लोकसभा में पेश किए गए जनविश्वास बिल का माननीय सांसद राजेश वर्मा ने किया समर्थन, किसानों,युवाओं और व्यापारियों के लिए फायदों को गिनाया जनविश्वास बिल के तहत 78 तरह के कानूनों में बदलाव के प्रावधान ,गुलामी की जंजीरों को तोड़ने वाला है यह बिल - श्री राजेश वर्मा लोकसभा में पिछले दिनों माननीय केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जनविश्वास बिल पेश किया। इस बिल के तहत 78 कानूनों में बदलाव का प्रावधान है। इसका उद्देश्य आम जनजीवन और व्यापार को आसान बनाना है. मामूली सी चूक भी जहां अक्सर आपराधिक मुकदमे का रूप लेती थी इसको देखते हुए जनविश्वास बिल एक बड़े बदलाव की तरह सामने आएगा। खगडिया के माननीय सांसद श्री राजेश वर्मा ने इस बिल का समर्थन करते हुए लोकसभा के पटल पर 8 मिनट तक अपनी बातों को जोरदार तरीके से रखा। उन्होंने कहा की गुलामी की जंजीरों को तोड़ने वाला और 140 करोड़ भारत के नागरिकों के अंदर विश्वास भरने वाला यह बिल है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल एवं कमेटी के अध्यक्ष तेजस्वी सूर्य का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि श्री तेजस्वी सूर्या की अध्यक्षता वाली कमेटी में 49 सिटिंग में कानूनों को एनालाइज किया गया है जिसकी कल्पना विपक्ष कभी नहीं कर सकता है। अंग्रेजों के जमाने के कोर्ट फीस एक्ट 1870 से लेकर नए कोस्टल शिपिंग एक्ट 2025 से हर कानून को न केवल बारीकी से अध्ययन किया गया है बल्कि सर्वसम्मति से पारित करने का काम हमारे इस समिति ने किया है। यह बिल सही मायने में सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे संतु निरामया श्लोक को चरितार्थ करता है। इस बिल में सबको साथ लेकर चलने की सोच है। इस बिल के माध्यम से जो बदलाव होने जा रहा है वह ऐतिहासिक बदलाव है। जिन 78 कानून में संशोधन करने का काम किया जा रहा है न केवल इसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बल्कि इसके साथ-साथ आम नागरिकों का इज ऑफ लिविंग भी सुधरेगा। यह बिल हमारे देश के किसान, युवा ,व्यापारियों के लिए संजीवनी की तरह काम करेगी। आगे बात करते हुए उन्होंने सदन के पटल पर कह की किसानों के लिए द कैटल ट्रेसपास एक्ट 1871 के तहत जब किसी किसान का कोई मवेशी दूसरे किसान के खेतों में चला जाता था, उसके फसल को बर्बाद करता था तो उसको जेल तक का प्रावधान पुरानी सरकार ने करने का काम किया था। हमारी सरकार ने डिक्रिमिनिलाइज्ड ( व्यक्ति के अपराधिक वर्गीकरण को हटाने / काम करने) का काम किया है और अब केवल इसको जुर्माने तक सीमित करने का काम किया गया है। द एपीडा एक्ट 1985 के तहत जब किसान निर्यात के रिटर्न को सही समय पर नहीं जमा कर पाता था तो विपक्ष ने उन पर मुकदमा चलाने तक का भी काम किया था और हमारी सरकार ने पहली बार गलती पर इसको चेतावनी तक सीमित करने का काम किया है। द अप्रेंटिस एक्ट 1961 के तहत नियुक्तियों को अप्रेंटिसशिप कोटा पूर्ण करने पर अपराधिक आरोपी के तरह उन पर कानूनी कार्रवाई होती थी। हमारी सरकार ने इसको खत्म करने का काम किया है। अब जितनी भी कंपनियां है वह न केवल खुलकर युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार देगी बल्कि उनको प्रशिक्षित करने का काम करेगी। श्री राजेश वर्मा ने बुनकर एक्ट पर बात करते हुए कहा कि मैं भागलपुर में जन्म लिया हूं जहां एक बड़ी आबादी बुनकरों की है। बुनकरों के लिए द हैंडलूम एक्ट 1985 लाया गया था हमारे गरीब बुनकर जो गलती से आरक्षित वस्तु अगर बना लेते थे तो उनको जेल में डालने का भी प्रावधान इन लोगों ने बनाया था। हमारी सरकार ने उन प्रावधानों को खत्म करते हुए केवल पेनल्टी तक इसको सीमित करने का काम किया है। सड़कों पर जब लोग चलते हैं तो द मोटर व्हीकल एक्ट 1985 के तहत प्रतिदिन जो ट्रैफिक संबंधित छोटी-छोटी गलतियां होती है उसमें आम नागरिक मुकदमों से लेकर कोर्ट और आरटीओ के चक्कर लगाते थे। हमारी सरकार ने पहली गलती पर चेतावनी और फिर जुर्माने तक इसको सीमित करने का काम किया है। मेरी