बिहार की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। पार्टी बदलने के अपने इस फैसले को कार्यकर्ताओं ने बड़े ही प्रतीकात्मक ढंग से दर्शाया। उन्होंने विरोध स्वरूप RJD की पहचान माने जाने वाले अपने पारंपरिक हरे गमछे को फेंक दिया और भाजपा नेताओं की मौजूदगी में भगवा पटका पहनकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। बताया जा रहा है कि RJD के ये कई सक्रिय कार्यकर्ता पार्टी की नीतियों और संगठन की कार्यशैली से काफी नाराज चल रहे थे। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने सामूहिक रूप से पार्टी से इस्तीफा देने का बड़ा फैसला लिया। इस पूरे घटनाक्रम को बिहार की सियासत और विशेष रूप से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। इस पूरे मामले पर फिलहाल RJD की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और उनकी प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। इस दल-बदल के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह सिर्फ कुछ कार्यकर्ताओं का निजी फैसला है या आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में और भी बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
बिहार की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। पार्टी बदलने के अपने इस फैसले को कार्यकर्ताओं ने बड़े ही प्रतीकात्मक ढंग से दर्शाया। उन्होंने विरोध स्वरूप RJD की पहचान माने जाने वाले अपने पारंपरिक हरे गमछे को फेंक दिया और भाजपा नेताओं की मौजूदगी में भगवा पटका पहनकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। बताया जा रहा है कि RJD के ये कई सक्रिय कार्यकर्ता पार्टी की नीतियों और संगठन की कार्यशैली से काफी नाराज चल रहे थे। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने सामूहिक रूप से पार्टी से इस्तीफा देने का बड़ा फैसला लिया। इस पूरे घटनाक्रम को बिहार की सियासत और विशेष रूप से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। इस पूरे मामले पर फिलहाल RJD की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और उनकी प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। इस दल-बदल के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह सिर्फ कुछ कार्यकर्ताओं का निजी फैसला है या आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में और भी बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
- पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने 20 जुलाई 2026 को मोकामा स्थित पावन परशुराम स्थान पर पूजा-अर्चना कर "शिक्षक सशक्तिकरण यात्रा" की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने भगवान परशुराम से शिक्षक समाज के सम्मान, शिक्षा व्यवस्था के सशक्तिकरण और प्रदेश की समृद्धि की मंगलकामना की। मोकामा क्षेत्र में इस यात्रा को शिक्षकों और शिक्षाविदों का अभूतपूर्व समर्थन और अपार स्नेह मिला। अपनी इस यात्रा के तहत डॉ. दिव्या ज्योति ने मोकामा के विभिन्न प्रमुख शिक्षण संस्थानों का दौरा किया, जिसमें श्री कृष्ण मारवाड़ी उच्च माध्यमिक विद्यालय, मुसट्टीलाल आर्य कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, आर.एस.एम. रेलवे एडेड हाई स्कूल, प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, राजकीयकृत +2 उच्च माध्यमिक विद्यालय (मराँची) और राजकीयकृत +2 उच्च माध्यमिक विद्यालय (जलालपुर) शामिल हैं। इन सभी संस्थानों में उन्होंने शिक्षकों, शिक्षिकाओं, प्राध्यापकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों से सीधे संवाद किया। इस आत्मीय संवाद के दौरान पुरानी पेंशन योजना (OPS), शिक्षक सम्मान, समयबद्ध पदोन्नति, सेवा सुरक्षा, वेतन विसंगति, स्थानांतरण नीति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यालयों के बुनियादी ढांचे के विकास जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। डॉ. दिव्या ज्योति ने संकल्प लेते हुए कहा कि शिक्षक समाज की हर आवाज़ को वह पूरी मजबूती के साथ विधान परिषद तक पहुँचाएंगी। उन्होंने 'शिक्षक सम्मान • शिक्षा सुधार • सशक्त प्रतिनिधित्व' के संकल्प के साथ शिक्षा और शिक्षकों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपना संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।1
- बिहार विधान मंडल के मानसून सत्र का आज से आगाज हो गया है। सत्र के पहले ही दिन सदन के अंदर भले ही नेता नहीं बरस सके, लेकिन बाहर बादल खूब बरस रहे हैं। दरअसल, सत्र का आज पहला ही दिन था जो महज खानापूर्ति के साथ स्थगित हो गया। हालांकि, विपक्ष ने सत्ता पक्ष को घेरने की पूरी तैयारी कर रखी थी और इसके लिए मुख्य गेट पर प्रदर्शन भी किया था, लेकिन सदन के अंदर विपक्ष बरस नहीं पाया। सदन के अंदर जहां नेता शांत रहे, वहीं बाहर मानसूनी बादल ठीक-ठाक बरस गए।2
