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jeerabad yhape gar nahimil ra

3 hrs ago
user_Jeerabad
Jeerabad
गांधी नगर, पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
3 hrs ago
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jeerabad yhape gar nahimil ra

More news from दिल्ली and nearby areas
  • *कफन ओढ़कर DM ऑफिस पहुंचा वह “मुर्दा” जिसे 14 साल से राजस्व अभिलेखों में मार दिया गया* इशहाक अली बस्ती जिले के बानपुर–कुदरहा इलाके के रहने वाले स्वीपर थे, जो स्वास्थ्य विभाग के सरकारी अस्पताल में काम करते रहे और 31 दिसंबर 2019 को नियमानुसार रिटायर हुए और पेंशन भी प्राप्त कर रहे हैं। लेकिन राजस्व विभाग की फाइलों में 2 दिसंबर 2012 से ही उन्हें मृत घोषित कर दिया गया, यानी उनके रिटायर होने से लगभग 7 साल पहले ही “कागजों में उनकी मौत” दर्ज कर दी गई। इशहाक अली की लगभग 0.77 हेक्टेयर पैतृक कृषि भूमि (गाटा संख्या 892) को राजस्व अधिकारियों ने उन्हें “मृत” मानकर एक स्थानीय महिला शाहिदुन्निशा के नाम दर्ज कर दिया, जिससे जमीन उनसे छिन गई। आरोप है कि तत्कालीन राजस्व उपनिरीक्षक/निरीक्षक ललित कुमार मिश्रा ने बिना मृत्यु प्रमाण‑पत्र के भी फर्जी दर्जा बनाकर यह जमीन‑हेराफेरी की, जिसपर जिला प्रशासन ने अब जांच का आदेश दिया है। इशहाक अली पिछले करीब 14 सालों से खुद को “जिंदा” साबित करने और अपनी जमीन वापस लेने के लिए विभिन्न अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन राजस्व‑स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड आपस में अलग‑अलग होने के कारण कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी गुस्से और निराशा के बीच वे अपने शरीर पर कफन ओढ़कर बस्ती DM ऑफिस पहुंचे, जिलाधिकारी के चैंबर के सामने लेट गए और “साहब, मैं मुर्दा नहीं, जिंदा हूं, मुझे कागजों में जिंदा कर दीजिए” जैसी अपील कर अफसरों की आँखें खोलने की कोशिश की। डीएम ने मामले की संज्ञान लेते हुए जांच की कार्रवाई‌ शुरू कर दी है और जिम्मेदार राजस्व अधिकारियों के खिलाफ जांच‑प्रक्रिया चलाई जा रही है। इशहाक अली का मुख्य दावा है कि न केवल उन्हें फाइलों से “जिंदा” घोषित किया जाए, बल्कि उनकी मौलिक जमीन को वापस उनके नाम सही दर्जा बनाकर दिया जाए ताकि इस तरह की भ्रष्ट राजस्व‑राजकर व्यवस्था की सीमाएं और साफ हो सकें।
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    *कफन ओढ़कर DM ऑफिस पहुंचा वह “मुर्दा” जिसे 14 साल से राजस्व अभिलेखों में मार दिया गया*
इशहाक अली बस्ती जिले के बानपुर–कुदरहा इलाके के रहने वाले स्वीपर थे, जो स्वास्थ्य विभाग के सरकारी अस्पताल में काम करते रहे और 31 दिसंबर 2019 को नियमानुसार रिटायर हुए और पेंशन भी प्राप्त कर रहे हैं। 
लेकिन राजस्व विभाग की फाइलों में 2 दिसंबर 2012 से ही उन्हें मृत घोषित कर दिया गया, यानी उनके रिटायर होने से लगभग 7 साल पहले ही “कागजों में उनकी मौत” दर्ज कर दी गई। 
इशहाक अली की लगभग 0.77 हेक्टेयर पैतृक कृषि भूमि (गाटा संख्या 892) को राजस्व अधिकारियों ने उन्हें “मृत” मानकर एक स्थानीय महिला शाहिदुन्निशा के नाम दर्ज कर दिया, जिससे जमीन उनसे छिन गई। 
आरोप है कि तत्कालीन राजस्व उपनिरीक्षक/निरीक्षक ललित कुमार मिश्रा ने बिना मृत्यु प्रमाण‑पत्र के भी फर्जी दर्जा बनाकर यह जमीन‑हेराफेरी की, जिसपर जिला प्रशासन ने अब जांच का आदेश दिया है।
इशहाक अली पिछले करीब 14 सालों से खुद को “जिंदा” साबित करने और अपनी जमीन वापस लेने के लिए विभिन्न अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन राजस्व‑स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड आपस में अलग‑अलग होने के कारण कोई सुनवाई नहीं हुई। 
