बलौदाबाजार जिले का प्रसिद्ध सिद्धखोल जलप्रपात इन दिनों सामुदायिक भागीदारी आधारित ईको-टूरिज्म प्रबंधन के कारण एक नई पहचान बना रहा है। वन विभाग के मार्गदर्शन में संयुक्त वन प्रबंधन समिति कुकरीकोना द्वारा संचालित यह ईको-टूरिज्म मॉडल पर्यावरण और जंगल संरक्षण का एक प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है। यह मॉडल स्थानीय आदिवासी एवं ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार और आजीविका का एक सशक्त माध्यम भी साबित हो रहा है। इस व्यवस्था के तहत समिति ने स्थानीय युवाओं को जोड़कर एक पर्यटन समूह का गठन किया है। यह समूह पर्यटकों का मार्गदर्शन करने के साथ-साथ मानसून के दौरान जलप्रपात के संवेदनशील और खतरनाक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए समिति के काउंटर पर प्राथमिक उपचार किट की भी व्यवस्था की गई है। सिद्धखोल को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ रखने के लिए प्रवेश द्वार पर प्लास्टिक की पानी की बोतलों के लिए ₹50 की रिफंडेबल सुरक्षा राशि ली जाएगी, जो बोतल वापस करने पर तुरंत लौटा दी जाएगी। परिसर में बांस से निर्मित कूड़ेदान लगाए जाएंगे, जबकि महिला स्व-सहायता समूह पर्यटकों को रियायती दरों पर जूट और कपड़े के थैले तथा दोना-पत्तल उपलब्ध कराएंगे। प्रत्येक सोमवार को वन विभाग और समिति के सदस्य संयुक्त रूप से स्वच्छता श्रमदान अभियान चलाकर पूरे मार्ग की सफाई करेंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए शुल्क व्यवस्था को भी बेहद सरल बना दिया गया है। पहले दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर लिया जाने वाला अलग-अलग पार्किंग शुल्क अब समाप्त कर दिया गया है और इसके स्थान पर केवल ₹10 प्रति व्यक्ति का एकल प्रवेश शुल्क लागू किया गया है। ईको-टूरिज्म के इस अनूठे मॉडल से कुकरीकोना गांव के दर्जनों परिवारों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है, जिससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। आजीविका और जंगलों के संरक्षण का यह समन्वित प्रयास स्थानीय लोगों में वन संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और सहभागिता की भावना को लगातार मजबूत कर रहा है।
बलौदाबाजार जिले का प्रसिद्ध सिद्धखोल जलप्रपात इन दिनों सामुदायिक भागीदारी आधारित ईको-टूरिज्म प्रबंधन के कारण एक नई पहचान बना रहा है। वन विभाग के मार्गदर्शन में संयुक्त वन प्रबंधन समिति कुकरीकोना द्वारा संचालित यह ईको-टूरिज्म मॉडल पर्यावरण और जंगल संरक्षण का एक प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है। यह मॉडल स्थानीय आदिवासी एवं ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार और आजीविका का एक सशक्त माध्यम भी साबित हो रहा है। इस व्यवस्था के तहत समिति ने स्थानीय युवाओं को जोड़कर एक पर्यटन समूह का गठन किया है। यह समूह पर्यटकों का मार्गदर्शन करने के साथ-साथ मानसून के दौरान जलप्रपात के संवेदनशील और खतरनाक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था
संभाल रहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए समिति के काउंटर पर प्राथमिक उपचार किट की भी व्यवस्था की गई है। सिद्धखोल को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ रखने के लिए प्रवेश द्वार पर प्लास्टिक की पानी की बोतलों के लिए ₹50 की रिफंडेबल सुरक्षा राशि ली जाएगी, जो बोतल वापस करने पर तुरंत लौटा दी जाएगी। परिसर में बांस से निर्मित कूड़ेदान लगाए जाएंगे, जबकि महिला स्व-सहायता समूह पर्यटकों को रियायती दरों पर जूट और कपड़े के थैले तथा दोना-पत्तल उपलब्ध कराएंगे। प्रत्येक सोमवार को वन विभाग और समिति के सदस्य संयुक्त रूप से स्वच्छता श्रमदान अभियान चलाकर पूरे
मार्ग की सफाई करेंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए शुल्क व्यवस्था को भी बेहद सरल बना दिया गया है। पहले दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर लिया जाने वाला अलग-अलग पार्किंग शुल्क अब समाप्त कर दिया गया है और इसके स्थान पर केवल ₹10 प्रति व्यक्ति का एकल प्रवेश शुल्क लागू किया गया है। ईको-टूरिज्म के इस अनूठे मॉडल से कुकरीकोना गांव के दर्जनों परिवारों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है, जिससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। आजीविका और जंगलों के संरक्षण का यह समन्वित प्रयास स्थानीय लोगों में वन संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और सहभागिता की भावना को लगातार मजबूत कर रहा है।
- छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित बस्तर के दंतेवाड़ा में स्थित दंतेश्वरी मां मंदिर में एक विशेष इच्छा पूर्ति स्तंभ है। इस स्तंभ को लेकर ऐसी मान्यता है कि जो भी व्यक्ति सच्ची श्रद्धा और भक्ति के साथ उल्टे हाथ करके इस स्तंभ को छू लेता है और जो भी मांग रखता है, उसकी वह इच्छा अवश्य पूरी हो जाती है। इसी प्रकार मंदिर में एक ऐसा शिवलिंग भी स्थापित है जो चारों दिशाओं में घूमता है। इस घूमते हुए शिवलिंग को लेकर मान्यता है कि जो व्यक्ति बिना रुके इसके लगातार सात चक्र लगा लेता है, उस व्यक्ति की मनोकामना पूर्ण होती है। इन मान्यताओं को करीब से जानने के लिए पूरा वीडियो देखें।1
