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आज दोपहर 2:00 बजे, मेराल के हासनदाग स्थित उड़िया नदी घाट का औचक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के संबंध में लोगों से अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है।
Rahul Sharma
आज दोपहर 2:00 बजे, मेराल के हासनदाग स्थित उड़िया नदी घाट का औचक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के संबंध में लोगों से अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है।
More news from गढवा and nearby areas
- गढ़वा में पाल महासंघ ने राजमाता अहिल्याबाई जी की 301वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई।1
- पलामू जिले के पाण्डु प्रखंड अंतर्गत तीसीबार पंचायत स्थित करियर क्लासेस ने अपना प्रथम स्थापना दिवस बड़े हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया, जिसमें विद्यार्थियों का उत्साह देखने लायक था। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बताया गया कि करियर क्लासेस की शुरुआत सीमित संसाधनों और कुछ ही विद्यार्थियों के साथ हुई थी, लेकिन संस्थापक तय्यब आलम और शिक्षकों की लगन व कड़ी मेहनत के कारण यह अब क्षेत्र का एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान बन गया है। वर्तमान में यहाँ सैकड़ों छात्र-छात्राएँ शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। संस्थान कक्षा 7वीं से 10वीं, 11वीं-12वीं के छात्रों के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी करवाता है। इस अवसर पर संस्थापक तय्यब आलम ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान की सफलता लोगों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है और भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। स्थापना दिवस के इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने केक काटकर जश्न मनाया और अपने शिक्षकों व अतिथियों का सम्मान किया। इस दौरान उपस्थित शिक्षकों और गणमान्य अतिथियों ने विद्यार्थियों को अनुशासन, कड़ी मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। मौके पर रूपेश कुमार, अनीश कुमार, सोनू कुमार, नईम सर, मुख्य अतिथि पिंटू सर, जितेंद्र सर और उमेश सर सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सभी ने करियर क्लासेस की निरंतर प्रगति पर प्रसन्नता जाहिर की और संस्थान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।3
- पलामू पुलिस ने आज मेदिनीनगर शहर के छः मुहान चौक पर यातायात सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक अनोखी पहल की। पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले गैर-जिम्मेदार चालकों को हेलमेट देकर उन्हें यातायात नियमों के प्रति समझाया गया। इस पहल में यातायात प्रभारी सतेंद्र दुबे और समाज सेवी सफीक अंसारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें यातायात जवान हरेंद्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार और शीतल प्रजापति ने भी सहयोग किया। वहीं, जो चालक पहले से हेलमेट पहनकर वाहन चला रहे थे, उनका गुलाब का फूल देकर स्वागत किया गया। इस तरह से बिना हेलमेट चालकों को हेलमेट बांटने का यह शायद पहला अवसर था। पलामू पुलिस के इस सराहनीय कार्य की लोगों ने जमकर तारीफ की। मौके पर मौजूद राहगीरों और अन्य लोगों ने एक स्वर में कहा कि अगर हर पुलिसकर्मी की सोच ऐसी हो तो यह बहुत ही प्रशंसनीय होगा।1
- गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड अंतर्गत चटनिया पंचायत में, पंचायत सचिव और मुखिया प्रतिनिधि द्वारा आंगनबाड़ी सेविकाओं को मईया योजना के सत्यापन की प्रक्रिया समझाई गई। इस दौरान, उपस्थित सभी लोगों को सत्यापन से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।1
- गढ़वा जिले में तेली साहू समाज के नेतृत्व में रविवार को डंडई प्रखंड के जरही गांव में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रखंड कमेटी का गठन करना था, जिसमें प्रखंड की नौ पंचायतों से लगभग 400 समाज के लोग शामिल हुए। इस दौरान सर्वसम्मति से डंडई निवासी राजेश प्रसाद गुप्ता को प्रखंड अध्यक्ष और जरही निवासी संतोष प्रसाद गुप्ता को उपाध्यक्ष चुना गया। इसके साथ ही, पूजा गुप्ता को महिला प्रखंड अध्यक्ष और राहुल प्रसाद गुप्ता को युवा प्रखंड अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में गोपाल साहू को महामंत्री, नंदू प्रसाद गुप्ता को सचिव, जयकुमार गुप्ता को संरक्षक, ओम प्रकाश गुप्ता को मीडिया प्रभारी और अयोध्या प्रसाद को भामा आर्मी प्रभारी मनोनीत किया गया। इसके अतिरिक्त, सभी पंचायतों से संरक्षक मंडल के सदस्यों का भी चयन किया गया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष मनीष कुमार गुप्ता, संरक्षक डॉ. राकेश रंजन गुप्ता, मानिकचंद साहू, मुकेश कुमार गुप्ता, टिंकू गुप्ता, अरविंद प्रसाद गुप्ता, विशेश्वर प्रसाद गुप्ता और गणेश प्रसाद गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सभा को संबोधित करते हुए समाज के नेताओं ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में जल्द ही कमेटियों का गठन किया जाएगा। इसके बाद एक जिला स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें नए जिला अध्यक्ष का चयन कर समाज को एक नई दिशा देने का कार्य किया जाएगा। डॉ. राकेश रंजन गुप्ता ने इस दौरान समाज की एकता, संगठन और शिक्षा को विकास की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने जोर दिया कि संगठित होकर ही समाज अपने अधिकारों और हितों की रक्षा कर सकता है और बैठक में शामिल सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। बैठक के समापन के बाद, उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक भोज में भाग लिया और उत्साहपूर्वक अपने-अपने गांवों के लिए प्रस्थान किया।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करने का आग्रह किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत में अपने तेल के कुएं नहीं हैं, जिसके कारण आयात पर निर्भरता को कम करना अत्यंत आवश्यक है।1
- रंका पंचायत भवन के समीप भीषण गर्मी के मद्देनजर एक पनशाला की शुरुआत की गई है। यह कदम क्षेत्र में बढ़ती गर्मी से लोगों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।1
- झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य और मीडिया पैनलिस्ट धीरज दुबे ने गढ़वा जिले में बढ़ते भूमि विवादों और भू-माफियाओं की सक्रियता पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जिला प्रशासन से इन मामलों का त्वरित और निष्पक्ष निपटारा करने की मांग करते हुए कहा कि भूमि विवाद अब केवल राजस्व संबंधी समस्या नहीं रहे, बल्कि ये कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए भी चुनौती बन रहे हैं। धीरज दुबे के अनुसार, गढ़वा जिले में भू-माफियाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो संगठित होकर और महिलाओं को आगे कर जमीन पर जबरन दावा करने या उसे विवादित बनाने का प्रयास करते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य वास्तविक भूमि मालिकों पर मानसिक और सामाजिक दबाव डालकर उनकी जमीन को कम कीमत पर खरीदना है, जिससे गरीब और कमजोर वर्ग के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रघुवर दास सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के नेतृत्व में भूमि रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता लाना था। हालांकि, इस ऑनलाइनकरण के दौरान हुई तकनीकी और प्रशासनिक त्रुटियों के कारण कई भूमि विवाद उत्पन्न हो गए, जहां एक व्यक्ति की जमीन दूसरे के नाम दर्ज हो गई, जिससे वर्षों पुराने स्वामित्व विवाद खड़े हुए और कई जगहों पर तनाव व हिंसक घटनाएं भी सामने आईं। धीरज दुबे ने आरोप लगाया कि जिले में भूमि कारोबार अब एक संगठित व्यवसाय का रूप ले चुका है, जिसमें भूमि की बढ़ती कीमतों के कारण कई लोग अवैध तरीके से जमीन के सौदों में शामिल हो रहे हैं। उनके अनुसार, कुछ भू-माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त है, क्योंकि पिछले चुनावों में कई भूमि कारोबारियों ने प्रत्याशियों को आर्थिक सहयोग दिया था और अब बदले में उन्हें संरक्षण मिलने की चर्चा आम है। ऐसे माहौल में आम नागरिकों के लिए न्याय प्राप्त करना कठिन हो गया है। उन्होंने विशेष रूप से गढ़वा नगर परिषद से सटे पंचायत क्षेत्रों में सबसे अधिक भूमि विवादों का जिक्र किया, जहां शहरीकरण और जमीन के बढ़ते बाजार मूल्य के कारण अवैध कब्जा, फर्जी दस्तावेज और स्वामित्व विवाद के मामले बढ़े हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मामलों का समय पर समाधान नहीं किया गया तो यह भविष्य में बड़े अपराधों और सामाजिक संघर्ष का कारण बन सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि भूमि विवादों के निपटारे के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाए। इसके तहत विवादित जमीनों की जांच के लिए जरूरत के अनुसार विशेष शिविर लगाए जाएं और राजस्व, निबंधन तथा पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। धीरज दुबे ने कहा कि समयबद्ध कार्रवाई और पारदर्शी जांच से आम लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होगा तथा भूमि विवादों को अपराध का रूप लेने से रोका जा सकेगा। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में गंभीर और प्रभावी पहल करने की अपील की।1