhakto n bhagwan siv ko doodh,pani se jal arpit kiya.mandir parisher bhagwan bholenath k jaykaro se gumj utha.khas report by Himanshu raj md news chhattisgarh vice buero.7805838076.4
- *ट्रांसपोर्ट कंपनी से ₹32 लाख की धोखाधड़ी का फरार आरोपी गिरफ्तार* 🚨 *फर्जी बिल-वाउचर बनाकर कंपनी को पहुंचाई थी लाखों की आर्थिक क्षति, 4 माह से चल रहा था फरार* 🚨 *कोतवाली पुलिस की सटीक मुखबिर सूचना पर दरोगापारा से दबोचा गया आरोपी दीपक शर्मा* 🚨 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में फरार आरोपियों पर लगातार जारी है कार्रवाई* *31 जुलाई, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में संचालित "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत कोतवाली पुलिस को धोखाधड़ी अपराध के एक चर्चित मामले में बड़ी सफलता मिली है। ट्रांसपोर्ट कंपनी से ₹32 लाख की धोखाधड़ी कर लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी दीपक शर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलकर छिप रहा था, लेकिन कोतवाली पुलिस की सतर्क निगरानी और मुखबिर तंत्र की सटीक सूचना के आधार पर उसे दरोगापारा से दबोच लिया गया। जानकारी के अनुसार 24 मार्च 2026 को श्रीराम ट्रांसपोर्ट, ढिमरापुर चौक रायगढ़ के संचालक कमल किशोर शाह ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके यहां कार्यरत प्रकाश मिश्रा एवं दीपक शर्मा ट्रांसपोर्ट वाहनों के बिल-वाउचर तैयार कर भुगतान के लिए प्रस्तुत करते थे। भुगतान के दौरान एक ही क्रमांक के कई वाउचर मिलने पर जांच की गई, जिसमें सितंबर 2025 से लगातार फर्जीवाड़ा सामने आया। जांच में पाया गया कि एक ही वाउचर नंबर पर अलग-अलग वाहनों के नाम से डुप्लीकेट वाउचर तैयार कर भुगतान कराया गया तथा संदीप बंसल, जासमिन बंजारा, नेहा चौहान, सूर्यकांत अग्रवाल, कमल बसोड़ एवं प्रियंका गुप्ता के खातों का उपयोग कर कंपनी से करीब ₹32 लाख की राशि धोखाधड़ी से निकाली गई। इस पर *थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 187/2026 के तहत धारा 316(5), 338, 336(3), 340(2), 60 बीएनएस* के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान प्रस्तुत बिल-वाउचरों में अंकित वाहन नंबरों का सत्यापन क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से कराया गया। जांच में कई वाहन नंबर दोपहिया एवं छोटे निजी वाहनों के निकले, जिनका श्रीराम ट्रांसपोर्ट अथवा माल परिवहन कार्य से कोई संबंध नहीं था। वाहन स्वामियों ने भी पुलिस को स्पष्ट बताया कि उन्होंने कभी उक्त ट्रांसपोर्ट कंपनी के लिए कोई परिवहन कार्य नहीं किया। ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत फरार आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि फरार *आरोपी दीपक शर्मा पिता शंकरलाल शर्मा, उम्र 32 वर्ष, निवासी दरोगापारा, रायगढ़* अपने मोहल्ले में देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल दबिश देकर 29 जुलाई 2026 को उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह श्रीराम ट्रांसपोर्ट में कार्यरत ऑपरेटर प्रकाश मिश्रा के साथ मिलकर फर्जी बिल-वाउचर तैयार करता था और विभिन्न वाहन नंबरों का उपयोग कर भुगतान करवाता था। आरोपी ने बताया कि जिन लोगों के खातों में राशि भेजी जाती थी, वे कमीशन काटकर शेष रकम वापस उसके और प्रकाश मिश्रा द्वारा बताए गए बैंक खातों, क्यूआर कोड एवं फोन-पे नंबरों पर ट्रांसफर कर देते थे। आरोपी के अनुसार करीब ₹32 लाख की धोखाधड़ी में से लगभग ₹16-17 लाख प्रकाश मिश्रा एवं दीपक प्रधान को दिए गए, जबकि उसे लगभग ₹15 लाख प्राप्त हुए, जिनमें से करीब ₹4 लाख उसने अपनी मां के इलाज में तथा शेष राशि घूमने-फिरने एवं व्यक्तिगत खर्चों में खर्च कर दी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। फरार आरोपी की पतासाजी एवं गिरफ्तारी में उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, प्रशिक्षु उप निरीक्षक हर्ष चंद्राकर, एएसआई कोसो सिंह, आरक्षक कमलेश यादव एवं आरक्षक कोमल तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कोतवाली पुलिस द्वारा प्रकरण के अन्य आरोपियों की तलाश एवं मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। 👉🏻 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* *" फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए रायगढ़ पुलिस 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत लगातार अभियान चला रही है। व्यापारियों और आम नागरिकों के विश्वास से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"*3