लोकसभा खगड़िया में सबसे ज्यादा मक्का उत्पादन होता है। मक्का और मखाना हब एपीडा एक्ट लाया गया था वहां पर जब पहली बार कोई किसान निर्यात करने पर कागजी कार्रवाई में कोई गलती कर देता था तो उस पर मुकदमा चलाने का काम यह लोग करते थे। हमारी सरकार ने उसको हटाकर पूरी तरीके से किसानों के मनोबल को बढ़ाने का काम किया है । अब पूरी तरीके से कृषि के क्षेत्र में न केवल किसान बल्कि युवा भी अपने स्टार्टअप को लेकर दुनिया भर में निडर होकर निर्यात कर सकेंगे। पिछले 11 वर्षों में हमारी सरकार ने निरंतर अथक प्रयास कर 1633 ऐसे पुराने और जटिल कानूनों को खत्म करने का काम किया है। अब जिसकी वजह से देश का व्यापारी, देश का किसान, देश का युवा एवं मध्यम वर्गीय परिवार निडर होकर अपना जीवन जी रहा है। 2014 से 2025 के तक भारत में 748.38 बिलियन अमेरिकी डॉलर का फॉरेन डेक इन्वेस्टमेंट करके 143% तक वृद्धि करने का काम हमारी सरकार में किया गया है। हमारी सरकार न केवल कानून बनाती है बल्कि उस कानून का धरातल पर होता हुआ मूलचूल परिवर्तन भी देखा जा रहा है। मोदी सरकार ने कई ऐसे प्रति को भी उखाड़ फेंकने का काम किया है जो राजशाही तरीके से चलने का काम करते हैं। राजपथ को कर्तव्य पथ बनाने का काम हुआ। क्योंकि एक सच्चे लोकतंत्र में कोई राजा नहीं होता है यहां सिर्फ और सिर्फ कर्तव्य प्रधान होता है। हमारी सरकार ने नौसेना का नया निशान दिया है विपक्ष के कार्यकाल में नौसेना के झंडे सेंट जॉर्ज क्रॉस हुआ करता था जो गुलामी का बहुत बड़ा दाग था। हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री ने नौसेना को एक नया निशान अनावरण करने का काम किया है जिसमें महान छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा अंकित है।। जहां अंग्रेजों के बनाए गए आईपीसी, सीआरपीसी एक्ट हुआ करते थे उस जगह पर हमारी सरकार ने भारतीय न्याय संहिता ,भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम करने का काम किया है। विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए श्री राजेश वर्मा ने शायराना अंदाज में कहा कि तुम विरोध करते रहो, भ्रम फैलाते रहो हम सच की राह पर चलते रहेंगे। तुम तूफान मचाते रहो हम हर बार दीपक बनकर जलते रहेंगे, तुम झूठ के सांचे चाहे जितनी गहरी कर लो, हम सच्चाई की किरणें बन ढलते रहेंगे। तुम सवालों में उलझ राह भटकते रहो, हम तुम्हें हर मोड़ पर जवाब बनकर मिलते रहेंगे।
लोकसभा में पेश किए गए जनविश्वास बिल का माननीय सांसद राजेश वर्मा ने किया समर्थन, किसानों,युवाओं और व्यापारियों के लिए फायदों को गिनाया जनविश्वास बिल के तहत 78 तरह के कानूनों में बदलाव के प्रावधान ,गुलामी की जंजीरों को तोड़ने वाला है यह बिल - श्री राजेश वर्मा लोकसभा में पिछले दिनों माननीय केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जनविश्वास बिल पेश किया। इस बिल के तहत 78 कानूनों में बदलाव का प्रावधान है। इसका उद्देश्य आम जनजीवन और व्यापार को आसान बनाना है. मामूली सी चूक भी जहां अक्सर आपराधिक मुकदमे का रूप लेती थी इसको देखते हुए जनविश्वास बिल एक बड़े बदलाव की तरह सामने आएगा। खगडिया के माननीय सांसद श्री राजेश वर्मा ने इस बिल का समर्थन करते हुए लोकसभा के पटल पर 8 मिनट तक अपनी बातों को जोरदार तरीके से रखा। उन्होंने कहा की गुलामी की जंजीरों को तोड़ने वाला और 140 करोड़ भारत के नागरिकों के अंदर विश्वास भरने वाला यह बिल है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल एवं कमेटी के अध्यक्ष तेजस्वी सूर्य का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि श्री तेजस्वी सूर्या की अध्यक्षता वाली कमेटी में 49 सिटिंग में कानूनों को एनालाइज किया गया है जिसकी कल्पना विपक्ष कभी नहीं कर सकता है। अंग्रेजों के जमाने के कोर्ट फीस एक्ट 1870 से लेकर नए कोस्टल शिपिंग एक्ट 2025 से हर कानून को न केवल बारीकी से अध्ययन किया गया है बल्कि सर्वसम्मति से पारित करने का काम हमारे इस समिति ने किया है। यह बिल सही मायने में सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे संतु निरामया श्लोक को चरितार्थ करता है। इस बिल में सबको साथ लेकर चलने की सोच है। इस बिल के माध्यम से जो बदलाव होने जा रहा है वह ऐतिहासिक बदलाव है। जिन 78 कानून में संशोधन करने का काम किया जा रहा है न केवल इसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बल्कि इसके साथ-साथ आम नागरिकों का इज ऑफ लिविंग भी सुधरेगा। यह बिल हमारे देश के किसान, युवा ,व्यापारियों के लिए संजीवनी की तरह काम करेगी। आगे बात करते हुए उन्होंने सदन के पटल पर कह की किसानों के लिए द कैटल ट्रेसपास एक्ट 1871 के तहत
जब किसी किसान का कोई मवेशी दूसरे किसान के खेतों में चला जाता था, उसके फसल को बर्बाद करता था तो उसको जेल तक का प्रावधान पुरानी सरकार ने करने का काम किया था। हमारी सरकार ने डिक्रिमिनिलाइज्ड ( व्यक्ति के अपराधिक वर्गीकरण को हटाने / काम करने) का काम किया है और अब केवल इसको जुर्माने तक सीमित करने का काम किया गया है। द एपीडा एक्ट 1985 के तहत जब किसान निर्यात के रिटर्न को सही समय पर नहीं जमा कर पाता था तो विपक्ष ने उन पर मुकदमा चलाने तक का भी काम किया था और हमारी सरकार ने पहली बार गलती पर इसको चेतावनी तक सीमित करने का काम किया है। द अप्रेंटिस एक्ट 1961 के तहत नियुक्तियों को अप्रेंटिसशिप कोटा पूर्ण करने पर अपराधिक आरोपी के तरह उन पर कानूनी कार्रवाई होती थी। हमारी सरकार ने इसको खत्म करने का काम किया है। अब जितनी भी कंपनियां है वह न केवल खुलकर युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार देगी बल्कि उनको प्रशिक्षित करने का काम करेगी। श्री राजेश वर्मा ने बुनकर एक्ट पर बात करते हुए कहा कि मैं भागलपुर में जन्म लिया हूं जहां एक बड़ी आबादी बुनकरों की है। बुनकरों के लिए द हैंडलूम एक्ट 1985 लाया गया था हमारे गरीब बुनकर जो गलती से आरक्षित वस्तु अगर बना लेते थे तो उनको जेल में डालने का भी प्रावधान इन लोगों ने बनाया था। हमारी सरकार ने उन प्रावधानों को खत्म करते हुए केवल पेनल्टी तक इसको सीमित करने का काम किया है। सड़कों पर जब लोग चलते हैं तो द मोटर व्हीकल एक्ट 1985 के तहत प्रतिदिन जो ट्रैफिक संबंधित छोटी-छोटी गलतियां होती है उसमें आम नागरिक मुकदमों से लेकर कोर्ट और आरटीओ के चक्कर लगाते थे। हमारी सरकार ने पहली गलती पर चेतावनी और फिर जुर्माने तक इसको सीमित करने का काम किया है। मेरी लोकसभा खगड़िया में सबसे ज्यादा मक्का उत्पादन होता है। मक्का और मखाना हब एपीडा एक्ट लाया गया था वहां पर जब पहली बार कोई किसान निर्यात करने पर कागजी कार्रवाई में कोई गलती कर देता था तो उस पर मुकदमा चलाने का काम यह लोग करते थे।
हमारी सरकार ने उसको हटाकर पूरी तरीके से किसानों के मनोबल को बढ़ाने का काम किया है । अब पूरी तरीके से कृषि के क्षेत्र में न केवल किसान बल्कि युवा भी अपने स्टार्टअप को लेकर दुनिया भर में निडर होकर निर्यात कर सकेंगे। पिछले 11 वर्षों में हमारी सरकार ने निरंतर अथक प्रयास कर 1633 ऐसे पुराने और जटिल कानूनों को खत्म करने का काम किया है। अब जिसकी वजह से देश का व्यापारी, देश का किसान, देश का युवा एवं मध्यम वर्गीय परिवार निडर होकर अपना जीवन जी रहा है। 2014 से 2025 के तक भारत में 748.38 बिलियन अमेरिकी डॉलर का फॉरेन डेक इन्वेस्टमेंट करके 143% तक वृद्धि करने का काम हमारी सरकार में किया गया है। हमारी सरकार न केवल कानून बनाती है बल्कि उस कानून का धरातल पर होता हुआ मूलचूल परिवर्तन भी देखा जा रहा है। मोदी सरकार ने कई ऐसे प्रति को भी उखाड़ फेंकने का काम किया है जो राजशाही तरीके से चलने का काम करते हैं। राजपथ को कर्तव्य पथ बनाने का काम हुआ। क्योंकि एक सच्चे लोकतंत्र में कोई राजा नहीं होता है यहां सिर्फ और सिर्फ कर्तव्य प्रधान होता है। हमारी सरकार ने नौसेना का नया निशान दिया है विपक्ष के कार्यकाल में नौसेना के झंडे सेंट जॉर्ज क्रॉस हुआ करता था जो गुलामी का बहुत बड़ा दाग था। हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री