बहादुरपुर मिश्र गांव के ग्रामीण पिछले दो वर्षों से बदहाल सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है। लगभग दो महीने पहले सड़क की ईंटें उखाड़ दिए जाने के बाद से निर्माण कार्य ठप पड़ा है, जिससे स्थिति और खराब हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत के नाम पर पुरानी ईंटें हटाकर रास्ता खोद दिया गया, लेकिन न तो नई सड़क बनाई गई और न ही उखाड़ी गई ईंटों को दोबारा लगाया गया। इससे रास्ते पर गड्ढे और ऊबड़-खाबड़ सतह बन गई है, जिसके कारण पैदल चलने वाले लोगों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को काफी परेशानी हो रही है। बरसात का मौसम नजदीक आने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उनका मानना है कि यदि जल्द निर्माण नहीं हुआ तो यह रास्ता कीचड़ और जलभराव से भर जाएगा, जिससे गांव का संपर्क प्रभावित होगा। कुमरपाल सिंह, महेंद्र, शेर सिंह, अमरपाल, चंद्रपाल, हरद्वारी, लीलाधर और नमन सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत की है, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। गांववासियों ने सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने पर भारी नाराजगी व्यक्त की है और प्रशासन से सड़क निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की है। ग्राम सचिव विदित यादव ने बताया कि संबंधित सड़क का आधा हिस्सा पूरा कर लिया गया है और शेष आधा हिस्सा भी जल्दी ही पूरा कर दिया जाएगा। हालांकि, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो वे संबंधित विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वे फिलहाल उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी समस्या जल्द ही अधिकारियों के संज्ञान में आएगी और वर्षों से चली आ रही परेशानी का समाधान होगा।
बहादुरपुर मिश्र गांव के ग्रामीण पिछले दो वर्षों से बदहाल सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है। लगभग दो महीने पहले सड़क की ईंटें उखाड़ दिए जाने के बाद से निर्माण कार्य ठप पड़ा है, जिससे स्थिति और खराब हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत के नाम पर पुरानी ईंटें हटाकर रास्ता खोद दिया गया, लेकिन न तो नई सड़क बनाई गई और न ही उखाड़ी गई ईंटों को दोबारा लगाया गया। इससे रास्ते पर गड्ढे और ऊबड़-खाबड़ सतह बन गई है, जिसके कारण पैदल चलने वाले लोगों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को काफी परेशानी हो रही है। बरसात का मौसम नजदीक आने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उनका मानना है कि यदि जल्द निर्माण नहीं हुआ तो यह रास्ता कीचड़ और जलभराव से भर जाएगा, जिससे गांव का संपर्क प्रभावित होगा। कुमरपाल
सिंह, महेंद्र, शेर सिंह, अमरपाल, चंद्रपाल, हरद्वारी, लीलाधर और नमन सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत की है, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। गांववासियों ने सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने पर भारी नाराजगी व्यक्त की है और प्रशासन से सड़क निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की है। ग्राम सचिव विदित यादव ने बताया कि संबंधित सड़क का आधा हिस्सा पूरा कर लिया गया है और शेष आधा हिस्सा भी जल्दी ही पूरा कर दिया जाएगा। हालांकि, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो वे संबंधित विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वे फिलहाल उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी समस्या जल्द ही अधिकारियों के संज्ञान में आएगी और वर्षों से चली आ रही परेशानी का समाधान होगा।
- प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री और माध्यमिक शिक्षा विभाग की मंत्री गुलाबो देवी ने अमरोहा की प्रभारी मंत्री बनने के बाद पहली बार जिले का दौरा किया। भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर उसकी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। मंत्री गुलाबो देवी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का व्यापक कायाकल्प हुआ है और देश की तस्वीर तथा तकदीर बदली है। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और योजनाओं को विकास का आधार बताया। प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री गुलाबो देवी ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। अखिलेश यादव की बेटी से जुड़ी टिप्पणी पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने सार्वजनिक जीवन से जुड़े सभी लोगों को अपनी भाषा और शब्दों के चयन में संयम बरतने की नसीहत दी। भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के बाद प्रभारी मंत्री गुलाबो देवी अमरोहा कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक करेंगी। इसके उपरांत, वह एक गौशाला का भी निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगी।3
