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Adesh Kumar
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Post by जितेंद्र श्रीवास्तव1
- ट्रक चालक ने तेजी व लापरवाही से मेरी आवारा साड़ के जोरदार टक्कर और राजकीय पशु चिकित्सालय के डॉक्टर ने नहीं रिसीव किया किसी का फोन आखिर इलाज के अभाव में मरा बेजुबान - जबाब कौन देगा? शायद इस भ्रष्टाचार के दौर में कोई नहीं?,1
- खबर एक बार जरूर देखे1
- हरदोई। जनपद की शाहाबाद पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब 13 वर्षों से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान विपिन सिंह उर्फ राजू पुत्र विनोद कुमार सिंह निवासी मोहल्ला खेड़ा अजमत खां, कस्बा शाहाबाद के रूप में हुई है। पुलिस और एसटीएफ की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि वांछित आरोपी आंसी रेलवे स्टेशन के आसपास किसी वारदात की फिराक में घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त रूप से घेराबंदी कर उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। बताया गया है कि आरोपी पिछले लगभग 13 वर्षों से फरार चल रहा था और पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी। उसके खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज हैं, जिसके चलते प्रशासन द्वारा उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही थी, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 670 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि उसके अन्य साथियों और आपराधिक गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहीं, पुलिस की इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता माना जा रहा है।3
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- ग्राम राई खरगपुर पोस्ट खंडोली थाना राजेपुर जिला फर्रुखाबाद तहसील अमृतपुर1
- फर्रुखाबाद की सातनपुर आलू मंडी, जो एशिया की सबसे बड़ी आलू मंडियों में गिनी जाती है, वहां इन दिनों किसानों की हालत बेहद खराब हो गई है। बीते कई दिनों से किसान अपनी आलू की फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें दो-दो और तीन-तीन दिन तक मंडी में बैठना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि कई दिन इंतजार करने के बाद भी जब आलू का भाव खुलता है तो मात्र ₹50 प्रति पैकेट मिलता है। किसानों का कहना है कि इतना कम दाम मिलना उनके लिए आत्महत्या के बराबर है। मंडी में मौजूद किसानों ने बताया कि वे अपनी बहन-बेटियों की शादी और परिवार के खर्चों के लिए कर्ज लेकर आलू की खेती करते हैं, लेकिन जब फसल बेचने का समय आता है तो उन्हें लागत भी नहीं मिल पाती। गुस्साए कई किसानों ने बताया कि मजबूरी में कुछ किसान मंडी से ट्रैक्टर में आलू वापस ले जाकर सड़क किनारे या नालों में फेंकने को मजबूर हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब इतना सस्ता दाम मिलता है तो मंडी में बेचने से बेहतर है कि आलू वापस ले जाएं। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इसी तरह आलू का भाव गिरता रहा तो वे मंडी में आलू नहीं लाएंगे। उनका कहना है कि अगर सरकार और जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं देंगे तो किसान नेताओं और अधिकारियों के घरों पर आलू पलटने को मजबूर होंगे। मंडी में मौजूद एक किसान ने बताया, "हमने अपनी आलू की फसल को बेचने के लिए कर्ज लिया था, लेकिन अब हमें लागत भी नहीं मिल पा रही है। हम क्या करें, नेताओं से कहो, हमारी सुनो, हमारी फसल का दाम दो।" एक अन्य किसान ने कहा, "हम सरकार से मांग करते हैं कि वे हमारी समस्या को समझें और आलू का उचित मूल्य तय करें।"4
- खबर बेहतर1