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4 hrs ago
user_P k.prsad
P k.prsad
मधुबन, पूर्वी चंपारण, बिहार•
4 hrs ago
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More news from बिहार and nearby areas
  • एक पति ने अपनी पत्नी को बीपीएससी टीचर बनाने के लिए अपनी जमीन बेच दी। बताया गया है कि पत्नी को नौकरी मिलते ही उसने अपने पति को छोड़ दिया। यह घटनाक्रम सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
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    एक पति ने अपनी पत्नी को बीपीएससी टीचर बनाने के लिए अपनी जमीन बेच दी। बताया गया है कि पत्नी को नौकरी मिलते ही उसने अपने पति को छोड़ दिया। यह घटनाक्रम सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
    user_Bihar ke Janta ki Awaaz
    Bihar ke Janta ki Awaaz
    शिवहर, शिवहर, बिहार•
    8 hrs ago
  • सिरहा नारायणी नदी तट किनारे स्थित आदि शक्ति मंदिर परिसर में शिक्षक अमरेंद्र कुमार कुशवाहा और सुमन देवी द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय भागवत कथा कार्यक्रम का पाँचवाँ दिन संपन्न हुआ। इस अवसर पर संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन करते हुए पूतना वध की कथा श्रवण कराई। संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बाल्यावस्था में ही राक्षसी पूतना का वध किया था। पूतना को कंस ने भेजा था, क्योंकि कंस को यह भविष्यवाणी मिली थी कि देवकी का आठवाँ पुत्र उसका वध करेगा। इस भय से कंस ने अपने आस-पास के सभी नवजात शिशुओं को मारने का आदेश दिया था और इसी उद्देश्य से पूतना को गोकुल भेजा गया था। पूतना एक सुंदर स्त्री का रूप धारण कर गोकुल पहुँची और यशोदा से श्रीकृष्ण को गोद में लेने की इच्छा जताई। उसने अपने स्तनों पर विष लगाया हुआ था, किंतु जब उसने श्रीकृष्ण को स्तनपान कराया, तो भगवान ने उसके स्तनों से विष और उसके प्राण दोनों खींच लिए। पूतना अपने असली राक्षसी रूप में लौटते हुए प्राण त्याग दिए। कथाओं के अनुसार, पूतना अपने पूर्व जन्म में राजा बली की पुत्री रत्नमाला थी। जब वामन भगवान राजा बली से भिक्षा मांगने आए थे, तब रत्नमाला ने वामन रूप में भगवान को देखकर उनसे पुत्र के रूप में स्नेह करने की इच्छा की थी। परंतु, बाद में जब वामन भगवान ने अपने विराट रूप में बली से तीन पग भूमि मांगी और सब कुछ ले लिया, तो रत्नमाला ने क्रोधवश उन्हें मारने की इच्छा जताई। भगवान ने उसके दोनों भावों को स्वीकार किया, जिसके कारण अगले जन्म में उसे पूतना के रूप में जन्म मिला और भगवान श्रीकृष्ण को स्तनपान कराने का अवसर प्राप्त हुआ। श्रीकृष्ण द्वारा वध होने पर उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई। पूतना के वध के बाद, गोकुलवासी उसके विशाल राक्षसी रूप को देखकर भय और आश्चर्य से भर गए। उन्होंने पूतना के शरीर को जलाने का निर्णय लिया, और इस दौरान एक अद्भुत घटना घटी—उसके शरीर से एक दिव्य सुगंध फैलने लगी। ऐसा माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण के स्पर्श से पूतना को मोक्ष प्राप्त हुआ था और उसका शरीर पवित्र हो गया था। इसलिए, जब उसका अंतिम संस्कार किया गया, तो वह सुगंधित धुआँ में परिवर्तित हो गया, जो देवताओं की कृपा का प्रतीक था। गोकुलवासियों ने इस घटना को भगवान श्रीकृष्ण की लीला और उनकी दिव्यता का प्रमाण माना और भगवान की जय-जयकार की। उन्होंने श्रीकृष्ण को भगवान के रूप में मानना शुरू कर दिया और उनके प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति और अधिक बढ़ गई। पूतना, जो भगवान श्रीकृष्ण के हाथों मारी गई थी, अंत में गोलोक धाम को प्राप्त हुई। शास्त्रों में वर्णित है कि भगवान किसी भी व्यक्ति की भावना को महत्व देते हैं, चाहे वह कैसी भी हो। पूतना ने भगवान श्रीकृष्ण को माँ के रूप में स्तनपान कराने का प्रयास किया था, भले ही उसका उद्देश्य बुरा था, किंतु श्रीकृष्ण ने उसकी इस