झारखंड के कोडरमा जिले में नवलशाही थाना क्षेत्र के बच्छेडीह पंचायत अंतर्गत विंडोमोह विरहोर टोला में रहने वाले तीन विरहोर परिवारों के लगभग आधा दर्जन लोग एक अज्ञात बीमारी की चपेट में आ गए हैं। पिछले 4 दिनों से बीमार रहने के कारण इन सभी की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। बीमार लोगों में संजय बिरहोर की 8 वर्षीय बेटी पिंकी कुमारी और 10 वर्षीय बेटा विशाल बिरहोर, मनोज बिरहोर की 2 वर्षीय बेटी गुड़िया बिरहोर, राजू बिरहोर के बेटे मनोज बिरहोर, मनोज बिरहोर की पत्नी शांति विरहोरनी और कंचन विरहोरनी शामिल हैं। पीड़ित परिजनों के अनुसार, चार दिन पहले इन सभी को अचानक बुखार, उल्टी और कमजोरी की शिकायत हुई थी। इसके बाद वे इलाज के लिए नवलशाही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी गए थे, लेकिन वहां कोई जरूरी दवा उपलब्ध नहीं थी। सरकारी अस्पताल से निराश होकर इस गरीब परिवार को मजबूरी में एक निजी क्लिनिक से इलाज कराना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विरहोर परिवार बेहद गरीब है और उनके लिए निजी डॉक्टर की फीस तथा दवाओं का खर्च उठाना नामुमकिन साबित हो रहा है। जांच और उचित दवाओं के अभाव में बीमार बच्चों और महिलाओं की तबीयत लगातार गिरती जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि टोले में तत्काल एक स्वास्थ्य शिविर लगाया जाए और मेडिकल टीम भेजकर पीड़ित परिवारों का समुचित इलाज कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय पर सही इलाज नहीं मिला, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। फिलहाल पूरा परिवार घर पर ही रहकर निजी डॉक्टर की सलाह पर दवाइयां लेने को मजबूर है, क्योंकि मामले की जानकारी मिलने के बाद भी अब तक स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची है।
झारखंड के कोडरमा जिले में नवलशाही थाना क्षेत्र के बच्छेडीह पंचायत अंतर्गत विंडोमोह विरहोर टोला में रहने वाले तीन विरहोर परिवारों के लगभग आधा दर्जन लोग एक अज्ञात बीमारी की चपेट में आ गए हैं। पिछले 4 दिनों से बीमार रहने के कारण इन सभी की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। बीमार लोगों में संजय बिरहोर की 8 वर्षीय बेटी पिंकी कुमारी और 10 वर्षीय बेटा विशाल बिरहोर, मनोज बिरहोर की 2 वर्षीय बेटी गुड़िया बिरहोर, राजू बिरहोर के बेटे मनोज बिरहोर, मनोज बिरहोर की पत्नी शांति विरहोरनी और कंचन विरहोरनी शामिल हैं। पीड़ित परिजनों के अनुसार, चार दिन पहले इन सभी को अचानक बुखार, उल्टी और कमजोरी की शिकायत हुई थी। इसके बाद वे इलाज के लिए नवलशाही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी गए थे, लेकिन वहां कोई जरूरी दवा उपलब्ध नहीं थी। सरकारी अस्पताल से निराश होकर इस गरीब परिवार को मजबूरी में एक निजी क्लिनिक से इलाज कराना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विरहोर परिवार बेहद गरीब है और उनके लिए निजी डॉक्टर की फीस तथा दवाओं का खर्च उठाना नामुमकिन साबित हो रहा है। जांच और उचित दवाओं के अभाव में बीमार बच्चों और महिलाओं की तबीयत लगातार गिरती जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि टोले में तत्काल एक स्वास्थ्य शिविर लगाया जाए और मेडिकल टीम भेजकर पीड़ित परिवारों का समुचित इलाज कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय पर सही इलाज नहीं मिला, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। फिलहाल पूरा परिवार घर पर ही रहकर निजी डॉक्टर की सलाह पर दवाइयां लेने को मजबूर है, क्योंकि मामले की जानकारी मिलने के बाद भी अब तक स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची है।
- झारखंड के झुमरी तिलैया शहर से बिहार में बड़े पैमाने पर अवैध देशी शराब की तस्करी किए जाने का एक बड़ा नेटवर्क सामने आया है। रविवार सुबह 9 बजे इस मामले का खुलासा हुआ, जब बिहार पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए युवकों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिलीं। इन चौंकाने वाले खुलासों के बाद पुलिस ने शराब तस्करी के इस पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में नवादा बस्ती के रहने वाले पंकज यादव और देवी मंडप रोड स्थित इंद्रपुरी मोहल्ला निवासी राहुल कुमार की इस तस्करी नेटवर्क में कथित संलिप्तता की बात बताई है। पूछताछ में यह भी दावा किया गया है कि इस गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हैं, जिनकी पहचान और भूमिका की जांच की जा रही है। तिलैया से अवैध देशी शराब की खेप नियमित रूप से बिहार भेजी जाती थी और अब बिहार पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। इस मामले में जल्द ही अन्य संदिग्धों पर भी कार्रवाई होने की संभावना है, हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक सभी संदिग्धों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और पूरी जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।2
