किसानों के साथ छलावा बर्दाश्त नहीं! 4 गुना मुआवजा नहीं मिला तो राष्ट्रीय राजमार्ग का काम ठप करेगा राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ खरगोन: राष्ट्रीय राजमार्ग 347B (देशगाँव-खरगोन-जुलवानिया) के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण में किसानों को उनके हक से वंचित करने पर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने शासन-प्रशासन को खुली चेतावनी दी है। महासंघ के खरगोन तहसील अध्यक्ष सुखदेव पाटीदार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसानों को नए कानून के तहत 4 गुना मुआवजा नहीं दिया गया, तो प्रभावित गाँवों का एक-एक किसान सड़कों पर उतरेगा और इस राजमार्ग योजना का घोर विरोध किया जाएगा। भविष्य में उत्पन्न होने वाले किसी भी उग्र आंदोलन और उसके परिणामों की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। महासंघ ने मुख्यमंत्री महोदय के नाम खरगोन जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कड़ा ऐतराज जताया है। सुखदेव पाटीदार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 24 अप्रैल 2026 को भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन कर मुआवजा 2 गुना से बढ़ाकर 4 गुना कर दिया गया है। लेकिन खरगोन जिले में प्रशासन अभी भी पुरानी 2 गुना की दर से ही मुआवजे का निर्धारण कर किसानों को लूटने का काम कर रहा है। सरकार की यह दोहरी नीति और मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत काम करने वाले अधिकारियों की तानाशाही को किसान कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। किसानों के साथ छलावा बर्दाश्त नहीं! 4 गुना मुआवजा नहीं मिला तो राष्ट्रीय राजमार्ग का काम ठप करेगा राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ खरगोन: (देशगाँव-खरगोन-जुलवानिया) के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण में किसानों को उनके हक से वंचित करने पर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने शासन-प्रशासन को खुली चेतावनी दी है। महासंघ के खरगोन तहसील अध्यक्ष सुखदेव पाटीदार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसानों को नए कानून के तहत 4 गुना मुआवजा नहीं दिया गया, तो प्रभावित गाँवों का एक-एक किसान सड़कों पर उतरेगा और इस राजमार्ग योजना का घोर विरोध किया जाएगा। भविष्य में उत्पन्न होने वाले किसी भी उग्र आंदोलन और उसके परिणामों की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। महासंघ ने मुख्यमंत्री महोदय के नाम खरगोन जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कड़ा ऐतराज जताया है। सुखदेव पाटीदार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 24 अप्रैल 2026 को भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन कर मुआवजा 2 गुना से बढ़ाकर 4 गुना कर दिया गया है। लेकिन खरगोन जिले में प्रशासन अभी भी पुरानी 2 गुना की दर से ही मुआवजे का निर्धारण कर किसानों को लूटने का काम कर रहा है। सरकार की यह दोहरी नीति और मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत काम करने वाले अधिकारियों की तानाशाही को किसान कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित 4 सूत्रीय मांगें सख्ती से रखी हैं: तत्काल प्रभाव से 4 गुना मुआवजा: भूमि अधिग्रहण का मुआवजा वर्तमान गाइडलाइन (वर्ष 2026-27) के अनुसार ही तय किया जाए और किसानों को अनिवार्य रूप से 4 गुना राशि का भुगतान हो। पुराने अवार्ड को रद्द कर नया नियम लागू हो: दिनांक 05-12-2025 को पारित किए गए पुराने अवार्ड को अंतिम न मानकर, 24 अप्रैल 2026 के नए संशोधित कानून के तहत उसे अपडेट किया जाए। एक निश्चित समय सीमा में 4 गुना मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित हो। व्यावसायिक भूमि का सही मूल्यांकन: किसानों की व्यावसायिक भूमि का मूल्यांकन कौड़ियों के भाव नहीं, बल्कि बाजार की व्यावसायिक दरों (Commercial Rates) के आधार पर ही किया जाए। हर प्रभावित परिवार को सरकारी नौकरी: भूमि अधिग्रहण की वजह से अपना रोजगार खोने वाले प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को उसकी शिक्षा के अनुसार सरकारी नौकरी दी जाए। महासंघ ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यह ज्ञापन सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं है, बल्कि किसानों के सब्र की अंतिम चेतावनी है। अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं, तो पूरा खरगोन जिला एक अभूतपूर्व किसान आंदोलन का गवाह बनेगा। जारीकर्ता: सुखदेव पाटीदार तहसील अध्यक्ष (खरगोन) राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ, जिला खरगोन (म.प्र.)
