औरैया,अखिल भारतीय अन्तर्विषयक संगोष्ठी का आयोजन आज व कल औरैया, 23 मार्च। तिलक महाविद्यालय, औरैया के प्राचार्य प्रो० रवि कुमार ने बताया कि महाविद्यालय में आगामी 24 और 25 मार्च को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर और तिलक महाविद्यालय, औरैया के संयुक्त तत्वावधान में 'भारतीय चिंतन परंपरा में 'भारत बोध' : सांस्कृतिक और समकालीन अस्मितामूलक विमर्श' विषय पर एक अखिल भारतीय अन्तर्विषयक संगोष्ठी का आयोजन हाईब्रिड मोड पर किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन दिनांक 24 मार्च को इन्दिरा सभागार, महाविद्यालय परिसर में किया जाएगा। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो० राजेश कुमार द्विवेदी, निदेशक, महाविद्यालय विकास परिषद, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर होंगे। मुख्य वक्ता के रूप में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली के वरिष्ठ आचार्य प्रो० सुधीर कुमार आर्य अपना वैदुष्यपूर्ण वक्तव्य देंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो० वीरेन्द्र सिंह यादव, आचार्य, डाॅ० शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, मोहान रोड, लखनऊ की गरिमामय उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम के इस सत्र की अध्यक्षता श्रीमान अध्यक्ष, प्रबंध समिति, तिलक महाविद्यालय, औरैया करेंगे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में महाविद्यालय प्रबंध समिति के मंत्री/सचिव उपस्थित रहेंगे। साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय के संस्कृत-विभागाध्यक्ष डाॅ० अभिमन्यु सिंह, डाॅ० राजेन्द्र प्रसाद द्विवेदी व कानपुर से प्रो० प्रीति वाधवानी, प्रो० राजेश कुमार तिवरी, डाॅ० यतींद्र सिंह आदी भी उपस्थित रहेंगे। प्राचार्य जी ने यह भी बताया कि इस संगोष्ठी को सफलतापूर्वक आयोजित करने का दायित्व महाविद्यालय की आई०क्यू०ए०सी० व हिन्दी विभाग को दिया गया है। इसे सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने हेतु प्रो० सियाराम को इसका संयोजक और प्रो० प्रेम प्रकाश को आयोजन सचिव बनाया गया है। इनके सहयोग हेतु डाॅ० राजेश कुमार, डाॅ० उदारता, डाॅ० सोनिया मिश्रा, डाॅ० शोभा रानी सिंह को विशेष जिम्मेदारी दी गयी है। प्रो० अरविन्द सिंह और डाॅ० प्रकाशवीर सिंह समस्त व्यवस्थाओं मे यथोचित सहयोग करेंगे। कार्यक्रम को सुनियोजित ढंग से सम्पन्न कराने हेतु महाविद्यालय के कला, विज्ञान, वाणिज्य, शिक्षक-प्रशिक्षण तथा शारीरिक शिक्षा संकाय के शिक्षकों को आवश्यक व्यवस्थाओं में लगाया गया है। संगोष्ठी के संयोजक व आई०क्यू०ए०सी० के समन्वयक प्रो० सियाराम ने बताया कि इस द्वि-दिवसीय अखिल भारतीय अन्तर्विषयक संगोष्ठी में 'भारत बोध' से संबंधित विभिन्न विषयों जैसे-वेदांत दर्शन में ब्रहा, आत्मा और सामूहिक चेतना, जैन चिंतन : अनेकांत और सह अस्तित्व का आधार, बौद्ध दर्शन में ध्यान एवं तनाव प्रबंधन, महाकाव्यों में निहित राष्ट्रीय एवं सामाजिक चेतना, भारतीय काव्यशास्त्र में रस मीमांसा और सौंदर्य बोध, भारतीय कलाओं में आध्यात्मिक चेतना एवं भारत बोध, भारतीय चिंतन परंपरा में वैज्ञानिक दृष्टि बोध (आयुर्वेद, योग, खगोल, ज्योतिष, पर्यावरण, विज्ञान आदि), भारतीय चिंतन परंपरा में पोषण एवं स्वास्थ्य, भारतीय चिंतन परंपरा में तीर्थाटन