Shuru
Apke Nagar Ki App…
दिल्ली के पुठकलॉ में सुल्तानपुरी रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में श्यामपुण्ड भारत कल्याण परिषद के राष्ट्रीय शिक्षक संघ अध्यक्ष नावेद खान साहब ने अपनी टीम के साथ पहुंचकर गऊ माता को खाना खिलाया। इस कार्य को करने के साथ ही उन्होंने और उनकी टीम ने संगठन के मुख्य उद्देश्यों के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम किया। इस दौरान नावेद खान साहब ने वहां काम करने वाले लोगों से भी मुलाकात की और उनकी सभी प्रकार की समस्याओं, दिक्कतों और परेशानियों के बारे में बातचीत की। उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि गऊ माता ईश्वर का साक्षात स्वरूप हैं, इसलिए सभी को उनका सत्कार करना चाहिए। इस कार्यक्रम में कामधन, अक्षोहिणी, गौधाम के साथ दिल्ली श्यामपुण्ड भारत कल्याण परिषद और दैनिक भविष्य खबर डिजिटल मीडिया की सहभागिता रही।
SHYAMPUND INDIA WELFARE COUNCI
दिल्ली के पुठकलॉ में सुल्तानपुरी रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में श्यामपुण्ड भारत कल्याण परिषद के राष्ट्रीय शिक्षक संघ अध्यक्ष नावेद खान साहब ने अपनी टीम के साथ पहुंचकर गऊ माता को खाना खिलाया। इस कार्य को करने के साथ ही उन्होंने और उनकी टीम ने संगठन के मुख्य उद्देश्यों के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम किया। इस दौरान नावेद खान साहब ने वहां काम करने वाले लोगों से भी मुलाकात की और उनकी सभी प्रकार की समस्याओं, दिक्कतों और परेशानियों के बारे में बातचीत की। उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि गऊ माता ईश्वर का साक्षात स्वरूप हैं, इसलिए सभी को उनका सत्कार करना चाहिए। इस कार्यक्रम में कामधन, अक्षोहिणी, गौधाम के साथ दिल्ली श्यामपुण्ड भारत कल्याण परिषद और दैनिक भविष्य खबर डिजिटल मीडिया की सहभागिता रही।
More news from दिल्ली and nearby areas
- दिल्ली में माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी द्वारा जयप्रकाश नारायण पब्लिक लाइब्रेरी का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी उपस्थित रहीं।1
- दिल्ली के किराड़ी इलाके में भारी जलभराव ने स्थानीय लोगों की परेशानी को काफी बढ़ा दिया है। यहाँ की कई गलियों और सड़कों पर 2 से 3 फीट तक पानी भर गया है, जिसके कारण स्थानीय निवासी अपने रोजमर्रा के कामों को निपटाने के लिए इस पानी के बीच से ही गुजरने को मजबूर हैं। जलभराव की इस विकट स्थिति के कारण बच्चों, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इलाके के निवासियों का कहना है कि हर बार बारिश के बाद यहाँ यही बदतर हालात बन जाते हैं, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई भी स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है। इस स्थिति से परेशान लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जलनिकासी की व्यवस्था करने और इस समस्या का कोई ठोस व स्थायी समाधान करने की मांग की है।1
- Pradhanmantri Narendra Mere Munh Mein land ke president the Pradhanmantri Narendra Modi school ka England ke president1
- दिल्ली के द्वारका में बेहतर शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी की उपस्थिति में दिल्ली सरकार, आईजीएल (IGL) और एहसास (EHSAAS) के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत दिल्ली के CM SHRI स्कूलों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम (Rainwater Harvesting Systems) स्थापित किए जाएंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जल संरक्षण, पर्यावरण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) के प्रति जागरूक बनाना है। इस प्रयास के जरिए आने वाली पीढ़ी को जिम्मेदार और पर्यावरण के प्रति सचेत नागरिक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।1
- जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के नाम पर पिकनिक मनाने का नज़ारा सामने आया है, जिसे देखकर यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि यह प्रदर्शन है या पिकनिक। यहाँ सोनम वांगचुक से लगभग 10 मीटर की दूरी पर सीजेपी प्रदर्शनकारियों का एक समूह बैठा हुआ है। ये लोग वहाँ बैठकर ताश खेल रहे हैं, चिप्स और कुरकुरे खा रहे हैं और जमकर मज़े कर रहे हैं। इस पूरे दृश्य के बीच सबसे बड़ी बात यह है कि वहाँ सोनम वांगचुक यह सोच रहे हैं कि ये लोग उनकी भूख हड़ताल में उनका साथ दे रहे हैं।1
- कर्नाटक के परिवहन मंत्री बायराठी सुरेश बेंगलुरु में आम यात्री बनकर बीएमटीसी (BMTC) बस के औचक निरीक्षण पर पहुंचे। बस में सफर के दौरान जब उन्होंने दो टिकटों के लिए ₹100 का नोट दिया, तो कंडक्टर ने छुट्टे पैसे न होने की बात कहकर उन्हें बस से उतरने के लिए कह दिया। परिवहन मंत्री ने अपनी वास्तविक पहचान बताए बिना ही बस छोड़ दी। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य आम यात्रियों की समस्याओं और सार्वजनिक परिवहन की वास्तविक स्थिति को करीब से समझना था।1
- उत्तराखंड में धामी सरकार की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। मदरसा बोर्ड को समाप्त करने और 456 मदरसों को मिलने वाला सरकारी अनुदान बंद किए जाने के बाद, अब राज्य में अवैध मदरसों को सील करने का अभियान भी तेज कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम नियमों का पालन सुनिश्चित करने और अवैध संस्थानों पर कार्रवाई के तहत उठाया जा रहा है।1