किसानों के साथ छलावा बर्दाश्त नहीं! 4 गुना मुआवजा नहीं मिला तो राष्ट्रीय राजमार्ग का काम ठप करेगा राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ खरगोन: राष्ट्रीय राजमार्ग 347B (देशगाँव-खरगोन-जुलवानिया) के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण में किसानों को उनके हक से वंचित करने पर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने शासन-प्रशासन को खुली चेतावनी दी है। महासंघ के खरगोन तहसील अध्यक्ष सुखदेव पाटीदार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसानों को नए कानून के तहत 4 गुना मुआवजा नहीं दिया गया, तो प्रभावित गाँवों का एक-एक किसान सड़कों पर उतरेगा और इस राजमार्ग योजना का घोर विरोध किया जाएगा। भविष्य में उत्पन्न होने वाले किसी भी उग्र आंदोलन और उसके परिणामों की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। महासंघ ने मुख्यमंत्री महोदय के नाम खरगोन जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कड़ा ऐतराज जताया है। सुखदेव पाटीदार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 24 अप्रैल 2026 को भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन कर मुआवजा 2 गुना से बढ़ाकर 4 गुना कर दिया गया है। लेकिन खरगोन जिले में प्रशासन अभी भी पुरानी 2 गुना की दर से ही मुआवजे का निर्धारण कर किसानों को लूटने का काम कर रहा है। सरकार की यह दोहरी नीति और मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत काम करने वाले अधिकारियों की तानाशाही को
किसान कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। किसानों के साथ छलावा बर्दाश्त नहीं! 4 गुना मुआवजा नहीं मिला तो राष्ट्रीय राजमार्ग का काम ठप करेगा राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ खरगोन: (देशगाँव-खरगोन-जुलवानिया) के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण में किसानों को उनके हक से वंचित करने पर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने शासन-प्रशासन को खुली चेतावनी दी है। महासंघ के खरगोन तहसील अध्यक्ष सुखदेव पाटीदार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसानों को नए कानून के तहत 4 गुना मुआवजा नहीं दिया गया, तो प्रभावित गाँवों का एक-एक किसान सड़कों पर उतरेगा और इस राजमार्ग योजना का घोर विरोध किया जाएगा। भविष्य में उत्पन्न होने वाले किसी भी उग्र आंदोलन और उसके परिणामों की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। महासंघ ने मुख्यमंत्री महोदय के नाम खरगोन जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कड़ा ऐतराज जताया है। सुखदेव पाटीदार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 24 अप्रैल 2026 को भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन कर मुआवजा 2 गुना से बढ़ाकर 4 गुना कर दिया गया है। लेकिन खरगोन जिले में प्रशासन अभी भी पुरानी 2 गुना की दर से ही मुआवजे का निर्धारण कर किसानों को लूटने का काम कर रहा है। सरकार की यह दोहरी नीति और मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत काम करने वाले अधिकारियों की तानाशाही
को किसान कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित 4 सूत्रीय मांगें सख्ती से रखी हैं: तत्काल प्रभाव से 4 गुना मुआवजा: भूमि अधिग्रहण का मुआवजा वर्तमान गाइडलाइन (वर्ष 2026-27) के अनुसार ही तय किया जाए और किसानों को अनिवार्य रूप से 4 गुना राशि का भुगतान हो। पुराने अवार्ड को रद्द कर नया नियम लागू हो: दिनांक 05-12-2025 को पारित किए गए पुराने अवार्ड को अंतिम न मानकर, 24 अप्रैल 2026 के नए संशोधित कानून के तहत उसे अपडेट किया जाए। एक निश्चित समय सीमा में 4 गुना मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित हो। व्यावसायिक भूमि का सही मूल्यांकन: किसानों की