एवं भौगोलिक यात्राएँ, भारतीय चिंतन परंपरा में हस्तशिल्प और भारत बोध, भारत बोध में हिन्दी की भूमिका, भक्ति आंदोलन और लोक चेतना, संस्कृत की चिंतन परंपरा और भारत बोध, भारतीय चिंतन परंपरा में स्त्री-अस्मितामूलक विमर्श और भारत बोध, समकालीन दलित विमर्श और भारत बोध, आदिवासी समाज, संस्कृत्ति और भारत बोध, राष्ट्रीय अस्मिता के निर्माण में भारतीय भाषाओं का प्रदेय, क्षेत्रीय अस्मिताएँ बनाम राष्ट्रीय चेतना, धर्म निरपेक्षता और बहुलतावाद, ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में भारत बोध की पुनर्सरचना और राष्ट्रवाद का उदय, आधुनिक भारतीय चिंतकों का भारत निर्माण में अवदान (टैगोर, गाँधी, अरविन्द, अम्बेडकर आदि), भारत बोध और भारतीय संविधान, प्रवासी भारतीय और वैश्विक भारत बोध, डिजिटल युग में भारतीय अस्मिता, भारतीय चिंतन परंपरा में मीडिया और सिनेमा आदि पर गंभीर और सार्थक विमर्श किया जाएगा। इस संगोष्ठी में सहभागिता हेतु देश के विभिन्न राज्यों यथा- डाॅ० जमुना बीनी, अरुणाचल प्रदेश, प्रो० देबेन बरा, असम, डाॅ० बिभा कुमारी व नीलम देवी, बिहार, डाॅ० ज्योत्सना, पंश्चिम बंगाल, डाॅ० कलावती निंबालकर व प्रो० अशोक पी० सूर्यवंशी, कर्नाटक, डॉ० पी० मैथिली राव, गोवा, डाॅ० एन० लावण्या, तमिलनाडु, प्रो० राम प्रकाश, तिरुपति, आंध्र प्रदेश, डाॅ० शिव विजय त्रिपाठी व विक्रम राजपूत, मध्य प्रदेश, प्रो० अजीत कुमार श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़, प्रो० सुरेश एफ० कानडे, डाॅ० पन्नालाल धुर्वे, डाॅ० रेणुका चव्हाण, नाशिक व प्रो० जय शंकर पाण्डेय, रायगढ़, डाॅ० भावेश जाधव, महाराष्ट्र, प्रो० प्रदीप प्रसन्न व वर्षा कुमारी, राजस्थान, प्रो० कमलेश कुमारी, महेन्द्र गढ़, हरियाणा, डाॅ० सुनीता यादव, हिमाचल प्रदेश, डाॅ० विश्वेश 'वाग्मी', श्रीनगर-उत्तराखंड आदि की स्वीकृति आ चुकी है। वहीं उत्तर प्रदेश के लखनऊ, सीतापुर, कानपुर, वाराणसी, चंदौसी, मुगलसराय, सिद्धार्थ नगर, संत कबीर नगर, महाराजगंज, बस्ती, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, अलीगढ़, मुरादाबाद, आगरा, जालौन, झाँसी, इटावा, फिरोजाबाद, कन्नौज, फर्रुखाबाद, मेरठ, बरेली आदि के विद्वान शिक्षकों व शोधार्थियों के सम्मिलित होने की स्वीकृति आ गई है। इस कार्यक्रम में के आयोजन सचिव प्रो० प्रेम प्रकाश ने और जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिभागियों व वक्ताओं के आवागमन व आवास की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। संगोष्ठी के इन दोनों दिवसों में प्रदेश व जनपद के अनेक प्राचार्य, शिक्षक व शोधार्थी इसमें प्रतिभाग करेंगे। कार्यक्रम के संयोजक ने बताया कि यह राष्ट्रीय संगोष्ठी ऐसे सार्थक विषय पर आयोजित हो रही है जिस विषय पर अकादमिक संस्थानों में बहुत कम या सतही चर्चा की जाती है। इसीलिए औरैया में विषय की व्यापकता को देखकर हुए गंभीर विमर्श होने की आशा है। प्राचार्य जी ने महाविद्यालय परिवार की ओर से सभी मीडिया कर्मियों का आह्वान किया कि वे भी इस द्वि-दिवसीय कार्यक्रम की सफलता हेतु अपना अमूल्य योगदान करें।