सेवा को माँ के समान माना। इस प्रकार, श्रीकृष्ण ने पूतना को मातृत्व का दर्जा दिया और उसे मोक्ष प्रदान किया, जिससे वह अपनी मृत्यु के बाद गोलोक धाम चली गई, जहाँ उसे भगवान श्रीकृष्ण के साथ रहने का सौभाग्य मिला। यह भगवान की करुणा और अनुग्रह का प्रतीक है कि उन्होंने अपने शत्रु को भी मोक्ष प्रदान कर दिया। आज के भागवत कथा कार्यक्रम में अमरेंद्र कुमार कुशवाहा अपनी अर्धांगिनी श्रीमती सुमन देवी, श्री जगलाल प्रसाद कुशवाहा अपनी अर्धांगिनी श्रीमती देवी, बहु सह शिक्षिका श्रीमती शर्मिला सिन्हा, श्रीमती मीना देवी, श्रीमती चंदा देवी, उपेंद्र प्रसाद कुशवाहा, श्री गोवर्धन प्रसाद कुशवाहा अपनी श्रीमती अर्धांगिनी के साथ, एवं श्री यादों लाल सहनी अपनी पत्नी श्रीमती अर्धांगिनी के साथ उपस्थित रहे। दैनिक सिरहा टाइम्स के संपादक श्री रवि कुमार भार्गव भी अपनी अर्धांगिनी श्रीमती प्रियंका भार्गव और छोटे पुत्र राजकुमार हार्षित कुमार भार्गव के साथ, साथ ही इटवा के श्री गजाधर पासवान सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।
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    सिरहा नारायणी नदी तट किनारे स्थित आदि शक्ति मंदिर परिसर में शिक्षक अमरेंद्र कुमार कुशवाहा और सुमन देवी द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय भागवत कथा कार्यक्रम का पाँचवाँ दिन संपन्न हुआ। इस अवसर पर संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन करते हुए पूतना वध की कथा श्रवण कराई।

संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बाल्यावस्था में ही राक्षसी पूतना का वध किया था। पूतना को कंस ने भेजा था, क्योंकि कंस को यह भविष्यवाणी मिली थी कि देवकी का आठवाँ पुत्र उसका वध करेगा। इस भय से कंस ने अपने आस-पास के सभी नवजात शिशुओं को मारने का आदेश दिया था और इसी उद्देश्य से पूतना को गोकुल भेजा गया था। पूतना एक सुंदर स्त्री का रूप धारण कर गोकुल पहुँची और यशोदा से श्रीकृष्ण को गोद में लेने की इच्छा जताई। उसने अपने स्तनों पर विष लगाया हुआ था, किंतु जब उसने श्रीकृष्ण को स्तनपान कराया, तो भगवान ने उसके स्तनों से विष और उसके प्राण दोनों खींच लिए। पूतना अपने असली राक्षसी रूप में लौटते हुए प्राण त्याग दिए।

कथाओं के अनुसार, पूतना अपने पूर्व जन्म में राजा बली की पुत्री रत्नमाला थी। जब वामन भगवान राजा बली से भिक्षा मांगने आए थे, तब रत्नमाला ने वामन रूप में भगवान को देखकर उनसे पुत्र के रूप में स्नेह करने की इच्छा की थी। परंतु, बाद में जब वामन भगवान ने अपने विराट रूप में बली से तीन पग भूमि मांगी और सब कुछ ले लिया, तो रत्नमाला ने क्रोधवश उन्हें मारने की इच्छा जताई। भगवान ने उसके दोनों भावों को स्वीकार किया, जिसके कारण अगले जन्म में उसे पूतना के रूप में जन्म मिला और भगवान श्रीकृष्ण को स्तनपान कराने का अवसर प्राप्त हुआ। श्रीकृष्ण द्वारा वध होने पर उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई।

पूतना के वध के बाद, गोकुलवासी उसके विशाल राक्षसी रूप को देखकर भय और आश्चर्य से भर गए। उन्होंने पूतना के शरीर को जलाने का निर्णय लिया, और इस दौरान एक अद्भुत घटना घटी—उसके शरीर से एक दिव्य सुगंध फैलने लगी। ऐसा माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण के स्पर्श से पूतना को मोक्ष प्राप्त हुआ था और उसका शरीर पवित्र हो गया था। इसलिए, जब उसका अंतिम संस्कार किया गया, तो वह सुगंधित धुआँ में परिवर्तित हो गया, जो देवताओं की कृपा का प्रतीक था। गोकुलवासियों ने इस घटना को भगवान श्रीकृष्ण की लीला और उनकी दिव्यता का प्रमाण माना और भगवान की जय-जयकार की। उन्होंने श्रीकृष्ण को भगवान के रूप में मानना शुरू कर दिया और उनके प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति और अधिक बढ़ गई।

