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आवास में लापरवाही पर नोटिस–वेतन रोको, आयुष्मान कार्ड में ढिलाई पर कार्रवाई तय सोनभद्र/17 फरवरी 2026।जिले में सरकारी योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर अब प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने विकास भवन स्थित पंचायत रिसोर्स सेंटर में प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और आयुष्मान कार्ड की प्रगति की गहन समीक्षा की।समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों की प्रगति धीमी पाई गई, उन्हें नोटिस जारी करने और वेतन भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि आवास योजना के नाम पर कोई भी बिचौलिया लाभार्थियों से पैसे मांगता पाया गया तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि शासन की मंशा है कि हर पात्र और जरूरतमंद परिवार को समय से आवास मिले, इसमें किसी भी तरह की दलाली या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा।आयुष्मान कार्ड की प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से तेजी लाने के निर्देश दिए और कहा कि लक्ष्य पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने भी योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि कागजों की नहीं, ज़मीनी काम की जरूरत है।इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. पंकज राय, जिला पंचायत राज अधिकारी नामित शरण, डीसी मनरेगा रवीन्द्र वीर सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

2 hrs ago
user_Mustaf Ahamad
Mustaf Ahamad
Local News Reporter ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago
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आवास में लापरवाही पर नोटिस–वेतन रोको, आयुष्मान कार्ड में ढिलाई पर कार्रवाई तय सोनभद्र/17 फरवरी 2026।जिले में सरकारी योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर अब प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने विकास भवन स्थित पंचायत रिसोर्स सेंटर में प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और आयुष्मान कार्ड की प्रगति की गहन समीक्षा की।समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों की प्रगति धीमी पाई गई, उन्हें नोटिस जारी करने और वेतन भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि आवास योजना के नाम पर कोई भी बिचौलिया लाभार्थियों से पैसे मांगता पाया गया तो उसके खिलाफ

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सीधे एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि शासन की मंशा है कि हर पात्र और जरूरतमंद परिवार को समय से आवास मिले, इसमें किसी भी तरह की दलाली या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा।आयुष्मान कार्ड की प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से तेजी लाने के निर्देश दिए और कहा कि लक्ष्य पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने भी योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि कागजों की नहीं, ज़मीनी काम की जरूरत है।इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. पंकज राय, जिला पंचायत राज अधिकारी नामित शरण, डीसी मनरेगा रवीन्द्र वीर सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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  • सोनभद्र विण्ढमगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोरुखाड में स्थित नेशनल हाईवे एनएच-39 पर बालू से लदा एक टिपर अनियंत्रित होकर पलट गया। यह घटना मंगलवार देर रात लगभग 3:00 बजे की बताई जा रही है। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जोरुखाड निवासी विश्वामित्र कुशवाहा ने बताया कि रात में अचानक तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद वे तुरंत घर से बाहर निकले। बाहर आने पर उन्होंने देखा कि बालू से लदा टिपर सड़क पर पलटा हुआ है। उन्होंने बताया कि टिपर का नंबर UP64AT4998 है और यह वाहन कुडवा ग्राम पंचायत निवासी कमलेश यादव का बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, घटना का मुख्य कारण चालक को नींद आना बताया जा रहा है, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में चालक और खलासी दोनों सुरक्षित बच गए और किसी को गंभीर चोट नहीं आई। घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना मिलने के बाद संबंधित लोगों द्वारा स्थिति का जायजा लिया गया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर रात में चलने वाले भारी वाहनों की निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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    सोनभद्र विण्ढमगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोरुखाड में स्थित नेशनल हाईवे एनएच-39 पर बालू से लदा एक टिपर अनियंत्रित होकर पलट गया। यह घटना मंगलवार देर रात लगभग 3:00 बजे की बताई जा रही है। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
जोरुखाड निवासी विश्वामित्र कुशवाहा ने बताया कि रात में अचानक तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद वे तुरंत घर से बाहर निकले। बाहर आने पर उन्होंने देखा कि बालू से लदा टिपर सड़क पर पलटा हुआ है। उन्होंने बताया कि टिपर का नंबर UP64AT4998 है और यह वाहन कुडवा ग्राम पंचायत निवासी कमलेश यादव का बताया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, घटना का मुख्य कारण चालक को नींद आना बताया जा रहा है, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में चालक और खलासी दोनों सुरक्षित बच गए और किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना मिलने के बाद संबंधित लोगों द्वारा स्थिति का जायजा लिया गया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर रात में चलने वाले भारी वाहनों की निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
    user_Kiran Gound
    Kiran Gound
    Local News Reporter ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • सोनभद्र के हाथीनाला–रेणुकूट मार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एसबीआई के सुरक्षा गार्ड राम आशरफ यादव की मौत हो गई। ड्यूटी से घर लौटते समय अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी वाहन की तलाश की जा रही है। घटना के बाद परिवार और बैंक कर्मचारियों में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
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    सोनभद्र के हाथीनाला–रेणुकूट मार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एसबीआई के सुरक्षा गार्ड राम आशरफ यादव की मौत हो गई।
ड्यूटी से घर लौटते समय अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी वाहन की तलाश की जा रही है।
घटना के बाद परिवार और बैंक कर्मचारियों में शोक की लहर है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
    user_Mustaf Ahamad
    Mustaf Ahamad
    Local News Reporter ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सोनभद्र.... - चोरों ने तीन घरों में सेंधमारी कर नकदी समेत हजारों की संपत्ति चुरा ली - चोर एक अन्य घर का ताला तोड़ने में असफल रहे - घटना की सूचना पर पुलिस ने तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है - चोरों ने चकमा देने के लिए कंपनी में काम के दौरान पहने जाने वाले हाफ हेलमेट पहन रखे थे - चोरी किये हुए मोबाइल को चोरों ने पास के घर के पास फेंका, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया - घटना से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और लोगों ने जल्द खुलासे का आह्वान किया है - पुलिस ने कहा जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी - चोपन थाना क्षेत्र के डाला मलिन बस्ती में बीती रात चोरी का मामला।
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    सोनभद्र....
