दरभंगा जिले के टाड़ी प्रखंड में आरटीपीएस काउंटर पर आवेदन स्वीकार न करने और आवेदकों को बाहर भेजकर अतिरिक्त शुल्क वसूलवाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में टाड़ी प्रखंड के एक स्थानीय निवासी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब भी आम जनता किसी प्रमाण-पत्र या अन्य सरकारी सेवाओं के लिए प्रखंड कार्यालय के आरटीपीएस काउंटर पर आवेदन करने जाती है, तो वहाँ आवेदन जमा लेने से मना कर दिया जाता है। इसके बजाय आवेदकों को बाहर से ऑनलाइन आवेदन करवाकर लाने की हिदायत दी जाती है। प्रखंड कार्यालय के बाहर स्थित निजी दुकानों पर आवेदन कराने के एवज में लोगों से लगभग ₹100 से ₹150 या उससे अधिक की राशि वसूली जा रही है, जिससे आम जनता को आर्थिक रूप से काफी परेशानी हो रही है। शिकायत में कहा गया है कि यदि आवेदकों को बाहर से ही ऑनलाइन काम करवाना पड़े, तो प्रखंड कार्यालय में आरटीपीएस काउंटर स्थापित करने का मूल उद्देश्य ही निष्प्रभावी हो जाता है। आवेदक ने इस सिलसिले में बीडीओ से व्यक्तिगत रूप से मिलने की कोशिश भी की थी, लेकिन मुलाकात संभव नहीं हो सकी। पत्र के जरिए इस मामले की निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई करने की माँग की गई है, ताकि आरटीपीएस काउंटर पर ही नियमानुसार आवेदन स्वीकार किए जाएँ और आम लोगों को बेवजह बाहर न भटकना पड़े।
दरभंगा जिले के टाड़ी प्रखंड में आरटीपीएस काउंटर पर आवेदन स्वीकार न करने और आवेदकों को बाहर भेजकर अतिरिक्त शुल्क वसूलवाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में टाड़ी प्रखंड के एक स्थानीय निवासी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब भी आम जनता किसी प्रमाण-पत्र या अन्य सरकारी सेवाओं के लिए प्रखंड कार्यालय के आरटीपीएस काउंटर पर आवेदन करने जाती है, तो वहाँ आवेदन जमा लेने से मना कर दिया जाता है। इसके बजाय आवेदकों को बाहर से ऑनलाइन आवेदन करवाकर लाने की हिदायत दी जाती है। प्रखंड कार्यालय के बाहर स्थित निजी दुकानों पर आवेदन कराने के एवज में लोगों से लगभग ₹100 से ₹150 या उससे अधिक की राशि वसूली जा रही है, जिससे आम जनता को आर्थिक रूप से काफी परेशानी हो रही है। शिकायत में कहा गया है कि यदि आवेदकों को बाहर से ही ऑनलाइन काम करवाना पड़े, तो प्रखंड कार्यालय में आरटीपीएस काउंटर स्थापित करने का मूल उद्देश्य ही निष्प्रभावी हो जाता है। आवेदक ने इस सिलसिले में बीडीओ से व्यक्तिगत रूप से मिलने की कोशिश भी की थी, लेकिन मुलाकात संभव नहीं हो सकी। पत्र के जरिए इस मामले की निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई करने की माँग की गई है, ताकि आरटीपीएस काउंटर पर ही नियमानुसार आवेदन स्वीकार किए जाएँ और आम लोगों को बेवजह बाहर न भटकना पड़े।
- पटना के बांकीपुर उपचुनाव को लेकर जन सुराज दल के क्षेत्रीय विस्तारक हरीभूषण मिश्रा से खास बातचीत हुई है। इस दौरान उन्होंने बांकीपुर क्षेत्र की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, आगामी उपचुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों और जन सुराज दल की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की है।1
- नीट परीक्षा को पूरी तरह समाप्त करने की मांग को लेकर थलपति विजय की पार्टी TVK पूरी तरह से मुखर हो गई है। पार्टी की ओर से नीट परीक्षा को पूरी तरह खत्म करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।1
