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नूरपुर की प्रसिद्ध न्यूट्रीशन डाइटिशियन, चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री धारक, होम्योपैथिक फार्मासिस्ट और ट्रेंड योगा टीचर डॉ. अर्चिता महाजन ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नामांकित होने के साथ-साथ पंजाब सरकार, हिमाचल सरकार और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित डॉ. महाजन ने आगाह किया है कि लोग जहाँ टॉयलेट सीट को नियमित रूप से फिनाइल, डिसइंफेक्टेंट और क्लीनर से साफ करते हैं, वहीं किचन स्पंज को अक्सर केवल पानी से धोकर दोबारा इस्तेमाल कर लिया जाता है। उनका कहना है कि इसी लापरवाही के कारण किचन स्पंज में टॉयलेट सीट से भी ज्यादा कीटाणु पाए जाते हैं। डॉ. महाजन ने विस्तार से बताया कि स्पंज की सतह में छोटे-छोटे छेद होते हैं, जहाँ बैक्टीरिया आसानी से छिप जाते हैं और तेजी से अपनी संख्या बढ़ाते हैं। किचन स्पंज में ई. कोलाई (E. coli), साल्मोनेला (Salmonella), स्टैफिलोकोकस (Staphylococcus) और कैंपिलोबैक्टर (Campylobacter) जैसे कई प्रकार के हानिकारक बैक्टीरिया पनप सकते हैं। उन्होंने बताया कि बर्तन साफ करने, तेल-चिकनाई हटाने और खाने के अवशेष साफ करने के बाद स्पंज अक्सर गीला ही पड़ा रहता है। यह नमी बैक्टीरिया, फंगस और कीटाणुओं को तेजी से बढ़ने का अनुकूल वातावरण प्रदान करती है। विशेष रूप से भारतीय रसोई में मसाले, तेल, दूध, दाल और कच्ची सब्जियों के कण स्पंज में फंस जाते हैं, जिससे बैक्टीरिया की संख्या और भी बढ़ जाती है। इस संबंध में कई अंतरराष्ट्रीय शोधों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि जर्मनी में हुई एक प्रसिद्ध रिसर्च में वैज्ञानिकों ने इस्तेमाल किए गए किचन स्पंज में करोड़ों की संख्या में बैक्टीरिया पाए थे, जिनमें से कुछ संक्रमण और फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं। इस रिसर्च ने यह भी पुष्टि की कि कई बार स्पंज में मौजूद बैक्टीरिया की मात्रा टॉयलेट सीट से भी ज्यादा पाई गई। अमेरिका और यूरोप की कई अन्य स्टडीज़ में भी यह सामने आया है कि किचन स्पंज घर की सबसे दूषित वस्तुओं में से एक है। विशेषज्ञों का मानना है कि गीला और लंबे समय तक इस्तेमाल किया गया स्पंज बैक्टीरिया का "हॉटस्पॉट" बन जाता है। एक अध्ययन के अनुसार, स्पंज में 360 से अधिक विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं। यह क्रॉस-कंटैमिनेशन का भी खतरा पैदा करता है, जहाँ कच्चे मांस के रस या सिंक से बैक्टीरिया बर्तनों और हाथों के जरिए खाने तक पहुँच सकते हैं, जिससे पेट में संक्रमण, डायरिया, फूड पॉइजनिंग और किडनी इंफेक्शन जैसे गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। डॉ. महाजन ने किचन स्पंज से होने वाले खतरों से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय भी सुझाए हैं। उन्होंने बताया कि स्पंज को बैक्टीरिया-मुक्त रखने के लिए हर 2-3 दिन में उसे गीला करके 1 मिनट के लिए माइक्रोवेव किया जा सकता है, या फिर डिशवॉशर में गर्म चक्र (hot cycle) पर धोया जा सकता है। इसके अलावा, इस्तेमाल के बाद स्पंज को अच्छी तरह निचोड़कर सूखी जगह पर रखना चाहिए और उसे कभी भी गीला या बंद सिंक के नीचे नहीं छोड़ना चाहिए। बैक्टीरिया से बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि हर 1 से 2 सप्ताह में अपना स्पंज बदल दें, और यदि स्पंज से बदबू आने लगे या वह फट जाए, तो उसे तुरंत फेंक दें। उन्होंने पारंपरिक स्पंज की जगह सिलिकॉन स्क्रबर (Silicone Scrubbers) का उपयोग करने का भी सुझाव दिया, क्योंकि इनमें नमी नहीं रुकती और बैक्टीरिया पनपने का खतरा बेहद कम होता है। डॉ. अर्चिता महाजन ने अंत में विशेष रूप से रेखांकित किया, "टॉयलेट सीट से भी गन्दा हो जाता है, किचन स्पंज। हर हफ्ते बदलो।"

3 hrs ago
user_भूषण शर्मा
भूषण शर्मा
नूरपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
3 hrs ago