व्यावसायिक भूमि का मूल्यांकन कौड़ियों के भाव नहीं, बल्कि बाजार की व्यावसायिक दरों (Commercial Rates) के आधार पर ही किया जाए। हर प्रभावित परिवार को सरकारी नौकरी: भूमि अधिग्रहण की वजह से अपना रोजगार खोने वाले प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को उसकी शिक्षा के अनुसार सरकारी नौकरी दी जाए। महासंघ ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यह ज्ञापन सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं है, बल्कि किसानों के सब्र की अंतिम चेतावनी है। अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं, तो पूरा खरगोन जिला एक अभूतपूर्व किसान आंदोलन का गवाह बनेगा। जारीकर्ता: सुखदेव पाटीदार तहसील अध्यक्ष (खरगोन) राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ, जिला खरगोन (म.प्र.)
- अब खुले जंगल में घूमेंगे और दो चिते सीएम डॉ मोहन यादव बोले प्रोजेक्ट चिता में रोज कीर्तिमान रच रहा है एमपी *अब खुले जंगल में घूमेंगे और 2 चीते, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- 'प्रोजेक्ट चीता' में रोज कीर्तिमान रच रहा एमपी* - *मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण* - *प्रदेश के मुखिया ने बाड़े से आजाद किए दो मादा चीते* - *अब देश में चीतों की संख्या हुई 57* - *प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सफलता से आगे बढ़ रही चीता परियोजना* भोपाल/श्योपुर। मध्यप्रदेश वाइल्डलाइफ के लिए 11 मई का दिन खास रहा। दो और चीते अपने बाड़े से निकल कर खुले जंगल में पहुंच गए। अब दोनों प्रदेश के साथ-साथ दूसरे राज्यों के इको-सिस्टम को मजबूत करने में सहयोग करेंगे। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। उन्होंने यहां दो मादा चीतों को बाड़े से मुक्त कर दिया। बाड़े से निकलते ही दोनो चीते उछलते-कूदते जंगल की ओर चले गए। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती ने चीतों को अंगीकृत कर अपने परिवार का हिस्सा बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगभग साढ़े तीन वर्ष पूर्व कूनो में चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। भारत में चीता पुनःस्थापना की यह परियोजना सफलता के साथ आगे बढ़ रही है। चीता पुनर्विस्थापन के इस महत्वपूर्ण कार्य में मध्यप्रदेश नित नए कीर्तिमान रच रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश धर्म, निवेश एवं जैनेटिक जैव विविधता के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और अब बोत्सवाना से लाए गए चीतों के पुनर्स्थापन को निरंतर सफलता मिल रही है। आज प्रदेश ने देश में चीता स्टेट के रूप में पहचान बनाई है। वर्तमान में चीतों की संख्या 57 है, जिनमें से 54 कूनो नेशनल पार्क में और 03 गांधी सागर अभ्यारण्य में हैं। *मध्यप्रदेश ने बनाया एक नया इतिहास* भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि मध्यप्रदेश ने एक नया इतिहास बनाया है। हमने आज कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए दो मादा चीतों को छोड़ा है। हमने सह-अस्तित्व की भावना प्रकट करते हुए दोनों को खुले जंगल में, खुले वातावरण में प्रकृति के साथ रहने के लिए छोड़ा है। मैं श्योपुर और चंबल के क्षेत्र के लोगों को बधाई देता हूं। इन चीताों का बसेरा अब 5 हजार किमी में हुआ है। हमारे लिए गौरव की बात है कि अब ये हमारे साथ परिवार की तरह रहने लगे हैं। हमें पता ही नहीं चलता कि कब हमारा चीता दौड़ते-दौड़ते राजस्थान पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि चीते चंबल के इलाकों ग्वालियर-शिवपुरी-राजगढ़ सहित कई इलाकों में दस्तक दे रहे हैं। हमें इन चीतों के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी सौगात दी है। मैं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को भी बधाई देता हूं। मैं उन सभी