सतना जिले में बारिश के आगाज के साथ ही 'विकास' कार्यों की हकीकत सामने आ गई है। ND न्यूज़ चैनल की एक रिपोर्ट के अनुसार, सीवर लाइन डालने के नाम पर खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने के कारण पहली ही बारिश में शहर की सड़कें कीचड़, गड्ढों और जलभराव का शिकार हो गई हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है, वहीं दोपहिया वाहन चालकों के लिए हर मोड़ पर दुर्घटना का खतरा बना हुआ है, जिससे शहर को मानो दुर्घटनाओं के लिए तैयार किया गया है। शहर के कई इलाकों में सड़कें उखड़ी हुई हैं और जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाने से लोगों को सड़क और गड्ढे में अंतर कर पाना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सीवर प्रोजेक्ट के तहत सड़कें खोद तो दी गईं, लेकिन काम पूरा होने के बाद उनकी मरम्मत की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली। इसका नतीजा यह है कि हर बारिश के साथ जनता की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। जनता अब जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों से जवाब मांग रही है कि सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत क्यों नहीं कराई गई और जलभराव व गड्ढों से होने वाली दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा। दुकानदारों, राहगीरों और वाहन चालकों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर किए गए ये अधूरे और अव्यवस्थित काम उनके लिए राहत नहीं, बल्कि मुसीबत बन गए हैं। जनता ने सड़कों की तत्काल मरम्मत, गड्ढों की भराई, समतलीकरण और जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि लोगों के घरों में पानी न भरे और जिम्मेदार ठेकेदारों तथा अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। रिपोर्ट के निष्कर्ष में कहा गया है कि अगर यही हाल रहा तो सतना में हर बारिश राहत के बजाय आफत लेकर आएगी। विकास कार्यों की सच्चाई अब शहर की सड़कों पर साफ नजर आ रही है और जनता इस पूरे मामले पर जवाब की मांग कर रही है। यह रिपोर्ट N.D. न्यूज़ चैनल से रावेन्द्र उरमलिया द्वारा दी गई है।
सतना जिले में बारिश के आगाज के साथ ही 'विकास' कार्यों की हकीकत सामने आ गई है। ND न्यूज़ चैनल की एक रिपोर्ट के अनुसार, सीवर लाइन डालने के नाम पर खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने के कारण पहली ही बारिश में शहर की सड़कें कीचड़, गड्ढों और जलभराव का शिकार हो गई हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है, वहीं दोपहिया वाहन चालकों के लिए हर मोड़ पर दुर्घटना का खतरा बना हुआ है, जिससे शहर को मानो दुर्घटनाओं के लिए तैयार किया गया है। शहर के कई इलाकों में सड़कें उखड़ी हुई हैं और जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाने से लोगों को सड़क और गड्ढे में अंतर कर पाना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सीवर प्रोजेक्ट के तहत सड़कें खोद तो दी गईं, लेकिन काम पूरा होने के बाद उनकी मरम्मत की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली। इसका नतीजा यह है कि हर बारिश के साथ जनता की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। जनता अब
जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों से जवाब मांग रही है कि सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत क्यों नहीं कराई गई और जलभराव व गड्ढों से होने वाली दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा। दुकानदारों, राहगीरों और वाहन चालकों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर किए गए ये अधूरे और अव्यवस्थित काम उनके लिए राहत नहीं, बल्कि मुसीबत बन गए हैं। जनता ने सड़कों की तत्काल मरम्मत, गड्ढों की भराई, समतलीकरण और जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि लोगों के घरों में पानी न भरे और जिम्मेदार ठेकेदारों तथा अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। रिपोर्ट के निष्कर्ष में कहा गया है कि अगर यही हाल रहा तो सतना में हर बारिश राहत के बजाय आफत लेकर आएगी। विकास कार्यों की सच्चाई अब शहर की सड़कों पर साफ नजर आ रही है और जनता इस पूरे मामले पर जवाब की मांग कर रही है। यह रिपोर्ट N.D. न्यूज़ चैनल से रावेन्द्र उरमलिया द्वारा दी गई है।
- भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने भगवान परशुराम का अपमान किए जाने पर अपनी आपत्ति जताई है। पार्टी ने सरकार से मांग की है कि इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।1
- चित्रकूट आबकारी विभाग जनपद में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष प्रवर्तन अभियान चला रहा है। यह कार्रवाई माननीय आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के आदेशानुसार और जिलाधिकारी चित्रकूट, श्री पुलकित गर्ग के कुशल निर्देशन में की जा रही है। इसी क्रम में, जिला आबकारी अधिकारी, चित्रकूट के नेतृत्व में आबकारी टीम ने कर्वी थाना क्षेत्र के ग्राम कपसेठी में मंदाकिनी नदी के किनारे संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी और सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान लगभग 600 किलोग्राम लहन बरामद किया गया, जिसे मौके पर ही विधिपूर्वक नष्ट कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, दबिश में 40 लीटर अवैध शराब भी जब्त की गई। इस संबंध में, संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम, 1910 (यथा संशोधित) की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत 3 अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि जनपद में अवैध मदिरा के व्यापार में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत कठोर कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।1