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नूरपुर की प्रसिद्ध न्यूट्रीशन डाइटिशियन, चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री धारक, होम्योपैथिक फार्मासिस्ट और ट्रेंड योगा टीचर डॉ. अर्चिता महाजन ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नामांकित होने के साथ-साथ पंजाब सरकार, हिमाचल सरकार और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित डॉ. महाजन ने आगाह किया है कि लोग जहाँ टॉयलेट सीट को नियमित रूप से फिनाइल, डिसइंफेक्टेंट और क्लीनर से साफ करते हैं, वहीं किचन स्पंज को अक्सर केवल पानी से धोकर दोबारा इस्तेमाल कर लिया जाता है। उनका कहना है कि इसी लापरवाही के कारण किचन स्पंज में टॉयलेट सीट से भी ज्यादा कीटाणु पाए जाते हैं। डॉ. महाजन ने विस्तार से बताया कि स्पंज की सतह में छोटे-छोटे छेद होते हैं, जहाँ बैक्टीरिया आसानी से छिप जाते हैं और तेजी से अपनी संख्या बढ़ाते हैं। किचन स्पंज में ई. कोलाई (E. coli), साल्मोनेला (Salmonella), स्टैफिलोकोकस (Staphylococcus) और कैंपिलोबैक्टर (Campylobacter) जैसे कई प्रकार के हानिकारक बैक्टीरिया पनप सकते हैं। उन्होंने बताया कि बर्तन साफ करने, तेल-चिकनाई हटाने और खाने के अवशेष साफ करने के बाद स्पंज अक्सर गीला ही पड़ा रहता है। यह नमी बैक्टीरिया, फंगस और कीटाणुओं को तेजी से बढ़ने का अनुकूल वातावरण प्रदान करती है। विशेष रूप से भारतीय रसोई में मसाले, तेल, दूध, दाल और कच्ची सब्जियों के कण स्पंज में फंस जाते हैं, जिससे बैक्टीरिया की संख्या और भी बढ़ जाती है। इस संबंध में कई अंतरराष्ट्रीय शोधों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि जर्मनी में हुई एक प्रसिद्ध रिसर्च में वैज्ञानिकों ने इस्तेमाल किए गए किचन स्पंज में करोड़ों की संख्या में बैक्टीरिया पाए थे, जिनमें से कुछ संक्रमण और फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं। इस रिसर्च ने यह भी पुष्टि की कि कई बार स्पंज में मौजूद बैक्टीरिया की मात्रा टॉयलेट सीट से भी ज्यादा पाई गई। अमेरिका और यूरोप की कई अन्य स्टडीज़ में भी यह सामने आया है कि किचन स्पंज घर की सबसे दूषित वस्तुओं में से एक है। विशेषज्ञों का मानना है कि गीला और लंबे समय तक इस्तेमाल किया गया स्पंज बैक्टीरिया का "हॉटस्पॉट" बन जाता है। एक अध्ययन के अनुसार, स्पंज में 360 से अधिक विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं। यह क्रॉस-कंटैमिनेशन का भी खतरा पैदा करता है, जहाँ कच्चे मांस के रस या सिंक से बैक्टीरिया बर्तनों और हाथों के जरिए खाने तक पहुँच सकते हैं, जिससे पेट में संक्रमण, डायरिया, फूड पॉइजनिंग और किडनी इंफेक्शन जैसे गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। डॉ. महाजन ने किचन स्पंज से होने वाले खतरों से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय भी सुझाए हैं। उन्होंने बताया कि स्पंज को बैक्टीरिया-मुक्त रखने के लिए हर 2-3 दिन में उसे गीला करके 1 मिनट के लिए माइक्रोवेव किया जा सकता है, या फिर डिशवॉशर में गर्म चक्र (hot cycle) पर धोया जा सकता है। इसके अलावा, इस्तेमाल के बाद स्पंज को अच्छी तरह निचोड़कर सूखी जगह पर रखना चाहिए और उसे कभी भी गीला या बंद सिंक के नीचे नहीं छोड़ना चाहिए। बैक्टीरिया से बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि हर 1 से 2 सप्ताह में अपना स्पंज बदल दें, और यदि स्पंज से बदबू आने लगे या वह फट जाए, तो उसे तुरंत फेंक दें। उन्होंने पारंपरिक स्पंज की जगह सिलिकॉन स्क्रबर (Silicone Scrubbers) का उपयोग करने का भी सुझाव दिया, क्योंकि इनमें नमी नहीं रुकती और बैक्टीरिया पनपने का खतरा बेहद कम होता है। डॉ. अर्चिता महाजन ने अंत में विशेष रूप से रेखांकित किया, "टॉयलेट सीट से भी गन्दा हो जाता है, किचन स्पंज। हर हफ्ते बदलो।"