औरैया,अखिल भारतीय अन्तर्विषयक संगोष्ठी का आयोजन आज व कल औरैया, 23 मार्च। तिलक महाविद्यालय, औरैया के प्राचार्य प्रो० रवि कुमार ने बताया कि महाविद्यालय में आगामी 24 और 25 मार्च को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर और तिलक महाविद्यालय, औरैया के संयुक्त तत्वावधान में 'भारतीय चिंतन परंपरा में 'भारत बोध' : सांस्कृतिक और समकालीन अस्मितामूलक विमर्श' विषय पर एक अखिल भारतीय अन्तर्विषयक संगोष्ठी का आयोजन हाईब्रिड मोड पर किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन दिनांक 24 मार्च को इन्दिरा सभागार, महाविद्यालय परिसर में किया जाएगा। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो० राजेश कुमार द्विवेदी, निदेशक, महाविद्यालय विकास परिषद, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर होंगे। मुख्य वक्ता के रूप में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली के वरिष्ठ आचार्य प्रो० सुधीर कुमार आर्य अपना वैदुष्यपूर्ण वक्तव्य देंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो० वीरेन्द्र सिंह यादव, आचार्य, डाॅ० शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, मोहान रोड, लखनऊ की गरिमामय उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम के इस सत्र की अध्यक्षता श्रीमान अध्यक्ष, प्रबंध समिति, तिलक महाविद्यालय, औरैया करेंगे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में महाविद्यालय प्रबंध समिति के मंत्री/सचिव उपस्थित रहेंगे। साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय के संस्कृत-विभागाध्यक्ष डाॅ० अभिमन्यु सिंह, डाॅ० राजेन्द्र प्रसाद द्विवेदी व कानपुर से प्रो० प्रीति वाधवानी, प्रो० राजेश कुमार तिवरी, डाॅ० यतींद्र सिंह आदी भी उपस्थित रहेंगे। प्राचार्य जी ने यह भी बताया कि इस संगोष्ठी को सफलतापूर्वक आयोजित करने का दायित्व महाविद्यालय की आई०क्यू०ए०सी० व हिन्दी विभाग को दिया गया है। इसे सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने हेतु प्रो० सियाराम को इसका संयोजक और प्रो० प्रेम प्रकाश को आयोजन सचिव बनाया गया है। इनके सहयोग हेतु डाॅ० राजेश कुमार, डाॅ० उदारता, डाॅ० सोनिया मिश्रा, डाॅ० शोभा रानी सिंह को विशेष जिम्मेदारी दी गयी है। प्रो० अरविन्द सिंह और डाॅ० प्रकाशवीर सिंह समस्त व्यवस्थाओं मे यथोचित सहयोग करेंगे। कार्यक्रम को सुनियोजित ढंग से सम्पन्न कराने हेतु महाविद्यालय के कला, विज्ञान, वाणिज्य, शिक्षक-प्रशिक्षण तथा शारीरिक शिक्षा संकाय के शिक्षकों को आवश्यक व्यवस्थाओं में लगाया गया है। संगोष्ठी के संयोजक व आई०क्यू०ए०सी० के समन्वयक प्रो० सियाराम ने बताया कि इस द्वि-दिवसीय अखिल भारतीय अन्तर्विषयक संगोष्ठी में 'भारत बोध' से संबंधित विभिन्न विषयों जैसे-वेदांत दर्शन में ब्रहा, आत्मा और सामूहिक चेतना, जैन चिंतन : अनेकांत और सह अस्तित्व का आधार, बौद्ध दर्शन में ध्यान एवं तनाव प्रबंधन, महाकाव्यों में निहित राष्ट्रीय एवं सामाजिक चेतना, भारतीय काव्यशास्त्र में रस मीमांसा और सौंदर्य बोध, भारतीय कलाओं में आध्यात्मिक चेतना एवं भारत बोध, भारतीय चिंतन परंपरा में वैज्ञानिक दृष्टि बोध (आयुर्वेद, योग, खगोल, ज्योतिष, पर्यावरण, विज्ञान आदि), भारतीय चिंतन परंपरा में पोषण एवं स्वास्थ्य, भारतीय चिंतन
