नवनिर्मित नगर परिषद भवन कार्यालय के नीचे निकाली गई दुकानों की आरक्षण प्रक्रिया पर उठने लगे सवाल कलेक्टर तक पहुंची शिकायत रिपोर्ट,,,,, अरुण कुमार शेंडे नवनिर्मित नगर परिषद भवन कार्यालय के नीचे निकाली गई दुकानों की आरक्षण प्रक्रिया पर उठने लगे सवाल कलेक्टर तक पहुंची शिकायत रायसेन ऐतिहासिक नगरी सांची के नगर परिषद के नवनिर्मित कार्यालय भवन के नीचै निकाली गई दुकानों में आरक्षण प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो चले हैं आरक्षित दुकानों के नियमों को दरकिनार करने की शिकायत कलेक्टर तक पहुंच गई हैं जानकारी के अनुसार नगर परिषद के नवनिर्मित कार्यालय भवन के नीचै नगर परिषद प्रशासन द्वारा दुकानें निकाली गई है तथा इन दुकानो के आवंटन प्रक्रिया मे कुछ दुकानें आरक्षित वर्ग हेतु सुरक्षित की गई हैं तथा इन दुकानो की नीलामी प्रक्रिया पूरी कर दी गई है आरक्षण प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है ऐसा ही मामला तब सामने आया जब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया पूरी कर दी गई इस प्रक्रिया के तहत आरक्षण प्रक्रिया मैं हुई नीलाम हुई दुकानों मे नारायण सिंह पाल पुत्र बीएस पाल निवासी हेडगेवार कालोनी सांची ने आरक्षित दुकानों में हुई गडबडी की शिकायत कलेक्टर को आवेदन देकर की है इस आवेदन पत्र में कहा गया है कि नप द्वारा दुकानों के नीलामी प्रक्रिया आनलाइन मप्र ई टेंडर के माध्यम से की गई थी आरक्षित दुकानो मे दुकान क्र 1'3'6'10'12'15 थी इन दुकानो मे 1 ओबीसी महिला के लिए आरक्षित तथा 3'10'12'15 दुकानें अनु जन जाति/ जनजाति के लिए आरक्षित की गई थी तथा नियम प्रक्रिया हेतु निर्धारित नियम आरक्षण हेतु आरक्षण संबंधित दस्तावेज निविदा के साथ संलग्न करना होगें एवं निविदा मे डिजिटल हस्ताक्षर के ही निविदा मान्य होगी आवेदन मे कहा गया है कि इस प्रक्रिया में नियमों की अवहेलना की गई हैं तथा निविदा पूर्व निर्धारित नियमों को निवदा प्राप्त होने के बाद हेराफेरी करते हुए नियमों को धता बता दिया गया तथा आवेदन मैं बताया गया कि अनेक निविदा कर्ताओ के नियमों का पालन न करने पर भी पात्रता की श्रेणी में शामिल करना संदेह खडा कर रहा है इतना ही नहीं निविदाएं प्रसारित करने में भी निवदा कर्ताओं के लिए सपष्ट नियम घोषित किए गए थे तथा नियमविरुद्ध कार्य करने की जाचं की जाये तथा मेरे द्वारा निवदा के आधार पर दुकान आवंटन किया जाये आवेदक नारायण सिंह पाल ने बताया कि निवदा प्रिक्रया मे की जा रही गडबडी की जांच की जाकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाये बताया कि कलेक्टर को दोबारा आवेदन दिये गए है अब हम इस मामले को लेकर न्यायालय तक पहुचेंगे हमारे वकील द्वारा नगर परिषद सीएमओ को नोटिस भी भेजा गया है इस मामले की प्रतियां आयुक्त नगरीय प्रशासन विकास विभाग संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन विकास अध्यक्ष नगर परिषद सांची को भी भेजी गई है इस मामले में इनका कहना है हमारे द्वारा पारदर्शिता के साथ दुकानों के आवंटन प्रक्रिया आनलाइन टेंडर के माध्यम से पूरी की गई है तथा आवंटन में जो भी दस्तावेज मांगे गए हैं उसी आधार पर प्रकिया की गई हैं नारायण सिंह पाल द्वारा जो आरोप लगाए हैं वह निराधार हैं कलेक्टर महोदय के यहां भी हमनें प्रतिवेदन बना कर भेज दिया गया है इसके साथ हम अपने अधिवक्ता से भी इस मामले में सलाह ले रहे हैं रामलाल कुशवाहा सीएमओ नगर परिषद सांची
