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aaj me jara hu bhitada my village life and mere gav me me jara hu bhitada my village me

10 hrs ago
user_Nirmal Awasiya
Nirmal Awasiya
सोंदवा, अलीराजपुर, मध्य प्रदेश•
10 hrs ago

aaj me jara hu bhitada my village life and mere gav me me jara hu bhitada my village me

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • बड़वानी जिले के अंजड़ नगर में होली के अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने धधकते अंगारों पर नंगे पैर चलकर अपनी आस्था प्रकट की। यह अनोखी परंपरा हर साल ज्वाला माता मंदिर प्रांगण में निभाई जाती है। गुजराती कोली समाज के ज्वाला माता मंदिर में धुलेंडी के दिन यह आयोजन होता है। भक्त माता को प्रसन्न करने के लिए जलते अंगारों पर चलते हैं। इस वर्ष भी बुधवार शाम को यह परंपरा निभाई गई। संजय तोमर ने बताया कि इस आयोजन की शुरुआत ढोल-धमाल और माता के जयकारों के साथ हुई। भक्तों का जत्था ज्वाला माता मंदिर तक पहुंचा। मंदिर परिसर में 8 से 10 फीट लंबी अंगारों की चूल जलाई गई, जिस पर से एक-एक कर श्रद्धालु नंगे पैर गुजरे। श्रद्धालुओं ने बिना रुके अंगारों पर से लगातार चलना जारी रखा। कार्यक्रम के अंत में भव्य प्रसादी का वितरण किया गया। इस दौरान मंदिर समिति अध्यक्ष और अन्य समाजजन उपस्थित रहे, जबकि अंजड़ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। धीरेंद्र डावर ने बताया कि कोली समाज द्वारा यह आयोजन हर वर्ष धुलेंडी के दिन किया जाता है। मान मन्नत पूरी होने के बाद लोग जलते हुए अंगारों से निकलते हैं। ज्वाला माता देवी पर भक्तों की अटूट श्रद्धा है, जिसके चलते यह परंपरा निभाई जाती है। Byte - धीरेंद्र डावर (मंदिर समिति सदस्य)
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    बड़वानी जिले के अंजड़ नगर में होली के अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने धधकते अंगारों पर नंगे पैर चलकर अपनी आस्था प्रकट की। यह अनोखी परंपरा हर साल ज्वाला माता मंदिर प्रांगण में निभाई जाती है। गुजराती कोली समाज के ज्वाला माता मंदिर में धुलेंडी के दिन यह आयोजन होता है। भक्त माता को प्रसन्न करने के लिए जलते अंगारों पर चलते हैं। इस वर्ष भी बुधवार शाम को यह परंपरा निभाई गई। संजय तोमर ने बताया कि इस आयोजन की शुरुआत ढोल-धमाल और माता के जयकारों के साथ हुई। भक्तों का जत्था ज्वाला माता मंदिर तक पहुंचा। मंदिर परिसर में 8 से 10 फीट लंबी अंगारों की चूल जलाई गई, जिस पर से एक-एक कर श्रद्धालु नंगे पैर गुजरे। श्रद्धालुओं ने बिना रुके अंगारों पर से लगातार चलना जारी रखा। कार्यक्रम के अंत में भव्य प्रसादी का वितरण किया गया। इस दौरान मंदिर समिति अध्यक्ष और अन्य समाजजन उपस्थित रहे, जबकि अंजड़ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। धीरेंद्र डावर ने बताया कि कोली समाज द्वारा यह आयोजन हर वर्ष धुलेंडी के दिन किया जाता है। मान मन्नत पूरी होने के बाद लोग जलते हुए अंगारों से निकलते हैं। ज्वाला माता देवी पर भक्तों की अटूट श्रद्धा है, जिसके चलते यह परंपरा निभाई जाती है।
Byte - धीरेंद्र डावर (मंदिर समिति सदस्य)
    user_पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें श
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    अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें श
    user_MUNNA LAL DERAN
    MUNNA LAL DERAN