परंपरा में तीर्थाटन एवं भौगोलिक यात्राएँ, भारतीय चिंतन परंपरा में हस्तशिल्प और भारत बोध, भारत बोध में हिन्दी की भूमिका, भक्ति आंदोलन और लोक चेतना, संस्कृत की चिंतन परंपरा और भारत बोध, भारतीय चिंतन परंपरा में स्त्री-अस्मितामूलक विमर्श और भारत बोध, समकालीन दलित विमर्श और भारत बोध, आदिवासी समाज, संस्कृत्ति और भारत बोध, राष्ट्रीय अस्मिता के निर्माण में भारतीय भाषाओं का प्रदेय, क्षेत्रीय अस्मिताएँ बनाम राष्ट्रीय चेतना, धर्म निरपेक्षता और बहुलतावाद, ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में भारत बोध की पुनर्सरचना और राष्ट्रवाद का उदय, आधुनिक भारतीय चिंतकों का भारत निर्माण में अवदान (टैगोर, गाँधी, अरविन्द, अम्बेडकर आदि), भारत बोध और भारतीय संविधान, प्रवासी भारतीय और वैश्विक भारत बोध, डिजिटल युग में भारतीय अस्मिता, भारतीय चिंतन परंपरा में मीडिया और सिनेमा आदि पर गंभीर और सार्थक विमर्श किया जाएगा। इस संगोष्ठी में सहभागिता हेतु देश के विभिन्न राज्यों यथा- डाॅ० जमुना बीनी, अरुणाचल प्रदेश, प्रो० देबेन बरा, असम, डाॅ० बिभा कुमारी व नीलम देवी, बिहार, डाॅ० ज्योत्सना, पंश्चिम बंगाल, डाॅ० कलावती निंबालकर व प्रो० अशोक पी० सूर्यवंशी, कर्नाटक, डॉ० पी० मैथिली राव, गोवा, डाॅ० एन० लावण्या, तमिलनाडु, प्रो० राम प्रकाश, तिरुपति, आंध्र प्रदेश, डाॅ० शिव विजय त्रिपाठी व विक्रम राजपूत, मध्य प्रदेश, प्रो० अजीत कुमार श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़, प्रो० सुरेश एफ० कानडे, डाॅ० पन्नालाल धुर्वे, डाॅ० रेणुका चव्हाण, नाशिक व प्रो० जय शंकर पाण्डेय, रायगढ़, डाॅ० भावेश जाधव, महाराष्ट्र, प्रो० प्रदीप प्रसन्न व वर्षा कुमारी, राजस्थान, प्रो० कमलेश कुमारी, महेन्द्र गढ़, हरियाणा, डाॅ० सुनीता यादव, हिमाचल प्रदेश, डाॅ० विश्वेश 'वाग्मी', श्रीनगर-उत्तराखंड आदि की स्वीकृति आ चुकी है। वहीं उत्तर प्रदेश के लखनऊ, सीतापुर, कानपुर, वाराणसी, चंदौसी, मुगलसराय, सिद्धार्थ नगर, संत कबीर नगर, महाराजगंज, बस्ती, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, अलीगढ़, मुरादाबाद, आगरा, जालौन, झाँसी, इटावा, फिरोजाबाद, कन्नौज, फर्रुखाबाद, मेरठ, बरेली आदि के विद्वान शिक्षकों व शोधार्थियों के सम्मिलित होने की स्वीकृति आ गई है। इस कार्यक्रम में के आयोजन सचिव प्रो० प्रेम प्रकाश ने और जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिभागियों व वक्ताओं के आवागमन व आवास की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। संगोष्ठी के इन दोनों दिवसों में प्रदेश व जनपद के अनेक प्राचार्य, शिक्षक व शोधार्थी इसमें प्रतिभाग करेंगे। कार्यक्रम के संयोजक ने बताया कि यह राष्ट्रीय संगोष्ठी ऐसे सार्थक विषय पर आयोजित हो रही है जिस विषय पर अकादमिक संस्थानों में बहुत कम या सतही चर्चा की जाती है। इसीलिए औरैया में विषय की व्यापकता को देखकर हुए गंभीर विमर्श होने की आशा है। प्राचार्य जी ने महाविद्यालय परिवार की ओर से सभी मीडिया कर्मियों का आह्वान किया कि वे भी इस द्वि-दिवसीय कार्यक्रम की सफलता हेतु अपना अमूल्य योगदान करें।
- तिलक महाविद्यालय, औरैया के प्राचार्य प्रो० रवि कुमार ने बताया कि महाविद्यालय में आगामी 24 और 25 मार्च को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर और तिलक महाविद्यालय, औरैया के संयुक्त तत्वावधान में 'भारतीय चिंतन परंपरा में 'भारत बोध' : सांस्कृतिक और समकालीन अस्मितामूलक विमर्श' विषय पर एक अखिल भारतीय अन्तर्विषयक संगोष्ठी का आयोजन हाईब्रिड मोड पर किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन दिनांक 24 मार्च को इन्दिरा सभागार, महाविद्यालय परिसर में किया जाएगा। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो० राजेश कुमार द्विवेदी, निदेशक, महाविद्यालय विकास परिषद, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर होंगे। मुख्य वक्ता के रूप में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली के वरिष्ठ आचार्य प्रो० सुधीर कुमार आर्य अपना वैदुष्यपूर्ण वक्तव्य देंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो० वीरेन्द्र सिंह यादव, आचार्य, डाॅ० शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, मोहान रोड, लखनऊ की गरिमामय उपस्थिति रहेगी।1
- औरैया। फफूंद के जैतपुर स्थित महामाया मंगलाकाली धाम में चैत्र नवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित रासलीला महोत्सव में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। बीती रात वृन्दावन के कलाकारों द्वारा भगवान श्री कृष्ण की 'माखन चोरी' लीला का मनमोहक मंचन किया गया। नटखट कान्हा और सखाओं द्वारा गोपियों की मटकी फोड़ने के दृश्यों ने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। पूरा परिसर 'जय श्री कृष्णा' के जयघोष से गुंजायमान रहा। आयोजक आचार्य अर्पण शुक्ला ने बताया कि यह आयोजन समाज में एकता और श्रद्धा का संदेश देता है। समिति ने उमड़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।1
- औरैया ,वाराणसी के श्रीविद्यामठ से जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने किया सेना का ऐलान, औरैया के महामण्डलेश्वर शिवम महाराज बनाए गए *जनबल* के अंगाध्यक्ष, सेना के 4 अंग मनबल, तनबल, धनबल और जनबल से सुरक्षित होगा सनातन धर्म, प्राचीन सैन्य विज्ञान 9 स्तरीय पदानुक्रम और 20 विभागों में बटी होगी शंकराचार्य चतुरंगिणी, *शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द महाराज के संरक्षण में आदिशक्ति गौरक्षा अखाड़ा की कमान शिवम महाराज को सौपी,* पीतांबेश्वर सरकार शिवम महाराज का इटावा टिक्सी मंदिर में स्थित है विट्ठल आश्रम, जनपद के लिये गौरव का विषय।1
- 💥 *बड़ी खबर*💥 *धुरंधर 2 का 'खौफ': पाकिस्तान की गलियों में जासूसों की तलाश!* धुरंधर 2 के बाद पाकिस्तान में ख़ौफ़ का माहौल है। अब पुलिस और स्थानीय लोग पाकिस्तान लयारी जैसे इलाकों में लोग भारतीय जासूसों की तलाश कर रहे हैं। ऐसी खबरें चल रही हैं कि फिल्म देखने के बाद पाकिस्तान में खौफ का माहौल है और लोग "हमज़ा अली मज़ारी" (फिल्म का पात्र) जैसे जासूसों को ढूंढ रहे हैं। फिल्म में पाकिस्तान विरोधी सामग्री और वहां के आतंकी नेटवर्क को दिखाए जाने के कारण इसे पाकिस्तान में बैन कर दिया गया है। धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए केवल 4 दिनों में दुनिया भर में लगभग ₹750 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। फिल्म ने भारतीय सिनेमा के कई बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।1