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  • नूरपुर शहर में लगातार सामने आ रही पेयजल समस्या को लेकर नगर परिषद ने पहल तेज कर दी है। नगर परिषद अध्यक्ष नीति महाजन की अध्यक्षता में पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) आनंद वलोरिया से मुलाकात की। इस दौरान शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें बरसात के मौसम से पहले पुरानी पाइपलाइन बदलने और पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। अध्यक्ष नीति महाजन ने बताया कि पिछले वर्ष बरसात के दौरान बार-बार पाइपलाइन टूटने के कारण शहर में लगातार 16 दिनों तक पेयजल आपूर्ति बाधित रही थी, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने विभाग से आग्रह किया कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए बरसात शुरू होने से पहले सभी जर्जर और पुरानी पाइपलाइन को बदल दिया जाए। बैठक के दौरान पेयजल संकट से जुड़े सभी मुद्दों पर विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई। आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता आनंद वलोरिया ने नगर परिषद को आश्वासन दिया है कि शहर की पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि बरसात से पहले पुरानी पाइपलाइन को बदलने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा, जिससे मानसून के दौरान शहरवासियों को किसी भी तरह के पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
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    नूरपुर शहर में लगातार सामने आ रही पेयजल समस्या को लेकर नगर परिषद ने पहल तेज कर दी है। नगर परिषद अध्यक्ष नीति महाजन की अध्यक्षता में पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) आनंद वलोरिया से मुलाकात की। इस दौरान शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें बरसात के मौसम से पहले पुरानी पाइपलाइन बदलने और पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

अध्यक्ष नीति महाजन ने बताया कि पिछले वर्ष बरसात के दौरान बार-बार पाइपलाइन टूटने के कारण शहर में लगातार 16 दिनों तक पेयजल आपूर्ति बाधित रही थी, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने विभाग से आग्रह किया कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए बरसात शुरू होने से पहले सभी जर्जर और पुरानी पाइपलाइन को बदल दिया जाए।

बैठक के दौरान पेयजल संकट से जुड़े सभी मुद्दों पर विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई। आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता आनंद वलोरिया ने नगर परिषद को आश्वासन दिया है कि शहर की पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि बरसात से पहले पुरानी पाइपलाइन को बदलने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा, जिससे मानसून के दौरान शहरवासियों को किसी भी तरह के पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
    user_भूषण शर्मा
    भूषण शर्मा
    नूरपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • ग्राम पंचायत चमबी के तहत आने वाले अकेरा और अच्छेड गांवों के लिए बिछाई गई पानी की पाइपलाइन की हालत बेहद खराब है। जानकारी के अनुसार, यह पाइपलाइन कई स्थानों से टूटी हुई है और उसे अस्थायी रूप से प्लास्टिक के लिफाफों का इस्तेमाल करके जोड़ा गया है।
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    ग्राम पंचायत चमबी के तहत आने वाले अकेरा और अच्छेड गांवों के लिए बिछाई गई पानी की पाइपलाइन की हालत बेहद खराब है। जानकारी के अनुसार, यह पाइपलाइन कई स्थानों से टूटी हुई है और उसे अस्थायी रूप से प्लास्टिक के लिफाफों का इस्तेमाल करके जोड़ा गया है।
    user_Abdul rheman
    Abdul rheman
    चौराह, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
  • मंदोली का मशहूर दो दिवसीय दंगल शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। इस दंगल की सबसे बड़ी माली के लिए पहलवान सिकंदर शेख और पहलवान मोनू के बीच एक महत्वपूर्ण मुकाबला हुआ। इस दौरान, पहलवान सिकंदर शेख ने मोनू पहलवान को पराजित कर बड़ी माली पर अपना कब्जा जमा लिया। मुकाबले के दौरान दोनों पहलवानों ने जबरदस्त दावपेच का प्रदर्शन किया।