- चोरों ने तीन घरों में सेंधमारी कर नकदी समेत हजारों की संपत्ति चुरा ली
- चोर एक अन्य घर का ताला तोड़ने में असफल रहे
- घटना की सूचना पर पुलिस ने तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है 
- चोरों ने चकमा देने के लिए कंपनी में काम के दौरान पहने जाने वाले हाफ हेलमेट पहन रखे थे
- चोरी किये हुए मोबाइल को चोरों ने पास के घर के पास फेंका, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया
- घटना से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और लोगों ने जल्द खुलासे का आह्वान किया है 
- पुलिस ने कहा जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी
- चोपन थाना क्षेत्र के डाला मलिन बस्ती में बीती रात चोरी का मामला।
    user_Manoj Verma
    Manoj Verma
    Photographer ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
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    Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बरकखाना -बरवाडीह रेलवे लाइन पर ट्रेन के चपेट में जंगली का बच्चा आ गया जिसको हाथी को बचाने हाथियों का झुंड रेलवे ट्रेक को घेर लिया, घटना देर रात की है।
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    बरकखाना -बरवाडीह रेलवे लाइन पर ट्रेन के चपेट में जंगली का बच्चा आ गया जिसको हाथी को बचाने हाथियों का झुंड रेलवे ट्रेक को घेर लिया, घटना देर रात की है।
    user_कालचिंतन समाचार
    कालचिंतन समाचार
    Obra, Sonbhadra•
    10 hrs ago
  • आज उत्तर प्रदेश अपनी पहचान ‘ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी’ के रोल मॉडल के रूप में स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को धरातल पर उतारने और प्रदेश को फार्मा सेक्टर में अग्रणी मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के पास न केवल देश का सबसे बड़ा कंज्यूमर मार्केट है, बल्कि फार्मा सेक्टर के लिए जरूरी विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और कुशल वर्कफोर्स भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। राज्य सरकार अपने प्रत्येक निवेशक को ‘ट्रिपल एस’ अर्थात् ‘सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड’ की गारंटी प्रदान कर रही है, जो औद्योगिक विकास के लिए अनिवार्य शर्त है। फार्मा और हेल्थकेयर के क्षेत्र में मौजूद असीमित संभावनाओं को देखते हुए राज्य के विभिन्न जनपदों में क्लस्टर आधारित विकास किया जा रहा है। प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध ललितपुर जनपद में प्रदेश के पहले फार्मा पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। वहीं, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट लगभग 350 एकड़ क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है। इस पार्क की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 100 से अधिक फार्मा कंपनियां इससे जुड़ चुकी हैं। निवेशकों की सुविधा के लिए यहाँ यू.एस.एफ.डी.ए. (न्ैथ्क्।) टेस्टिंग लैब स्थापित करने का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। ललितपुर के फार्मा पार्क को हब एंड स्पोक मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें आर. एंड डी. (त्-क्) की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी प्रदेश लंबी छलांग लगा रहा है। लखनऊ में एक वर्ल्ड क्लास फार्मा इंस्टीट्यूट के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं, जबकि गौतमबुद्धनगर, बरेली और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी नए फार्मा पार्क विकसित करने की योजना पर कार्य हो रहा है। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आई.आई.टी. कानपुर के सहयोग से 1,200 करोड़ रुपये की लागत से ‘मेड-टेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ विकसित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, एस.जी.पी.जी.आई. को दूसरे सेंटर के रूप में तैयार किया जा रहा है। लखनऊ पहले से ही सी.डी.आर.आई. और एन.बी.आर.आई. जैसी राष्ट्रीय स्तर की चार केंद्रीय प्रयोगशालाओं का केंद्र है, जो अनुसंधान के क्षेत्र में प्रदेश की स्थिति को मजबूत करती हैं। नीतिगत मोर्चे पर उत्तर प्रदेश अब पॉलिसी पैरालिसिस के दौर से बाहर निकल चुका है। प्रदेश में वर्तमान में 34 सेक्टोरियल पॉलिसीज प्रभावी हैं, जो निवेशकों को स्पष्टता और सुरक्षा प्रदान करती हैं। निवेश की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुविधाएं दी जा रही हैं और पॉलिसी के दायरे में रहकर समयबद्ध तरीके से इंसेंटिव वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस नीति के तहत सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी में छूट और निर्यात प्रोत्साहन की बेहतरीन व्यवस्था है। साथ ही, एफ.