शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र के सरावा गांव में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए चोरी की एक घटना का महज दो घंटे के भीतर खुलासा कर आरोपी चोर को चोरी किए गए माल और एक अवैध चाकू समेत गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और पुलिस टीम की सराहना की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात सरावा निवासी अंकित पुत्र प्रिवेश के पशुओं के बाड़े से अज्ञात चोरों ने सरसों का एक कट्टा चुरा लिया था। पीड़ित अंकित ने तत्काल कोतवाली में अज्ञात चोर के खिलाफ तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, उपनिरीक्षक पुनीत कुमार अपनी टीम के साथ तुरंत सरावा गांव पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। अपनी सूझबूझ और स्थानीय जानकारी के आधार पर, एसआई पुनीत कुमार ने मात्र दो घंटे में चोर का पता लगा लिया। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए ग्राम सरावा निवासी लखन पुत्र नानक चंद (उम्र 22 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया सरसों का कट्टा और एक अवैध चाकू बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि सरावा गांव में पहले हुई सरसों और गेहूं की चोरियों को भी इसी आरोपी लखन ने अंजाम दिया था, जिसमें वह गांव से अनाज चुराकर बाजार में बेच दिया करता था। शिकारपुर पुलिस ने आरोपी लखन के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र के सरावा गांव में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए चोरी की एक घटना का महज दो घंटे के भीतर खुलासा कर आरोपी चोर को चोरी किए गए माल और एक अवैध चाकू समेत गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और पुलिस टीम की सराहना की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात सरावा निवासी अंकित पुत्र प्रिवेश के पशुओं के बाड़े से अज्ञात चोरों ने सरसों का एक कट्टा चुरा लिया था। पीड़ित अंकित ने तत्काल कोतवाली में अज्ञात चोर के खिलाफ तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, उपनिरीक्षक पुनीत कुमार अपनी टीम के साथ तुरंत सरावा गांव पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। अपनी सूझबूझ और स्थानीय जानकारी के आधार पर, एसआई पुनीत कुमार ने मात्र दो घंटे में चोर का पता लगा लिया। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए ग्राम सरावा निवासी लखन पुत्र नानक चंद (उम्र 22 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया सरसों का कट्टा और एक अवैध चाकू बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि सरावा गांव में पहले हुई सरसों और गेहूं की चोरियों को भी इसी आरोपी लखन ने अंजाम दिया था, जिसमें वह गांव से अनाज चुराकर बाजार में बेच दिया करता था। शिकारपुर पुलिस ने आरोपी लखन के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
- बुलंदशहर के अहमदगढ़ क्षेत्र में चल रहे ओयो होटलों पर अवैध गतिविधियों की लगातार शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नायब तहसीलदार शिकारपुर और अहमदगढ़ थाना प्रभारी ने भारी पुलिस बल के साथ इन ओयो होटलों पर देर शाम छापेमारी की, जिससे होटल संचालकों में हड़कंप मच गया। इस कार्रवाई के दौरान, ओयो होटल संचालकों के रजिस्टरों की गहनता से जाँच की गई। नायब तहसीलदार शिकारपुर और अहमदगढ़ थाना प्रभारी ने सभी होटल संचालकों को सख्त चेतावनी भी दी। अहमदगढ़ थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में गहमागहमी का माहौल बना हुआ है।3
- बुलंदशहर के अरनिया थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और दिल दहला देने वाली घटना की खबर सामने आई है।1
- लखनऊ के महानगर क्षेत्र में एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिसने खुद को आईपीएस अधिकारी बताया था। यह मामला तब सामने आया जब इस शख्स ने एक दुकान पर ₹40 का बन्द खा लिया और पैसे मांगने पर खुद को नोएडा का आईपीएस अधिकारी बताने लगा। दुकानदार ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस चौकी को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के आने के बावजूद भी वह व्यक्ति पैसे देने में आनाकानी करता रहा और आईपीएस होने का रौब झाड़ता रहा। अब पुलिस ने इस फर्जी आईपीएस का रौब झाड़ने वाले शख्स को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।1
- अलीगढ़ में देश के वीर सपूत सार्जेंट जितेंद्र शर्मा को हजारों लोगों ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उनका पार्थिव शरीर उनके आवास पर पहुंचने के बाद यह श्रद्धांजलि दी गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने अपने वीर सपूत को सम्मानपूर्वक याद किया।1
- अलीगढ़ से सांसद सतीश गौतम का एक बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो के रूप में तेजी से वायरल हो रहा है।1
- मास्टर श्यौराज ने एक बयान में क्षेत्रवासियों से कहा है कि उन्हें ही यह सोचना होगा कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं।1
- Post by Praveen Kumar1
- गोरई के ग्राम रामपुर में एक हृदय विदारक घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है, जहाँ दलित समाज के लोगों की जान की कीमत पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम रामपुर निवासी पुष्पेंद्र, पुत्र प्रेमपाल सिंह जाटव, और अंकित कुमार की गाँव के कुछ मनुवादी मानसिकता के लोगों से कहासुनी हुई थी, जिसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। आरोप है कि 12 जून को जब दोनों अपनी बुआ के घर जा रहे थे, तभी आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से अपनी वैगनर कार उन पर चढ़ा दी। इस जघन्य वारदात में पुष्पेंद्र की दर्दनाक मृत्यु हो गई, जबकि अंकित कुमार गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जीवन-मृत्यु से संघर्ष कर रहे हैं। इस घटना का एक और दर्दनाक पहलू यह है कि जवान बेटे पुष्पेंद्र की मौत का सदमा उनके पिता प्रेमपाल सिंह सहन नहीं कर सके और उन्होंने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। एक ही परिवार से कुछ ही दिनों में दो अर्थियाँ उठ जाने से यह सवाल उठता है कि यदि पहले दी गई धमकियों को गंभीरता से लिया गया होता और समय पर प्रभावी कार्रवाई की गई होती, तो क्या आज यह परिवार उजड़ने से बच नहीं सकता था? आज पीड़ित परिवार ने भारतीय जाटव महासभा अलीगढ़ के संस्थापक हरनाम सिंह प्रधान के समक्ष न्याय की गुहार लगाई। घटना की गंभीरता को देखते हुए, भारतीय जाटव महासभा ने तत्काल संज्ञान लिया और सीओ इगलास श्री कमलेश कुमार से बात की। महासभा ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष जाँच और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। सीओ इगलास ने मौके पर पहुँचकर पीड़ित परिवार से मिलने और न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया, साथ ही उन्होंने मृतक पिता के अंतिम संस्कार में सहयोग करने की अपील भी की। भारतीय जाटव महासभा ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं है, बल्कि न्याय, सम्मान और संविधान द्वारा दिए गए समान अधिकारों की लड़ाई है। महासभा ने शासन-प्रशासन से सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, घटना की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच, घायल अंकित कुमार के समुचित उपचार की व्यवस्था, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता एवं सुरक्षा और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। हरनाम सिंह प्रधान के अनुसार, भारतीय जाटव महासभा पीड़ित परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और न्याय मिलने तक यह संघर्ष जारी रहेगा, क्योंकि अन्याय के विरुद्ध संघर्ष ही सामाजिक सम्मान का मार्ग है।4