इसी गुस्से और निराशा के बीच वे अपने शरीर पर कफन ओढ़कर बस्ती DM ऑफिस पहुंचे, जिलाधिकारी के चैंबर के सामने लेट गए और “साहब, मैं मुर्दा नहीं, जिंदा हूं, मुझे कागजों में जिंदा कर दीजिए” जैसी अपील कर अफसरों की आँखें खोलने की कोशिश की। 
डीएम ने मामले की संज्ञान लेते हुए जांच की कार्रवाई‌ शुरू कर दी है और जिम्मेदार राजस्व अधिकारियों के खिलाफ जांच‑प्रक्रिया चलाई जा रही है।
इशहाक अली का मुख्य दावा है कि न केवल उन्हें फाइलों से “जिंदा” घोषित किया जाए, बल्कि उनकी मौलिक जमीन को वापस उनके नाम सही दर्जा बनाकर दिया जाए ताकि इस तरह की भ्रष्ट राजस्व‑राजकर व्यवस्था की सीमाएं और साफ हो सकें।
    user_News 22 India
    News 22 India
    TV News Anchor करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    7 hrs ago
  • Jay maut Ho Gai bande ki bhoot ban gaya
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    Jay maut Ho Gai bande ki bhoot ban gaya
    user_Sanjay Kumar
    Sanjay Kumar
    सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    9 hrs ago
  • शहादरा जिला के MS पार्क थाने की टीम ने एक ऑटो लिफ्टर को गिरफ्तार किया एक चोरी की स्कूटी बरामद की डीसीपी शहादरा ने जानकारी देते हुए बताया कि MS पार्क थाने में एक स्कूटी चोरी के बारे में कंप्लेंट दर्ज की गई थी जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था और जांच चालू की गई SHO MS पार्क थाने के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई और आरोपी तक पहुंची जिसको गिरफ्तार किया गया।
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    शहादरा जिला के MS पार्क थाने की टीम ने एक ऑटो लिफ्टर को गिरफ्तार किया एक चोरी की स्कूटी बरामद की
डीसीपी शहादरा ने जानकारी देते हुए बताया कि MS पार्क थाने में एक स्कूटी चोरी के बारे में कंप्लेंट दर्ज की गई थी जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था और जांच चालू की गई SHO MS पार्क थाने के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई और आरोपी तक पहुंची जिसको गिरफ्तार किया गया।
    user_Sanjay Khan
    Sanjay Khan
    शाहदरा, शाहदरा, दिल्ली•
    10 hrs ago
  • यूपी की लड़की हाई कोर्ट लखनऊ में पुलिस वालों को लड़की ने दी धमकी पांचवी मंजिल पर चढ़ के😭😭🙏
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    यूपी की लड़की हाई कोर्ट लखनऊ में पुलिस वालों को लड़की ने दी धमकी पांचवी मंजिल पर चढ़ के😭😭🙏
    user_Shivkumar kushwaha
    Shivkumar kushwaha
    सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    16 hrs ago
  • Post by 🟪❤️🌹रेखा सिंह दिल्ली🌺🌹⚘️
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    Post by 🟪❤️🌹रेखा सिंह दिल्ली🌺🌹⚘️
    user_🟪❤️🌹रेखा सिंह दिल्ली🌺🌹⚘️
    🟪❤️🌹रेखा सिंह दिल्ली🌺🌹⚘️
    Insurance Agent नई दिल्ली, नई दिल्ली, दिल्ली•
    16 hrs ago
  • झिलमिल वार्ड के निगम पार्षद श्री पंकज लूथरा ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती पर सांसद श्री हर्ष मल्होत्रा के साथ काटा 135 किलो का केक
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    झिलमिल वार्ड के निगम पार्षद श्री पंकज लूथरा ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती पर सांसद श्री हर्ष मल्होत्रा के साथ काटा 135 किलो का केक
    user_Vijay kapoor
    Vijay kapoor