- बड़ी खबर इटावा , 👉🏻बैखौफ हुए दबंग शाम 6 बजे दुकान में घुसकर दुकानदार पर किया हमला वीडियो वायरल सीसीटीवी कैमरे में कैद 👉🏻 आपको बता दे की खबर इटावा जनपद के थाना ऊसराहार क्षेत्र के ग्राम समथर से है जहां कुछ दबंगों ने दुकानदार पर हमला बोल दिया 👉🏻और दुकानदार सददाम के साथ बैठे रिस्तेदार साडू काशिम पर भी हमला बोल दिया साडू भी घायल 👉🏻और मारपीट करने लगे इसके बाद में दुकानदार की मां घर पर सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंच गई 👉🏻जहां पर दबंगों ने दुकानदार की मां पर पर भी जानलेवा हमला बोल दिया 👉🏻 जिससे दुकान दार सददाम कि माँ गंभीर रूप से घायल हो गयीं 👉🏻जिनको तुरंत एम्बुलेंस द्वारा जिला अस्पताल इटावा में भर्ती कराया जहाँ इलाज चल रहा हैं हालत नाजुक बानी हुए हैं दवंग मौक़े से मौक़े फरार हैं2
- बिधूना दुर्गा मंदिर में नवरात्र पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ औरैया जिले के तहसील मुख्यालय बिधूना क्षेत्र स्थित प्राचीन सिद्ध पीठ श्री दुर्गा मंदिर में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा की विशेष पूजा अर्चना की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। संध्या आरती के समय मंदिर परिसर भक्ति और श्रद्धा के माहौल से गूंज उठा। महिला और पुरुष भक्तों ने पूरे विधि-विधान के साथ मां का आवाहन कर आरती में सहभागिता की। मंदिर समिति के अनुसार नवरात्रि के चलते प्रतिदिन भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है, जिससे भक्तों को बिना किसी परेशानी के मां के दर्शन मिल सकें।1
- औरैया। शहर के तिलक महाविद्यालय में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर और तिलक महाविद्यालय, औरैया के संयुक्त तत्वावधान में ’भारतीय चिंतन परंपरा में ’भारत बोध’ : सांस्कृतिक और समकालीन अस्मितामूलक विमर्श’ विषय पर एक अखिल भारतीय अन्तर्विषयक संगोष्ठी का आयोजन हाईब्रिड मोड पर 24 व 25 को होगा। जानकारी देते हुए तिलक महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रवि कुमार ने बताया कि महाविद्यालय में आगामी 24 और 25 मार्च को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर और तिलक महाविद्यालय, औरैया के संयुक्त तत्वावधान में ’भारतीय चिंतन परंपरा में ’भारत बोध’ : सांस्कृतिक और समकालीन अस्मितामूलक विमर्श’ विषय पर एक अखिल भारतीय अन्तर्विषयक संगोष्ठी का आयोजन हाईब्रिड मोड पर किया जा रहा है। जिसका उद्घाटन मंगलवार को इंदिरा सभागार, महाविद्यालय परिसर में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी, निदेशक, महाविद्यालय विकास परिषद, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर होंगे। वहीं मुख्य वक्ता के रूप में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली के वरिष्ठ आचार्य प्रो. सुधीर कुमार आर्य अपना वैदुष्यपूर्ण वक्तव्य देंगे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. वीरेंद्र सिंह यादव, आचार्य, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, मोहान रोड, लखनऊ की उपस्थिति रहेगी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के इस सत्र की अध्यक्षता अध्यक्ष, प्रबंध समिति, तिलक महाविद्यालय, औरैया करेंगे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में महाविद्यालय प्रबंध समिति के मंत्री/सचिव उपस्थित रहेंगे। साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय के संस्कृत-विभागाध्यक्ष डॉ. अभिमन्यु सिंह, डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी व कानपुर से प्रो. प्रीति वाधवानी, प्रो. राजेश कुमार तिवरी, डॉ. यतींद्र सिंह आदी भी उपस्थित रहेंगे। प्राचार्य डॉ. रवि कुमार ने बताया कि इस संगोष्ठी को