सफाई व्यवस्था के नाम लाखों रूपये खर्च करने के बावजूद गंदगी और जाम नालियां बनी आकोला नगर वासियों की परेशानी आकोला नगर पालिका मे सफाई व्यवस्था बदहाल नगर पालिका प्रशासन आकोला द्वारा सफाई व्यवस्था के नाम पर हर साल लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। कस्बे के मुख्य बस स्टैंड से लेकर वार्डों की गलियों तक गंदगी और जाम नालियां नगर पालिका के दावों की पोल खोल रही हैं। आकोला का मुख्य बस स्टैंड, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों का आवागमन होता है, वहां सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल बजट ठिकाने लगाने के लिए सफाई का ढोंग करता है। बस स्टैंड के आसपास की नालियां पूरी तरह जाम पड़ी हैं, जिससे निकलने वाली बदबू ने दुकानदारों और राहगीरों का जीना मुहाल कर दिया है। सफाई व्यवस्था का संकट केवल मुख्य मार्गों तक सीमित है। वाडों के अंदर गलियों में सफाई कभी-कभी की जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि कचरा टेंपो बंद है, जिसके कारण लोग कचरा सड़कों पर फेंकने को मजबूर हैं। नालियों की नियमित सफाई न होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और वाडों में स्वास्थ्य का खतरा बढ़ गया है। लारियों द्वारा कचरा नदी में फेंकने की जानकारी मिली है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में बिमारियों का डर बढ़ गया है। सरकार ने कुछ दिन पूर्व अभियान चलाकर नदियों और सरोवरों की सफाई करवाई, लेकिन आकोला नगरपालिका द्वारा नदियों में कचरा डालने की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं कचरा संग्रहण का टेंपो बंद होने के कारण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। स्थानीय नगर पालिका द्वारा कार्यरत सफाई कर्मचारीयों का मानदेय /वेतन तक समय पर नहीं दे पा रही वही सफाईकर्मी स्थाई करण करने को लेकर संघर्ष शील है नगर पालिका की चुप्पी पर सवाल नगरवासी इस अव्यवस्था से बेहद परेशान हैं और कई बार शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन नगर पालिका प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर मौन साधे बैठा है। लोग सवाल कर रहे हैं कि जनता के टैक्स का लाखों रुपया कहां खर्च हो रहा है। अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन कब अपनी जिम्मेदारी समझते हुए ईमानदारी से सफाई कार्य शुरू करवाता है, या फिर जनता को इसी तरह गंदगी के बीच रहने के लिए छोड़ दिया जाएगा।
सफाई व्यवस्था के नाम लाखों रूपये खर्च करने के बावजूद गंदगी और जाम नालियां बनी आकोला नगर वासियों की परेशानी आकोला नगर पालिका मे सफाई व्यवस्था बदहाल नगर पालिका प्रशासन आकोला द्वारा सफाई व्यवस्था के नाम पर हर साल लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। कस्बे के मुख्य बस स्टैंड से लेकर वार्डों की गलियों तक गंदगी और जाम नालियां नगर पालिका के दावों की पोल खोल रही हैं। आकोला का मुख्य बस स्टैंड, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों का आवागमन होता है, वहां सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल बजट ठिकाने लगाने के लिए सफाई का ढोंग करता है। बस स्टैंड के आसपास की नालियां पूरी तरह जाम पड़ी हैं, जिससे निकलने वाली बदबू ने दुकानदारों और राहगीरों का जीना मुहाल कर दिया है। सफाई व्यवस्था का संकट केवल मुख्य मार्गों तक सीमित है। वाडों के अंदर गलियों में सफाई कभी-कभी की जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि कचरा टेंपो बंद है, जिसके कारण लोग कचरा सड़कों पर फेंकने को मजबूर हैं। नालियों की नियमित सफाई न होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और वाडों