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Jay Prakash
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- जन कवि हर्ष काफर से मुलाक़ात...हर्ष के असली नाम हर्षवर्धन जोशी हैं, और “काफर” नाम उनकी आत्मलिखित या आत्मचेतना वाली पहचान.. हर्ष की कविताएँ अक्सर नेतृत्व, भ्रष्टाचार, जंगल‑आग, नदी‑प्रदूषण और गाँव‑नगर की तनावपूर्ण ज़िंदगी जैसे विषयों पर केंद्रित रहती हैं। #harshkafar1
- अल्मोड़ा में यूथ कांग्रेस के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत हुआ। नगर के चौघानपाटा में यूथ कांग्रेस के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का कांग्रेस और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इसके बाद कांग्रेस कार्यालय में स्वागत किया गया।1
- Pindari Glacier ट्रैकिंग के लिए खुला, रोमांच का सफर 15 अप्रैल से शुरू1
- Post by Rajkumar mehra press reporter2
- विडियो देखें-अल्मोड़ा ( उत्तराखंड ) अल्मोड़ा के राजपुरा क्षेत्र की यह घटनाक्रम वायरल हो रहा है जिसमें यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और डराने वाला विडियो है एक नशे में धुत व्यक्ति ने ना सिर्फ रात में गाली-गलौज की, बल्कि खुलेआम नशे की हालत में मारने की धमकी भी दे डाली। नशे के कारण महिलाएं , बच्चे और आमजन लोग सुरक्षित नहीं हैं! लोगो में डर का माहौल बना रहता है। नशा विनाश का कारण है इसे रोकना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।1
- मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविन्द राम जायसवाल ने अवगत कराया है कि, शैक्षिक वर्ष 2026-27 में समस्त राजकीय एवं राजकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकों के साथ-साथ नोटबुक भी वितरित की जाएंगी। यह निर्णय विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने तथा उनकी पढ़ाई को सुगम एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा निदेशालय से प्राप्त निर्देशानुसार नोटबुक का वितरण विभिन्न प्रकार से किया जाएगा— कक्षा 1 से 2 तक के प्रत्येक विद्यार्थी को 2 नोटबुक, कक्षा 3 से 5 तक के प्रत्येक विद्यार्थी को 3 नोटबुक तथा कक्षा 6 से 12 तक के प्रत्येक विद्यार्थी को 5 नोटबुक प्रदान की जाएंगी। इस पहल से विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा तथा उन्हें अध्ययन सामग्री की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे विद्यालयों में नामांकन, उपस्थिति एवं शिक्षण-सीखने की प्रक्रिया को भी प्रोत्साहन मिलने की अपेक्षा है।1
- Post by MAHAVIRSINGH4
- आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मांग उठाई, जो अब तक अनसुनी रही है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर धरना और आंदोलन जारी रहेगा। इस आंदोलन को यूकेडी गरुड़ का भी खुला समर्थन मिला है। यूकेडी के ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा कि एक मजदूर को भी 700 रुपये प्रतिदिन मिल रहे हैं, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बहुत कम मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से कार्यकर्ताओं की मांगों को शीघ्र पूरा करने की अपील की।1