पटना के आगमकुआं थाना क्षेत्र अंतर्गत धनकी मोड़ पर मध्य निषेध विभाग को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई है। जब्त शराब की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। यह शराब हरियाणा से मंगाई गई थी और इसे पटना होते हुए दरभंगा भेजने की तैयारी थी। इस कार्रवाई के दौरान एक ट्रक ड्राइवर को पकड़ा गया है, जिससे पूछताछ जारी है। ड्राइवर ने बताया है कि यह माल दरभंगा ले जाया जा रहा था। विदेशी शराब की कई ब्रांड कंपनियों का माल बरामद हुआ है, जिसे तस्करों ने ट्रक के तहखाने में 'व्हाइट सीमेंट' के बीच छिपाकर रखा था। शराब माफियाओं ने छुपाने की एक नई तकनीक अपनाई थी ताकि किसी को इसकी भनक न लगे। मध्य निषेध विभाग के कमिश्नर प्रेम कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर विभाग की टीम गठित की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप इतनी भारी मात्रा में विभिन्न ब्रांड की शराब पकड़ी गई। बिहार में सरकार द्वारा शराबबंदी का सख्ती से आह्वान किया गया है और लगातार बड़ी मात्रा में शराब पकड़ी भी जा रही है, लेकिन शराब माफिया अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। वे लगातार शराब मंगाते रहते हैं, पर मध्य निषेध विभाग और स्थानीय पुलिस द्वारा लगातार की जा रही छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में शराब बरामद की जा रही है। पकड़े गए चालक से पूछताछ कर मामले की आगे की जांच की जा रही है।
पटना के आगमकुआं थाना क्षेत्र अंतर्गत धनकी मोड़ पर मध्य निषेध विभाग को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई है। जब्त शराब की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। यह शराब हरियाणा से मंगाई गई थी और इसे पटना होते हुए दरभंगा भेजने की तैयारी थी। इस कार्रवाई के दौरान एक ट्रक ड्राइवर को पकड़ा गया है, जिससे पूछताछ जारी है। ड्राइवर ने बताया है कि यह माल दरभंगा ले जाया जा रहा था। विदेशी शराब की कई ब्रांड कंपनियों का माल बरामद हुआ है, जिसे तस्करों ने ट्रक के तहखाने में 'व्हाइट सीमेंट' के बीच छिपाकर रखा था। शराब माफियाओं ने छुपाने की एक नई तकनीक अपनाई थी ताकि किसी को इसकी भनक न लगे। मध्य निषेध विभाग के कमिश्नर प्रेम कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर विभाग की टीम गठित की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप इतनी भारी मात्रा में विभिन्न ब्रांड की शराब पकड़ी गई। बिहार में सरकार द्वारा शराबबंदी का सख्ती से आह्वान किया गया है और लगातार बड़ी मात्रा में शराब पकड़ी भी जा रही है, लेकिन शराब माफिया अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। वे लगातार शराब मंगाते रहते हैं, पर मध्य निषेध विभाग और स्थानीय पुलिस द्वारा लगातार की जा रही छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में शराब बरामद की जा रही है। पकड़े गए चालक से पूछताछ कर मामले की आगे की जांच की जा रही है।
- बिहार विधानसभा में एक महत्वपूर्ण नई व्यवस्था का आरंभ हुआ है, जहाँ अब एक कोर्ट रूम की स्थापना की गई है। इस पहल के तहत, विधानसभा से जुड़े विधायक और अधिकारी, सभी को अब कटघरे में खड़ा होना पड़ेगा।1
- बख्तियारपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को एक स्कॉर्पियो गाड़ी से देशी कट्टा और नौ कारतूस के साथ पकड़ा है।1
- आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के एक मामले में भवन निर्माण विभाग के अधीक्षक अभियंता पवन कुमार के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। यह छापेमारी पटना से लेकर दिल्ली तक कुल छह अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ की जा रही है।1
- मसौढ़ी में सैकड़ों युवाओं और स्थानीय लोगों ने भरत तिवारी की कथित फर्जी एनकाउंटर में मौत के विरोध में एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। अमर शहीद बीपीन सिंह फाउंडेशन के बैनर तले आयोजित यह मार्च कपूरी चौक से शुरू होकर तारेगना स्टेशन तक पहुंचा। इस दौरान, प्रदर्शनकारियों ने भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की। उन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। इस कार्यक्रम में रणविजय सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।1
- सोमवार को नगर परिषद बिहटा में नमस्ते योजना के तहत सफाई मित्रों के लिए एक प्रशिक्षण सह क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित एवं यंत्रीकृत सफाई व्यवस्था को बढ़ावा देना था। कार्यशाला के दौरान, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) की टीम ने दृश्य प्रस्तुतीकरण के माध्यम से हाथ से मैला ढोने की प्रथा के उन्मूलन, स्वच्छता कार्यों के यंत्रीकरण और नमस्ते योजना के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में सुरक्षित तरीके से कार्य करने के लिए सफाई मित्रों को आधुनिक तकनीक और सुरक्षा उपायों से जोड़ना ही इस योजना का प्रमुख लक्ष्य है। इस अवसर पर, सफाई मित्रों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट के महत्व और उसके सही उपयोग के बारे में बताया गया, साथ ही उन्हें सुरक्षा किट का वितरण भी किया गया। स्वच्छता कार्यों से जुड़े कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और कार्यकुशलता को बढ़ाने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई।1
- बिहार के वैशाली जिले के महनार में मुहर्रम जुलूस की तैयारी के बीच डीजे जब्त करने गई पुलिस टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया। इस हमले में थानाध्यक्ष, एक दरोगा सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस पर हमला करने के बाद, भीड़ डीजे लेकर मौके से फरार हो गई।1
- केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने एक बयान में भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर को सही ठहराया है। उन्होंने इस घटना को लेकर अपनी सहमति और समर्थन व्यक्त किया।1
- फतुहा में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ बिजली यमराज का रूप बन गई। एक टूटे हुए बिजली के तार के कारण एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन ली गईं।1
- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने अचानक राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, पीएमसीएच का औचक निरीक्षण किया। उनकी इस अचानक छापेमारी से अस्पताल में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान निशांत कुमार ने पाया कि पीएमसीएच के प्रिंसिपल नरेंद्र प्रताप सिंह मौके पर मौजूद नहीं थे। जब उन्होंने अधिकारियों से प्रिंसिपल के बारे में पूछा, तो उन्हें गोलमोल जवाब मिले। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने तुरंत प्रिंसिपल को फोन किया, लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आया और न ही बाद में कोई कॉल बैक आया। मंत्री का निरीक्षण इस दौरान जारी रहा। निरीक्षण समाप्त होने और पीएमसीएच से निकलते समय, निशांत कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा कि पीएमसीएच के प्रिंसिपल बिना कोई चार्ज दिए गायब हैं और उन पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस घोषणा के तुरंत बाद ही सवाल उठने लगे हैं कि क्या वास्तव में कोई कार्रवाई होगी। पोस्ट में कहा गया है कि कार्रवाई हो या न हो, एक नोटिस के जरिए प्रिंसिपल से उनकी अनुपस्थिति के बारे में सवाल पूछा जा सकता है, जिसके सौ जवाब दिए जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में, जब जवाब मिल जाएंगे, तो फिर क्या कार्रवाई होगी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।1