नवनिर्मित नगर परिषद भवन कार्यालय के नीचे निकाली गई दुकानों की आरक्षण प्रक्रिया पर उठने लगे सवाल कलेक्टर तक पहुंची शिकायत रिपोर्ट,,,,, अरुण कुमार शेंडे नवनिर्मित नगर परिषद भवन कार्यालय के नीचे निकाली गई दुकानों की आरक्षण प्रक्रिया पर उठने लगे सवाल कलेक्टर तक पहुंची शिकायत रायसेन ऐतिहासिक नगरी सांची के नगर परिषद के नवनिर्मित कार्यालय भवन के नीचै निकाली गई दुकानों में आरक्षण प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो चले हैं आरक्षित दुकानों के नियमों को दरकिनार करने की शिकायत कलेक्टर तक पहुंच गई हैं जानकारी के अनुसार नगर परिषद के नवनिर्मित कार्यालय भवन के नीचै नगर परिषद प्रशासन द्वारा दुकानें निकाली गई है तथा इन दुकानो के आवंटन प्रक्रिया मे कुछ दुकानें आरक्षित वर्ग हेतु सुरक्षित की गई हैं तथा इन दुकानो की नीलामी प्रक्रिया पूरी कर दी गई है आरक्षण प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है ऐसा ही मामला तब सामने आया जब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया पूरी कर दी गई इस प्रक्रिया के तहत आरक्षण प्रक्रिया मैं हुई नीलाम हुई दुकानों मे नारायण सिंह पाल पुत्र बीएस पाल निवासी हेडगेवार कालोनी सांची ने आरक्षित दुकानों में हुई गडबडी की शिकायत कलेक्टर को आवेदन देकर की है इस आवेदन पत्र में कहा गया है कि नप द्वारा दुकानों के नीलामी प्रक्रिया आनलाइन मप्र ई टेंडर के माध्यम से की गई थी आरक्षित दुकानो मे दुकान क्र 1'3'6'10'12'15 थी इन दुकानो मे 1 ओबीसी महिला के लिए आरक्षित तथा 3'10'12'15 दुकानें अनु जन जाति/ जनजाति के लिए आरक्षित की गई थी तथा नियम प्रक्रिया हेतु निर्धारित नियम आरक्षण हेतु आरक्षण संबंधित दस्तावेज निविदा के साथ संलग्न करना होगें एवं निविदा मे डिजिटल हस्ताक्षर के ही निविदा मान्य होगी आवेदन मे कहा गया है कि इस प्रक्रिया में नियमों की अवहेलना की गई हैं तथा निविदा पूर्व निर्धारित नियमों को निवदा प्राप्त होने के बाद हेराफेरी करते हुए नियमों को धता बता दिया गया तथा आवेदन मैं बताया गया कि अनेक निविदा कर्ताओ के नियमों का पालन न करने पर भी पात्रता की श्रेणी में शामिल करना संदेह खडा कर रहा है इतना ही नहीं निविदाएं प्रसारित करने में भी निवदा कर्ताओं के लिए सपष्ट नियम घोषित किए गए थे तथा नियमविरुद्ध कार्य करने की जाचं की जाये तथा मेरे द्वारा निवदा के आधार पर दुकान आवंटन किया जाये आवेदक नारायण सिंह पाल ने बताया कि निवदा प्रिक्रया मे की जा रही गडबडी की जांच की जाकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाये बताया कि कलेक्टर को दोबारा आवेदन दिये गए है अब हम इस मामले को लेकर न्यायालय तक पहुचेंगे हमारे वकील द्वारा नगर परिषद सीएमओ को नोटिस भी भेजा गया है इस मामले की प्रतियां आयुक्त नगरीय प्रशासन विकास विभाग संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन विकास अध्यक्ष नगर परिषद सांची को भी भेजी गई है इस मामले में इनका कहना है हमारे द्वारा पारदर्शिता के साथ दुकानों के आवंटन प्रक्रिया आनलाइन टेंडर के माध्यम से पूरी की गई है तथा आवंटन में जो भी दस्तावेज मांगे गए हैं उसी आधार पर प्रकिया की गई हैं नारायण सिंह पाल द्वारा जो आरोप लगाए हैं वह निराधार हैं कलेक्टर महोदय के यहां भी हमनें प्रतिवेदन बना कर भेज दिया गया है इसके साथ हम अपने अधिवक्ता से भी इस मामले में सलाह ले रहे हैं रामलाल कुशवाहा सीएमओ नगर परिषद सांची