    Photographer पेटलावद, झाबुआ, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • मानसिक रोगी युवक ,जा पहुंचा ग्राम धराड़, बदनावर के कड़ोदकला का निवासी बताया जा रहा। पेट्रोल पंप के कर्मचारी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया । परिवारजनों तक युवक को पहुंचाने की लगाई गुहार।
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    मानसिक रोगी युवक ,जा पहुंचा ग्राम धराड़, बदनावर के कड़ोदकला का निवासी बताया जा रहा। पेट्रोल पंप के कर्मचारी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया । परिवारजनों तक युवक को पहुंचाने की लगाई गुहार।
    user_पत्रकार निलेश शर्मा गुरु
    पत्रकार निलेश शर्मा गुरु
    पत्रकार धार, धार, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • Post by Aashish Shekh
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    Post by Aashish Shekh
    user_Aashish Shekh
    Aashish Shekh
    धार, धार, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • वागधारा का स्वराज संगठन शिविर का आयोजन किया जा रहा है 32 संगठन के लोग हैं इसमें अलग-अलग राज्य से संगठन है
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    वागधारा का स्वराज संगठन शिविर का आयोजन किया जा रहा है 32 संगठन के लोग हैं इसमें अलग-अलग राज्य से संगठन है
    user_Ramchand  maida
    Ramchand maida
    Aboriginal and Torres Strait Islander organisation कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • रंगो के महापर्व होली की सभी देशवासियों को प्रेस क्लब बेटमा की ओर से हार्दिक बधाइयां शुभकामनाएं
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    रंगो के महापर्व होली की सभी देशवासियों को प्रेस क्लब बेटमा की ओर से हार्दिक बधाइयां शुभकामनाएं
    user_प्रेस क्लब अध्यक्ष बेटमा रणजीत मंडलोई
    प्रेस क्लब अध्यक्ष बेटमा रणजीत मंडलोई
    खबर भारत360 न्यूज Live Depalpur, Indore•
    19 hrs ago
  • बड़वानी। संत खांडेराव महाराज और फखरुद्दीन बाबा की स्मृति में निभाई जा रही 831 वर्ष पुरानी गाड़ा खिंचाई की ऐतिहासिक परंपरा इस वर्ष 4 मार्च 2026 (धुलेंडी) को गोधूलि बेला में बड़वानी जिला मुख्यालय, ठीकरी, अंजड़ और शहर के नवलपुरा क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित की जाएगी। विक्रम संवत 1252 से निरंतर चली आ रही यह परंपरा आज भी क्षेत्र की आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक बनी हुई है। ठीकरी में होगा आयोजन ठीकरी में आयोजन की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान के साथ होगी। एक दिन पूर्व रात्रि में बाबा खांडेराव महाराज मंदिर से गाड़ों को गाड़ा मैदान लाया जाएगा। धुलेंडी के दिन दोपहर दर्शन के पश्चात मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। गोधूलि बेला में बड़वा एडू यादव के बाहर आने पर सारथी उन्हें कंधे पर बैठाकर गाड़ा मैदान तक ले जाएंगे। मलिहार चौक में पारंपरिक मकड़ी यंत्र घुमाने की रस्म निभाई जाएगी। इसके बाद जैसे ही बड़वा चंदन की जोड़ी को कंधे पर धारण कर गाड़ों को स्पर्श करेंगे, रेल की तरह एक-दूसरे से बंधे भारी-भरकम गाड़े स्वतः चल पड़ेंगे। अंतिम गाड़े के तोरण पार करते ही गाड़ा खिंचाई की रस्म पूर्ण मानी जाएगी। नगर परिषद और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। अंजड़ में बस स्टैंड से भोंगली नदी पुलिया तक सात गाड़े खींचे जाएंगे अंजड़ में भी यह आयोजन शाम 6 बजे से बस स्टैंड