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जयपुर में सीजेपी के संस्थापक को थप्पड़ मारा गया है। इस मामले में आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है।
Mr Zakir Husain
जयपुर में सीजेपी के संस्थापक को थप्पड़ मारा गया है। इस मामले में आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है।
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- यह वीडियो भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के सबसे प्रभावशाली और रहस्यमयी संप्रदाय, 'नाथ पंथ' (नाथ संप्रदाय), उसके इतिहास और गहरे रहस्यों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करता है। इसमें बताया गया है कि यह पंथ क्या है और इसका इतिहास कितना समृद्ध रहा है। वीडियो में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि कैसे भगवान शिव (आदिनाथ) से शुरू होकर गुरु मत्स्येन्द्रनाथ और गुरु गोरखनाथ तक, इस संप्रदाय ने भारत के धार्मिक और सामाजिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से बदला। दर्शकों को नाथ योगियों की कठिन हठयोग साधना, कुंडलिनी जागरण और उन्हें 'कानफटा योगी' कहे जाने के पीछे के वास्तविक रहस्य को जानने का अवसर मिलेगा। इतिहास, अध्यात्म और सनातन संस्कृति से जुड़े अनसुने रहस्यों को जानने में रुचि रखने वाले दर्शकों के लिए यह वीडियो एक आवश्यक मार्गदर्शक है।1
- यह वीडियो भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के सबसे प्रभावशाली और रहस्यमयी संप्रदाय 'नाथ पंथ' के इतिहास और उसके गहरे रहस्यों पर विस्तार से प्रकाश डालता है। इसमें भगवान शिव (आदिनाथ) से शुरू होकर गुरु मत्स्येन्द्रनाथ और गुरु गोरखनाथ तक नाथ संप्रदाय की यात्रा को समझाया गया है, साथ ही यह भी बताया गया है कि इस संप्रदाय ने भारत के धार्मिक और सामाजिक परिदृश्य को किस प्रकार रूपांतरित किया। वीडियो नाथ योगियों की कठिन हठयोग साधना, कुंडलिनी जागरण की प्रक्रिया और 'कानफटा योगी' कहलाने के पीछे के वास्तविक रहस्य को उजागर करता है। इतिहास, अध्यात्म और सनातन संस्कृति से जुड़े अनसुने रहस्यों को जानने में रुचि रखने वाले दर्शकों को यह वीडियो अंत तक देखने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।1
- बेतिया जिले के मझौलिया प्रखंड की चार पंचायतों में मंगलवार को सहयोग शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना था। प्रखंड मुख्यालय स्थित मझौलिया पंचायत में आयोजित शिविर का उद्घाटन अपर समाहर्ता (एडीएम) राजीव रंजन सिन्हा ने किया। इस अवसर पर एडीएम ने बताया कि जिले में अब तक कुल 20,701 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 17,977 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मझौलिया प्रखंड की इन चार पंचायतों से 630 आवेदन मिले थे, जिनमें से 511 आवेदनों का निपटारा कर दिया गया है। एडीएम ने आश्वस्त किया कि शेष आवेदनों का निस्तारण भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने सहयोग शिविरों के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि इन शिविरों के लिए पूर्व से ही आवेदन लिए जा रहे हैं ताकि जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके। मझौलिया पंचायत के मुखिया सत्यप्रकाश ने शिविर की अध्यक्षता की और इसे जनहितकारी पहल बताया। शिविर में डीपीओ कुमार अनुभव, बीडीओ डॉ. राजीव रंजन, सीओ राजीव रंजन, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुपम, सीएचओ पूनम कुमारी, रंजन पटेल सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। शिविर में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी भी देखी गई। चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने भी मझौलिया, रामनगर बनकट, बैठनिया भनाचक तथा नौतनखुर्द पंचायतों में आयोजित सहयोग शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।1
- बरसात का मौसम शुरू हो गया है, लेकिन गाँव में नल लगाने का काम अभी तक अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में एक महीने पहले शिकायत की थी, जिसके बाद केवल पाइप लगाकर छोड़ दिया गया। कर्मचारियों ने बताया था कि उनका काम सिर्फ पाइप लगाना है। उस समय यह वादा किया गया था कि नल सात दिनों के भीतर लगा दिया जाएगा, परंतु एक महीना बीत जाने के बाद भी गाँव में नल नहीं लगाया गया है।1