- रायसेन के गुंदरई स्कूल में भारी बवाल: परीक्षा फीस के नाम पर 3-3 हजार रुपये ऐंठने का आरोप, 5 घंटे धरने के बाद SDM ने शिक्षक को हटाने का दिया आश्वासन रायसेन। जिले के सांची विकासखंड अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल गुंदरई कॉलोनी में एक शिक्षक की तानाशाही और अवैध वसूली का मामला गरमा गया है। पदस्थ शिक्षक संतोष रजक पर छात्रों से परीक्षा फीस के नाम पर अवैध वसूली करने, धमकाने और प्रशासनिक रसूख दिखाने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के विरोध में विद्यार्थियों, अभिभावकों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने स्कूल परिसर में 5 घंटे तक उग्र धरना-प्रदर्शन किया। अवैध वसूली और धमकी देने का गंभीर आरोप विद्यार्थियों और ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक संतोष रजक लंबे समय से परीक्षा फीस के नाम पर प्रति छात्र 3-3 हजार रुपये की वसूली कर रहे थे और मांगने पर भी कोई आधिकारिक रसीद नहीं देते थे। विरोध करने पर छात्रों को परीक्षा में फेल करने और शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी जाती थीं। पीड़ित छात्रों ने बताया कि शिक्षक ने एक छात्र से कहा कि "ज्यादा बोलोगे तो हाथ-पैर तुड़वा दूंगा।" ग्रामीणों के अनुसार, जब भी कोई इस रवैये पर सवाल उठाता था, तो शिक्षक खुद को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) का करीबी रिश्तेदार बताकर उन पर मानसिक दबाव बनाते थे। स्कूल परिसर में मिलीं भारी अव्यवस्थाएं मामले की जानकारी मिलने पर जब विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल का दौरा किया, तो वहां प्रशासनिक लापरवाही की परतें खुलती चली गईं: बंद पड़ी प्रयोगशाला: स्कूल की साइंस लैब पिछले दो वर्षों से ताले में बंद है, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बदहाल शौचालय: परिसर में शौचालयों के दरवाजे और सीटें टूटी पाई गईं। गंदगी का आलम: पूरे स्कूल परिसर में साफ-सफाई का अभाव और गंदगी का अंबार मिला। 5 घंटे तक चला धरना, SDM ने संभाला मोर्चा स्कूल में फैली बदहाली और शिक्षक की तानाशाही के खिलाफ ग्रामीणों और ABVP कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट पर ताला जड़कर 5 घंटे तक उग्र प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सांची SDM मनीष शर्मा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। SDM शर्मा ने स्वयं स्कूल परिसर और लैब का निरीक्षण किया। उन्होंने माना कि स्कूल में भारी अव्यवस्थाएं और प्रशासनिक खामियां मौजूद हैं। SDM ने विद्यार्थियों और अभिभावकों की शिकायतें ध्यानपूर्वक सुनीं और मौके पर ही कार्रवाई का भरोसा दिलाया। कार्रवाई के आश्वासन पर समाप्त हुआ प्रदर्शन SDM मनीष शर्मा ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि आरोपी शिक्षक संतोष रजक को स्कूल से तत्काल हटाने और उनकी जगह नए शिक्षक की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जा रहा है। इसके साथ ही वसूली के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने का वादा किया गया। SDM के ठोस आश्वासन के बाद देर शाम ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने अपना धरना समाप्त किया।3
- सावन सोवार को हुआ पूजन अर्चन महारूद्राभिषेक भस्म आरती के साथ ही महाआरती की गई। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सावन सोवार को हुआ पूजन अर्चन महारूद्राभिषेक भस्म आरती के साथ ही महाआरती की गई। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। नर्मदापुरम में साई कृष्णा रिसोर्ट में आयोजित किया गया महारुद्राभिषके। बीते अनेक वर्षों की तरह सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह व उनके परिवार द्वारा आयोजित महारूद्राभिषेक आयोजन इस बार साई कृष्णा रिसोर्ट में आचार्य पं सोमेश परसाई और उनके शिष्य मंडली के आचार्यत्व में आयोजित हुआ।2
