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उपमुख्यमंत्री के गाड़ी पर हमला
NK (पत्रकार)
उपमुख्यमंत्री के गाड़ी पर हमला
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- न्यू गणपति मोबाइल दुकान हसनपुर में लकी ड्रा ऑफर का समापन कार्यक्रम #News #Viral #reels1
- Post by Jan-Kranti hindi news bulletin1
- पेट्रोल की कीमत बढ़ने की अफवाह ने ऐसा माहौल बना दिया कि सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई। लहेरियासराय–बहेड़ी मुख्य मार्ग के होरलपट्टी में हालात इतने बिगड़ गए कि सड़क पूरी तरह जाम हो गई… और सबसे चिंताजनक बात—एंबुलेंस तक को निकलने में भारी परेशानी हुई। सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी लाइन लग गई… हाथों में डब्बे, जर्किन और बोतलें लेकर लोग पेट्रोल लेने के लिए उमड़ पड़े। हालात ऐसे बने कि सड़क पर सैकड़ों गाड़ियों की कतार लग गई और ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गदरभंगाई हम इस वक्त होरलपट्टी इलाके में हैं… जहां आप देख सकते हैं कि किस तरह सड़क जाम है… एंबुलेंस को भी निकलने में मशक्कत करनी पड़ रही है… लोगों में साफ तौर पर अफवाह का असर देखने को मिल रहा है। पेट्रोल पंप संचालक ने साफ कहा है कि जब तक प्रशासन मौके पर आकर डब्बों की लाइन नहीं हटवाएगा, तब तक पंप नहीं खोला जाएगा। यानी भीड़ के चलते खुद पंप को बंद रखना पड़ा। अब सबसे बड़ा सवाल— जब सुबह 7 बजे से ही भीड़ लगी थी, तो प्रशासन 9:30 बजे तक मौके पर क्यों नहीं पहुंचा? क्या अफवाहों पर लगाम लगाने में कहीं न कहीं चूक हुई? फिलहाल, पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है… यानी ये पूरी स्थिति सिर्फ अफवाह के कारण बनी नजर आ रही है। लेकिन इस अफवाह ने जो तस्वीर दिखाई है, वो चिंताजनक है— जहां एक अफवाह ने ट्रैफिक, व्यवस्था और इमरजेंसी सेवाओं तक को प्रभावित कर दिया।1
- Post by Chhotu Kumar1
- समस्तीपुर नगर निगम के वार्ड 34 के शांति विहार एवं सरोजिनी गली में निर्माणाधीन नाला-सड़क 4-5 महीने से अधूरा पड़ा रहने के कारण, आवाजाही में लोगों को हो रहा परेशानी, कभी भी हो सकता है हादसा.1
- कैमूर वन अधिकार संघर्ष मोर्चा कैमुरांचल सांगठनिक कमेटी दिनांक -31 मार्च 2026 ----------------------- प्रेस विज्ञप्ति कैमूर के पठारीय वन क्षेत्र में रह रहे आदिवासियों एवं अन्य वन निवासियों के परंपरागत एवं नैसर्गिक जीवन में आरएसएस बीजेपी सरकार तथा उसके वन विभाग के बढ़ते हस्तक्षेप एवं कुल 58 आदिवासी बहुल गांव के उजाड़ कर बाघ अभ्यारण बनाने के विरुद्ध कैमूर वन अधिकार संघर्ष मोर्चा एवं ऑल इंडिया ट्राइबल फोरम ने संयुक्त रूप से 14 सूत्रीय मांगों को लेकर आज दिनांक 31 मार्च 2026 को जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी के सासाराम कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन एवं आंदोलन किया। कैमूर वन क्षेत्र से भारी संख्या में आदिवासियों एवं अन्य परंपरागत वन निवासियों ने हाथों में बैनर झंडा तख्ती कुल्हाड़ी एवं तीर धनुष लिए हुए दिन के 12:00 बजे रेलवे मैदान सासाराम से एक विशाल प्रदर्शन निकाला जो पुरानी जीटी रोड होते हुए जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी के कार्यालय के सामने जाकर सभा में तब्दील हो गया जिसकी अध्यक्षता एवं संचालन मोर्चा के अध्यक्ष धनंजय उरांव ने किया। इस मौके पर आदिवासी समुदाय के सांस्कृतिक कर्मियों ने अपने पारंपरिक वाद्य यंत्र की थाप पर लोक नृत्य किया और लोकगीत गाए। जल जंगल जमीन पर अधिकार हमारा है, कैमूर वन अधिकार संघर्ष मोर्चा ने ललकारा है के नारों से वातावरण गूंज उठा। सभा को