- मझौलिया प्रखंड के मझौलिया, बैठनिया भानाचक, नौतन खुर्द और रामनगर बनकट पंचायतों में मंगलवार को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना था। इसी कड़ी में राजकीय उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय परिसर में भी एक सहयोग शिविर लगाया गया, जहाँ विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर सेवाएं प्रदान कीं। इस दौरान पंचायती राज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, ग्राम कचहरी, कृषि विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। शिविर में ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, अपनी समस्याओं और शिकायतों से संबंधित आवेदन जमा किए, और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने लाभुकों को योजनाओं का लाभ उठाने और आवश्यक दस्तावेज़ों के संबंध में मार्गदर्शन भी दिया। नोडल पदाधिकारी गार्गी कुमारी ने बताया कि पूर्व में प्राप्त लगभग 95 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि आज शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकतम 30 दिनों के भीतर निपटारा कर दिया जाएगा, जो सरकार की मंशा के अनुरूप लोगों को त्वरित समाधान प्रदान करने की दिशा में एक कदम है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में उपस्थित अधिकारियों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याएं रखीं, जिससे यह कार्यक्रम अत्यधिक सफल रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मुखिया प्रतिनिधि अरुण यादव का सराहनीय योगदान रहा। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में अत्यंत उपयोगी बताया, जहाँ उनकी समस्याओं का समाधान किया गया और उन्हें महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं की जानकारी मिली।4
- पश्चिम चंपारण के योगापट्टी थाना क्षेत्र में दहेज की अतिरिक्त मांग के कारण एक शादी टूट गई। मच्छरगांवा बाजार गांव की शबनम की शादी रुदलपुर गांव निवासी अरमान के साथ 15 जून को तय थी, जिसके लिए लड़की पक्ष ने सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं और दुल्हन भी सज-धज कर तैयार थी। लड़की पक्ष का आरोप है कि शादी वाले दिन शाम में दूल्हे के पिता गुलाब अंसारी ने अचानक ₹50 हजार अतिरिक्त दहेज, 200 बारातियों के स्वागत और बकरे के मीट की व्यवस्था की मांग कर दी। उन्होंने रात 9 बजे तक बारात पहुंचने की बात कही थी, लेकिन यह रकम नहीं मिलने पर बारात नहीं आई। दुल्हन के पिता शाहिद अंसारी ने बताया कि तिलक समारोह में पहले ही डेढ़ लाख रुपए नकद, फर्नीचर और बाइक दी जा चुकी थी, और अतिरिक्त ₹50 हजार तत्काल जुटाना उनके लिए संभव नहीं था। परिवार रात 1 बजे तक बारात का इंतजार करता रहा। इस मामले में लड़की पक्ष ने दूल्हे और उसके परिजनों के खिलाफ योगापट्टी थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।1
- शिक्षकों ने अपनी लंबित समस्याओं और विभिन्न मांगों के समाधान के लिए 16 जून को धरना-प्रदर्शन आयोजित करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया है। उनकी प्रमुख मांगों में सरकार से सभी कोटि के शिक्षकों को प्रत्येक माह की पहली तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग शामिल है। शिक्षकों ने नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप नियोजित शिक्षकों के लिए पदोन्नति की मांग भी रखी है, जिसमें 12 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले नियोजित शिक्षकों को कालबद्ध प्रोन्नति, बेसिक ग्रेड में 8 वर्ष की सेवा पूरी करने पर स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति, और स्नातक ग्रेड में 5 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर मध्य विद्यालय प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति शामिल है। इसके अतिरिक्त, सभी कोटि के शिक्षकों के लिए अंतर-जिला एवं जिला अंतर्गत ऐच्छिक तथा पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया प्रारंभ करने की भी मांग की गई है। अन्य वित्तीय मांगों में नियोजित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक को सप्तम पुनरीक्षित वेतनमान के अंतर्गत स्वीकृत पे-बैंड-2 का पूर्ण लाभ देने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने और नियोजित शिक्षकों के ईपीएफ अंशदान की कटौती वास्तविक भुगतेय मूल वेतन के आधार पर सुनिश्चित करना शामिल है। साथ ही, विभागीय आदेश के अनुसार सभी जिलों में विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक को वेतन संरक्षण के साथ संशोधित वेतन का भुगतान करने तथा प्रधान शिक्षकों के लिए अलग वेतन स्लैब निर्धारित करने की भी मांग उठाई गई है। शिक्षक संगठनों ने सर्वोच्च न्यायालय के यथास्थिति आदेश के आलोक में सेवा से मुक्त किए गए अप्रशिक्षित शिक्षकों को पुनः योगदान कराकर वेतन भुगतान करने और वर्तमान में कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षकों का वेतन भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। इसके अलावा, मृत शिक्षकों के आश्रितों की अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने तथा हिंदी माध्यम विद्यालयों में शनिवार और उर्दू माध्यम विद्यालयों में गुरुवार को अर्द्ध-दिवसीय (हाफ डे) संचालन की पूर्व व्यवस्था बहाल करने की भी मांग की गई है। शिक्षक नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आगामी मानसून सत्र के दौरान बिहार विधानसभा का घेराव किया जाएगा।1
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- बिहार में 'ग़ज़ब' की स्थिति देखने को मिल रही है, जहाँ ठेकेदारों के कारनामे इस तरह के हैं कि अब उनके खिलाफ कोई शिकायत भी नहीं कर पाएगा। यह बताया गया है कि यह सब इसलिए हो रहा है ताकि कोई कंप्लेन न कर सके।1