क्षेत्र में प्रारंभ होगा। बड़वा संतोष धनगर यादव मोहल्ले से ढोल-नगाड़ों के साथ निकलकर हनुमान मंदिर में पूजन-अर्चन करेंगे और आशीर्वाद लेकर आयोजन स्थल पहुंचेंगे। बस स्टैंड से भोंगली नदी पुलिया तक सात गाड़े खींचे जाएंगे। मकड़ी यंत्र घुमाने के बाद बड़वा का कंधा लगते ही गाड़े जयघोष के बीच चल पड़ेंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। बड़वानी में होगा अलग माहौल बड़वानी शहर के नवलपुरा क्षेत्र में इस वर्ष 20वें वर्ष गाड़ा खिंचाई का आयोजन होगा। लगभग 14 से 15 गाड़ों को एक साथ बांधकर हल्दी-कुंकू से सजाया जाएगा। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में गाड़ों पर सौभाग्य तिलक कर पूजन करेंगी। बड़वा राकेश यादव “खांडेराव-खांडेराव” के जयघोष के साथ गाड़ों को स्पर्श करेंगे और कई टन वजनी गाड़े आगे बढ़ते नजर आएंगे। पूरे मार्ग पर रंगोली और गुलाल से सजावट की जाएगी तथा श्रद्धालु मार्ग के दोनों ओर और मकानों की छतों से इस अद्भुत दृश्य के साक्षी बनेंगे। एकता की मिसाल भी मानी जाती है यह परंपरा हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल भी मानी जाती है। स्थानीय मान्यता के अनुसार संत खांडेराव महाराज और उनके मित्र पीर मोईनुद्दीन चिश्ती वर्षों पूर्व भ्रमण करते हुए ठीकरी पहुंचे थे। उन्होंने ग्रामीणों को चमत्कार दिखाकर आपसी भाईचारे और गांव की उन्नति के लिए गाड़ा खिंचाई की परंपरा प्रारंभ करने का संदेश दिया। तभी से यादव परिवार के बड़वा इस आयोजन का निर्वहन करते आ रहे हैं। गोधूलि बेला में बड़वा के कंधा लगते ही गाड़ों का चल पड़ना अलग है गोधूलि बेला में बड़वा के कंधा लगते ही गाड़ों का चल पड़ना श्रद्धालुओं के लिए आस्था और चमत्कार का प्रतीक माना जाता है। सदियों से चली आ रही यह परंपरा सामाजिक समरसता, धार्मिक सद्भाव और सांस्कृतिक धरोहर की अनूठी मिसाल है। 4 मार्च 2026 को एक बार फिर बड़वानी जिले में हजारों लोगों की मौजूदगी में यह ऐतिहासिक दृश्य साकार होगा और गाड़ा खिंचाई की परंपरा पूरे श्रद्धाभाव के साथ निभाई जाएगी।
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    बड़वानी। संत खांडेराव महाराज और फखरुद्दीन बाबा की स्मृति में निभाई जा रही 831 वर्ष पुरानी गाड़ा खिंचाई की ऐतिहासिक परंपरा इस वर्ष 4 मार्च 2026 (धुलेंडी) को गोधूलि बेला में बड़वानी जिला मुख्यालय, ठीकरी, अंजड़ और शहर के नवलपुरा क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित की जाएगी। विक्रम संवत 1252 से निरंतर चली आ रही यह परंपरा आज भी क्षेत्र की आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक बनी हुई है।
ठीकरी में होगा आयोजन
ठीकरी में आयोजन की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान के साथ होगी। एक दिन पूर्व रात्रि में बाबा खांडेराव महाराज मंदिर से गाड़ों को गाड़ा मैदान लाया जाएगा। धुलेंडी के दिन दोपहर दर्शन के पश्चात मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। गोधूलि बेला में बड़वा एडू यादव के बाहर आने पर सारथी उन्हें कंधे पर बैठाकर गाड़ा मैदान तक ले जाएंगे। मलिहार चौक में पारंपरिक मकड़ी यंत्र घुमाने की रस्म निभाई जाएगी। इसके बाद जैसे ही बड़वा चंदन की जोड़ी को कंधे पर धारण कर गाड़ों को स्पर्श करेंगे, रेल की तरह एक-दूसरे से बंधे भारी-भरकम गाड़े स्वतः चल पड़ेंगे। अंतिम गाड़े के तोरण पार करते ही गाड़ा खिंचाई की रस्म पूर्ण मानी जाएगी। नगर परिषद और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