    Court reporter गांधी नगर, पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    18 hrs ago
  • गाजियाबाद की एक महिला से सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर कथित तौर पर दुष्कर्म और जबरन निकाह कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि आदिल अहमद नामक युवक महिला को अलीगढ़ बुलाकर एक होटल में ले गया, जहां उसे कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर महिला पर दबाव बनाया गया। शिकायत के मुताबिक, होटल मालिक, रिसेप्शनिस्ट समेत अन्य लोगों ने कथित तौर पर जबरन निकाह कराने में सहयोग किया। पीड़िता किसी तरह वहां से निकलकर पुलिस तक पहुंची और पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है।
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    गाजियाबाद की एक महिला से सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर कथित तौर पर दुष्कर्म और जबरन निकाह कराने का मामला सामने आया है।
आरोप है कि आदिल अहमद नामक युवक महिला को अलीगढ़ बुलाकर एक होटल में ले गया, जहां उसे कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर महिला पर दबाव बनाया गया।
शिकायत के मुताबिक, होटल मालिक, रिसेप्शनिस्ट समेत अन्य लोगों ने कथित तौर पर जबरन निकाह कराने में सहयोग किया।
पीड़िता किसी तरह वहां से निकलकर पुलिस तक पहुंची और पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है।
    user_AIB Hindi
    AIB Hindi
    Media house करोल बाग, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    7 hrs ago
  • *4 करोड़ के विवाद में फंसी हाजी याकूब की भतीजी, फोन पर तीन तलाक और घर से निकाला गया”* “मुजफ्फरनगर–मेरठ के एक हाई‑प्रोफाइल घरेलू विवाद ने अब पूरे यूपी में सनसनी मचा दी है। यह केस ना सिर्फ़ पैसे का झगड़ा है, बल्कि एक औरत के घर, उसकी दो बेटियों और फोन पर तीन तलाक की दर्द भरी कहानी है।” यह कहानी है मेरठ के चर्चित मुस्लिम नेता और पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी की भतीजी जेबा परवीन की, जिनकी शादी मुजफ्फरनगर के बड़े चमड़ा कारोबारी हाजी फराज से हुई थी। यह शादी धूम‑धाम से हुई थी, लेकिन आज वही शादी एक बड़े तनाव का केंद्र बन गई है। “जेबा के भाइयों का आरोप है कि फराज ने व्यापार शुरू करने के नाम पर उनसे करीब 4 करोड़ रुपये उधार लिए थे। समय बीतने पर जब भाइयों ने पैसा वापस मांगा, तो झगड़ा शुरू हो गया। आरोप है कि जेबा पर मानसिक उत्पीड़न और दबाव डाला गया, और आखिरकार उन्हें घर से निकाल दिया गया। “जेबा का दावा है कि उन्हें बीमारी/मां की तबीयत का बहाना बनाकर मेरठ भेज दिया गया, और जब वे वापस आईं तो घर का दरवाज़ा बंद मिला, अंदर जाने नहीं दिया गया। उनकी लगभग 80 तोले सोने की ज्वैलरी छीन ली गई, और उनकी दोनों बेटियों को घर के अंदर रख लिया गया, जिससे जेबा अपनी बच्चियों से भी अलग हो गई। “जेबा का सबसे बड़ा आरोप यह है कि जब उन्होंने पैसे वापसी और बेटियों से मिलने की बात की, तो फराज ने फोन पर तीन बार ‘तलाक’ बोलकर रिश्ता खत्म कर दिया। आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में फोन या वॉट्सएप पर तीन तलाक देना अब आपराधिक अपराध माना जाता है। इस तरह के केस में पुलिस महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर सकती है, और यह धोखाधड़ी और घरेलू हिंसा के कानून के तहत भी देखा जा सकता है। जेबा फराज के मुजफ्फरनगर वाले घर के बाहर धरने पर बैठी हैं, घर में प्रवेश दिलाने और अपनी बेटियों से मिलने की मांग कर रही हैं। लेकिन एक और दर्दनाक हिस्सा यह है कि पैसे के विवाद के चलते मायके वाले उन्हें अपने घर में रखने से इनकार कर रहे हैं, जिससे जेबा ना सिर्फ़ ससुराल से अलग है, बल्कि मायके से भी अलग है। “यह केस सिर्फ़ एक तरफ़ा विवाद नहीं, बल्कि औरतों पर आर्थिक दबाव, सोने‑ज्वैलरी की कीमत, और फोन पर तीन तलाक की सोशल बहस को भी उजागर कर रहा है। अगर आप भी ऐसे किसी विवाद में फंसी हों, तो याद रखें – पुलिस, महिला आयोग और अदालत जैसे कानूनी तंत्र हमेशा आपके साथ हैं, और आपकी आवाज़ बेबसी नहीं, बल्कि अधिकार है।”