- अमरोहा जनपद की प्रभारी मंत्री और माध्यमिक शिक्षा विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गुलाब देवी ने शनिवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय अमरोहा का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। इस दौरान मंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से सीधा संवाद कर उन्हें मिल रही सुविधाओं और उपचार के बारे में जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के समय जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़, मुख्य विकास अधिकारी अश्वनी कुमार मिश्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमाकांत सागर और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अश्वनी कुमार भंडारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अस्पताल प्रशासन ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मंत्री का स्वागत किया। मंत्री ने अस्पताल के लेबर रूम, एएनसी-पीएनसी वार्ड, गायनी ओटी, एसएनसीयू, एमएनसीयू, लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट और बच्चा वार्ड जैसे महत्वपूर्ण विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। मरीजों से बातचीत के क्रम में उन्होंने दवाओं, उपचार और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता के संबंध में जानकारी जुटाई। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि प्रतिमाह लगभग 100 सामान्य प्रसव और इतनी ही संख्या में सिजेरियन ऑपरेशन किए जा रहे हैं, जबकि अस्पताल में वर्तमान में कोई महिला रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं है। अपने निरीक्षण के दौरान, प्रभारी मंत्री ने एसएनसीयू वार्ड में नवजात शिशुओं को मिल रहे बेहतर उपचार पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर उपलब्ध कराई जाएं। मंत्री ने अस्पताल की साफ-सफाई और उसकी समग्र व्यवस्थाओं की भी सराहना की। साथ ही, उन्होंने एमसीएच विंग में प्रदर्शित देश की प्रेरणादायी महिलाओं के चित्रों की भी प्रशंसा की। निरीक्षण के समय पार्टी पदाधिकारी और अस्पताल का स्टाफ भी उपस्थित रहा।4
- भारत सरकार ने सभी मेडिकल स्टोर मालिकों के लिए एक सख्त दिशानिर्देश जारी किया है, जिसमें उन्हें मरीजों का इलाज करने के प्रति अत्यधिक सावधान रहने की चेतावनी दी गई है। इन सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि कोई भी मेडिकल स्टोर मालिक मरीजों का इलाज करते हुए पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जिसमें संबंधित व्यक्ति को जेल भी जाना पड़ सकता है। यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मेडिकल स्टोर पर किसी भी प्रकार का इलाज करने से लाइसेंस रद्द होगा, और सभी मेडिकल स्टोर मालिकों को इस महत्वपूर्ण निर्देश पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।1
- अमरोहा में आयोजित साइबर सिक्योरिटी इंटर्नशिप कार्यक्रम के लिए 800 से अधिक प्रतिभागियों का चयन किया गया है। यह इंटर्नशिप कार्यक्रम अमरोहा में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अवसर प्रदान करेगा।1
- भाजपा जन कल्याण मंच ने भीष्म सिंह खड़गवंशी को उत्तर प्रदेश का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस नई जिम्मेदारी के बाद, खड़गवंशी ने अमरोहा के हसनपुर स्थित अपने कार्यालय में एक प्रेस वार्ता आयोजित की, जिसमें उन्होंने संगठन और राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि यह पद उनके लिए सिर्फ एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के प्रति समर्पण, निष्ठा और प्रतिबद्धता से काम करने का एक बड़ा अवसर है। खड़गवंशी ने इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से भाजपा जन कल्याण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन के राष्ट्रीय सचिव व राष्ट्रीय संरक्षक मयंक सिन्हा का धन्यवाद किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं के प्रति भी कृतज्ञता प्रकट की। उन्होंने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि वह पार्टी नेतृत्व के मार्गदर्शन में संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए कार्य करेंगे, सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलेंगे, तथा उत्तर प्रदेश के विकास और जनकल्याण की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्यरत रहेंगे। खड़गवंशी ने यह भी बताया कि संगठन को मजबूत करने के लिए कुछ कार्यकर्ताओं को नियुक्त किया गया है और अमरोहा जिले को जल्द ही एक नया जिला अध्यक्ष मिलेगा। अंत में, उन्होंने संगठन के सभी साथियों और शुभचिंतकों को उनके स्नेह, विश्वास और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।4
- रहना थाना क्षेत्र के गांव ढकीया खादर में महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़, मारपीट और दुष्कर्म के प्रयास के आरोपों को लेकर शुक्रवार को थाना परिसर में भारी हंगामा हुआ। पीड़ित परिवार की तहरीर के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे एक ग्रामीण की पत्नी और भतीजी परचून की दुकान से सामान लेने जा रही थीं, तभी पुराने विवाद के चलते पड़ोसियों ने उन्हें जबरन अपने घर के अंदर खींच लिया। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने महिलाओं के साथ अभद्रता की, उनके कपड़े फाड़ दिए और दुष्कर्म का प्रयास किया। जब महिलाओं ने विरोध किया और शोर मचाया, तो आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला करने की कोशिश की। महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी भाग गए। घटना की सूचना एक ग्रामीण ने यूपी-112 पर दी थी। इसके बाद पीड़ित परिवार रहरा थाना पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि तत्काल कार्रवाई न होने से आक्रोशित परिजनों और समर्थकों ने थाना परिसर में धरना शुरू कर दिया। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में भीम आर्मी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी थाने पहुंच गए और पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। कुछ प्रदर्शनकारियों ने तो जमीन पर लेटकर विरोध दर्ज कराया। करीब एक घंटे तक चले इस हंगामे के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसके मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल को भी सतर्क किया गया। अंततः, संगठन के लोगों के हस्तक्षेप और हंगामे के बाद रहरा थाने में खेमपाल, रामोवतार, धनीराम और सुनील के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।4