बीना में भारत के सबसे बड़े पत्रकारों के संगठन पत्रकार कल्याण परिषद के कार्यालय पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक मा. बेदान्ती त्रिपाठी के निर्देशानुसार तथा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मा. श्री दिवाकर विश्कर्मा और प्रदेश संयोजक मा. राजेश जैन के मार्गदर्शन में संपन्न हुई, जिसमें संगठन की बीना ब्लॉक इकाई का गठन किया गया। बैठक के दौरान, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाई दिवाकर विश्वकर्मा ने सभी साथियों को बीना इकाई के परिचय पत्र वितरित किए, जबकि संगठन के वरिष्ठ साथी राकेश सेन ने संचालन की जिम्मेदारी संभाली। संभागीय अध्यक्ष संतोष झा ने निर्वाचन पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित रहकर बीना ब्लॉक इकाई के गठन की प्रक्रिया पूरी की। इस अवसर पर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मा. दिवाकर विश्कर्मा ने योजनाओं के क्रियान्वयन में कमी पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन को आगे बढ़ाने के लिए बनाई गई योजनाओं को मूर्त रूप देना आवश्यक है, तभी सफलता मिल पाएगी। प्रदेश संयोजक मा. राजेश जैन ने भी मा. बेदान्ती के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि सभी को मिलकर काम करना होगा और सोये हुए साथियों को जगाना है, क्योंकि संगठन में एक से एक ऊर्जावान साथी हैं जिन्हें उनकी शक्ति याद दिलाने की जरूरत है। नई बीना ब्लॉक इकाई के लिए पदाधिकारियों का भी सर्वसम्मति से चुनाव किया गया। नारायण चौधरी को पुनः बीना इकाई का अध्यक्ष चुना गया। इसके अतिरिक्त, राजेंद्र गौतम उपाध्यक्ष, जितेंद्र सिंह चौहान महासचिव, ओमप्रकाश लरोठ सह सचिव, जुझार सिंह राजपूत कोषाध्यक्ष और कैलाश नीलम प्रवक्ता घोषित किए गए। लक्ष्मण सिंह राजपूत को जिला प्रतिनिधि और राकेश सेन को संभागीय प्रतिनिधि के रूप में चुना गया। सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं प्रेषित की गईं, जिसके साथ ही पत्रकार कल्याण परिषद की यह बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
बीना में भारत के सबसे बड़े पत्रकारों के संगठन पत्रकार कल्याण परिषद के कार्यालय पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक मा. बेदान्ती त्रिपाठी के निर्देशानुसार तथा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मा. श्री दिवाकर विश्कर्मा और प्रदेश संयोजक मा. राजेश जैन के मार्गदर्शन में संपन्न हुई, जिसमें संगठन की बीना ब्लॉक इकाई का गठन किया गया। बैठक के दौरान, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाई दिवाकर विश्वकर्मा ने सभी साथियों को बीना
इकाई के परिचय पत्र वितरित किए, जबकि संगठन के वरिष्ठ साथी राकेश सेन ने संचालन की जिम्मेदारी संभाली। संभागीय अध्यक्ष संतोष झा ने निर्वाचन पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित रहकर बीना ब्लॉक इकाई के गठन की प्रक्रिया पूरी की। इस अवसर पर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मा. दिवाकर विश्कर्मा ने योजनाओं के क्रियान्वयन में कमी पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन को आगे बढ़ाने के लिए बनाई गई योजनाओं को मूर्त
रूप देना आवश्यक है, तभी सफलता मिल पाएगी। प्रदेश संयोजक मा. राजेश जैन ने भी मा. बेदान्ती के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि सभी को मिलकर काम करना होगा और सोये हुए साथियों को जगाना है, क्योंकि संगठन में एक से एक ऊर्जावान साथी हैं जिन्हें उनकी शक्ति याद दिलाने की जरूरत है। नई बीना ब्लॉक इकाई के लिए पदाधिकारियों का भी सर्वसम्मति से चुनाव किया गया। नारायण चौधरी को