सफलतापूर्वक आयोजित करने का दायित्व महाविद्यालय की आईक्यूएसी व हिंदी विभाग को दिया गया है। कार्यक्रम का संयोजक प्रो. सियाराम व आयोजन सचिव प्रो. प्रेम प्रकाश को बनाया गया है। इनके सहयोग हेतु डॉ. राजेश कुमार, डॉ. उदारता, डॉ. सोनिया मिश्रा, डॉ. शोभा रानी सिंह को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। कार्यक्रम में व्यवस्थाओं के सहयोग की जिम्मेदारी प्रो. अरविंद सिंह और डॉ. प्रकाशवीर सिंह को दी गई है। कार्यक्रम को संपन्न कराने के लिए महाविद्यालय के कला, विज्ञान, वाणिज्य, शिक्षक-प्रशिक्षण तथा शारीरिक शिक्षा संकाय के शिक्षकों को आवश्यक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दी गई है। संगोष्ठी के संयोजक व आईक्यूएसी के समन्वयक प्रो. सियाराम ने बताया कि इस दो दिवसीय अखिल भारतीय अंतर्विषयक संगोष्ठी में ’भारत बोध’ से संबंधित विभिन्न विषयों पर वक्ताओं कीओर से विचार व्यक्त किए जाएंगे। संगोष्ठी में सहभागिता हेतु देश के विभिन्न राज्यों यथा- डॉ. जमुना बीनी, अरुणाचल प्रदेश, प्रो. देबेन बरा, असम, डॉ. बिभा कुमारी व नीलम देवी, बिहार, डॉ. ज्योत्सना, पंश्चिम बंगाल, डॉ. कलावती निंबालकर व प्रो. अशोक पी. सूर्यवंशी, कर्नाटक, डॉ. पी. मैथिली राव, गोवा, डॉ. एन. लावण्या, तमिलनाडु, प्रो. राम प्रकाश, तिरुपति, आंध्र प्रदेश, डॉ. शिव विजय त्रिपाठी व विक्रम राजपूत, मध्य प्रदेश, प्रो. अजीत कुमार श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़, प्रो. सुरेश एफ. कानडे, डॉ. पन्नालाल धुर्वे, डॉ. रेणुका चव्हाण, नाशिक व प्रो. जय शंकर पांडेय, रायगढ़, डॉ. भावेश जाधव, महाराष्ट्र, प्रो. प्रदीप प्रसन्न व वर्षा कुमारी, राजस्थान, प्रो. कमलेश कुमारी, महेंद्र गढ़, हरियाणा, डॉ. सुनीता यादव, हिमाचल प्रदेश, डॉ. विश्वेश ’वाग्मी’, श्रीनगर-उत्तराखंड आदि की स्वीकृति आ चुकी है। वहीं उत्तर प्रदेश के लखनऊ, सीतापुर, कानपुर, वाराणसी, चंदौसी, मुगलसराय, सिद्धार्थ नगर, संत कबीर नगर, महाराजगंज, बस्ती, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, अलीगढ़, मुरादाबाद, आगरा, जालौन, झांसी, इटावा, फिरोजाबाद, कन्नौज, फर्रुखाबाद, मेरठ, बरेली आदि के विद्वान शिक्षकों व शोधार्थियों के सम्मिलित होने की स्वीकृति आ गई है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ औरैया : वाराणसी के श्रीविद्यामठ से जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने किया सेना का ऐलान,औरैया के महामण्डलेश्वर शिवम महाराज बनाए गए जनबल के अंगाध्यक्ष, सेना के 4 अंग मनबल, तनबल, धनबल और जनबल से सुरक्षित होगा सनातन धर्म,प्राचीन सैन्य विज्ञान 9 स्तरीय पदानुक्रम और 20 विभागों में बटी होगी शंकराचार्य चतुरंगिणी,शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द महाराज के संरक्षण में आदिशक्ति गौरक्षा अखाड़ा की कमान शिवम महाराज को सौपी,पीतांबेश्वर सरकार शिवम महाराज का इटावा टिक्सी मंदिर में स्थित है विट्ठल आश्रम,जनपद के लिये गौरव का विषय।1
- औरैया। पीड़ित महिलाओं ने सदर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस में लिखित शिकायत दी। पीड़िता ने बताया कि स्मार्ट वैल्यू आईटी संस्था ने लोगों को जोडती रही और उनसे रुपये जमा कराती रही और अब धोखाधड़ी हुई। करीब 3 सैकड़ा से अधिक महिलाओं के साथ लाखो रूपए की धोखाधड़ी होने की बात कही।1