पूतना, जो भगवान श्रीकृष्ण के हाथों मारी गई थी, अंत में गोलोक धाम को प्राप्त हुई। शास्त्रों में वर्णित है कि भगवान किसी भी व्यक्ति की भावना को महत्व देते हैं, चाहे वह कैसी भी हो। पूतना ने भगवान श्रीकृष्ण को माँ के रूप में स्तनपान कराने का प्रयास किया था, भले ही उसका उद्देश्य बुरा था, किंतु श्रीकृष्ण ने उसकी इस सेवा को माँ के समान माना। इस प्रकार, श्रीकृष्ण ने पूतना को मातृत्व का दर्जा दिया और उसे मोक्ष प्रदान किया, जिससे वह अपनी मृत्यु के बाद गोलोक धाम चली गई, जहाँ उसे भगवान श्रीकृष्ण के साथ रहने का सौभाग्य मिला। यह भगवान की करुणा और अनुग्रह का प्रतीक है कि उन्होंने अपने शत्रु को भी मोक्ष प्रदान कर दिया।

आज के भागवत कथा कार्यक्रम में अमरेंद्र कुमार कुशवाहा अपनी अर्धांगिनी श्रीमती सुमन देवी, श्री जगलाल प्रसाद कुशवाहा अपनी अर्धांगिनी श्रीमती देवी, बहु सह शिक्षिका श्रीमती शर्मिला सिन्हा, श्रीमती मीना देवी, श्रीमती चंदा देवी, उपेंद्र प्रसाद कुशवाहा, श्री गोवर्धन प्रसाद कुशवाहा अपनी श्रीमती अर्धांगिनी के साथ, एवं श्री यादों लाल सहनी अपनी पत्नी श्रीमती अर्धांगिनी के साथ उपस्थित रहे। दैनिक सिरहा टाइम्स के संपादक श्री रवि कुमार भार्गव भी अपनी अर्धांगिनी श्रीमती प्रियंका भार्गव और छोटे पुत्र राजकुमार हार्षित कुमार भार्गव के साथ, साथ ही इटवा के श्री गजाधर पासवान सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।
    user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    14 hrs ago
  • मुजफ्फरपुर के सरैया ब्लॉक अंतर्गत खिरी चौक, बड़हमपुरा के वार्ड नंबर 3 में पिछले चार सालों से एक लाइट खराब पड़ी हुई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस लंबी अवधि के बावजूद, सरैया ब्लॉक का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी आज तक इस खराब लाइट को देखने तक नहीं आया है, जिसके कारण यह समस्या लगातार बनी हुई है।
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    मुजफ्फरपुर के सरैया ब्लॉक अंतर्गत खिरी चौक, बड़हमपुरा के वार्ड नंबर 3 में पिछले चार सालों से एक लाइट खराब पड़ी हुई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस लंबी अवधि के बावजूद, सरैया ब्लॉक का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी आज तक इस खराब लाइट को देखने तक नहीं आया है, जिसके कारण यह समस्या लगातार बनी हुई है।
    user_Md sarfaraz
    Md sarfaraz
    सरैया, मुजफ्फरपुर, बिहार•
    2 hrs ago
  • बिहार के नालंदा ज़िले के चंडी थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ दीपिका कुमारी की हत्या और उनके शव को गायब करने का आरोप ससुराल वालों पर लगा है। यह घटना कई सवाल खड़े करती है कि आखिर दीपिका कुमारी के साथ क्या हुआ और उनका शव कहाँ है।
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    बिहार के नालंदा ज़िले के चंडी थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ दीपिका कुमारी की हत्या और उनके शव को गायब करने का आरोप ससुराल वालों पर लगा है। यह घटना कई सवाल खड़े करती है कि आखिर दीपिका कुमारी के साथ क्या हुआ और उनका शव कहाँ है।
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • मुजफ्फरपुर जिले के अमनौर स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में ग्राहकों को अपने बैंक संबंधी कार्यों को कराने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एक ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग विभिन्न कामों के लिए बैंक पहुँचे, उन्हें सिर्फ़ परेशानियाँ ही मिल रही हैं और उनका काम नहीं हो पा रहा है। इस स्थिति को एक जनहित मुद्दे के तौर पर देखा जा रहा है, जिसकी जानकारी आकाश प्रियदर्शी से संबंधित है और यह विषय अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