में स्वास्थ्य का खतरा बढ़ गया है। लारियों द्वारा कचरा नदी में फेंकने की जानकारी मिली है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में बिमारियों का डर बढ़ गया है। सरकार ने कुछ दिन पूर्व अभियान चलाकर नदियों और सरोवरों की सफाई करवाई, लेकिन आकोला नगरपालिका द्वारा नदियों में कचरा डालने की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं कचरा संग्रहण का टेंपो बंद होने के कारण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। स्थानीय नगर पालिका द्वारा कार्यरत सफाई कर्मचारीयों का मानदेय /वेतन तक समय पर नहीं दे पा रही वही सफाईकर्मी स्थाई करण करने को लेकर संघर्ष शील है नगर पालिका की चुप्पी पर सवाल नगरवासी इस अव्यवस्था से बेहद परेशान हैं और कई बार शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन नगर पालिका प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर मौन साधे बैठा है। लोग सवाल कर रहे हैं कि जनता के टैक्स का लाखों रुपया कहां खर्च हो रहा है। अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन कब अपनी जिम्मेदारी समझते हुए ईमानदारी से सफाई कार्य शुरू करवाता है, या फिर जनता को इसी तरह गंदगी के बीच रहने के लिए छोड़ दिया जाएगा।
- हेलो चित्तौड़गढ़ पर करें श्री सांवलिया सेठ जी के लाइव दिव्य श्रृंगार दर्शन 🙏 सेठ जी का आशीर्वाद बना रहे, जय श्री सांवलिया सेठ।1
- एक पुरुष खुद फटे कपड़ों में रह लेता है, पूरा दिन धूप में पंचर की दुकान पर पसीना बहा देता है, पर अपने ऊपर 5 रुपये की चाय भी खर्च करने से पहले सोचता है… क्योंकि उसके दिमाग में सिर्फ एक बात चलती है — “घर जाऊंगा तो बीवी बच्चों के साथ चाय पी लूंगा…” वही मर्द अपने बच्चों की मुस्कान के लिए अपनी पत्नी की छोटी-छोटी खुशियों के लिए अपनी पूरी मेहनत की कमाई एक पल में बिना हिसाब लगाए खर्च कर देता है। पुरुष सिर्फ पैसा कमाने वाली मशीन नहीं होता, वो अपने परिवार की खुशी में जीने वाला इंसान होता है। लेकिन अफसोस… समाज अक्सर उसकी थकान नहीं देखता, सिर्फ उसकी जिम्मेदारियां गिनता है। जो मर्द परिवार के लिए अपनी इच्छाएं मार देता है, उसके त्याग की भी इज्जत होनी चाहिए।1
- ♥️🌷✨️SRI LAKSHMINATH ♥️ ❤️ 💖 BHAGVAN SIV ♥️ ❤️ SANKAR JI VASAKRAJ MAHARAJ ♥️ ❤️ GOVIND SAWARIYA SETH JI 🌺 🙏🏽 AAPKI JAY HO SDA SARVDA ♥️ AAP HI AAP HO HARI ♥️ 🕉 🕉 NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI 🕉 🕉 SIVAY NAMAH 🌺❤️✨️SRI RAM ♥️ JAY RAM JAY JAY 🌷 RAM ♥️ 🌷 ❤️ 🙌 🙏🏽 RAM ♥️ 🌷1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में रमेश ईनाणी हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में ₹50 हजार के इनामी आरोपी रमता राम को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच में एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है।1
- गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ स्थित आयुष हॉस्पिटल में मरीजों को गंभीर दर्द से छुटकारा मिला है। कई दिनों की परेशानी के बाद, यहां सफल इलाज से उन्हें राहत मिली और वे अब ठीक महसूस कर रहे हैं।1
- चित्तौड़गढ़ के नवागत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा ने पदभार ग्रहण कर कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने पद संभालते ही भादसोड़ा थाने का औचक निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों को अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए। उनका स्पष्ट संदेश है कि जिले में अपराध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- Post by Chandmal menariya1
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