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    मंदोली का मशहूर दो दिवसीय दंगल शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। इस दंगल की सबसे बड़ी माली के लिए पहलवान सिकंदर शेख और पहलवान मोनू के बीच एक महत्वपूर्ण मुकाबला हुआ। इस दौरान, पहलवान सिकंदर शेख ने मोनू पहलवान को पराजित कर बड़ी माली पर अपना कब्जा जमा लिया। मुकाबले के दौरान दोनों पहलवानों ने जबरदस्त दावपेच का प्रदर्शन किया।
    user_Surinder Minhas
    Surinder Minhas
    फतेहपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Mdakbar
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    Post by Mdakbar
    user_Mdakbar
    Mdakbar
    Insurance Agent रामनगर, उधमपुर, जम्मू और कश्मीर•
    6 min ago
  • हिमाचल भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों पर स्थानीय विधायक, सरकार और संबंधित अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राणा का कहना है कि टौणी देवी पीडब्ल्यूडी डिवीजन में भ्रष्टाचार चरम पर है, जहाँ अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। राजेंद्र राणा ने एक विशेष मामले का जिक्र करते हुए बताया कि टौणी देवी पीडब्ल्यूडी डिविजन के अंतर्गत सुजानपुर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के लिए एक्सईएन कार्यालय ने हाल ही में लगभग 10 लाख रुपये का एक ऑनलाइन टेंडर जारी किया है। हैरानी की बात यह है कि जिस कार्य के लिए यह टेंडर निकाला गया है, वह करीब छह माह पहले ही पूरा हो चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब काम पहले ही हो चुका था तो दोबारा टेंडर निकालने की क्या आवश्यकता थी, और इसे विभाग में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं व भ्रष्टाचार का संकेत बताया। पूर्व विधायक ने इससे पहले भी सड़क निर्माण परियोजना में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया कि जिस सड़क की डीपीआर उनके विधायक कार्यकाल (वर्ष 2020-21) के दौरान बनी थी, उसका निर्माण निर्धारित स्थान से करीब पौन किलोमीटर दूर से शुरू कर दिया गया। राणा ने आरोप लगाया कि यह बदलाव स्थानीय विधायक के दबाव में किया गया, ताकि कुछ खास लोगों को फायदा पहुँचाया जा सके। उनके अनुसार, सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के नाम पर नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। राजेंद्र राणा ने प्रदेश सरकार से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे की इस तरह की बंदरबांट पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। उन्होंने सरकार से यह भी पूछा है कि पहले से पूर्ण हो चुके कार्य का टेंडर दोबारा क्यों जारी किया गया और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों व संबंधित लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। राणा का मानना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच हुई तो कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
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    हिमाचल भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों पर स्थानीय विधायक, सरकार और संबंधित अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राणा का कहना है कि टौणी देवी पीडब्ल्यूडी डिवीजन में भ्रष्टाचार चरम पर है, जहाँ अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।

राजेंद्र राणा ने एक विशेष मामले का जिक्र करते हुए बताया कि टौणी देवी पीडब्ल्यूडी डिविजन के अंतर्गत सुजानपुर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के लिए एक्सईएन कार्यालय ने हाल ही में लगभग 10 लाख रुपये का एक ऑनलाइन टेंडर जारी किया है। हैरानी की बात यह है कि जिस कार्य के लिए यह टेंडर निकाला गया है, वह करीब छह माह पहले ही पूरा हो चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब काम पहले ही हो चुका था तो दोबारा टेंडर निकालने की क्या आवश्यकता थी, और इसे विभाग में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं व भ्रष्टाचार का संकेत बताया।