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    *4 करोड़ के विवाद में फंसी हाजी याकूब की भतीजी, फोन पर तीन तलाक और घर से निकाला गया”*
“मुजफ्फरनगर–मेरठ के एक हाई‑प्रोफाइल घरेलू विवाद ने अब पूरे यूपी में सनसनी मचा दी है। यह केस ना सिर्फ़ पैसे का झगड़ा है, बल्कि एक औरत के घर, उसकी दो बेटियों और फोन पर तीन तलाक की दर्द भरी कहानी है।”
यह कहानी है मेरठ के चर्चित मुस्लिम नेता और पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी की भतीजी जेबा परवीन की, जिनकी शादी मुजफ्फरनगर के बड़े चमड़ा कारोबारी हाजी फराज से हुई थी। यह शादी धूम‑धाम से हुई थी, लेकिन आज वही शादी एक बड़े तनाव का केंद्र बन गई है।
“जेबा के भाइयों का आरोप है कि फराज ने व्यापार शुरू करने के नाम पर उनसे करीब 4 करोड़ रुपये उधार लिए थे। समय बीतने पर जब भाइयों ने पैसा वापस मांगा, तो झगड़ा शुरू हो गया। आरोप है कि जेबा पर मानसिक उत्पीड़न और दबाव डाला गया, और आखिरकार उन्हें घर से निकाल दिया गया।
“जेबा का दावा है कि उन्हें बीमारी/मां की तबीयत का बहाना बनाकर मेरठ भेज दिया गया, और जब वे वापस आईं तो घर का दरवाज़ा बंद मिला, अंदर जाने नहीं दिया गया। उनकी लगभग 80 तोले सोने की ज्वैलरी छीन ली गई, और उनकी दोनों बेटियों को घर के अंदर रख लिया गया, जिससे जेबा अपनी बच्चियों से भी अलग हो गई।
“जेबा का सबसे बड़ा आरोप यह है कि जब उन्होंने पैसे वापसी और बेटियों से मिलने की बात की, तो फराज ने फोन पर तीन बार ‘तलाक’ बोलकर रिश्ता खत्म कर दिया।
आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में फोन या वॉट्सएप पर तीन तलाक देना अब आपराधिक अपराध माना जाता है। 
इस तरह के केस में पुलिस महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर सकती है,   और यह धोखाधड़ी और घरेलू हिंसा के कानून के तहत भी देखा जा सकता है।
जेबा फराज के मुजफ्फरनगर वाले घर के बाहर धरने पर बैठी हैं, घर में प्रवेश दिलाने और अपनी बेटियों से मिलने की मांग कर रही हैं।
लेकिन एक और दर्दनाक हिस्सा यह है कि पैसे के विवाद के चलते मायके वाले उन्हें अपने घर में रखने से इनकार कर रहे हैं, जिससे जेबा ना सिर्फ़ ससुराल से अलग है, बल्कि मायके से भी अलग है।
“यह केस सिर्फ़ एक तरफ़ा विवाद नहीं, बल्कि औरतों पर आर्थिक दबाव, सोने‑ज्वैलरी की कीमत, और फोन पर तीन तलाक की सोशल बहस को भी उजागर कर रहा है।
अगर आप भी ऐसे किसी विवाद में फंसी हों, तो याद रखें – पुलिस, महिला आयोग और अदालत जैसे कानूनी तंत्र हमेशा आपके साथ हैं, और आपकी आवाज़ बेबसी नहीं, बल्कि अधिकार है।”
    user_News 22 India
    News 22 India
    TV News Anchor करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    7 hrs ago
  • Post by MOHD Ahsan. 9540623826
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    Post by MOHD Ahsan.   9540623826
    user_MOHD Ahsan.   9540623826
    MOHD Ahsan. 9540623826
    Media house मयूर विहार, पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    19 hrs ago
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