अधिकारियों को बधाई देता हूं, जिन्होंने प्रोजेक्ट चीता के लिए अथक पसीना बहाया है। उन्होंने कहा कि कूनो नेशनल पार्क प्रोजेक्ट चीता का नया रिकॉर्ड बना रहा है। हमारे फॉरेस्ट के अधिकारी, मेडिकल स्टाफ के लोग, यहां के संरक्षक, स्थानीय जनों और चीतों ने एक-दूसरे को परिवार मान लिया है। यह विश्व की अनूठी घटना है। यह फॉरेस्ट विभाग के लिए गौरव की बात है। चीते जीवन बिताने के लिए इस माहौल में ढल गए हैं। यह इको-सिस्टम के लिए अच्छा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जो चीते मिले थे, धीरे-धीरे हम उनको खुले वातावरण में छोड़ रहे हैं। हम जीयो और जीने-दो के सिद्धांत पर विश्वास करते हैं। *वाइल्डलाइफ में जुड़ा अहम अध्याय* गौरतलब है कि, इसी साल फरवरी के अंत में बोत्सवाना से 9 नए चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। इनमें 6 मादा और 3 नर शामिल हैं। यहां लाने के बाद इन सभी को क्वारंटीन किया गया था। क्वारंटीन की अवधि पूरी करने के बाद सभी को छोटे बाड़ों में रखा गया। इससे वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ढल गए। इन्हीं 9 में से 2 चीतों को आज खुले जंगल में छोड़ा गया है। इन चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से ‘प्रोजेक्ट चीता’ को नई गति मिलेगी। इससे भारत की वाइल्डलाइफ के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ेगा। *ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए बोत्सवाना की चीते* वाइल्डलाइप एक्सपर्ट्स का मानना है कि बोत्सवाना से लाए गए चीते ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए हैं। इनसे कूनो में चीतों की स्वस्थ और दीर्घकालिक आबादी विकसित करने में मदद मिलेगी। एक्सपर्ट्स ने यह भी उम्मीद जताई है कि ये चीते कूनो के वातावरण में तेजी से घुल-मिल जाएंगे। इन चीतों को गांधी सागर और नौरादेही जैसे अन्य अभ्यारण्यों में भी बसाने की तैयारी की जा रही है। *कब-कब कहां-कहां से लाए गए चीते* इन चीतों के साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या 57 हो गई है। बता दें, नामीबिया से 17 सितंबर 2022 को 8, वर्ष 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। बोत्सवाना से आए चीतों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के माध्यम से ग्वालियर लाया गया था। यहां से उन्हें हेलीकॉप्टर द्वारा कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया गया। प्रोजेक्ट चीता का उद्देश्य प्रदेश से लुप्त हुये चीतों की प्रजाति को पुनर्स्थापित करना, उनकी संख्या में वृद्धि करना और उन्हें स्वतंत्र रूप से शिकार और विचरण के लिए तैयार करना है।2
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कम तेल खाने और कम ईंधन खर्च करने की अपील और एक साल तक सोना नहीं खरीदने की बात का मप्र के सहकारिता मंत्री और खरगोन जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग ने किया समर्थन... खरगोन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कम तेल खाने और कम ईंधन खर्च करने की अपील और एक साल तक सोना नहीं खरीदने की बात का मप्र के सहकारिता मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग ने किया समर्थन मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की अर्थ व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में यह बड़ी पांच बातें कही थी वर्तमान में युद्ध के चलते पूरी दुनिया में ईंधन और पेट्रोल डीजल पर इसका व्यापक असर दिखाई दे रहा है तेल की खपत कम होगी तो हमारी विदेशी मुद्रा बचेगी, मोदी जी ने विदेश में डेस्टिनेशन शादी पर भी फिजूल खर्ची नहीं करने की लोगों से अपील की है वे प्रधानमंत्री ही नहीं बल्कि समाज को सही दिशा दिखाने वाले नेता भी हैं कल हैदराबाद में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में दिया था बयान मंत्री सारंग आज कलेक्टर कार्यालय में आयोजित होने वाली बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं खरगोन2