ने नौसेना को एक नया निशान अनावरण करने का काम किया है जिसमें महान छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा अंकित है।। जहां अंग्रेजों के बनाए गए आईपीसी, सीआरपीसी एक्ट हुआ करते थे उस जगह पर हमारी सरकार ने भारतीय न्याय संहिता ,भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम करने का काम किया है। विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए श्री राजेश वर्मा ने शायराना अंदाज में कहा कि तुम विरोध करते रहो, भ्रम फैलाते रहो हम सच की राह पर चलते रहेंगे। तुम तूफान मचाते रहो हम हर बार दीपक बनकर जलते रहेंगे, तुम झूठ के सांचे चाहे जितनी गहरी कर लो, हम सच्चाई की किरणें बन ढलते रहेंगे। तुम सवालों में उलझ राह भटकते रहो, हम तुम्हें हर मोड़ पर जवाब बनकर मिलते रहेंगे।
- सुपौल जिले के रामदास ठाकुरबाड़ी मंदिर में इस वर्ष हनुमान जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इसको लेकर पूजा समिति के सदस्यों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। समिति के पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि आयोजन को भव्य बनाने के लिए मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है तथा विशेष पूजा-अर्चना की व्यवस्था की गई है। हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर सुबह से ही पूजा-पाठ, हनुमान चालीसा का पाठ, सुंदरकांड एवं भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की भी विशेष व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, जिससे मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिलेगा। पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी आयोजन को सफल और यादगार बनाने के लिए व्यापक तैयारी की जा रही है। सुरक्षा एवं व्यवस्था को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। हनुमान जन्मोत्सव को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है और सभी श्रद्धालु इस पावन अवसर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।1
- फारबिसगंज में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, महंगाई और किसान मुद्दों पर केंद्र सरकार घिरी1
- जिलाधिकारी, सुपौल की अध्यक्षता में उनके कार्यालय वेश्म में जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जीविका परियोजना अंतर्गत सभी प्रखंडों के प्रखंड परियोजना प्रबंधक एवं जिला परियोजना प्रबंधक उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों की समीक्षा करना तथा आगामी कार्ययोजना एवं रणनीतियों का निर्धारण करना था। जिलाधिकारी महोदय द्वारा जीविका के विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिया कि विभिन्न बैंकों के सहयोग से क्रेडिट लिंकेज (03 एवं 04) को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक जीविका दीदियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सके। साथ ही, कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से आय वृद्धि के अवसर सृजित कर जीविका समूहों को अधिक लाभ पहुंचाने पर बल दिया गया। उन्होंने कृषि विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जीविका दीदियों को कृषि आधारित गतिविधियों से जोड़ने तथा उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत सभी लाभार्थी दीदियों को समय पर प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हुए उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, प्रति सप्ताह कम से कम तीन सफल कहानियां साझा करने के निर्देश दिए गए, ताकि अन्य दीदियों को प्रेरणा मिल सके एवं योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव का व्यापक प्रसार हो सके। जिला प्रशासन, सुपौल द्वारा संबंधित सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें।3
