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बरेली में पीस कमेटी ऑफ इंडिया ने एक मांग उठाई है। कमेटी का कहना है कि कावड़ और उर्स की तारीखों में आपस में होने वाले टकराव को टालने के लिए उर्स की तारीख को आगे बढ़ा दिया जाना चाहिए।
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बरेली में पीस कमेटी ऑफ इंडिया ने एक मांग उठाई है। कमेटी का कहना है कि कावड़ और उर्स की तारीखों में आपस में होने वाले टकराव को टालने के लिए उर्स की तारीख को आगे बढ़ा दिया जाना चाहिए।
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- भारत-अमेरिका किसान विरोधी ट्रेड डील के विरोध में बरेली में आगामी 15 जुलाई को किसान एकता संघ की मोटरसाइकिल रैली निकाली जाएगी। किसान एकता संघ की ओर से आयोजित की जा रही इस मोटरसाइकिल रैली का मुख्य उद्देश्य भारत-अमेरिका के बीच होने वाले किसान विरोधी ट्रेड डील का कड़ा विरोध करना है।1
- बरेली के फतेहगंज पूर्वी थाना पुलिस ने एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान दुष्कर्म के अभियोग में वांछित चल रहे अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान वांछित आरोपी को मुठभेड़ के बाद दबोचा गया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त के कब्जे से पुलिस ने अवैध अस्लाह, कारतूस, नकदी, मोबाइल और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। इस पूरी मुठभेड़ और गिरफ्तारी की कार्रवाई के संबंध में फरीदपुर के सीओ (CO) श्री संदीप सिंह ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर जानकारी साझा की है।1
- बरेली के बदायूं रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल में ऑल इंडिया महापदमनंद कम्युनिटी एजुकेटेड एसोसिएशन द्वारा मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह एवं मंडलीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव शामिल हुए, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष बृजेश श्रीवास्तव 'सविता' ने की। इस समारोह के दौरान समाज के 70 मेधावी छात्र-छात्राओं, 10 वरिष्ठ समाजसेवियों और 10 उत्कृष्ट व्यापारियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि शुभलेश यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि दलित और पिछड़े समाज के लोगों को अपनी ताकत पहचाननी होगी, तभी उन्हें उनका अधिकार मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान परिस्थितियां गरीबों और वंचितों को ऐसे रास्ते पर ले जा रही हैं जहां वे सवाल तक नहीं कर सकते, और सरकारी नौकरियों में संवैधानिक अधिकार के रूप में प्राप्त आरक्षण को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जातीय जनगणना का समर्थन किया और आगामी नगर निगम, नगर पंचायत व जिला पंचायत चुनावों में नंद-सविता समाज के लोगों को टिकट देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने वादा किया कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बृजेश श्रीवास्तव 'सविता' ने कहा कि बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर ने मुंगेरी लाल आयोग की सिफारिशें लागू कर पिछड़ों, गरीबों और महिलाओं को आरक्षण देकर सामाजिक न्याय की अवधारणा को धरातल पर उतारा था, जिसका मनुवादी सोच रखने वाले लोगों ने विरोध किया था। उन्होंने युवाओं से कर्पूरी ठाकुर के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में एआईएमसीईए के प्रदेश अध्यक्ष अशोक नंद, अपर महासचिव रमेश श्रीवास्तव, उत्तराखंड सपा की वरिष्ठ नेता बीना किशोर, सामाजिक चिंतक सुरेंद्र सोनकर सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।1
- भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में बरेली में किसान एकता संघ ने बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन द्वारा 15 जुलाई को शहर में एक विशाल मोटरसाइकिल रैली निकाली जाएगी। उपजा प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में किसान नेता डॉ. रवि नागर ने इस आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा कि प्रस्तावित ट्रेड डील से किसानों की आय, कृषि उत्पादन और देश की खाद्य सुरक्षा पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया गया कि यह मोटरसाइकिल रैली कर्गना-बदायूं रोड स्थित द्वार से शुरू होगी। इसके बाद चोपड़ा पटेल चौक और चौकी चौराहा होते हुए यह रैली कलेक्ट्रेट पहुंचेगी, जहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। किसान एकता संघ का कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए है। इस शक्ति प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए संगठन ने जिले के किसानों, युवाओं और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में रैली में शामिल होने की अपील की है। इस प्रेस वार्ता में संगठन के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।1
- बरेली जंक्शन पर शुक्रवार सुबह इंसानियत और सूझबूझ की एक अद्भुत मिसाल सामने आई। वंदे भारत एक्सप्रेस से उतरे एक पूर्व सैनिक सुरेश की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह प्लेटफॉर्म नंबर-2 की सीढ़ियों के पास बेहोश होकर गिर पड़े। कुछ ही पलों में उनकी नब्ज और ऑक्सीजन लेवल तेजी से गिरने लगा, जिससे पूरे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच अपने रिश्तेदार को लेने स्टेशन पहुंचे शहर के प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. परमेंद्र माहेश्वरी किसी फरिश्ते की तरह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना एक पल गंवाए स्थिति को समझा और तत्काल मरीज को सीपीआर (CPR) देना शुरू कर दिया। लगातार कई मिनट तक पूरी निष्ठा और धैर्य के साथ किए गए प्रयास रंग लाए और पूर्व सैनिक सुरेश की रुकी हुई सांसें व धड़कन फिर से चलने लगीं। होश में आने पर सुरेश ने बताया कि वह पहले से हृदय रोग से पीड़ित हैं और इलाज के लिए मिलिट्री अस्पताल जा रहे थे। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया। डॉ. परमेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और यदि समय रहते सही तरीके से सीपीआर दिया जाए तो मरीज की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से भी इस जीवनरक्षक तकनीक को सीखने की अपील की। इस दौरान यात्रियों, जीआरपी, रेलवे कर्मचारियों और ऑटो चालकों ने भी पूरा सहयोग किया। स्टेशन पर मौजूद लोगों ने डॉक्टर की तत्परता, मानवीय संवेदनशीलता और सेवा भावना की जमकर सराहना करते हुए उन्हें "मसीहा" बताया।1