पुनः बीना इकाई का अध्यक्ष चुना गया। इसके अतिरिक्त, राजेंद्र गौतम उपाध्यक्ष, जितेंद्र सिंह चौहान महासचिव, ओमप्रकाश लरोठ सह सचिव, जुझार सिंह राजपूत कोषाध्यक्ष और कैलाश नीलम प्रवक्ता घोषित किए गए। लक्ष्मण सिंह राजपूत को जिला प्रतिनिधि और राकेश सेन को संभागीय प्रतिनिधि के रूप में चुना गया। सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं प्रेषित की गईं, जिसके साथ ही पत्रकार कल्याण परिषद की यह बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
- सागर के जिला मलेरिया कार्यालय में कार्यरत बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (MPW) श्री सुशील कुमार यादव को उनकी 30 वर्षों की नि:स्वार्थ मानव सेवा और 111 बार रक्तदान के लिए 'रक्तवीर योद्धा सम्मान-2026' से नवाजा गया है। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर, उन्हें यह सम्मान सागर संभाग के सबसे बड़े जीवनदाता के रूप में प्रदान किया गया, जिन्होंने अब तक 333 से अधिक जिंदगियां बचाने में मदद की है। श्री यादव ने 1996 में 25 वर्ष की आयु में अपने रक्तदान का सफर शुरू किया था, जब उन्होंने जिला अस्पताल में एक गर्भवती महिला को आपातकालीन स्थिति में खून देकर उसकी और नवजात शिशु की जान बचाई थी। इसी घटना ने उनके जीवन का संकल्प निर्धारित किया। अपनी शासकीय ड्यूटी के बाद, उनका पूरा समय मरीजों की सेवा में बीतता है, चाहे वे थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे हों, डेंगू-मलेरिया के मरीज हों या सड़क हादसे के घायल। रात के 2 बजे भी उनका फोन बजने पर वे तुरंत साइकिल या बस से अस्पताल पहुंच जाते हैं। उन्होंने व्यक्त किया कि जब किसी तड़पते मरीज की मां फोन पर 'बेटा बचा लो' कहती है, तो उनकी सारी थकान दूर हो जाती है और रक्तदान से मिलने वाला सुकून किसी पूजा-पाठ से कम नहीं है। इस ऐतिहासिक सम्मान समारोह में, सागर संभाग के 4 शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारियों—क्षेत्रीय संचालक डॉ. नीना गिडियन/डॉ. जितेंद्र सिंह, CMHO डॉ. जी.पी. आर्या, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. देवेश पटेरिया और ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. महेश जैन ने संयुक्त रूप से उनके प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर किए और उन्हें समाज का 'दानवीर कर्ण' बताया। प्रशासकीय अधिकारी श्री राकेश भारद्वाज और मध्य प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री राम कुमार तिवारी ने बताया कि श्री यादव ने सागर के अलावा भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी आपातकाल में 'O पॉजिटिव' रक्त देकर कई मरीजों की जान बचाई है। कोरोना काल में उन्होंने प्लाज्मा भी डोनेट किया था। 55 वर्ष की आयु में भी पूरी तरह फिट श्री सुशील यादव ने युवाओं को संदेश दिया कि नियमित रक्तदान से शरीर में नया खून बनता है और इससे हार्ट अटैक का खतरा 30 प्रतिशत तक कम हो जाता है, जिसकी पुष्टि ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. महेश जैन ने भी की। 111 बार रक्तदान के बाद भी श्री यादव का अगला लक्ष्य 200 बार रक्तदान का आंकड़ा छूना है, ताकि नई पीढ़ी इससे प्रेरित हो सके। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों के अनुसार वे 65 वर्ष की आयु तक रक्तदान कर सकते हैं और अभी उनके पास 10 साल बाकी हैं। इस अवसर पर जूनियर मलेरिया अधिकारी विशाखा रोहित, अब्दुल रशीद, रोहित नगरिया, बसंत श्रीवास्तव, संदीप विश्वकर्मा, सूरज पटेल, सतीश वेद, अभिषेक यादव, सुमित विश्वकर्मा और बलराम सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।2
