बिलासपुर में तोरवा पुलिस ने शादी का झूठा वादा कर एक युवती का दैहिक शोषण करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी ने पहले युवती को विवाह का भरोसा दिलाया और उसी आधार पर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में शादी से साफ इंकार कर दिया था। पुलिस के अनुसार, पीड़िता पहले बिलासपुर के एक पेट्रोल पंप में कार्य करती थी, इसी दौरान उसकी पहचान गौरेला निवासी सागर राठौर (19 वर्ष), पिता राधेश्याम राठौर से हुई। आरोप है कि सागर ने युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाकर शादी करने का आश्वासन दिया और इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए। कुछ समय बाद आरोपी ने विवाह करने से स्पष्ट इनकार कर दिया, जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस की शरण ली। पीड़िता द्वारा सबसे पहले गौरेला थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच में घटना का क्षेत्राधिकार थाना तोरवा का पाए जाने पर प्रकरण को शून्य पर दर्ज कर तोरवा भेजा गया। तोरवा थाना में 1 जुलाई 2026 को अपराध क्रमांक 362/2026 के तहत धारा 69 बीएनएस में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। महिला संबंधी अपराध की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम तत्काल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही रवाना हुई। पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया, जहाँ उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने 2 जुलाई 2026 को आरोपी सागर राठौर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
बिलासपुर में तोरवा पुलिस ने शादी का झूठा वादा कर एक युवती का दैहिक शोषण करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी ने पहले युवती को विवाह का भरोसा दिलाया और उसी आधार पर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में शादी से साफ इंकार कर दिया था। पुलिस के अनुसार, पीड़िता पहले बिलासपुर के एक पेट्रोल पंप में कार्य करती थी, इसी दौरान उसकी पहचान गौरेला निवासी सागर राठौर (19 वर्ष), पिता राधेश्याम राठौर से हुई। आरोप है कि सागर ने युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाकर शादी करने का आश्वासन दिया और इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए। कुछ समय बाद आरोपी ने विवाह करने से स्पष्ट इनकार
कर दिया, जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस की शरण ली। पीड़िता द्वारा सबसे पहले गौरेला थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच में घटना का क्षेत्राधिकार थाना तोरवा का पाए जाने पर प्रकरण को शून्य पर दर्ज कर तोरवा भेजा गया। तोरवा थाना में 1 जुलाई 2026 को अपराध क्रमांक 362/2026 के तहत धारा 69 बीएनएस में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। महिला संबंधी अपराध की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम तत्काल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही रवाना हुई। पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया, जहाँ उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने 2 जुलाई 2026 को आरोपी सागर राठौर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
- डेनमार्क की दिग्गज बियर कंपनी कार्ल्सबर्ग इंडिया ने भारतीय बाजार के लिए एक ₹6,600 करोड़ का मेगा प्लान तैयार किया है। कंपनी अब भारतीय शेयर बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है।1
- बलौदा बाजार में माननीय पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी.शर्मा जी ने मलखंब के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया। पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा को अपने सामने देखकर बच्चों में विशेष उत्साह और उमंग का संचार हुआ, वहीं उनके पालकों में भी एक खास प्रकार की खुशी देखने को मिली।1
- भाटापारा शहर पुलिस ने 2 जुलाई को 80 वर्षीय असहाय वृद्ध महिला से झपटमारी के एक सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस वारदात का मुख्य सूत्रधार वृद्ध महिला का सगा भतीजा निकला, जिसे उसकी प्रेमिका समेत कुल चार आरोपियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों ने भाटापारा के नयापारा वार्ड निवासी 80 वर्षीय हीराबाई ध्रुव को अस्पताल में भर्ती उसके रिश्तेदार से मिलाने का झांसा दिया। अज्ञात युवक और महिला के रूप में पहुंचे आरोपियों ने उन्हें बोडतरा रोड पर एक सुनसान रास्ते पर ले जाकर उनके गले से सोने का मंगलसूत्र झपट लिया और फरार हो गए। इस संबंध में हीराबाई ध्रुव ने भाटापारा शहर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने विवेचना शुरू की। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में भाटापारा शहर पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया। फुटेज के आधार पर संदेही अजय उर्फ गोलू ध्रुव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिससे पूरे षड्यंत्र का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि वृद्ध महिला के सगे भतीजे टेकूराम ध्रुव ने अपनी प्रेमिका सरिता निषाद और साथियों सागर मरकाम व अजय उर्फ गोलू ध्रुव के साथ मिलकर अपनी ही चाची से लूट की यह पूरी योजना बनाई थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 9.980 ग्राम सोने के जेवरात बरामद किए, जिनकी कीमत लगभग 1.05 लाख रुपये बताई गई है। इसके साथ ही, घटना में प्रयुक्त एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (क्रमांक CG04 ML4105) और वारदात में इस्तेमाल किया गया स्कार्फ भी जब्त किया गया। पुलिस ने मामले में सागर मरकाम, सरिता निषाद, अजय उर्फ गोलू ध्रुव और मुख्य आरोपी टेकूराम ध्रुव को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया है। पुलिस की त्वरित विवेचना, तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग और सीसीटीवी फुटेज की मदद से इस गंभीर वारदात के शीघ्र खुलासे के लिए भाटापारा शहर पुलिस की कार्यवाही की सराहना की जा रही है।1
