यूपी में बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी करने वाली संतान पर सख्ती की तैयारी, मिलेगा शिकायत का रास्ता लखनऊ। बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल न करने वाली संतान के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाने की तैयारी की है। ताजा जानकारी के अनुसार ऐसे मामलों में माता-पिता को अपनी संपत्ति और उत्तराधिकार से संतान को बेदखल करने का अधिकार देने की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। बुजुर्गों की शिकायत के लिए टोल-फ्री व्यवस्था भी प्रस्तावित है। समाज सुधार के नजरिए से यह बेहद महत्वपूर्ण विषय है। माता-पिता ने जीवनभर बच्चों की परवरिश की है, इसलिए वृद्धावस्था में उनकी देखभाल केवल कानूनी नहीं बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। प्रशासन से अपेक्षा: बुजुर्गों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उन्हें कानूनी सहायता आसानी से उपलब्ध कराई जाए। समाज से अपील: बुजुर्ग माता-पिता को बोझ न समझें। उनकी दवा, भोजन, सम्मान और अकेलेपन का ध्यान रखना परिवार की जिम्मेदारी है। जनहित संदेश: “जिस माता-पिता ने चलना सिखाया, बुढ़ापे में उनका हाथ पकड़ना संतान का फर्ज है।” स्रोत: 26 अगस्त 2026 की उत्तर प्रदेश संबंधी ताजा रिपोर्ट।
यूपी में बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी करने वाली संतान पर सख्ती की तैयारी, मिलेगा शिकायत का रास्ता लखनऊ। बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल न करने वाली संतान के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाने की तैयारी की है। ताजा जानकारी के अनुसार ऐसे मामलों में माता-पिता को अपनी संपत्ति और उत्तराधिकार से संतान को बेदखल करने का अधिकार देने की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। बुजुर्गों की शिकायत के लिए टोल-फ्री व्यवस्था भी प्रस्तावित है। समाज सुधार के नजरिए से यह बेहद महत्वपूर्ण विषय है। माता-पिता ने जीवनभर बच्चों की परवरिश की है, इसलिए वृद्धावस्था में उनकी देखभाल केवल कानूनी नहीं बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। प्रशासन से अपेक्षा: बुजुर्गों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उन्हें कानूनी सहायता आसानी से उपलब्ध कराई जाए। समाज से अपील: बुजुर्ग माता-पिता को बोझ न समझें। उनकी दवा, भोजन, सम्मान और अकेलेपन का ध्यान रखना परिवार की जिम्मेदारी है। जनहित संदेश: “जिस माता-पिता ने चलना सिखाया, बुढ़ापे में उनका हाथ पकड़ना संतान का फर्ज है।” स्रोत: 26 अगस्त 2026 की उत्तर प्रदेश संबंधी ताजा रिपोर्ट।
- आदरणीय डॉ संजय कुमार निषाद कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार 10 वर्षों से जमीन से लेकर सदन तक कश्यप निषाद मल्लाह केवट समाज की 17 जातियो के लिए कर रहे संघर्ष का परिणाम 2027 निषाद समाज का का सफर1
- *“जिला बिजनौर की चाँदपुर तहसील के ग्राम नारनौर में गंगा नदी किनारे तटबंध बनाने की मांग को लेकर किसानों का धरना छठे दिन भी जारी है।* *भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ता ब्लॉक अध्यक्ष कुलदीप शर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही गुलदार आतंक और बाढ़ से कटी सड़क को लेकर भी आक्रोश है।”* *“जिला बिजनौर की चाँदपुर तहसील के ग्राम नारनौर में गंगा नदी किनारे तटबंध बनाने की मांग को लेकर किसानों का धरना छठे दिन भी जारी है।* *भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ता ब्लॉक अध्यक्ष कुलदीप शर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही गुलदार आतंक और बाढ़ से कटी सड़क को लेकर भी आक्रोश है।”*1
- भारतीय शोषित सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंगाई बेरोजगारी मुद्दे पर बात करते हुए1
- भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कुंवर बासित अली जी को बनाया गया शपथ ग्रहण समारोह भाजपा मुख्यालय दिल्ली1
- गोकलपुरी से मौजपुर तक कूड़े का अंबार, सफाई व्यवस्था पर सवाल! गोकलपुरी कांवड़ मंदिर से बाबरपुर–मौजपुर के बीच सड़क किनारे जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा है। सड़क पर फैले कचरे से राहगीरों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आखिर जिम्मेदार विभाग इस ओर कब ध्यान देगा?1
- दिल्ली में एच1एन1 इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। दिल्ली में एच1एन1 इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। ▶️स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में इस साल इन्फ्लूएंजा के लगभग 3,000 मामले सामने आए हैं, जिनमें 2,308 H1N1 संक्रमण के मामले शामिल हैं। ▶️सिंह ने कहा, डॉक्टरों, कर्मचारियों या दवाइयों की कोई समस्या नहीं है। मुख्यमंत्री ने एक इमरजेंसी रिव्यू मीटिंग बुलाई है। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि कोई समस्या नहीं है, सब कुछ नियंत्रण में है।1
- कब होगा बिजली व्यवस्था मे सुधार। कब जाकर लोनी बनेगी लंदन1
- 100000 का ईनाम देगी निषाद आर्मी #ढोंगी_संत_राजूदास की जुते से पिटाई करने वाले को जिसने समाज के लिए लड़ने वाले भाई कुंवर सिंह निषाद जी को टीवी डिबेट में गाली दिया ! | एडवोकेट रविन्द्र निषाद1