पूर्व विधायक ने इससे पहले भी सड़क निर्माण परियोजना में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया कि जिस सड़क की डीपीआर उनके विधायक कार्यकाल (वर्ष 2020-21) के दौरान बनी थी, उसका निर्माण निर्धारित स्थान से करीब पौन किलोमीटर दूर से शुरू कर दिया गया। राणा ने आरोप लगाया कि यह बदलाव स्थानीय विधायक के दबाव में किया गया, ताकि कुछ खास लोगों को फायदा पहुँचाया जा सके। उनके अनुसार, सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के नाम पर नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।

राजेंद्र राणा ने प्रदेश सरकार से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे की इस तरह की बंदरबांट पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। उन्होंने सरकार से यह भी पूछा है कि पहले से पूर्ण हो चुके कार्य का टेंडर दोबारा क्यों जारी किया गया और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों व संबंधित लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। राणा का मानना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच हुई तो कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • ऊना जिला मुख्यालय में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे शहरवासियों की चिंताएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में दो बच्चियों और एक दिव्यांग महिला पर हुए हमलों के बाद, अब शनिवार रात को बॉयज स्कूल ग्राउंड के बाहर एक व्यक्ति पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार देर रात बॉयज स्कूल ग्राउंड के पास कई आवारा कुत्तों ने एक व्यक्ति पर अचानक हमला कर दिया। व्यक्ति ने किसी तरह खुद को बचाने का प्रयास किया, जिसके बाद आस-पास मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर उसे कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया। इस घटना का वीडियो मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ऐसी लगातार हो रही घटनाओं के कारण स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और कई स्थानों पर कुत्तों के झुंड राहगीरों, बच्चों तथा बुजुर्गों के लिए खतरा बन चुके हैं। विशेषकर सुबह और देर शाम के समय लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस होने लगा है। शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाए और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ठोस व स्थायी उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
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    ऊना जिला मुख्यालय में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे शहरवासियों की चिंताएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में दो बच्चियों और एक दिव्यांग महिला पर हुए हमलों के बाद, अब शनिवार रात को बॉयज स्कूल ग्राउंड के बाहर एक व्यक्ति पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार देर रात बॉयज स्कूल ग्राउंड के पास कई आवारा कुत्तों ने एक व्यक्ति पर अचानक हमला कर दिया। व्यक्ति ने किसी तरह खुद को बचाने का प्रयास किया, जिसके बाद आस-पास मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर उसे कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया। इस घटना का वीडियो मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

ऐसी लगातार हो रही घटनाओं के कारण स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और कई स्थानों पर कुत्तों के झुंड राहगीरों, बच्चों तथा बुजुर्गों के लिए खतरा बन चुके हैं। विशेषकर सुबह और देर शाम के समय लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस होने लगा है। शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाए और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ठोस व स्थायी उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
    user_ऊना की खबर