- छत्तीसगढ़ राज्य के मुंगेली जिले की लोरमी तहसील के तहत आने वाली ग्राम पंचायत झझपुरीकलां में एक महत्वपूर्ण विकास कार्य का शुभारंभ किया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत, मिडिल स्कूल मुख्यमार्ग से लेकर मिडिल स्कूल तक नाला निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित RTO कार्यालय में एक महा-फर्जीवाड़े का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। यह भ्रष्टाचार RTI (सूचना का अधिकार) के माध्यम से उजागर हुआ, जिसने 'धीरज परिवहन केंद्र' नामक इकाई द्वारा जनता को लूटने की चौंकाने वाली गतिविधियों का पर्दाफाश किया है। इस खुलासे ने कोरबा RTO में व्याप्त व्यापक भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया है।1
- रोजगार सहायकों द्वारा तीन दिवसीय चरणबद्ध हड़ताल की गई। इस हड़ताल के दौरान, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा।1
- रायगढ़ पुलिस के "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत मानव तस्करी के एक सनसनीखेज मामले में बड़ी सफलता मिली है। धरमजयगढ़ पुलिस ने करीब चार वर्षों से फरार चल रहे आरोपी रामा चौहान को जशपुर जिले के ग्राम जोराडोल से गिरफ्तार किया। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। यह मामला वर्ष 2022 का है जब थाना धरमजयगढ़ क्षेत्र की एक 17 वर्षीय बालिका के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बालिका को मध्य प्रदेश के अनुपपुर में ट्रेन से दो संदिग्धों के साथ बरामद किया था। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी हीरालाल चौहान, देवलाल तिग्गा, रामपाल यादव और रामा चौहान ने मिलकर बालिका को बहला-फुसलाकर राजस्थान ले जाने और शादी कराने के नाम पर ₹20 हजार में बेचने की साजिश रची थी। इस मामले में पुलिस ने अपहरण, अवैध बंधक बनाने, मानव तस्करी और आपराधिक षड्यंत्र सहित गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया था। वर्ष 2022 में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जबकि रामा चौहान लगातार फरार चल रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत मिली सूचना पर, धरमजयगढ़ पुलिस ने थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े के नेतृत्व में दबिश देकर आरोपी रामा चौहान को उसके गृहग्राम जोराडोल (जशपुर) से दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा और "ऑपरेशन क्लीन हंट" के माध्यम से वर्षों से फरार अपराधियों को भी गिरफ्तार कर कानून के कटघरे में लाया जा रहा है।1
- पुणे पुलिस केतन अग्रवाल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के बेहद करीब पहुंच गई है। इस मामले में अब सारी नजरें सिया गोयल पर टिकी हैं, जिनका रहस्य इस पूरे घटनाक्रम में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में संचालित मल्लखम्ब खेल प्रशिक्षण केंद्र ने जिला प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहयोग से अपने संचालन का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस उपलब्धि को चिह्नित करने के लिए केंद्र में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा, प्रभारी अधिकारी आशा शुक्ला और खेल अधिकारी प्रीति बंछोर बिजौरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इन अतिथियों ने वर्षभर की उपलब्धियों की समीक्षा की और खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों का उत्साहवर्धन किया। खेल अधिकारी प्रीति बंछोर बिजौरा ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान प्रशिक्षण केंद्र में बालक एवं बालिकाओं को मल्लखम्ब खेल का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से खिलाड़ियों में शारीरिक क्षमता, संतुलन, लचीलापन, आत्मविश्वास, अनुशासन और मानसिक एकाग्रता का उल्लेखनीय विकास हुआ है। प्रशिक्षित खिलाड़ियों ने जिला, संभाग, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं व प्रदर्शनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मल्लखम्ब भारत की एक प्राचीन और गौरवशाली पारंपरिक खेल विधा है, जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार लोकप्रिय हो रही है। केंद्र का उद्देश्य जिले के बच्चों और युवाओं को इस खेल से जोड़ना तथा उन्हें उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों ने आकर्षक मल्लखम्ब प्रदर्शन प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, जिसकी उपस्थित अधिकारियों और अभिभावकों ने सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वरिष्ठ खेल अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि विभाग का लक्ष्य जिले में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक बच्चों को नियमित खेल गतिविधियों से जोड़ना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगामी वर्षों में भी मल्लखम्ब प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर प्रदान किए जाएंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने जिले के इच्छुक बच्चों और युवाओं से इस खेल से जुड़कर नियमित प्रशिक्षण प्राप्त करने और अपने कौशल को निखारने का आग्रह किया है। इस अवसर पर मुख्य कोच अकलेश नारंग, सहायक कोच प्रभात जांगड़े, आयशा शुक्ला, शांति ध्रुव, वॉलीबॉल कोच शाहिद रजी, बास्केटबॉल कोच चित्र रेखा सहित दुष्यंत, बलराम, यश, कुणाल, भीष्म, चंद्रप्रकाश, शिवम, कुश, अभिषेक, गरिमा अंजलि, अनाया, शिवकुमारी, हर्षिका, दात्री, गुंजन, आराध्या, आशिका, नूतन, खुशी, दिव्यांश, अभिजीत, यामिनी जैसे मल्लखम्ब खिलाड़ी और खेल एवं युवा कल्याण विभाग, बलौदाबाजार के समस्त कर्मचारी भी मौजूद थे।1