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पत्रिका अखबार में भांडेर क्षेत्र से संबंधित खबरें पढ़ने के लिए पाठकों से लाइक और फॉलो करने का आग्रह किया गया है।
पत्रकार जितेंद्र सिंह कौरव
पत्रिका अखबार में भांडेर क्षेत्र से संबंधित खबरें पढ़ने के लिए पाठकों से लाइक और फॉलो करने का आग्रह किया गया है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- इंदरगढ़ में कमल को अनुसूचित जाति मोर्चा का ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदरगढ़ में उनका स्वागत किया।1
- दतिया जिले के भांडेर में एक अवैध हथियार फैक्ट्री पकड़ी गई है। इस खबर की जानकारी 'तहलका न्यूज' द्वारा दी गई है।1
- मध्य प्रदेश में शासकीय लोकार्पण कार्यक्रमों को लेकर राजनीतिक स्तर पर एक आपत्ति सामने आई है। ASP नेता दामोदर यादव ने इन कार्यक्रमों में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर अपनी कड़ी आपत्ति व्यक्त की है।1
- दतिया में पुलिस ने श्री पीताम्बरा पीठ के नाम पर श्रद्धालुओं से कथित तौर पर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान आगर मालवा जिले के नलखेड़ा निवासी सुनील शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी सुनील शर्मा श्रद्धालुओं को मिर्ची हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के बहाने झांसे में लेकर उनसे आर्थिक ठगी करता था। इस मामले की जांच के दौरान, साइबर सेल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी सुनील शर्मा को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए थे, और रिमांड के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद उन लोगों में हड़कंप मच गया है, जो धार्मिक आस्था का दुरुपयोग करके श्रद्धालुओं को ठगने का काम कर रहे थे। पुलिस ने बताया है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।2
- दतिया कोतवाली पुलिस ने दुष्कर्म के एक आरोपी को घटना के मात्र 3 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।1
- दतिया में मांझी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति, जिसमें धीमर, केवट, मल्लाह और भोई समुदाय शामिल हैं, को विलोपित करने की मांग की गई है। मांझी समाज के पदाधिकारियों ने अपने तर्क के समर्थन में 07 जनवरी 1950 को जारी तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख के परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS 49 का हवाला दिया, जिसमें मांझी जाति के समक्ष धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की अनुशंसा की गई थी। इसके अतिरिक्त, जनजाति कार्य विभाग मध्य प्रदेश के आयुक्त के पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को मूल रूप से मांझी जनजाति में समाहित होना स्वीकार किया गया है। यह मुद्दा मध्य प्रदेश विधानसभा में भी उठ चुका है, जहाँ 13 मार्च 2023 को अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 के जवाब में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे ने स्वीकार किया था कि विंध्यप्रदेश के केवट, धीमर, मल्लाह और भोई मांझी जनजाति में ही समाहित हैं और यही मूल मांझी जनजाति है। मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट ने बताया कि रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया और टीकमगढ़ जैसे विंध्यप्रदेश के जिलों में 'मांझी' नाम की कोई अलग जाति नहीं मिलती है; धीमर, केवट, मल्लाह और भोई ही यहाँ मूल समाहित मांझी जनजाति के रूप में मान्य हैं, और ये विंध्यप्रदेश के पुकारू शब्द हैं। समाज ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि संदर्भित दस्तावेजों का गहन अवलोकन कर अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से इन समुदायों को विलोपित किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित थे, जिस पर कलेक्टर ने ज्ञापन लेकर इसे उचित माध्यम से शासन को भेजने का आश्वासन दिया।1
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भांडेर उप-जिले में एक 20 वर्षीय युवक चिरोल के पेड़ पर रस्सी के फंदे से लटका हुआ पाया गया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस घटना को लेकर युवक की मौत हत्या है या आत्महत्या, यह अभी स्पष्ट नहीं है। मृतक युवक के बहनोई ने उसकी मौत के संबंध में गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे मामले में और भी जटिलता आ गई है।1
- दतिया पुलिस ने अपनी कॉम्बिंग गश्त के दौरान अवैध जुए के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। इस अभियान में जुआ स्थल से ₹2,80,000/- नगद राशि, 13 मोबाइल फोन और ताश की 6 गड्डियां जब्त की गईं, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹6,80,000/- बताई गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दतिया श्री मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील कुमार शिवहरे के मार्गदर्शन और एसडीओपी भाण्डेर श्री पूनमचंद्र यादव के नेतृत्व में की गई। मुखबिर से मिली सूचना पर, एसडीओपी भाण्डेर पूनम चंद्र यादव के नेतृत्व में अनुभाग भाण्डेर के थाना उनाव, भाण्डेर, सरसई और गोदन की संयुक्त पुलिस टीम ने ग्राम खैरी स्थित एक फार्म हाउस में चल रहे जुआ फड़ पर योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी उनाव उनि यतेंद्र सिंह भदौरिया, थाना प्रभारी भाण्डेर निरीक्षक कोमल परिहार, थाना प्रभारी सरसई उनि आकाश संससिया और थाना प्रभारी गोदन उनि प्रदीप शर्मा सहित पुलिस बल ने मौके पर घेराबंदी की, जहां कई लोग हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेलते पाए गए। पुलिस ने मौके से गजेन्द्र कमरिया (खैरी), रामकुमार कमरिया (खैरी), जवाहर सिंह यादव (महाराजपुरा), अरुण ठाकुर (इंदरगढ़), जितेन्द्र उर्फ पपीते (देवरा, भाण्डेर), आकाश यादव (उडीना, गोदन), गिरवर साहू (उनाव रोड), महेन्द्र पांचाल (भाण्डेरी फाटक), कपिल बंशकार (इंदरगढ़), अविनाश राजावत (लहार, भिण्ड), विष्णु यादव (पठ्ठापुरा), शेखर कमरिया (खैरी), हृदेश यादव (कमथरा, बड़ौनी), नंदकिशोर कुशवाह (सिरकाबाग), जगदीश कुशवाह (ठण्डी सड़क), जयपाल पालिया (समूदन, ग्वालियर) और मुकेश यादव (जौरासी, ग्वालियर) समेत कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया। हालांकि, जुआ फड़ संचालक बृजेन्द्र कमरिया और उसका साथी अरुण यादव मौके से फरार होने में कामयाब रहे, जिनकी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध जुआ एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है। दतिया पुलिस द्वारा अवैध गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह एक प्रभावी कार्रवाई है, जिसे लगातार अंजाम दिया जा रहा है।1