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किसान कांग्रेस ने Sendhwa में किसानों की डीजल और खाद से जुड़ी समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान, संगठन के सदस्यों ने एसडीएम कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें इन समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
सच की धार न्यूज
किसान कांग्रेस ने Sendhwa में किसानों की डीजल और खाद से जुड़ी समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान, संगठन के सदस्यों ने एसडीएम कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें इन समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
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- बड़वानी जिले में 'सेगवाल-1 ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना' की प्रगति और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए भारत सरकार की नेशनल वॉश एक्सपर्ट (NWE) की एक उच्च स्तरीय टीम बड़वानी पहुँची। केंद्रीय दल में जल प्रदाय विशेषज्ञ श्री मो. अरशद रहमान, श्री गोकुल सेतुराज और सुश्री सुभाना कुमारी शामिल थे। टीम ने सबसे पहले पीआईयू (PIU) कार्यालय में परियोजना से संबंधित विस्तृत जानकारी लेते हुए समीक्षा बैठक की। इसके बाद टीम ने सेगवाल-1 योजना के इंटेक वेल और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) की कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान टीम के सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधरोपण भी किया और काम में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के बाद, केंद्रीय टीम ठीकरी विकासखंड के ग्राम पंचायत चिचली पहुँची। यहाँ पंचायत सभाकक्ष में ग्रामीणों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें पेयजल की नियमित उपलब्धता, शुद्धता और जल प्रबंधन को लेकर सीधा संवाद किया गया। टीम ने ग्रामीणों से फीडबैक लिया कि उन्हें योजना का लाभ सुचारू रूप से मिल रहा है या नहीं, जिस पर ग्रामीणों ने अपनी बात रखी। विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को पानी की बचत और जल स्रोतों के सही रख-रखाव के प्रति जागरूक भी किया। इस पूरे निरीक्षण और संवाद बैठक के दौरान पीआईयू के महाप्रबंधक, प्रबंधक (तकनीकी), उप प्रबंधक (तकनीकी) और प्रबंधक (जनसहभागिता) सहित टीएल (SQC), टीपीआई (TPI), एएमसीपी (AMCP), डीटीएल (DTL), आरई (RE), फील्ड इंजीनियर और निर्माण एजेंसी के तमाम वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी भी फील्ड में मौजूद रहे, जिन्होंने केंद्रीय विशेषज्ञों को परियोजना के तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी।4
- धार शहर में गुरुवार को गंदे पानी और अनियमित जल सप्लाई के मुद्दे पर कांग्रेस ने 'कामचोर' नगर पालिका के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष रोहित कामदार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय रहवासियों ने घोड़ा चौपाटी स्थित लालबाग परिसर से नगर पालिका कार्यालय तक रैली निकाली, जहाँ नागरिकों ने लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। नगर पालिका पहुंचते ही प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया, जहाँ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परिसर का घेराव कर जमकर नारेबाजी की और कुछ प्रदर्शनकारी बैरीकेट लांघकर भीतर घुस गए। महिलाओं ने नगर पालिका कार्यालय के सामने मिट्टी के घड़े फोड़कर अपनी नाराजगी जताई, जिसमें नौगांव थाना प्रभारी हीरूसिंह रावत के सिर पर एक घड़ा फूट गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि नगर पालिका शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में विफल रही है। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीएमओ कार्यालय का घेराव किया और कुछ महिलाओं ने सीएमओ को चूड़ियां पहनाने का प्रयास किया, हालांकि सीएमओ अपने कार्यालय से बाहर नहीं निकले। प्रदर्शनकारियों ने 'सीएमओ विश्वनाथ सिंह मुर्दाबाद' और 'रीलबाज सीएमओ' के नारे लगाए। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और नगर पालिका की ओर से वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया। प्रदर्शन के बाद रोहित कामदार के नेतृत्व में कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें धार शहर के नागरिकों के पेयजल की गंभीर समस्या पर प्रकाश डाला गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नगर पालिका द्वारा की जा रही जल सप्लाई न केवल अनियमित है, बल्कि नलों से बदबूदार, पीले और कीचड़ मिश्रित पानी आ रहा है, जिससे लोग उल्टी-दस्त, टाइफाइड जैसी जलजनित बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। यह भी आरोप लगाया गया कि शहर में पांच से छह दिन के अंतराल पर मात्र 15 से 20 मिनट के लिए पानी की सप्लाई की जा रही है, जबकि नगर पालिका नियमित रूप से पानी टैक्स वसूल रही है, जिसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन और जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया गया। युवा कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से शहर में स्वच्छ और पीने योग्य पानी की नियमित सप्लाई सुनिश्चित करने तथा पुरानी व जर्जर पाइपलाइन व फिल्टर प्लांट की उच्च स्तरीय मरम्मत कराने की मांग की। उन्होंने प्रशासन को सात दिनों का अल्टीमेटम भी दिया, चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो युवा कांग्रेस और शहरवासी नगर पालिका में ताला लगाओ आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।4
- धार जिले के बदनावर बस स्टैंड पर दो सांडों की लड़ाई के कारण पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद से आवारा पशुओं को पकड़ने की मांग की है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- इंदौर ज़िले के महू में मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि चाकूबाज़ी हो गई, जिसमें एक अधेड़ व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि यह घटना मंगलवार की है।1
- बुरहानपुर जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) आशुतोष बागरी ने एक नई पहल की है, जिसके तहत जिले के ग्राम कोटवारों को पुलिसकर्मियों के समान प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पूरी खबर को एनडीटीवी एमपी पर शारिक अख्तर दुर्रानी ने रिपोर्ट किया है।1
- बड़वानी जिले में शौर्य के प्रतीक वीर महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। यह अनावरण नगर पालिका के सहयोग से मोटी माता चौक में जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस आयोजन के लिए समाजजनों ने सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया है।1
- महू कैंटोनमेंट MES द्वारा पेंशनपुरा से गौशाला तक जाने वाली सड़क का डामरीकरण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। यह सड़क अब डामर रोड में तब्दील की जाएगी।1
- *विधानसभा सत्र में प्रस्तुत होगा समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक*: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विधानसभा सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण और समसामयिक विषयों को लेकर आ रही है। - समान नागरिक संहिता (UCC) को भी इसी सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। - मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विश्वास जताया कि बाबा महाकाल की कृपा से UCC विधेयक इसी सत्र में पारित होगा। -1
- आज बोरी क्षेत्र के भ्रमण के दौरान टप्पा तहसील में अधिकारियों से जनता की समस्याओं के समाधान पर चर्चा की गई। तहसीलदार और पटवारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि आम जनता की राजस्व संबंधी समस्याओं का निराकरण समय सीमा के भीतर और बिना किसी परेशानी के किया जाए। इसके उपरांत, सीधे सोसाइटी पहुंचकर किसान भाइयों से मुलाकात की गई। वर्तमान 'टोकन सिस्टम' से किसानों को हो रही भारी परेशानियों को लेकर प्रबंधकों के साथ कड़ी चर्चा हुई। इस व्यवस्था को तुरंत सुचारू और किसान-हितैषी बनाने के निर्देश दिए गए। झाबुआ विधानसभा के हर नागरिक और अन्नदाता के अधिकारों के लिए लड़ने और उनकी सेवा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।4