बागपत मे पालिका अध्यक्ष पर FIR दर्ज, अध्यक्ष के समर्थन मे उतरे अधिवक्ता, बोले EO ने कराया झूठा मुकदमा बागपत नगर पालिका एक बार फिर विवादों में घिर गई है। नगर पालिका अध्यक्ष एडवोकेट रोजुद्दीन और तीन अन्य कर्मचारियों के खिलाफ अधिशासी अधिकारी (ईओ) कृष्ण कुमार भड़ाना ने मुकदमा दर्ज कराया है। ईओ ने जांच से संबंधित फाइलें गुम होने का आरोप लगाया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद अधिवक्ता और नगर पालिका अध्यक्ष रोजुद्दीन के समर्थक एकजुट हो गए। उन्होंने बागपत पुलिस अधीक्षक कार्यालय और जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि अधिशासी अधिकारी कृष्ण कुमार भड़ाना हमेशा विवादों में रहते हैं और पहले भी उनके खिलाफ कई मामले सामने आ चुके हैं। उनका कहना है कि ईओ राजनीतिक द्वेष के चलते अध्यक्ष रोजुद्दीन की छवि खराब करना चाहते हैं। नगर पालिका अध्यक्ष रोजुद्दीन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि फाइल गुम होने का कोई मामला नहीं है और ये आरोप पूरी तरह गलत हैं। रोजुद्दीन के अनुसार, वर्तमान अधिशासी अधिकारी विवादित हैं और पहले भी ऐसी कार्रवाइयों का सामना कर चुके हैं। इससे पहले भी रोजुद्दीन को एक भाजपा नेता की शिकायत के बाद पद से हटाया गया था, लेकिन न्यायालय के आदेश पर उन्हें फिर से पद पर बहाल किया गया था। फिलहाल, अधिकारी इस पूरे मामले की छानबीन में जुटे हैं और निष्पक्ष जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
बागपत मे पालिका अध्यक्ष पर FIR दर्ज, अध्यक्ष के समर्थन मे उतरे अधिवक्ता, बोले EO ने कराया झूठा मुकदमा बागपत नगर पालिका एक बार फिर विवादों में घिर गई है। नगर पालिका अध्यक्ष एडवोकेट रोजुद्दीन और तीन अन्य कर्मचारियों के खिलाफ अधिशासी अधिकारी (ईओ) कृष्ण कुमार भड़ाना ने मुकदमा दर्ज कराया है। ईओ ने जांच से संबंधित फाइलें गुम होने का आरोप लगाया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद अधिवक्ता और नगर पालिका अध्यक्ष रोजुद्दीन के समर्थक एकजुट हो गए। उन्होंने बागपत पुलिस अधीक्षक कार्यालय और जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि अधिशासी अधिकारी कृष्ण कुमार भड़ाना हमेशा विवादों में रहते हैं और पहले भी उनके खिलाफ कई मामले सामने आ चुके हैं। उनका कहना है कि ईओ राजनीतिक द्वेष के चलते अध्यक्ष रोजुद्दीन की छवि खराब करना चाहते हैं। नगर पालिका अध्यक्ष रोजुद्दीन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि फाइल गुम होने का कोई मामला नहीं है और ये आरोप पूरी तरह गलत हैं। रोजुद्दीन के अनुसार, वर्तमान अधिशासी अधिकारी विवादित हैं और पहले भी ऐसी कार्रवाइयों का सामना कर चुके हैं। इससे पहले भी रोजुद्दीन को एक भाजपा नेता की शिकायत के बाद पद से हटाया गया था, लेकिन न्यायालय के आदेश पर उन्हें फिर से पद पर बहाल किया गया था। फिलहाल, अधिकारी इस पूरे मामले की छानबीन में जुटे हैं और निष्पक्ष जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
- भक्ति भी, प्रकृति भी: पुरा महादेव मेला बनेगा जीरो वेस्ट महोत्सव। फूल-माला से बनेगी अगरबत्ती, कचरे से बनाया जाएगा सजावट का सामान। आस्था के साथ पर्यावरण की जिम्मेदारी निभाएगा बागपत।1
- राजधानी दिल्ली में शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने सख्त कारवाई की है। दिल्ली के कुछ इलाकों में खालिस्तान के समर्थन में आपत्तिजनक स्लोगन लिखने के मामले में दिल्ली पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस पूरे मामले को लेकर आज दिल्ली पुलिस ने एक प्रेस वार्ता कर जानकारी साझा की और स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।1
- Post by Saddam ali1
- दिल्ली के शालीमार बाग थाना इलाके में एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है। यहाँ हैदरपुर स्थित लोहिया कैंप के पास एक तेज रफ्तार टाटा-909 कैंटर ने 5 साल के मासूम बच्चे को बेरहमी से कुचल दिया।1
- उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। ब्रह्मपुरी पुलिया के पास सरेराह एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की गला दबाकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान बनारसी दास के रूप में हुई है, जो घोड़ी का काम करते थे। बताया जा रहा है कि वे अपनी घोड़ी में नाल लगवाने आए थे, तभी इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया। सीलमपुर के ब्रह्मपुरी इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब लोगों ने सड़क किनारे एक बुजुर्ग को अचेत हालत में पड़ा देखा। स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ लोगों ने बनारसी दास के साथ कहासुनी के बाद उनका गला दबा दिया। मृतक बनारसी दास, जिन्हें इलाके में लोग अशोक बैंड की घोड़ी वाले के नाम से जानते थे, आज अपनी घोड़ी में नाल ठुकवाने आए थे। लेकिन मामूली विवाद ने देखते ही देखते खूनी रूप ले लिया। घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। बताया जा रहा है कि मौजूद लोगों ने भाग रहे आरोपियों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही सीलमपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गुरु तेग बहादुर अस्पताल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से इलाके में दहशत का माहौल है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर मामूली विवाद इतना खौफनाक कैसे हो गया। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।1
- Post by Praveen Kumar1
- Post by Raja1
- बागपत नगर पालिका चेयरमैन एडवोकेट राजुद्दीन ने ईओ केके भड़ाना पर लगाए गम्भीर आरोप। अधिवक्ताओं के साथ एसपी और डीएम को दिया शिकायती पत्र सुनिए क्या है पुरा मामला.....1