हजूर यहां भी इलाज के नाम पर चल रहा मौत का कारोबार, अटरिया में बेखौफ चल रहे फर्जी क्लिनिक” कार्यवाहियों से दूर हजूर यहां भी इलाज के नाम पर चल रहा मौत का कारोबार, अटरिया में बेखौफ चल रहे फर्जी क्लिनिक” कार्यवाहियों से दूर “मौत के क्लिनिक”:बिना डिग्री ‘डॉक्टरों’ का खतरनाक खेल, ऑपरेशन तक हो रहे बेखौफ! संवाददाता, पंकज पाण्डेय सीतापुर/अटरिया। जनपद सीतापुर के अटरिया थाना क्षेत्र में अवैध क्लिनिकों का जाल अब एक गंभीर जनस्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। बिना किसी मान्यता, डिग्री या सरकारी अनुमति के संचालित ये तथाकथित क्लिनिक खुलेआम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहे ये सेंटर न सिर्फ दवा दे रहे हैं, बल्कि मरीजों को भर्ती कर ऑपरेशन तक कर डाल रहे हैं। मेडिकल स्टोर के पीछे ‘मिनी अस्पताल’ अटरिया के मानव चौराहे पर स्थित एक मेडिकल स्टोर के पीछे बने कमरों में बाकायदा बेड लगाकर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। यहां इंजेक्शन, ग्लूकोज चढ़ाने से लेकर छोटे-बड़े ऑपरेशन तक किए जाने की बात सामने आई है। बिना किसी सुरक्षा मानक और विशेषज्ञता के यह सब होना सीधे तौर पर जान से खिलवाड़ है। सड़क किनारे इलाज, तख्त पर ‘ऑपरेशन’! पटुहिया गांव के पास तो हालात और भी बदतर हैं। यहां सड़क किनारे तख्त और बेंचों पर मरीजों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है। खुले में ग्लूकोज चढ़ाना और इंजेक्शन लगाना आम दृश्य बन चुका है। “हर बीमारी का इलाज” का दावा अटरिया कस्बे के अंबरपुर चौराहा और आसपास के इलाकों में एक कथित ‘डॉक्टर’ वर्षों से हर बीमारी का इलाज करने का दावा कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वह ऑपरेशन तक करता है, जिससे कई बार मरीजों की हालत बिगड़ जाती है। इसी तरह अटरिया-नील मार्ग, समान चौराहा और भगवतीपुर चौराहा पर भी कई फर्जी क्लिनिक सक्रिय हैं। यहां मरीजों का खून निकालकर जांच के नाम पर खेल शुरू हो जाता है, लेकिन किसी भी प्रकार की प्रमाणिक लैब या व्यवस्था नहीं होती। एक मौत ने खोली सच्चाई हाल ही में अटरिया निवासी एक महिला की मौत ने इस पूरे नेटवर्क की पोल खोल दी। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान पेट में औजार लग जाने से संक्रमण हुआ और बाद में लखनऊ में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मामला बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग को मजबूरन दो अस्पतालों को सील करना पड़ा। सवालों के घेरे में स्वास्थ्य विभाग स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई केवल तब होती है जब कोई बड़ा हादसा सामने आता है। जबकि क्षेत्र में वर्षों से दर्जनों अवैध क्लिनिक धड़ल्ले से चल रहे हैं। अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद कई जिंदगियां बचाई जा सकती थीं। ग्रामीणों के लिए खतरे की घंटी सस्ते इलाज और जागरूकता की कमी के चलते ग्रामीण इन फर्जी डॉक्टरों के झांसे में आ जाते हैं। लेकिन बिना डिग्री इलाज, गलत दवाओं और असुरक्षित ऑपरेशन के कारण उनकी जान हमेशा खतरे में बनी रहती है। निष्कर्ष अटरिया क्षेत्र में अवैध क्लिनिकों का यह नेटवर्क अब एक गंभीर चेतावनी है। जरूरत है सख्त कार्रवाई, नियमित जांच और जनजागरूकता की—ताकि ‘मौत के इन क्लिनिकों’ पर पूरी तरह रोक लग सके और लोगों की जान सुरक्षित रह सके।
हजूर यहां भी इलाज के नाम पर चल रहा मौत का कारोबार, अटरिया में बेखौफ चल रहे फर्जी क्लिनिक” कार्यवाहियों से दूर हजूर यहां भी इलाज के नाम पर चल रहा मौत का कारोबार, अटरिया में बेखौफ चल रहे फर्जी क्लिनिक” कार्यवाहियों से दूर “मौत के क्लिनिक”:बिना डिग्री ‘डॉक्टरों’ का खतरनाक खेल, ऑपरेशन तक हो रहे बेखौफ! संवाददाता, पंकज पाण्डेय सीतापुर/अटरिया। जनपद सीतापुर के अटरिया थाना क्षेत्र में अवैध क्लिनिकों का जाल अब एक गंभीर जनस्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। बिना किसी मान्यता, डिग्री या सरकारी अनुमति के संचालित ये तथाकथित क्लिनिक खुलेआम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहे ये सेंटर न सिर्फ दवा दे रहे हैं, बल्कि मरीजों को भर्ती कर ऑपरेशन तक कर डाल रहे हैं। मेडिकल स्टोर के पीछे ‘मिनी अस्पताल’ अटरिया के मानव चौराहे पर स्थित एक मेडिकल स्टोर के पीछे बने कमरों में बाकायदा बेड लगाकर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। यहां इंजेक्शन, ग्लूकोज चढ़ाने से लेकर छोटे-बड़े ऑपरेशन तक किए जाने की बात सामने आई है। बिना किसी सुरक्षा मानक और विशेषज्ञता के यह सब होना सीधे तौर पर जान से खिलवाड़ है। सड़क किनारे इलाज, तख्त पर ‘ऑपरेशन’! पटुहिया गांव के पास तो हालात और भी बदतर हैं। यहां सड़क किनारे तख्त और बेंचों पर मरीजों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है। खुले में ग्लूकोज चढ़ाना और इंजेक्शन लगाना आम दृश्य बन चुका है। “हर बीमारी का इलाज” का दावा अटरिया कस्बे के अंबरपुर चौराहा और आसपास के इलाकों में एक कथित ‘डॉक्टर’ वर्षों से हर बीमारी का इलाज करने का दावा कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वह ऑपरेशन तक करता है, जिससे कई बार मरीजों की हालत बिगड़ जाती है। इसी तरह अटरिया-नील मार्ग, समान चौराहा और भगवतीपुर चौराहा पर भी कई फर्जी क्लिनिक सक्रिय हैं। यहां मरीजों का खून निकालकर जांच के नाम पर खेल शुरू हो जाता है, लेकिन किसी भी प्रकार की प्रमाणिक लैब या व्यवस्था नहीं होती। एक मौत ने खोली सच्चाई हाल ही में अटरिया निवासी एक महिला की मौत ने इस पूरे नेटवर्क की पोल खोल दी। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान पेट में औजार लग जाने से संक्रमण हुआ और बाद में लखनऊ में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मामला बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग को मजबूरन दो अस्पतालों को सील करना पड़ा। सवालों के घेरे में स्वास्थ्य विभाग स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई केवल तब होती है जब कोई बड़ा हादसा सामने आता है। जबकि क्षेत्र में वर्षों से दर्जनों अवैध क्लिनिक धड़ल्ले से चल रहे हैं। अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद कई जिंदगियां बचाई जा सकती थीं। ग्रामीणों के लिए खतरे की घंटी सस्ते इलाज और जागरूकता की कमी के चलते ग्रामीण इन फर्जी डॉक्टरों के झांसे में आ जाते हैं। लेकिन बिना डिग्री इलाज, गलत दवाओं और असुरक्षित ऑपरेशन के कारण उनकी जान हमेशा खतरे में बनी रहती है। निष्कर्ष अटरिया क्षेत्र में अवैध क्लिनिकों का यह नेटवर्क अब एक गंभीर चेतावनी है। जरूरत है सख्त कार्रवाई, नियमित जांच और जनजागरूकता की—ताकि ‘मौत के इन क्लिनिकों’ पर पूरी तरह रोक लग सके और लोगों की जान सुरक्षित रह सके।
- जानकारी के अनुसार, लाइनमैन खंभे पर चढ़कर बिजली लाइन की मरम्मत कर रहा था। इसी दौरान अचानक बिजली सप्लाई चालू हो गई, जिससे वह हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। ⚡ करंट लगते ही लाइनमैन गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह हादसा सिधौली क्षेत्र में हुआ। 🚨 लापरवाही पर सवाल बिना शटडाउन के काम कराया गया अचानक बिजली चालू कर दी गई सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक 👉 हाल के दिनों में इसी क्षेत्र में इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे लोगों में गुस्सा और डर दोनों बढ़ रहा है। 😢 स्थानीय लोगों में आक्रोशघटना के बाद ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखी गई और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी है। 📢 निष्कर्षयह हादसा साफ दिखाता है कि बिजली विभाग की लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है। समय रहते सुरक्षा नियमों का पालन न किया जाए तो ऐसी घटनाएं बार-बार होती रहेंगी।1
- बाराबंकी के कुर्सी थाना क्षेत्र के बसरा गांव में शुक्रवार दोपहर हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी के कारण खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। इस घटना में करीब 50 बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैली, जिससे किसानों को संभलने का मौका नहीं मिला। आग की लपटें दूर-दूर तक फैल गईं और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। सूचना पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।1
- *लखनऊ ब्रेकिंग* हाई कोर्ट से कूदने का प्रयास करती महिला। हाथ में नवजात बच्चा। पूरी जानकारी की पड़ताल की जा रही है कि ये महिला कौन है और कहां से आई है तथा किस वजह से कोर्ट की छत पर पहुंची। बहरहाल महिला को बच्चे के साथ देख हर किसी को बेचैनी हो रही है कि कुछ अनहोनी न हो जाए।1
- Post by Sandeep Kumar Patrakaar2
- ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ कानपुर। शहर के बर्रा क्षेत्र में स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बर्रा विश्वबैंक E-ब्लॉक के उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर के विरोध में मोर्चा खोलते हुए जीनियस कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में गड़बड़ी और अधिक बिल आने की समस्याएं सामने आ रही हैं, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं। इसी को लेकर नाराज लोग बर्रा थाने पहुंचे और कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कराकर दोषी कंपनी पर सख्त कार्रवाई की जाए और उपभोक्ताओं की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। फिलहाल, मामले में प्रशासन की ओर से जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।1
- Post by Anoopshukla2
- Post by Sandeep Pasi1
- ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ दरभंगा से अमृतसर जा रही ट्रेन में सफर के दौरान एक महिला ने रेलवे व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए रेल मंत्री से मांग की है कि ट्रेन में जितनी सीटें उपलब्ध हों, उतने ही टिकट जारी किए जाएं। महिला का कहना है कि जब टिकट अधिक संख्या में बेचे जाते हैं तो यात्रियों को बैठने तक की जगह नहीं मिलती, जिससे सफर बेहद परेशान करने वाला हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अतिरिक्त टिकट जारी किए जाते हैं तो यात्रियों को सीट की उचित व्यवस्था भी दी जानी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग भी इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और रेलवे की टिकट व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे1