उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद अंतर्गत हाटा तहसील क्षेत्र में पकौली लाल के समीप पगरा-52 नहर किनारे स्थित लगभग 200 वर्ष प्राचीन राम-जानकी मंदिर और उसके बगल में मौजूद पोखरा आज घोर उपेक्षा और बदहाली का शिकार है। कभी क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रहा यह ऐतिहासिक स्थल देखरेख के अभाव में जर्जर हो चुका है। समय पर मरम्मत न होने से मंदिर की दीवारों और छत में गंभीर दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे इसके ढहने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मंदिर के महंत मदन दास ने बताया कि इस प्राचीन मंदिर में भगवान श्रीराम, माता जानकी, भगवान शिव, माता पार्वती और हनुमान जी सहित कई देवी-देवताओं की अष्टधातु की प्रतिमाएं स्थापित हैं। वर्षों से श्रद्धालु यहाँ पूजा-अर्चना के लिए आते रहे हैं। महंत के अनुसार, मंदिर के संरक्षण के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, क्षेत्रीय विधायक, ग्राम प्रधान और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। स्थानीय ग्रामीणों जगदम्बा पाण्डेय, अशोक गिरी, अमृतलाल सिंह और अभिषेक यादव का कहना है कि मंदिर तक पहुँचने वाला संपर्क मार्ग भी खस्ताहाल है, जिससे विशेषकर बरसात के मौसम में श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मंदिर के पास स्थित पोखरा भी सफाई न होने से अपना अस्तित्व खो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यहाँ हर साल महाशिवरात्रि पर विशाल मेला लगता है, जिसमें दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु आते हैं। एक तरफ सरकार धार्मिक स्थलों के विकास की योजनाएं चला रही है, वहीं यह ऐतिहासिक धरोहर उपेक्षा झेल रही है। क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से मंदिर के जीर्णोद्धार, पोखरे के पुनरोद्धार और सड़क निर्माण की शीघ्र मांग की है।
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद अंतर्गत हाटा तहसील क्षेत्र में पकौली लाल के समीप पगरा-52 नहर किनारे स्थित लगभग 200 वर्ष प्राचीन राम-जानकी मंदिर और उसके बगल में मौजूद पोखरा आज घोर उपेक्षा और बदहाली का शिकार है। कभी क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रहा यह ऐतिहासिक स्थल देखरेख के अभाव में जर्जर हो चुका है। समय पर मरम्मत न होने से मंदिर की दीवारों और छत में गंभीर दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे इसके ढहने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मंदिर के महंत मदन दास ने बताया कि इस प्राचीन मंदिर में भगवान श्रीराम, माता जानकी, भगवान शिव, माता पार्वती और हनुमान जी सहित कई देवी-देवताओं की अष्टधातु की प्रतिमाएं स्थापित हैं। वर्षों से श्रद्धालु यहाँ पूजा-अर्चना के लिए आते रहे हैं। महंत के अनुसार, मंदिर के संरक्षण के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, क्षेत्रीय विधायक, ग्राम प्रधान और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। स्थानीय ग्रामीणों जगदम्बा पाण्डेय, अशोक गिरी, अमृतलाल सिंह और अभिषेक यादव का कहना है कि मंदिर तक पहुँचने वाला संपर्क मार्ग भी खस्ताहाल है, जिससे विशेषकर बरसात के मौसम में श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मंदिर के पास स्थित पोखरा भी सफाई न होने से अपना अस्तित्व खो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यहाँ हर साल महाशिवरात्रि पर विशाल मेला लगता है, जिसमें दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु आते हैं। एक तरफ सरकार धार्मिक स्थलों के विकास की योजनाएं चला रही है, वहीं यह ऐतिहासिक धरोहर उपेक्षा झेल रही है। क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से मंदिर के जीर्णोद्धार, पोखरे के पुनरोद्धार और सड़क निर्माण की शीघ्र मांग की है।
- मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर के ध्वस्तीकरण संबंधी आदेश के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष ब्यास यादव के नेतृत्व में पार्टी के नेता और पदाधिकारी पार्टी कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए देवरिया कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। वहाँ उन्होंने राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण के आदेश पर पुनर्विचार करने और शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता, संवैधानिक मूल्यों एवं विधि के शासन की भावना के अनुरूप न्यायोचित निर्णय सुनिश्चित करने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष व्यास यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा केवल भवनों का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज के भविष्य और सामाजिक न्याय की आधारशिला है। किसी भी शैक्षणिक संस्थान के संबंध में निर्णय संविधान एवं विधि सम्मत प्रक्रिया के अनुरूप ही लिए जाने चाहिए।3
- देवरिया के निवाड़ी चौराहे की सड़क की हालत खराब है। स्थानीय लोगों ने सड़क की मरम्मत की माँग की है। लोगों का कहना है कि यह सड़क इतनी ख़राब है कि कोई भी व्यक्ति यहाँ से गुजरते समय गिर सकता है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस सड़क को जल्द से जल्द ठीक करने की अपील की है।1
- उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में विद्युत आपूर्ति की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। तरकुलवा विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति 48-48 घंटे तक ठप रहने की खबरें आ रही हैं। इससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने पर संबंधित अधिकारियों से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। उनका कहना है कि अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि पहले बीआईपी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में निश्चित बिजली उपलब्ध नहीं कराई जा सकती। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि तरकुलवा विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीण चाहते हैं कि कठोर कार्रवाई के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।1
- देवरिया जिले के विकास खंड बैतालपुर के बटुलहीं गांव में पशुपालन विभाग द्वारा बरसात के मौसम में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए रविवार को विशेष जागरूकता एवं उपचार कार्यक्रम चलाया गया। पशुधन प्रसार अधिकारी निशाकांत तिवारी के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में सुभाष चंद्र, महेंद्र यादव, चेतन मणि, दुष्यंत तिवारी और आयुष श्रीवास्तव शामिल रहे। विभाग इस कार्यक्रम से पहले भी 12 गांवों में ऐसा अभियान चला चुका है। अभियान के तहत टीम ने गांव-गांव पहुंचकर सुअर पालकों से संवाद किया और बरसात में पशुओं में फैलने वाली बीमारियों से बचाव के उपाय बताए। इस दौरान पशुपालकों को निःशुल्क कृमिनाशक दवाएं बांटी गईं तथा सुअर बाड़ों और आसपास के क्षेत्रों में एंटीलार्वा दवा का छिड़काव कराया गया। इसके साथ ही पंपलेट बांटकर साफ-सफाई, समय पर टीकाकरण और बाड़ों में जलभराव न होने देने के प्रति जागरूक किया गया। पशुधन प्रसार अधिकारी निशाकांत तिवारी ने जानकारी दी कि बारिश के दिनों में गंदगी और जलभराव की वजह से लेप्टोस्पायरोसिस जैसी घातक बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि पशुओं में किसी भी बीमारी के लक्षण नजर आते ही तुरंत निकटतम पशु चिकित्सालय से संपर्क करें ताकि समय पर इलाज मिल सके।1
- देवरिया के दीनानाथ पांडेय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जनपद के विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापकों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए गए, जो शिक्षकों के लिए एक बड़ी सौगात है। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। इसके बाद आगरा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्राध्यापकों को चिकित्सा कार्ड वितरण और उनके संबोधन का सीधा प्रसारण महाविद्यालय में उपस्थित लोगों को दिखाया गया।1
- देवरिया के प्रॉपर्टी डीलर अवधेश सिंह ने जमीन और मकान के क्रय-विक्रय के सिलसिले में हजारों लोगों के साथ सेमिनार का आयोजन किया है। इस सेमिनार में प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री से जुड़ी मुख्य विशेषताओं और जानकारियों को साझा किया गया है।1
- सरकार ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार की ओर से परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने की बात कही गई है।1
- देवरिया में मारवाड़ी युवा मंच ने सामाजिक सरोकारों के तहत महार्षि देवराहा बाबा स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस को एक डी-फ्रीजर दान स्वरूप भेंट किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पोस्टमार्टम हाउस की सुविधाओं को सुदृढ़ करना और शवों के सुरक्षित संरक्षण की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना है। डी-फ्रीजर हस्तांतरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पूर्व सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी ने मंच की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सशक्त होती हैं और आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. एच.के. मिश्रा ने मंच के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डी-फ्रीजर उपलब्ध होने से आवश्यक परिस्थितियों में प्रशासन और परिजनों दोनों को शव संरक्षण में बड़ी राहत मिलेगी। कार्यक्रम में मारवाड़ी समाज के राहुल पोद्दार, विष्णु भगत, अनुप लाडिया, सचिन अग्रवाल, कन्हैया राजगढ़िया, अंकित अग्रवाल केड़िया, पुलकित केड़िया, प्रकाश लाठ और नवीन लाठ सहित कई लोग मौजूद रहे। सभी उपस्थित लोगों ने भविष्य में भी समाजहित के कार्यों में सहयोग जारी रखने का संकल्प जताया।1