    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सुजानपुर-हमीरपुर मुख्य मार्ग पर डोली मुख्य बाजार में स्थित मानसी जनरल स्टोर में शनिवार मध्य रात्रि को सेंधमारी हुई, जिससे दुकानदार को लगभग ₹20,000 से ₹25,000 नगद और दो नोटों के हार का नुकसान हुआ है। स्थानीय दुकानदार सतीश कुमार ने रविवार सुबह करीब 6 बजे अपनी दुकान का शटर थोड़ा ऊपर उठा हुआ देखा, जिसके बाद उन्होंने तत्काल मौके पर जाकर देखा तो दुकान का ताला टूटा पाया। स्थानीय लोगों को इकट्ठा कर दुकान खोलने पर पता चला कि रोजमर्रा की वस्तुएं तो सुरक्षित थीं, लेकिन कैश काउंटर से नगदी और दो नोटों के हार गायब थे। घटना की सूचना मिलने पर सुजानपुर पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच-पड़ताल शुरू की। सुजानपुर थाना प्रभारी प्रकाश ठाकुर ने इस चोरी की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थानीय दुकानदार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि दुकान में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। बताते चलें कि सुजानपुर क्षेत्र में शरारती तत्वों द्वारा ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं; इससे दो दिन पहले शहर के एक रिहायशी इलाके में खड़ी गाड़ी के शीशे तोड़ने का मामला भी सामने आया था। इन लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और क्षेत्र में रात्रि गश्त को बढ़ाया जाए।
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    सुजानपुर-हमीरपुर मुख्य मार्ग पर डोली मुख्य बाजार में स्थित मानसी जनरल स्टोर में शनिवार मध्य रात्रि को सेंधमारी हुई, जिससे दुकानदार को लगभग ₹20,000 से ₹25,000 नगद और दो नोटों के हार का नुकसान हुआ है। स्थानीय दुकानदार सतीश कुमार ने रविवार सुबह करीब 6 बजे अपनी दुकान का शटर थोड़ा ऊपर उठा हुआ देखा, जिसके बाद उन्होंने तत्काल मौके पर जाकर देखा तो दुकान का ताला टूटा पाया। स्थानीय लोगों को इकट्ठा कर दुकान खोलने पर पता चला कि रोजमर्रा की वस्तुएं तो सुरक्षित थीं, लेकिन कैश काउंटर से नगदी और दो नोटों के हार गायब थे।

घटना की सूचना मिलने पर सुजानपुर पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच-पड़ताल शुरू की। सुजानपुर थाना प्रभारी प्रकाश ठाकुर ने इस चोरी की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थानीय दुकानदार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि दुकान में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। बताते चलें कि सुजानपुर क्षेत्र में शरारती तत्वों द्वारा ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं; इससे दो दिन पहले शहर के एक रिहायशी इलाके में खड़ी गाड़ी के शीशे तोड़ने का मामला भी सामने आया था। इन लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और क्षेत्र में रात्रि गश्त को बढ़ाया जाए।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
  • 21 जून को रानीताल में मटौर-शिमला फोरलेन पर बाथू पुल के समीप एक देशी शराब से भरा ट्रक पलट गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांगड़ा की ओर जा रहे इस ट्रक में संतरा ब्रांड की शराब की पेटियां भरी हुई थीं। बताया जा रहा है कि ट्रक पलटने का कारण स्टेयरिंग फ्री होना था। इस घटना में ट्रक के चालक और सहायक को चोटें आई हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
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    21 जून को रानीताल में मटौर-शिमला फोरलेन पर बाथू पुल के समीप एक देशी शराब से भरा ट्रक पलट गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांगड़ा की ओर जा रहे इस ट्रक में संतरा ब्रांड की शराब की पेटियां भरी हुई थीं। बताया जा रहा है कि ट्रक पलटने का कारण स्टेयरिंग फ्री होना था। इस घटना में ट्रक के चालक और सहायक को चोटें आई हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
    user_SHARMA AS
    SHARMA AS
    its A Digital news website and web tv कांगड़ा, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
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