संबोधित करते हुए मोर्चा के अध्यक्ष धनंजय उरांव ने कहा कि ब्रिटिश शासन काल में वन संपदा के लूट के लिए अंग्रेजों द्वारा बनाया गया वन विभाग आज भी हम आदिवासियों के साथ गुलामों जैसा बर्ताव करता है आज हम अपने ही जंगल में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं कैमूर वन क्षेत्र में कभी कोई बाघों का नामोनिशान नहीं था फिर भी 58 गांव को उजाड़ कर सरकार बाघ अभ्यारण बना रही है। इसके विरोध में आज हम डीएफओ साहब के कार्यालय पर आए हैं। इस मौके पर सभा को संबंधित करने वाले मुख्य वक्ताओं में मोर्चा के पूर्व संयोजक सुरेंद्र सिंह, सूरज उरांव, सुनील चेरो, पलटन चेरो, अनीता चेरो, कौशल्या चेरो, संजीव खरवार, बीरेंद्र उरांव, कमलेश उरांव डोमा खरवार, आर्लेस चेरो, कामेश्वर उरांव, शिवराज उरांव, मोती उरांव, चंपा चेरो आदि मुख्य थे। इस मौके पर निम्न मैंगो का ज्ञापन सोपा गया :----- 1 कैमूर बाग अभ्यारण परियोजना रद्द करो 2 कैमूर पठारिय वन क्षेत्र को संविधान की पांचवी अनुसूची में शामिल करो। 3 वन अधिकार कानून 2006 को मूल रूप से लागू करो। 4 ग्राम सभाओं की अनुमति के बिना कैमूर वन क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण एवं विशेष योजनाओं के अमल पर रोक लगाओ। 5 कैमूर वन क्षेत्र में मौजूद बिहार सरकार भूमि को वन विभाग के अतिक्रमण से मुक्त कराओ। कैमूर वन अधिकार संघर्ष मोर्चा एवं ऑल इंडिया ट्राइबल फ़ोरम के नेताओं ने वन प्रमंडल पदाधिकारी डीएफओ रोहतास को चेताया कि यदि हमारी मांगों को अनसुना किया गया तो हम अपने आंदोलन को और अधिक तीव्र करेंगे तथा वन विभाग के कामकाज को ठप कर देंगे। भवदीय धनंजय उरांव अध्यक्ष कैमूर वन अधिकार संघर्ष मोर्चा4
- लहेरियासराय थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े दर्जनों लोगों ने एक घर पर हमला बोल दिया, तोड़फोड़ की और मारपीट की घटना को अंजाम दिया। दरभंगा जिला के लहेरियासराय थाना क्षेत्र के भिगो गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मंगलबार दिन के करीब 1 बजे दर्जनों की संख्या में लोग लाठी-डंडा लेकर एक घर पर टूट पड़े। बताया जा रहा है कि मोहम्मद तोफैल के घर पर हमला किया गया। आरोप है कि हमलावरों ने घर की दीवारें तोड़ीं, छत पर लगे एस्बेस्टस को नुकसान पहुंचाया और मौके पर मजदूरों को बुलाकर कब्जा करने की कोशिश की। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उनके परिवार के लोग कई दशकों से इस जमीन पर रह रहे हैं। विरोध करने पर महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया। यहां तक कि घर में आग लगाने और लूटपाट के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस जमीन को लेकर मामला पहले से न्यायालय में लंबित है। इसके बावजूद दिनदहाड़े इस तरह की कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है। पीड़ित का आरोप है कि धारा 144 की प्रक्रिया भी चली, लेकिन दूसरे पक्ष ने उसका पालन नहीं किया। “हम लोग वर्षों से यहां रह रहे हैं… अचानक दर्जनों लोग आए, घर तोड़ दिया, मारपीट की, महिलाओं के साथ भी बदसलूकी की… पुलिस को आने में काफी देर हुई…” कहीं दूसरे पक्ष ने कहा की “यह जमीन हमारी है… हम काम करवाने आए थे… हमारे ऊपर ही पत्थरबाजी की गई…” घटना की सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और काम को रुकवाया। फिलहाल दोनों पक्षों से एफआईआर दर्ज करने की बात सामने आ रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कानून को हाथ में लेकर किसी के घर पर इस तरह हमला करना जायज है? और आखिर पुलिस का डर ऐसे लोगों में क्यों नहीं दिखता? अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।1