- बलौदाबाजार शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सबमर्सिबल पंपों के केबल वायर चोरी कर दहशत फैलाने वाले एक शातिर सीरियल चोर को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी हेमु कुमार सेन (33 वर्ष), निवासी गार्डन चौक, बलौदाबाजार को उस समय घेराबंदी कर हिरासत में लिया, जब वह चोरी का केबल और तांबा वायर एक कबाड़ी दुकान में बेचने की फिराक में ग्राहक तलाश रहा था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर झाड़ियों और झोपड़ीनुमा मकान के पास छिपाकर रखा गया करीब 250 फीट पीवीसी केबल वायर और लगभग 1.500 किलोग्राम तांबे का तार बरामद किया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने जून और जुलाई माह के दौरान शहर के विभिन्न वार्डों तथा ग्राम करमदा में चोरी की तीन अलग-अलग वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरोपी ने वार्ड क्रमांक 17 के पाड़ेपारा स्कूल, लोहिया नगर, रिसदा रोड, वार्ड क्रमांक 20 के बंगला क्षेत्र और ग्राम करमदा के विभिन्न सार्वजनिक व व्यावसायिक परिसरों में लगे सबमर्सिबल पंपों को निशाना बनाकर हजारों रुपये मूल्य के केबल वायर चोरी किए थे। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के तहत आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 580/2026, 581/2026 एवं 582/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक देवेन्द्र देवांगन, महिला प्रधान आरक्षक अन्नपूर्णा बंजारे एवं प्रधान आरक्षक कमल कैवर्त्य की भूमिका सराहनीय रही। इस कार्रवाई से क्षेत्र में केबल चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।1
- रायपुर जिले के खरोरा खंड अंतर्गत ग्राम गनियारी में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी द्वारा सदस्यता अभियान का सफल आयोजन किया गया। 11 जुलाई 2026 को आयोजित इस अभियान के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों से व्यापक जनसंपर्क किया। उन्होंने लोगों के साथ संगठन की विचारधारा, उद्देश्यों और छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन, भाषा, संस्कृति तथा स्थानीय अधिकारों की रक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में युवाओं, माताओं-बहनों और ग्रामीणों ने छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि यह संगठन छत्तीसगढ़ की अस्मिता, पहचान और अधिकारों की रक्षा करने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दिलाने और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस सदस्यता अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव-गांव तक संगठन का विस्तार करना और जनसमस्याओं के समाधान में जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने सभी नवसदस्यों का स्वागत किया और उन्हें संगठन की नीतियों, उद्देश्यों व आगामी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उपस्थित सभी सदस्यों ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प दोहराया। संगठन ने यह भी जानकारी दी है कि आने वाले दिनों में क्षेत्र के विभिन्न गांवों में इसी तरह का सदस्यता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।2
- सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सरसीवा पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में 7 अलग-अलग मामलों के तहत कुल 117 लीटर कच्ची महुआ शराब, अंग्रेजी शराब और इसे बनाने के उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। जिले को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ पुलिस का यह विशेष अभियान लगातार जारी है।1
- बलौदाबाजार के कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने शनिवार को जिला अस्पताल और फिजियोथेरेपी सेंटर का व्यापक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अस्पताल की ओपीडी, आईपीडी, इंटीग्रेटेड पब्लिक लैब, मातृ एवं शिशु अस्पताल, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी), फिजियोथेरेपी सेंटर तथा पंचकर्म केंद्र का अवलोकन किया और वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार करने के लिए कहा। इस निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जिला अस्पताल में प्रस्तावित एमआरआई मशीन की स्थापना के लिए सिविल और तकनीकी कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को जल्द अत्याधुनिक जांच सुविधा मिल सके। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने, लैब जांच रिपोर्ट को व्हाट्सएप के जरिए मरीजों को उपलब्ध कराने और विजिटिंग एरिया में बैठने के लिए कुर्सियां बढ़ाने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती पांच कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य और वजन में सुधार का जायजा लेते हुए उन्होंने माताओं से चर्चा की और रसोईघर, भोजन सामग्री तथा पेयजल की स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। फिजियोथेरेपी सेंटर के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को बताया गया कि वहां रोजाना करीब 45 और हर महीने लगभग 980 मरीज इलाज के लिए आते हैं, जहां एक पुरुष और एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट के साथ पांच बेड और आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं। उन्होंने प्रथम तल पर स्थित पंचकर्म केंद्र का भी निरीक्षण किया और दवाओं तथा संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाकर इसे पूरी क्षमता से चलाने के निर्देश दिए। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अवस्थी, सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार वर्मा और जिला कार्यक्रम प्रबंधक सृष्टि मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।2
- रायपुर जिले के धरसीवां विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नकटी में 85 गरीब परिवारों के आशियाने उजाड़ दिए गए हैं। इस कार्रवाई से पूरे नकटी गांव के बसे-बसाए परिवार बिखर गए हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। पीड़ित ग्रामीणों ने सीधे तौर पर धरसीवां विधायक अनुज शर्मा पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने ही इन गरीबों के आशियानों को उजाड़कर रख दिया है। इस संकट के कारण छोटे-छोटे बच्चों को सड़क पर आकर खड़ा होना पड़ा है। इन बेघर परिवारों के पास न तो रहने के लिए कोई जगह बची है और न ही खाने-पीने की कोई व्यवस्था है। घटना से पीड़ित महिलाओं और युवाओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। आक्रोशित महिलाओं ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अनुज शर्मा जहां भी जाएं, उन्हें चैन से रहने न दिया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि आज जो दर्द उनके परिवार ने झेला है, कल को विधायक किसी भी दूसरे परिवार के साथ ऐसा ही कर सकते हैं।3