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    मुजफ्फरपुर जिले के अमनौर स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में ग्राहकों को अपने बैंक संबंधी कार्यों को कराने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एक ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग विभिन्न कामों के लिए बैंक पहुँचे, उन्हें सिर्फ़ परेशानियाँ ही मिल रही हैं और उनका काम नहीं हो पा रहा है। इस स्थिति को एक जनहित मुद्दे के तौर पर देखा जा रहा है, जिसकी जानकारी आकाश प्रियदर्शी से संबंधित है और यह विषय अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
    user_BIHAR NEWS NOW
    BIHAR NEWS NOW
    Marwan, Muzaffarpur•
    19 hrs ago
  • स्थानीय जानकारी के अनुसार, एक महत्वपूर्ण सड़क पर सालों साल से लगातार पानी जमा रहता है। इस दीर्घकालिक जलजमाव के कारण यह मार्ग एक गंभीर समस्या से जूझ रहा है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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    स्थानीय जानकारी के अनुसार, एक महत्वपूर्ण सड़क पर सालों साल से लगातार पानी जमा रहता है। इस दीर्घकालिक जलजमाव के कारण यह मार्ग एक गंभीर समस्या से जूझ रहा है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
    user_Tinku das
    Tinku das
    Indian Grocery Shop मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    22 hrs ago
  • सीतामढ़ी में शराबबंदी कानून के कार्यान्वयन को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। सोनबरसा थाना पुलिस द्वारा शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कुछ वार्ड पार्षदों और जन प्रतिनिधियों को बाद में नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति में निर्विरोध चुन लिया गया। पुलिस के अनुसार, अंशुल प्रकाश, मनीष पंडित और सीमांत खिरहर सहित कुल सात लोगों को ब्रेथ एनालाइजर जांच के बाद बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था। इस घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या जन प्रतिनिधियों के लिए नैतिक जवाबदेही अलग होनी चाहिए? साथ ही, यह भी प्रश्न है कि क्या इस तरह की घटनाओं से शराबबंदी कानून का संदेश कमजोर पड़ रहा है। इस पूरे मामले पर एक विशेष रिपोर्ट की बात कही गई है।
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    सीतामढ़ी में शराबबंदी कानून के कार्यान्वयन को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। सोनबरसा थाना पुलिस द्वारा शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कुछ वार्ड पार्षदों और जन प्रतिनिधियों को बाद में नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति में निर्विरोध चुन लिया गया। पुलिस के अनुसार, अंशुल प्रकाश, मनीष पंडित और सीमांत खिरहर सहित कुल सात लोगों को ब्रेथ एनालाइजर जांच के बाद बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था।

इस घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या जन प्रतिनिधियों के लिए नैतिक जवाबदेही अलग होनी चाहिए? साथ ही, यह भी प्रश्न है कि क्या इस तरह की घटनाओं से शराबबंदी कानून का संदेश कमजोर पड़ रहा है। इस पूरे मामले पर एक विशेष रिपोर्ट की बात कही गई है।
    user_We News 24
    We News 24
    Media company डुमरा, सीतामढ़ी, बिहार•
    2 hrs ago
  • पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में स्थित वृद्धाश्रम को बंद कर दिया गया है। इस घटना के लिए सीधे तौर पर जन समाज कल्याण विभाग को ग़ैर जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जिसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।
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    पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में स्थित वृद्धाश्रम को बंद कर दिया गया है। इस घटना के लिए सीधे तौर पर जन समाज कल्याण विभाग को ग़ैर जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जिसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    17 hrs ago
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