- सहरसा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सदर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है, जो किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में था। मामला सदर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति बड़ी वारदात की योजना बना रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आई और छापेमारी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने बेंगहा निवासी लक्ष्मण ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। बरामद हथियारों को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि आरोपी किसी गंभीर अपराध को अंजाम देने की तैयारी में था। फिलहाल पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि वह किस वारदात को अंजाम देने वाला था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी का किसी आपराधिक गिरोह से संबंध तो नहीं है।1
- बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला मधेपुरा से सामने आया है, जहां एक लग्जरी कार से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई है। इस कार्रवाई में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पुलिस अब पूरे नेटवर्क की तलाश में जुट गई है। मधेपुरा में मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग को बड़ी सफलता मिली है। वाहन जांच के दौरान मुरलीगंज थाना क्षेत्र में मीरगंज और जोरगामा के बीच एक संदिग्ध टाटा नेक्सन कार को रोका गया। जब टीम ने गाड़ी की तलाशी ली तो अंदर छिपाकर रखी गई अलग-अलग ब्रांड की विदेशी शराब की 148 बोतलें और टेट्रा पैक बरामद हुए। कुल मिलाकर करीब 52 लीटर शराब जब्त की गई है। कार में सवार एक व्यक्ति, जिसकी पहचान भर्राही थाना क्षेत्र के राजपुर निवासी अनुराजा के रूप में हुई है, उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। प्राथमिक पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़े तस्करी नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका है। बाइट --बबलू कुमार, मद्य निषेध निरीक्षक, मधेपुरा पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और शराब तस्करों में डर का माहौल है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।4
- मधेपुर प्रखंड के खजुरी में किसान अपने फसल को सुरक्षा को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे भेजा प्रशासन को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जाम को हटवाया जिससे जरूरी वाहन और इमरजेंसी में घर से निकले लोगों को मिला राहत भेजा थाना प्रशासन ने कहा लिखित में शिकायत दीजिए कार्रवाई जरूर करेंगे1
- पटना चिड़िया घरमें लगभग सभी प्रजातियां का जंगली जानवरों को रखा गया हैं1
- समाहरणालय, सुपौल स्थित लहटन चौधरी सभागार में श्री सावन कुमार, भा०प्र०से०, जिलाधिकारी, सुपौल एवं पुलिस अधीक्षक, सुपौल की संयुक्त अध्यक्षता में जिले के गैस एजेंसियों, क्षेत्रीय प्रबंधकों एवं संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था की नियमितता, कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण, तथा उपभोक्ताओं को समय पर गैस वितरण सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महोदय ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप पारदर्शी एवं सुचारू आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखें। जिलाधिकारी महोदय ने अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने एवं किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा होम डिलीवरी शत् प्रतिशत प्रारंभ करने के साथ ही फर्स्ट इन फर्स्ट आउट का अनुपालन कराई से किए जाने का निदेश दिया गया उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को नियमित निरीक्षण एवं निगरानी बढ़ाने पर बल दिया। बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सुपौल, जिला परिवहन पदाधिकारी, सुपौल सभी अनुमंडल पदाधिकारी सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सहित विभिन्न गैस एजेंसियों के क्षेत्रीय प्रबंधक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।2