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त जारी कर दी है।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच से विपक्ष पर, विशेषकर कांग्रेस और उसके प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर, तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा केवल वोट बैंक की राजनीति की है और उसकी संस्कृति में महिलाओं का कभी वास्तविक सम्मान नहीं रहा। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने जनता को यह भी आश्वस्त किया कि भाजपा सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाएं भविष्य में भी बिना किसी बाधा के जारी रहेंगी।1
- अशोकनगर जिले की ईसागढ़ तहसील के खिरिया देवत गांव के वार्ड नंबर 7 में काफी समय से एक बड़ा गड्ढा बना हुआ है। इस गड्ढे के कारण क्षेत्र में मच्छर और कई तरह की बीमारियाँ पनप रही हैं, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं। ग्रामीणों के अनुसार, जब भी कोई इस समस्या को लेकर मना करता है या इसका विरोध करता है, तो अक्सर लड़ाई-झगड़े और विवाद हो जाते हैं।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 14 जून, 2026 को सागर जिले के देवरी विधानसभा क्षेत्र के केसली में आयोजित एक सभा में महत्वपूर्ण घोषणाएं और कार्य संपन्न किए। इस अवसर पर, उन्होंने प्रदेश की लगभग 1.25 करोड़ बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त के रूप में ₹1835 करोड़ की राशि एक सिंगल क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की। इसी कार्यक्रम में, मुख्यमंत्री ने देवरी विधानसभा क्षेत्र के जनहित में ₹190.85 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी किया। इस दौरान, पूर्व मंत्री एवं रहली विधायक गोपाल भार्गव, कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, देवरी विधायक ब्रजबिहारी पटेरिया, सागर सांसद लता वानखेड़े, दमोह सांसद राहुल लोधी, सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल सहित जिला प्रशासनिक अधिकारी और भाजपा पार्टी के अनेक पदाधिकारी, जन प्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव का देवरी विधानसभा क्षेत्र के केसली में यह आगमन एक उल्लेखनीय घटना रही।2
- सागर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरव्याऊ टोरी में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात एक घर के बाहर खड़ी सीएनजी ऑटो में अज्ञात लोगों द्वारा आग लगाने का मामला सामने आया है। समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि ऑटो में लगी सीएनजी किट और सिलेंडर तक आग पहुंचने से एक बड़ा विस्फोट हो सकता था। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। ऑटो चालक भरत रैकवार ने बताया कि वह शुक्रवार रात अपने ऑटो में सीएनजी भरवाकर घर लौटे थे और वाहन को घर के बाहर ही खड़ा किया था। देर रात करीब 2 बजे उन्हें धुआं और आग की लपटें दिखाई दीं। घर से बाहर आकर देखने पर उन्होंने पाया कि ऑटो के ऊपरी हिस्से में आग लगी हुई थी। उन्होंने तत्काल शोर मचाया और आसपास के लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। रैकवार का कहना है कि यदि आग थोड़ी देर और जलती रहती तो सीएनजी किट और सिलेंडर इसकी चपेट में आ सकते थे, जिससे एक बड़े विस्फोट का खतरा था। पीड़ित चालक का यह भी मानना है कि आग अपने आप नहीं लगी बल्कि किसी ने जानबूझकर वाहन में आग लगाई है, क्योंकि ऑटो का केवल ऊपरी हिस्सा ही जला है। इस घटना में ऑटो को काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे गरीब ऑटो चालक को आर्थिक क्षति हुई है। मामले की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई है। कोतवाली पुलिस फिलहाल घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि अज्ञात आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सके।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को सागर जिले के दौरे पर पहुँचे। यह दौरा सागर (मध्य प्रदेश) में संपन्न हुआ।1