- जातीय जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम की मांग को लेकर ओबीसी महासभा ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को सौंपा ज्ञापन रायसेन, 24 अगस्त 2026 केंद्र सरकार द्वारा देश में जातीय जनगणना कराए जाने की घोषणा के बाद ओबीसी महासभा ने जातीय जनगणना में ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम जोड़े जाने की मांग तेज कर दी है। इसी कड़ी में आज ओबीसी महासभा नगर अध्यक्ष रायसेन राकेश यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने माननीय केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी से भेंट कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित जातीय जनगणना में अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए अलग-अलग कॉलम दिए गए हैं, लेकिन ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम नहीं दिया गया है। ओबीसी महासभा ने मांग की है कि पिछड़े वर्ग की भावनाओं को समझते हुए जातीय जनगणना में ओबीसी का अलग कॉलम जुड़वाने के लिए सकारात्मक पहल की जाए। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि ओबीसी समाज की सही जनसंख्या का आंकड़ा सामने आने पर ही सामाजिक न्याय, अधिकार और प्रतिनिधित्व को उचित रूप से सुनिश्चित किया जा सकेगा। इस दौरान ओबीसी महासभा के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी का फूल-मालाओं से स्वागत किया और अपनी मांग उनके समक्ष रखी। श्री चौहान ने ज्ञापन प्राप्त कर आश्वासन दिया। इस अवसर पर ओबीसी महासभा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विशाल कुशवाहा जिला अध्यक्ष मनोज चौरसिया ,जिला संयोजक राकेश मालवीय,ठाकुर शाक्य, नगर अध्यक्ष राकेश यादव , दीपक राठौर, सूर्य सेन , एल्डरमैन भुवनेश कुशवाहा, सनी खटीक राजेश कुशवाहा , वीर सिंह कुशवाहा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जातीय जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम की मांग को लेकर ओबीसी महासभा ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को सौंपा ज्ञापन रायसेन, 24 अगस्त 2026 केंद्र सरकार द्वारा देश में जातीय जनगणना कराए जाने की घोषणा के बाद ओबीसी महासभा ने जातीय जनगणना में ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम जोड़े जाने की मांग तेज कर दी है। इसी कड़ी में आज ओबीसी महासभा नगर अध्यक्ष रायसेन राकेश यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने माननीय केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी से भेंट कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित जातीय जनगणना में अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए अलग-अलग कॉलम दिए गए हैं, लेकिन ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम नहीं दिया गया है। ओबीसी महासभा ने मांग की है कि पिछड़े वर्ग की भावनाओं को समझते हुए जातीय जनगणना में ओबीसी का अलग कॉलम जुड़वाने के लिए सकारात्मक पहल की जाए। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि ओबीसी समाज की सही जनसंख्या का आंकड़ा सामने आने पर ही सामाजिक न्याय, अधिकार और प्रतिनिधित्व को उचित रूप से सुनिश्चित किया जा सकेगा। इस दौरान ओबीसी महासभा के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी का फूल-मालाओं से स्वागत किया और अपनी मांग उनके समक्ष रखी। श्री चौहान ने ज्ञापन प्राप्त कर आश्वासन दिया। इस अवसर पर ओबीसी महासभा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विशाल कुशवाहा जिला अध्यक्ष मनोज चौरसिया ,जिला संयोजक राकेश मालवीय,ठाकुर शाक्य, नगर अध्यक्ष राकेश यादव , दीपक राठौर, सूर्य सेन , एल्डरमैन भुवनेश कुशवाहा, सनी खटीक राजेश कुशवाहा , वीर सिंह कुशवाहा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।3
- *कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार, सीएम डॉ. मोहन बोले- आपके प्रमोशन के साथ जुड़ा मेरा इमोशन* *मंत्रालय में कर्मचारियों ने किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन* - *अंतरराष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी जागृति पटेल, विक्रम अवॉर्ड विजेता अंजली वर्मा को किया गया सम्मानित* भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लिए जा रहे ऐतिहासिक निर्णयों के लिए मंत्रालय के कर्मचारियों ने 25 अगस्त को मंत्रालय में उनका अभिनंदन किया। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि पदोन्नति के बाद कर्मचारियों के मन की प्रसन्नता उनके चेहरे पर दिखाई देती है। किसी कार्य की फाइल को टेबल तक लाने और उस कार्य को क्रियान्वित करने में कर्मचारियों की अथक मेहनत लगती है। कर्मचारियों के उत्साहवर्धन के लिए सभी प्रकार के वेतन, भत्ते और पदोन्नति देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। ये सभी कर्मचारियों का अधिकार है, जो कर्मचारियों के मन में ऊर्जा का संचार करता है। उनके परिवार में खुशी आती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार कर्मचारियों को समय पर अभी लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि देरी से लिया गया निर्णय भी अन्याय के समान होता है। हमारी सरकार कर्मचारियों के प्रमोशन के साथ अपना इमोशन जोड़कर निर्णय लेती है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया अब रुकेगी नहीं, अब पदोन्नति का यह क्रम साल दर साल चलता रहेगा। इस साल सभी विभागों में पदोन्नति के लिए डीपीसी प्रारंभ होने वाली है। सभी पात्र कर्मचारियों को फिर से पदोन्नति का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। पारदर्शी निर्णय और दृढ़ संकल्प ही सुशासन का आधार स्तंभ है। कर्मचारियों के हित में हमारी सरकार सभी कल्याणकारी निर्णय लेने के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने कर्मचारियों बहनों को रक्षाबंधन के पावन पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। *सीएम डॉ. यादव ने लिए कई कर्मचारी हितैषी निर्णय* गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव कर्मचारियों के वेतन भत्तों के साथ-साथ उनके आवास की भी चिंता कर रहे हैं। उन्होंने किसानों के कल्याण, गरीब, महिला और युवा सहित सभी वर्गों के लिए जनहितैषी निर्णय लिए हैं। 13 दिसंबर 2023 को राज्य के कर्मचारियों को सौगात मिली थी। कर्मचारियों को वर्ष 2013 से रुके भत्तों का भुगतान किया गया। इसके बाद 2026 में प्रदेश के 1 लाख 25 हजार से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रमोशन हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने कार्यकाल में अनेक कर्मचारी हितैषी निर्णय लिए गए। उन्होंने पूर्व में की गई समयमान वेतनमान सहित 5 मांगों को पूरा किया है।1