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'संसद मार्च' के लिए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे हुए हैं। इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद तथा अभिनेता प्रकाश राज भी मौके पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनके इस आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की है। प्रदर्शन के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात को शांतिपूर्ण तरीके से रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए। वहीं, अभिनेता प्रकाश राज ने भी प्रदर्शनकारियों का साथ देते हुए कहा कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद और संवेदनशीलता सबसे आवश्यक पहलू हैं। इस प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। संसद की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात हैं। प्रशासन द्वारा पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।1
- बिहार के औरंगाबाद जिले के हसपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत परनपुरा गांव से 18 वर्षीय अमित कुमार लापता हो गया है। अमित 16/07/2026 से लापता है और उसे ढूंढने के लिए लोगों से मदद की गुहार लगाई गई है। लापता अमित का रंग सांवला है और उसकी लंबाई 4.5 फीट है। वह चौराही पोस्ट के तहत आने वाले परनपुरा गांव (पिन कोड- 824120) का निवासी है। यदि किसी को भी यह लड़का कहीं दिखाई दे, तो तुरंत दिए गए मोबाइल नंबरों 7482042742, 7783821525, 9523707079, और 9470212150 पर संपर्क कर जानकारी देने का विनम्र अनुरोध किया गया है, ताकि उसे जल्द से जल्द ढूंढा जा सके।3
- SSDCOD108 के तहत 'राईट बात and टाईट बात' प्रोग्राम को लोगों से जरूर देखने की अपील की गई है। इस विशेष प्रोग्राम को 'ITS ASHOK SAMRAT' के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है।1
- राकेश मिश्रा द्वारा गंजा पर गाना गाए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर उन्होंने इस विषय पर गाना क्यों गाया। इसके साथ ही अब यह भी पूछा जा रहा है कि क्या इस मामले को लेकर बिहार पुलिस द्वारा राकेश मिश्रा पर कोई कार्रवाई की जाएगी?1
- पटना के नौबतपुर-बिहटा सरमेरा पुल के नीचे एनएच-139 पर बिहार प्रदेश ट्रक ड्राइवर एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों ट्रक ड्राइवरों ने नौबतपुर थाना प्रभारी मंजीत कुमार ठाकुर के खिलाफ करीब दो घंटे तक जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की। ट्रक ड्राइवरों ने पुलिस पर एक चालक के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस प्रदर्शन के कारण एनएच-139 पर कुछ समय के लिए वाहनों का परिचालन भी बाधित रहा, जिसे सुचारू करने का प्रयास ट्रैफिक पुलिसकर्मियों द्वारा किया गया। बाद में थानाध्यक्ष मंजीत कुमार ठाकुर ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। एसोसिएशन के अनुसार, यह विवाद रविवार को एक ट्रक और कार के बीच हुई मामूली टक्कर के बाद शुरू हुआ। घटना के बाद पुलिस दोनों वाहनों को थाने ले गई, लेकिन कार को छोड़ दिया गया और ट्रक चालक सुनील कुमार को थाने में ही बिठाकर रखा गया। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र यादव का आरोप है कि सुनील कुमार के साथ थाने में अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई। उन्होंने यह भी बताया कि जब वे साथी चालक के साथ थाने पहुंचे, तो उन्हें संगठन की वर्दी उतारकर आने के लिए कहा गया। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र यादव ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एसोसिएशन जल्द ही बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक ज्ञापन सौंपेगा। दूसरी तरफ, फुलवारीशरीफ एसडीपीओ-2 दीपक कुमार ने कहा कि उन्हें फिलहाल मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है। वहीं थानाध्यक्ष मंजीत ठाकुर ने बताया कि लिखित आवेदन मिलने पर दोषी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने हिरासत में लिए गए चालक को लेकर स्पष्ट किया कि पुलिस उसे बार-बार किसी जान-पहचान वाले को बुलाने के लिए कह रही थी, लेकिन कोई नहीं आ रहा था।1
- बिहार में एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने से मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। इस लाठीचार्ज की घटना ने प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर यह लाठीचार्ज क्यों हुआ, वहां मौके पर क्या स्थिति बनी, इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन का क्या कहना है और प्रदर्शनकारियों का इस मामले में क्या पक्ष है, इन सभी पहलुओं को लेकर स्थिति बनी हुई है।1