- खरगोन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कम तेल खाने और कम ईंधन खर्च करने की अपील और एक साल तक सोना नहीं खरीदने की बात का मप्र के सहकारिता मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग ने किया समर्थन मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की अर्थ व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में यह बड़ी पांच बातें कही थी वर्तमान में युद्ध के चलते पूरी दुनिया में ईंधन और पेट्रोल डीजल पर इसका व्यापक असर दिखाई दे रहा है खरगोन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कम तेल खाने और कम ईंधन खर्च करने की अपील और एक साल तक सोना नहीं खरीदने की बात का मप्र के सहकारिता मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग ने किया समर्थन मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की अर्थ व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में यह बड़ी पांच बातें कही थी वर्तमान में युद्ध के चलते पूरी दुनिया में ईंधन और पेट्रोल डीजल पर इसका व्यापक असर दिखाई दे रहा है तेल की खपत कम होगी तो हमारी विदेशी मुद्रा बचेगी, मोदी जी ने विदेश में डेस्टिनेशन शादी पर भी फिजूल खर्ची नहीं करने की लोगों से अपील की है वे प्रधानमंत्री ही नहीं बल्कि समाज को सही दिशा दिखाने वाले नेता भी हैं कल हैदराबाद में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में दिया था बयान मंत्री सारंग आज कलेक्टर कार्यालय में आयोजित होने वाली बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं खरगोन9
- मांडू की पहचान को भू माफिया निजी लाभ के लिए कर रहे धराशाय देखते है पूरी ख़बर। @sunnyrlivemp2
- राजपुर नगर परिषद ने नेशनल लोक अदालत में एक विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत 4 लाख रुपये से अधिक के लंबित करों की वसूली की गई। इस कार्रवाई से नागरिकों को अपने बकाया निपटाने का अवसर मिला, जिससे नगर विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कोरोना काल के दौरान अपनाए गए कार्यशैली को फिर से अपनाने की बात कही है। उन्होंने अधिकारियों को इन-हाउस मीटिंग और ऑनलाइन कार्य को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। यह पहल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक हो सकती है।1
- सद्भावना मंच ने मदर्स डे के अवसर पर खंडवा में 'एक शाम मां के नाम' संगीत निशा का आयोजन किया। इस अनूठी संगीत संध्या में मां की महिमा पर आधारित गीतों से श्रोताओं का मन मोह लिया गया।1
- खरगोन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कम तेल खाने और कम ईंधन खर्च करने की अपील खरगोन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कम तेल खाने और कम ईंधन खर्च करने की अपील और एक साल तक सोना नहीं खरीदने की बात का मप्र के सहकारिता मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग ने किया समर्थन मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की अर्थ व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में यह बड़ी पांच बातें कही थी वर्तमान में युद्ध के चलते पूरी दुनिया में ईंधन और पेट्रोल डीजल पर इसका व्यापक असर दिखाई दे रहा है तेल की खपत कम होगी तो हमारी विदेशी मुद्रा बचेगी, मोदी जी ने विदेश में डेस्टिनेशन शादी पर भी फिजूल खर्ची नहीं करने की लोगों से अपील की है वे प्रधानमंत्री ही नहीं बल्कि समाज को सही दिशा दिखाने वाले नेता भी हैं कल हैदराबाद में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में दिया था बयान मंत्री सारंग आज कलेक्टर कार्यालय में आयोजित होने वाली बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं खरगोन10