- माननीय आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के आदेशानुसार और जिलाधिकारी चित्रकूट, श्री पुलकित गर्ग के कुशल निर्देशन में, जनपद में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर अंकुश लगाने हेतु एक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, 20 जून, 2026 को जिला आबकारी अधिकारी, चित्रकूट के नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीम ने ग्राम कपसेठी स्थित कर्वी थाना क्षेत्र में मंदाकिनी नदी के किनारे संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी और सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान, लगभग 600 किलोग्राम लहन बरामद किया गया, जिसे मौके पर ही कानूनी प्रक्रिया के तहत नष्ट कर दिया गया, और साथ ही 40 लीटर अवैध शराब भी जब्त की गई। इस कार्रवाई के फलस्वरूप, संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम, 1910 (यथा संशोधित) की संबंधित धाराओं के अंतर्गत कुल 3 अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध मदिरा के व्यापार में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है और इस दिशा में कठोर कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।1
- चित्रकूट जनपद के ग्राम रामनगर में एक पैर से दिव्यांग बुजुर्ग ने आरोप लगाया है कि पिछले 15-20 दिनों से उनके घर की पानी की टोटी में जलापूर्ति पूरी तरह ठप है। बुजुर्ग ने बताया कि अपनी दिव्यांगता के कारण पानी की व्यवस्था करना उनके लिए अत्यंत कठिन हो गया है, जिससे उनका दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र के अन्य ग्रामीणों ने भी पुष्टि की है कि पेयजल संकट की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। उन्होंने संबंधित विभाग से इस ओर तत्काल ध्यान देने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिम्मेदार अधिकारी जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करें और नियमित जलापूर्ति बहाल करें, ताकि स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।1
- मौसम विभाग ने देश के कई क्षेत्रों में आगामी बारिश, तेज हवाओं और बदलते मौसम को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के मद्देनजर, लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने और मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है। विभाग ने आगाह किया है कि मौसम में हो रहे इन बदलावों के कारण कुछ प्रभावित क्षेत्रों में दैनिक जीवन और यातायात पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।1
- देश की महामहिम द्रौपदी मुर्मू का जबलपुर में आगमन हुआ। उनके जबलपुर पहुँचने पर, सभी स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुष्प गुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया।1
- सतना में ज़िला अधिवक्ता संघ के आगामी चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। अध्यक्ष पद के दावेदार और पिछले 26 वर्षों से क्रिमिनल लॉयर के तौर पर प्रैक्टिस कर रहे एडवोकेट प्रदीप पांडे ने 'उद्घोष समय' न्यूज़ चैनल से खास बातचीत में अपना विजन और घोषणा पत्र साझा किया। उन्होंने पूर्व पदाधिकारियों पर वकीलों की मूलभूत समस्याओं को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाते हुए अपने कार्यकाल के लिए कई बड़े वादे किए हैं। पांडे ने युवा अधिवक्ताओं की आर्थिक सुरक्षा पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने वादा किया कि वकालत के शुरुआती 1 से 12 वर्षों तक आर्थिक संकट का सामना करने वाले युवा वकीलों को, यदि वे अपनी निजी ज़रूरतों के लिए पर्याप्त कमाई न कर पाने का घोषणा पत्र देते हैं, तो संघ की ओर से ₹12,000 से ₹15,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके अलावा, उन्होंने चैंबरों की भारी कमी को दूर करने का आश्वासन देते हुए कहा कि चुनाव जीतने के महज़ 5 दिन के भीतर ही अधिवक्ता चैंबर निर्माण का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। वृद्धावस्था में वकीलों की सुरक्षा के लिए, उन्होंने 35 वर्ष की प्रैक्टिस पूरी करने या लाइसेंस सरेंडर करने वाले वकीलों को ₹10 लाख की एकमुश्त राशि और ₹15,000 से ₹25,000 प्रति माह पेंशन दिलाने के लिए शासन पर दबाव बनाने का प्रस्ताव रखा। साथ ही, पारिवारिक पेंशन योजना लागू करने और आकस्मिक मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में राज्य परिषद द्वारा दी जाने वाली ₹2-₹10 लाख की सहायता राशि को राज्य सरकार के समक्ष बढ़ाकर दिलाने की पुरज़ोर मांग रखने की बात कही। उन्होंने न्यायालय परिसर में पानी की निकासी, नालियों, पीने के पानी और शौचालयों जैसी मूलभूत सुविधाओं की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए इन्हें दुरुस्त करने को प्राथमिकता बताया। अंत में, एडवोकेट प्रदीप पांडे ने सभी अधिवक्ताओं से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पूर्व पदाधिकारियों ने वकीलों को वे सहयोग और सुविधाएं नहीं दीं जिनके वे हक़दार थे। पांडे ने भरोसा दिलाया कि वे चुनाव जीतने के बाद 'पदाधिकारी नहीं, बल्कि हर अधिवक्ता के पास एक 'सेवक' के रूप में उपस्थित रहेंगे।2
- सतना शहर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और नेक्टर झील से लगे क्षेत्र में खुलेआम अवैध उत्खनन का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि खनिज माफिया बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहे हैं, जिससे स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि लोगों की निजी जमीनों पर भी अवैध खनन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर डंपर दिन-रात दौड़ रहे हैं, लेकिन यह पूरा अवैध खेल पुलिस और खनिज विभाग की आंखों के सामने चल रहा है। ऐसे में खनिज विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, लोगों का आरोप है कि खनिज विभाग को रिश्वत देकर कहीं भी, किसी की निजी जमीन पर या सरकारी जमीन में अवैध खनन किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और नेक्टर झील के आसपास बड़े पैमाने पर मिट्टी, मुरुम और अन्य खनिजों का उत्खनन किया गया है। इस अवैध उत्खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आसपास के लोगों की जमीन, सुरक्षा और भविष्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी और आक्रोश है। रहवासियों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे खनिज माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में जल्द ही मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें अवैध उत्खनन की उच्च स्तरीय जांच, दोषियों पर कार्रवाई और खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की जाएगी। एनडी न्यूज़ चैनल सतना इस मुद्दे पर अपनी नज़र बनाए रखेगा और यह जानकारी देता रहेगा कि अवैध उत्खनन के इस पूरे खेल में कौन-कौन शामिल है, किसके संरक्षण में यह कारोबार चल रहा है और कब कार्रवाई होगी।2