- गया जिले के फतेहपुर में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करता हुआ एक मामला सामने आया है। यहाँ फतेहपुर पुलिस द्वारा वैध चालान पास में होने के बावजूद एक ट्रैक्टर को थाने ले जाया जा रहा है। इस कार्रवाई का वीडियो दिखाते हुए पुलिस के रवैये पर सीधा निशाना साधा गया है कि आखिर चालान होने के बाद भी ट्रैक्टर को इस तरह थाने क्यों ले जाया जा रहा है।1
- चतरा के मयूरहंड में समाज के लिए संघर्ष करने वाले व्यक्ति का साथ देने की जोरदार अपील की गई है। लोगों से सीधे तौर पर यह आह्वान किया गया है कि जो भी व्यक्ति समाज के हित और उसकी भलाई के लिए लड़ रहा है, सभी को उसका पूरा साथ देना चाहिए।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले के तिरला निवासी लालचंद महतो की दुबई में मौत हो गई है, जिसके बाद उनका पार्थिव शरीर अब तक वतन वापस नहीं आ सका है। लालचंद अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने और रोजगार कमाने के लिए दुबई गए थे। लेकिन वहां उनका पासपोर्ट गुम हो गया, जिसके बाद वे बेहद लाचार स्थिति में दर-दर भटकने को मजबूर हो गए। उचित मदद न मिल पाने के कारण आखिरकार परदेस में ही उनकी सांसें थम गईं। लालचंद की मौत के कई दिन बीत जाने के बाद भी उनका पार्थिव शरीर उनके गाँव तिरला वापस नहीं आ पाया है। इस दुखद हादसे के बाद घर पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिजन केवल इतना चाहते हैं कि उनके बेटे का पार्थिव शरीर उनके वतन वापस आ जाए ताकि वे अपने रीति-रिवाजों से उसका अंतिम संस्कार कर सकें। इस गरीब परिवार की मदद के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारतीय दूतावास से गुहार लगाई गई है ताकि शव को जल्द से जल्द भारत लाया जा सके।1
- पटना में बंटी यादव के हत्यारों को फांसी दिलाने के लिए पप्पू यादव जी रोड पर उतर गए हैं। वे बंटी यादव की हत्या करने वालों को फांसी की सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।1
- वर्ष 2016 की नोटबंदी के दौरान हुई कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईओयू ने बैंक ऑफ इंडिया के एक बैंककर्मी को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान अरविंद कुमार के रूप में हुई है। अरविंद फिलहाल डोमचांच में बैंक ऑफ इंडिया की फुलवरिया शाखा में कार्यरत था और वह बिहार के दानापुर स्थित पंचवटी नगर का निवासी है। नवलशाही थाना प्रभारी सुमन कुमार ने रविवार को 8:30 बजे बताया कि लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को शुक्रवार को कोडरमा से गिरफ्तार किया गया है। ईओयू के अनुसार, नोटबंदी के समय अरविंद कुमार बैंक ऑफ इंडिया की गया शाखा में पदस्थापित था, जहां उस पर अन्य लोगों के साथ मिलकर अवैध वित्तीय लेन-देन करने का आरोप है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने वादी राजेश कुमार की जानकारी के बिना उनके बैंक खाते का उपयोग कर लाखों रुपये का लेन-देन किया था। इस मामले में राजेश कुमार की शिकायत पर गया के सिविल लाइन थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच ईओयू को सौंपी गई थी। बैंकिंग दस्तावेजों और संदिग्ध लेन-देन की गहन पड़ताल में अरविंद की भूमिका सामने आने के बाद ईओयू ने निगरानी अदालत से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया था। गिरफ्तारी के बाद ईओयू की टीम आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा नोटबंदी के दौरान हुए इस संदिग्ध लेन-देन का दायरा कितना बड़ा था।4
- झारखंड के रजरप्पा मंदिर का एक दृश्य सामने आया है, जिसमें मंदिर परिसर में मौजूद भारी भीड़ को साफ तौर पर देखा जा सकता है। वहाँ काफी संख्या में लोग जुटे हुए हैं।1
- नवादा जिले के सिरदला में गया-रजौली मार्ग पर स्थित हथमरवा मोड़ के पास एक ट्रैक्टर और फोर-व्हीलर (चार पहिया वाहन) के बीच टक्कर हो गई।1