- महिला कांग्रेस विदिशा की जिलाध्यक्ष नीतू सिंह राजपूत के नेतृत्व में “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम आयोजित किया गया। विदिशा। श्री राहुल गांधी जी के नेतृत्व में तथा मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती अलका लांबा जी एवं प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रीना बौरासी सेतिया जी के निर्देशानुसार, महिला कांग्रेस विदिशा की जिलाध्यक्ष श्रीमती नीतू सिंह राजपूत के नेतृत्व में “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम आयोजित किया गया।1
- कावड़ यात्रा पर दिग्विजय सिंह पर बयान ये पूरे लोग हे न पूरे युवाओं को कावड़ यात्रा में ले जाना चाहते हैं,ये आपको नौकरी नहीं देंगे ,अगर नौकरी मिल गई तो कौन जाएगा कावड़ यात्रा में इसके साथ1
- ग्वालियर ब्रेकिंग, ग्वालियर में किसिंग कार पर धमाल, अब आया कार पर किस करते हुए गर्लफ्रेंड का वीडियो सामने, 11 सैकेंड के वीडियो में कार को किस करते हुए एक लड़की आ रही है नजर, वीडियो में दिखाई गई है लिप मार्क कार, बता दें बीते रोज ट्रैफिक पुलिस ने पकड़ी थी अजब- गजब किसिंग कार’, कार चालक से वसूला था पांच हजार पांच सौ रुपए का चालान, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर की गई थी कार्रवाई, कार बताई गई थी आदित्य सिकरवार निवासी थाटीपुर की, आदित्य ने किया था दावा, बिना जानकारी के गर्लफ्रेंड ने बना दिए थे कार पर 3400 किस के निशान, आठ सौ से नौ सौ रुपए का आया था खर्च, रील के विदेशी ट्रेंड से प्रभावित होकर गर्लफ्रेंड ने बनाया था कार पर अनोखा डिजाइन, ग्वालियर ब्रेकिंग, ग्वालियर में किसिंग कार पर धमाल, अब आया कार पर किस करते हुए गर्लफ्रेंड का वीडियो सामने, 11 सैकेंड के वीडियो में कार को किस करते हुए एक लड़की आ रही है नजर, वीडियो में दिखाई गई है लिप मार्क कार, बता दें बीते रोज ट्रैफिक पुलिस ने पकड़ी थी अजब- गजब किसिंग कार’, कार चालक से वसूला था पांच हजार पांच सौ रुपए का चालान, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर की गई थी कार्रवाई, कार बताई गई थी आदित्य सिकरवार निवासी थाटीपुर की, आदित्य ने किया था दावा, बिना जानकारी के गर्लफ्रेंड ने बना दिए थे कार पर 3400 किस के निशान, आठ सौ से नौ सौ रुपए का आया था खर्च, रील के विदेशी ट्रेंड से प्रभावित होकर गर्लफ्रेंड ने बनाया था कार पर अनोखा डिजाइन,1
- भाईजान ने पहचान छिपाकर युवती को फंसाया प्रेम जाल में मनीष' बन कर सच्चाई भाईजान आई सामने तो युवती ने भाईजान की सड़क पर कर दी जमकर धुनाई रायसेन मंडीदीप थाना क्षेत्र में पहचान छिपाकर युवती को प्रेम जाल में फंसाने और धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को 'मनीष' बताकर युवती से दोस्ती की थी, लेकिन जब उसकी असली पहचान 'भाईजान' मुस्लिम युवक के रूप में उजागर हुई, तो विवाद बढ़ गया और युवती ने बीच सड़क पर ही उसकी जमकर धुनाई कर दी। आरोपी ने हिंदू नाम (मनीष) का सहारा लेकर युवती को अपने झांसे में लिया और लगातार संपर्क में रहा। भानफोड़ व हाई वोल्टेज ड्रामा: सच सामने आते ही युवती हिंदूवादी संगठन को जानकारी दी ओर युवक को रंगे हाथों पकड़ा बीच सड़क पर ही भिड़ गए और युवक की पिटाई कर दी गई। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ पहचान छिपाने, धोखाधड़ी और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है।1