Shuru
Apke Nagar Ki App…
*रीठी जनपद के ग्राम पंचायत खमरिया न. 1मे समूह सोसाइटी उचित मूल्य दुकान मे बी पी एल कार्ड पर उपभोक्ताओं को 1रूपए मे मिलने वाला नमक को 5रूपए बेचकर गरीबो की जेब मे डाका डाला जा रहा है* *कटनी से सौरभ श्रीवास्तव* *जिला ब्यूरो चीफ कटनी* *मो. 9131308097*
Sourabh Shrivastava
*रीठी जनपद के ग्राम पंचायत खमरिया न. 1मे समूह सोसाइटी उचित मूल्य दुकान मे बी पी एल कार्ड पर उपभोक्ताओं को 1रूपए मे मिलने वाला नमक को 5रूपए बेचकर गरीबो की जेब मे डाका डाला जा रहा है* *कटनी से सौरभ श्रीवास्तव* *जिला ब्यूरो चीफ कटनी* *मो. 9131308097*
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- कटनी में L&T कंपनी के 300 श्रमिकों का काम बंद, अधिकारों और लंबित भुगतान को लेकर धरना1
- सतना, मध्यप्रदेश डायल 112 वाहन खुद असमर्थ सरकारी व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल1
- यूट्यूब लिंक पर पूरा देखें https://youtu.be/7CIXuU_ZzXM?si=G222kK82UUe716X2 आजादी से आज तक नहीं मिली बिजली 20 हज़ार की आबादी में 80% आदिवासी ना पंचायत से कोई विकास न वन भूमि।1
- *सतना। कोलगवा पुलिस थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की चेकिंग करते हुए।*1
- ज्योत तेरी जगाए सुबह-शाम हम..1
- “हम भूखे मर रहे हैं… फैक्ट्री सब ले गई!” – दमोह के युवा बोले1
- ❗गलत दवा, उजड़ी फसल… कर्ज में डूबा किसान❗ कृषि केंद्र की लापरवाही से 1.5 लाख का नुकसान, न्याय के लिए एसपी–कलेक्टर की चौखट पर पहुंचा गरीब अन्नदाता कटनी/बरही। एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, तो दूसरी ओर निजी कृषि केंद्रों की लापरवाही गरीब किसानों की कमर तोड़ रही है। बरही तहसील के ग्राम ताली मोहनी में एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां गलत दवा दिए जाने से किसान की पूरी चने की फसल जलकर नष्ट हो गई। पीड़ित किसान नागेन्द्र कुमार पाण्डेय पिता मोहनराम पाण्डेय, निवासी ताली रोहनिया, थाना बरही, जिला कटनी, ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 को वह बरही स्थित अग्रवाल कृषि केन्द्र, कटनी रोड से चने की फसल में डालने के लिए फूल वर्धक दवा लेने गया था। लेकिन दुकानदार ने उसे फूल बढ़ाने की दवा की जगह “Cloud 58 Selective Herbicide” नामक खरपतवार नाशक ज़हरीली दवा थमा दी। जैसे ही किसान ने दवा का छिड़काव किया, डेढ़ एकड़ में बोई गई चने की फसल देखते ही देखते सूख गई और कुछ ही समय में पूरी फसल बर्बाद हो गई। कर्ज लेकर की थी खेती, अब घर चलाना मुश्किल किसान नागेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि उसने कर्ज लेकर खेती की थी, लेकिन कृषि केंद्र की एक गलती ने उसकी मेहनत, पूंजी और भविष्य—तीनों तबाह कर दिए। इस हादसे में उसे करीब ₹1,50,000 (एक लाख पचास हजार रुपये) का सीधा नुकसान हुआ है। फसल नष्ट होने से किसान और उसका पूरा परिवार मानसिक, आर्थिक और सामाजिक संकट में फंस गया है। न्याय की आस में प्रशासन के दरवाज़े पर गरीब किसान पीड़ित किसान ने न्याय की गुहार लगाते हुए कलेक्टर कटनी और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को लिखित शिकायत सौंपी है। प्रशासन की ओर से जांच का आश्वासन दिया गया है, लेकिन सवाल यह है कि— 👉 क्या गरीब किसान को उसका हक मिलेगा? 👉 क्या लापरवाह कृषि केंद्र पर सख्त कार्रवाई होगी? 👉 या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा? 🎙️ बाइट – पीड़ित किसान नागेन्द्र कुमार पाण्डेय “मैंने कर्ज लेकर चने की खेती की थी। दुकान से फूल की दवा मांगी थी, लेकिन गलत दवा दे दी गई। दवा डालते ही पूरी फसल जल गई। मेरा सब कुछ खत्म हो गया है। साहब, मुझे न्याय चाहिए, नहीं तो मेरा परिवार सड़क पर आ जाएगा।” ✊ यह सिर्फ एक किसान की कहानी नहीं, बल्कि सिस्टम की उस बेरहमी का सच है, जो गरीब अन्नदाता को बर्बादी की ओर धकेल रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन दोषियों पर कब और कितनी सख्ती करता है।4
- कटनी में L&T कंपनी के 300 श्रमिकों का काम बंद, अधिकारों और लंबित भुगतान को लेकर धरना1
- Post by Ravi Shankar pathak1