अंजड़ में बस स्टैंड से भोंगली नदी पुलिया तक सात गाड़े खींचे जाएंगे
अंजड़ में भी यह आयोजन शाम 6 बजे से बस स्टैंड क्षेत्र में प्रारंभ होगा। बड़वा संतोष धनगर यादव मोहल्ले से ढोल-नगाड़ों के साथ निकलकर हनुमान मंदिर में पूजन-अर्चन करेंगे और आशीर्वाद लेकर आयोजन स्थल पहुंचेंगे। बस स्टैंड से भोंगली नदी पुलिया तक सात गाड़े खींचे जाएंगे। मकड़ी यंत्र घुमाने के बाद बड़वा का कंधा लगते ही गाड़े जयघोष के बीच चल पड़ेंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है।
बड़वानी में होगा अलग माहौल
बड़वानी शहर के नवलपुरा क्षेत्र में इस वर्ष 20वें वर्ष गाड़ा खिंचाई का आयोजन होगा। लगभग 14 से 15 गाड़ों को एक साथ बांधकर हल्दी-कुंकू से सजाया जाएगा। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में गाड़ों पर सौभाग्य तिलक कर पूजन करेंगी। बड़वा राकेश यादव “खांडेराव-खांडेराव” के जयघोष के साथ गाड़ों को स्पर्श करेंगे और कई टन वजनी गाड़े आगे बढ़ते नजर आएंगे। पूरे मार्ग पर रंगोली और गुलाल से सजावट की जाएगी तथा श्रद्धालु मार्ग के दोनों ओर और मकानों की छतों से इस अद्भुत दृश्य के साक्षी बनेंगे।
एकता की मिसाल भी मानी जाती है
यह परंपरा हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल भी मानी जाती है। स्थानीय मान्यता के अनुसार संत खांडेराव महाराज और उनके मित्र पीर मोईनुद्दीन चिश्ती वर्षों पूर्व भ्रमण करते हुए ठीकरी पहुंचे थे। उन्होंने ग्रामीणों को चमत्कार दिखाकर आपसी भाईचारे और गांव की उन्नति के लिए गाड़ा खिंचाई की परंपरा प्रारंभ करने का संदेश दिया। तभी से यादव परिवार के बड़वा इस आयोजन का निर्वहन करते आ रहे हैं।
गोधूलि बेला में बड़वा के कंधा लगते ही गाड़ों का चल पड़ना अलग है
गोधूलि बेला में बड़वा के कंधा लगते ही गाड़ों का चल पड़ना श्रद्धालुओं के लिए आस्था और चमत्कार का प्रतीक माना जाता है। सदियों से चली आ रही यह परंपरा सामाजिक समरसता, धार्मिक सद्भाव और सांस्कृतिक धरोहर की अनूठी मिसाल है। 4 मार्च 2026 को एक बार फिर बड़वानी जिले में हजारों लोगों की मौजूदगी में यह ऐतिहासिक दृश्य साकार होगा और गाड़ा खिंचाई की परंपरा पूरे श्रद्धाभाव के साथ निभाई जाएगी।
    user_पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • पटना में बर्ड फ्लू (H5N1 वायरस) की पुष्टि के बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी किया हैखासकर पटना एयरपोर्ट के पास स्थि
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    पटना में बर्ड फ्लू (H5N1 वायरस) की पुष्टि के बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी किया हैखासकर पटना एयरपोर्ट के पास स्थि
    user_MUNNA LAL DERAN
    MUNNA LAL DERAN
    Photographer पेटलावद, झाबुआ, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • *💥बदनावर में दर्दनाक सड़क हादसा,1 की हुई मौत,3 हुए घायल , मुल्थान बदनावर मार्ग पर हुआ हादसा। 1 महिला गंभीर , अस्पताल में इलाज जारी।💥* like share and subscribe
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    *💥बदनावर में दर्दनाक सड़क हादसा,1 की हुई मौत,3 हुए घायल , मुल्थान बदनावर मार्ग पर हुआ हादसा। 1 महिला गंभीर , अस्पताल में इलाज जारी।💥*
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    user_पत्रकार निलेश शर्मा गुरु
    पत्रकार निलेश शर्मा गुरु
    पत्रकार धार, धार, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
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