- सागर की स्टेट कॉलोनी में आयोजित भव्य श्रीराम कथा के दौरान कथाव्यास श्रीमती पुष्पा शास्त्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्री रामचरित मानस का अनुसरण करने से जीवन में धर्म और भक्ति का संचार होता है। इस अवसर पर उन्होंने भगवान विष्णु के राम अवतार के कारणों पर प्रकाश डालते हुए प्रभु राम के बाल्यकाल से लेकर उनके विवाह तक की पावन गाथा का जीवंत वर्णन किया। उनके कथन से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और शिव धनुष के टूटते ही पूरा पंडाल 'जय सियाराम' के उद्घोष से गूंज उठा, जिस पर संगीतमय भजनों पर भक्तों ने जमकर नृत्य किया। श्रीमती शास्त्री ने राजा प्रतापभानु की कथा भी सुनाई, जिसमें एक मायावी राजा एकतन ने संत का वेश धारण कर उन्हें भ्रमित किया और ब्राह्मण भोज का आयोजन करवाया। जब ब्राह्मणों ने भोजन ग्रहण करना चाहा, तभी आकाशवाणी हुई कि भोजन में गोमांस मिला है। इस पर क्रोधित ब्राह्मणों ने राजा प्रतापभानु को राक्षस होने का श्राप दिया, जो बाद में रावण बना। कथाव्यास ने बताया कि इसी रावण के अत्याचारों से पृथ्वी को मुक्त कराने और उसका उद्धार करने के लिए भगवान ने राजा दशरथ के यहाँ श्रीराम के रूप में अवतार लिया था। आगे, जनकपुरी के स्वयंवर का मनोहारी चित्रण करते हुए बताया गया कि मिथिला नरेश राजा जनक की शर्त के अनुसार, अयोध्या के राजकुमार श्रीराम ने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से शिव जी के पिनाक धनुष को उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष बीच से टूट गया। श्रीमती पुष्पा शास्त्री ने इसे केवल शारीरिक वीरता का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भक्ति, नम्रता और मर्यादा की चरम अभिव्यक्ति बताया, और कहा कि राम-सीता का विवाह समाज को धर्म, प्रेम और समर्पण का संदेश देता है। यह अवसर केवल श्रीराम और सीता के विवाह का ही नहीं, बल्कि उनके भाइयों लक्ष्मण का उर्मिला से, भरत का मांडवी से और शत्रुघ्न का श्रुतकीर्ति से विवाह संपन्न होने के साथ एक संपूर्ण विवाह महोत्सव में बदल गया। कथा मंच का कुशल संचालन शिवम शास्त्री 'श्रीजी' द्वारा किया गया। इस धार्मिक आयोजन में श्री किशोरीलाल श्रीवास्तव, श्रीमती रमा श्रीवास्तव, श्रीमती शोभा श्रीवास्तव, राजेश-प्रीति श्रीवास्तव, राकेश-राखी श्रीवास्तव, गौरव-साक्षी श्रीवास्तव, रश्मि-मनीष श्रीवास्तव और रजनी-देवेंद्र श्रीवास्तव मुख्य यजमान रहे। श्री राजू शुक्ला, श्री अनिल पांडे, पंडित कमलेश, श्रीमती पीताम्बरा, अनीता चौबे, सुशीला पांडे, सुधीर तिवारी, श्री राजेंद्र मिश्रा, आशा मिश्रा, दिव्या शुक्ला, रमाकांत मिश्रा जी सहित भारी संख्या में भक्तगणों ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कथा के समापन पर श्री करण सिंह राजपूत, पंडित राकेश तिवारी, श्री नंदकिशोर श्रीवास्तव, श्री अभिनंदन उपाध्याय, श्री रजनीश शुक्ला 'राजू', श्रीमती पुष्पा तिवारी, श्रीमती प्रभा राजपूत, श्रीमती तामोशी राय, दुर्गा साहू, भानवती राठौर, मनीषा उपाध्याय और अनीता चौबे ने सभी भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया।2
- ललितपुर शहर कोतवाली क्षेत्र में एक युवक की निर्मम हत्या कर उसके शव को नग्न अवस्था में सड़क पर फेंक दिया गया है। इस वीभत्स घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।1