- बिहार विधानसभा में मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक और राष्ट्रीय लोक मोर्चा विधायक दल के नेता माधव आनंद ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से मधुबनी जिले की ऐतिहासिक लोहट चीनी मिल के पुनरुद्धार और गन्ना किसानों के वर्षों से लंबित बकाया भुगतान का विषय प्रभावी ढंग से उठाया। उन्होंने सदन में कहा कि लोहट चीनी मिल केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि मिथिला के हजारों गन्ना किसानों, खेतिहर मजदूरों और स्थानीय युवाओं की आजीविका का मुख्य आधार रही है। वर्षों से मिल के बंद रहने के कारण क्षेत्र के किसानों को भारी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और औद्योगिक विकास भी प्रभावित हुआ है। माधव आनंद ने सरकार से आग्रह किया कि लोहट चीनी मिल के पुनरुद्धार की प्रक्रिया तेज की जाए और किसानों की मेहनत की कमाई का बकाया भुगतान सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ शीघ्र किया जाए। इस दौरान उन्होंने सकरी एवं रैयाम चीनी मिलों को पुनः चालू करने के ऐतिहासिक निर्णय के लिए बिहार सरकार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की और आभार जताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लोहट चीनी मिल के पुनर्जीवन पर भी शीघ्र सकारात्मक निर्णय होगा। साथ ही उन्होंने किसानों, मजदूरों और युवाओं के विकास से जुड़े मुद्दों को सदन से सड़क तक मजबूती से उठाने का संकल्प व्यक्त किया।4
- बिहार विधानसभा में मधुबनी की आवाज़ गूंजी, जहाँ विधायक माधव आनंद ने लोहट चीनी मिल और गन्ना किसानों का मुद्दा मजबूती से उठाया। उन्होंने सदन के भीतर लोहट चीनी मिल के पुनर्जीवन, गन्ना किसानों के बकाया भुगतान और पूरे चीनी उद्योग को फिर से जीवित करने की माँग प्रमुखता से रखी। इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाए जाने के बाद अब यही सवाल बना हुआ है कि किसानों को उनका न्याय और चीनी मिल को नया जीवन कब मिलेगा।1
- समस्तीपुर शहर में भारत-अमेरिका प्रस्तावित कृषि व्यापार समझौते के विरोध में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने एक विशाल विरोध मार्च निकाला और स्टेशन चौराहा पहुंचकर सभा आयोजित की। इस दौरान प्रदर्शनकारी किसानों ने केंद्र सरकार की कृषि और आर्थिक नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सभा के दौरान किसान नेताओं ने कृषि भूमि के कॉरपोरेट अधिग्रहण पर तुरंत रोक लगाने और किसान हितों की रक्षा करने की मांग की। प्रदर्शन के अंत में किसानों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया।1
- बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर पर भाजपा ने कानून तोड़ने का आरोप लगाया है। भाजपा नेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर ठगी का पैसा लगाया जा रहा है।1
- थलपति विजय की पार्टी TVK ने नीट परीक्षा को पूरी तरह से खत्म करने की मांग की है। शिक्षा से जुड़ी इस परीक्षा को समाप्त करने के मुद्दे पर TVK पूरी तरह से मुखर होकर सामने आई है।1
- मधुबनी में धनेश्वर महतो ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि भारत में हिंदू कभी खतरे में नहीं था। उन्होंने देश में हिंदू-मुस्लिम राजनीति और फैलाए जा रहे डर के माहौल पर सवाल उठाते हुए अपनी बात रखी है।1
- दुष्यंत कुमार की प्रसिद्ध पंक्तियों के जरिए व्यवस्था में बदलाव लाने और चेतना की आग जलाने की पुरजोर अपील की गई है। इस संदेश में स्पष्ट कहा गया है कि केवल हंगामा खड़ा करना मकसद नहीं है, बल्कि कोशिश यह होनी चाहिए कि यह सूरत हर हाल में बदले। चाहे सीने में आग कहीं भी हो, लेकिन वह आग जलती रहनी चाहिए। इसी के साथ वर्तमान स्थिति पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा गया है कि गुलामी के दौर में अंग्रेजों ने गोली मारी थी, लेकिन आज लाठी मारी जा रही है। 'जय भीम जय संविधान' का नारा लगाते हुए इस अन्याय और लाठीचार्ज के खिलाफ पुरजोर आवाज उठाई गई है।3