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बिहार और झारखंड के किसी भी हिस्से या जिले से अगर कोई अपनी दुकान या किसी भी अन्य चीज की मार्केटिंग बढ़ाना चाहता है, तो वह विज्ञापन और ऐड लगवा सकता है। किसी भी प्रकार का विज्ञापन चलवाने के लिए मोबाइल नंबर 9661447065 पर संपर्क करने को कहा गया है और विज्ञापन सेवा का लाभ उठाने के लिए एक बार मौका देने की अपील की गई है।
Nibraj alam
बिहार और झारखंड के किसी भी हिस्से या जिले से अगर कोई अपनी दुकान या किसी भी अन्य चीज की मार्केटिंग बढ़ाना चाहता है, तो वह विज्ञापन और ऐड लगवा सकता है। किसी भी प्रकार का विज्ञापन चलवाने के लिए मोबाइल नंबर 9661447065 पर संपर्क करने को कहा गया है और विज्ञापन सेवा का लाभ उठाने के लिए एक बार मौका देने की अपील की गई है।
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- भागलपुर जिले के महिषी में स्वास्थ्य विभाग का असली चेहरा बेनकाब हो गया है। यहाँ अचानक अस्पताल बंद पाए जाने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस बदहाली और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को देखकर गौतम कृष्ण डॉक्टर पर बुरी तरह भड़क गए और उन्होंने अपना कड़ा गुस्सा जाहिर किया है।1
- मगही शेर अभिषेक रंजन ने सुपरहिट खोरठा झूमर सॉन्ग "तोहर मर्द कैसा" को लेकर एक पोस्ट साझा की है। इस बेहद मजेदार और धमाकेदार अंदाज वाली पोस्ट में उन्होंने दर्शकों से उनके पेज को फॉलो करने की अपील की है।1
- भागलपुर के कहलगांव स्थित कहलगांव दारदा पाठ शाला विद्यालय में आयोजित 'शक्ति संवाद' कार्यक्रम में अनुमंडल प्रशासन और जिला प्रशासन के पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण की। इस अवसर पर नारी शक्ति की एकजुटता पर बल देते हुए संदेश दिया गया कि हमें नारी शक्तियों को कमजोर नहीं समझना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान 'जागो बसना, जागो बेटियां, सुरक्षित दिशाओं की ओर चलें' का आह्वान कर जागरूक रहने की अपील की गई। इस कार्यक्रम की रिपोर्ट भागलपुर से संवाददाता अजय आजाद ने साझा की है।1
- भागलपुर के कहलगांव प्रखंड के कुर्मा पंचायत स्थित जवाहरलाल उच्च विद्यालय, धनोरा में शुक्रवार को 'शक्ति संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के प्रति लोगों और छात्रों को जागरूक करना था। इस अवसर पर विद्यालय में उपस्थित सभी लोगों ने बाल विवाह रोकने का कड़ा संकल्प लिया। इस जागरूकता कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ), स्वास्थ्य विभाग के कर्मी, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं ने स्वागत गान से की, जिसके बाद राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने मुख्य अतिथि सीडीपीओ को बुके भेंट कर सम्मानित किया। सीडीपीओ ने सभी छात्र-छात्राओं को बाल विवाह न करने और इसे रोकने की शपथ दिलाते हुए कहा कि यह कुप्रथा बच्चों के भविष्य को प्रभावित करने के साथ-साथ समाज के विकास में भी बड़ी बाधा है। उन्होंने सभी से इसके खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने बाल विवाह के गंभीर परिणामों और इसके दुष्प्रभावों को दर्शाते हुए एक बेहद प्रभावशाली नाटक की प्रस्तुति दी, जिसे वहां मौजूद लोगों ने खूब सराहा। इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से सभी छात्र-छात्राओं को आयरन की गोलियां भी वितरित की गईं और उनका सेवन कराया गया।1
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- झारखंड के गोड्डा जिले के मेहरमा में जंगल का एक खतरनाक दृश्य सामने आया है, जो इस दुनिया में छुपी बातों को दर्शाता है।1
- भागलपुर के कहलगांव अनुमंडल में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर बाल विवाह के खिलाफ और छात्राओं को जागरूक करने के लिए 84 उच्च एवं इंटर स्तरीय विद्यालयों में एक साथ "शक्ति संवाद" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जनचेतना फैलाना और बेटियों को उनके अधिकारों के प्रति सजग करना था। कार्यक्रम का मुख्य आयोजन शारदा पाठशाला परिसर में हुआ, जिसका शुभारंभ आईआरएस अधिकारी सविता शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी श्रीकृष्ण चंद्र गुप्ता, डीएसपी, बीडीओ, सीओ और थाना प्रभारी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने बाल विवाह उन्मूलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। समारोह में छात्र-छात्राओं ने नाटक, नृत्य, कविता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए बाल विवाह के दुष्परिणामों और नारी सम्मान का प्रभावी संदेश दिया, जबकि महिला कलाकारों ने राजस्थानी लोक संगीत से समां बांधा। समापन के अवसर पर दंडाधिकारी रवि कुमार ने सामाजिक बदलाव के लिए शिक्षा को सबसे बड़ा माध्यम बताया और समाज के हर वर्ग से बाल विवाह के खिलाफ भागीदारी की अपील की। कार्यक्रम के बाद आईआरएस सविता शर्मा ने कहलगांव स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर वहां महिलाओं को मिलने वाली कानूनी, चिकित्सीय, मनोवैज्ञानिक और आश्रय संबंधी सुविधाओं की समीक्षा की तथा अधिकारियों को संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से सेवाएं देने के निर्देश दिए।1