डी.आई. और फॉर्च्यून-500 पॉलिसी के माध्यम से वैश्विक निवेश को आमंत्रित करने के बड़े अवसर सृजित किए गए हैं। विशेष बात यह है कि उत्तर प्रदेश का यह विकास केवल औद्योगिक नहीं बल्कि संतुलित और पर्यावरण के अनुकूल भी है। पिछले 9 वर्षों में भौतिक विकास के साथ-साथ प्रदेश ने अपने फॉरेस्ट कवर में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। बेहतर कनेक्टिविटी और जवाबदेह प्रशासन के दम पर उत्तर प्रदेश आज फार्मा निवेश का पसंदीदा गंतव्य बन चुका है। केंद्र की दूरदर्शी नीतियों और राज्य सरकार के जमीनी प्रयासों के समन्वय से उत्तर प्रदेश अब फार्मा और बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को नई शक्ति प्रदान कर रहा है।
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    आज उत्तर प्रदेश अपनी पहचान ‘ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी’ के रोल मॉडल के रूप में स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को धरातल पर उतारने और प्रदेश को फार्मा सेक्टर में अग्रणी मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के पास न केवल देश का सबसे बड़ा कंज्यूमर मार्केट है, बल्कि फार्मा सेक्टर के लिए जरूरी विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और कुशल वर्कफोर्स भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। राज्य सरकार अपने प्रत्येक निवेशक को ‘ट्रिपल एस’ अर्थात् ‘सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड’ की गारंटी प्रदान कर रही है, जो औद्योगिक विकास के लिए अनिवार्य शर्त है।
फार्मा और हेल्थकेयर के क्षेत्र में मौजूद असीमित संभावनाओं को देखते हुए राज्य के विभिन्न जनपदों में क्लस्टर आधारित विकास किया जा रहा है। प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध ललितपुर जनपद में प्रदेश के पहले फार्मा पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। वहीं, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट लगभग 350 एकड़ क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है। इस पार्क की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 100 से अधिक फार्मा कंपनियां इससे जुड़ चुकी हैं। निवेशकों की सुविधा के लिए यहाँ यू.एस.एफ.डी.ए. (न्ैथ्क्।) टेस्टिंग लैब स्थापित करने का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। ललितपुर के फार्मा पार्क को हब एंड स्पोक मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें आर. एंड डी. (त्-क्) की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी प्रदेश लंबी छलांग लगा रहा है। लखनऊ में एक वर्ल्ड क्लास फार्मा इंस्टीट्यूट के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं, जबकि गौतमबुद्धनगर, बरेली और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी नए फार्मा पार्क विकसित करने की योजना पर कार्य हो रहा है। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आई.आई.टी. कानपुर के सहयोग से 1,200 करोड़ रुपये की लागत से ‘मेड-टेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ विकसित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, एस.जी.पी.जी.आई. को दूसरे सेंटर के रूप में तैयार किया जा रहा है। लखनऊ पहले से ही सी.डी.आर.आई. और एन.बी.आर.आई. जैसी राष्ट्रीय स्तर की चार केंद्रीय प्रयोगशालाओं का केंद्र है, जो अनुसंधान के क्षेत्र में प्रदेश की स्थिति को मजबूत करती हैं।
नीतिगत मोर्चे पर उत्तर प्रदेश अब पॉलिसी पैरालिसिस के दौर से बाहर निकल चुका है। प्रदेश में वर्तमान में 34 सेक्टोरियल पॉलिसीज प्रभावी हैं, जो निवेशकों को स्पष्टता और सुरक्षा प्रदान करती हैं। निवेश की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुविधाएं दी जा रही हैं और पॉलिसी के दायरे में रहकर समयबद्ध तरीके से इंसेंटिव वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस नीति के तहत सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी में छूट और निर्यात प्रोत्साहन की बेहतरीन व्यवस्था है। साथ ही, एफ.डी.आई. और फॉर्च्यून-500 पॉलिसी के माध्यम से वैश्विक निवेश को आमंत्रित करने के बड़े अवसर सृजित किए गए हैं।
विशेष बात यह है कि उत्तर प्रदेश का यह विकास केवल औद्योगिक नहीं बल्कि संतुलित और पर्यावरण के अनुकूल भी है। पिछले 9 वर्षों में भौतिक विकास के साथ-साथ प्रदेश ने अपने फॉरेस्ट कवर में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। बेहतर कनेक्टिविटी और जवाबदेह प्रशासन के दम पर उत्तर प्रदेश आज फार्मा निवेश का पसंदीदा गंतव्य बन चुका है। केंद्र की दूरदर्शी नीतियों और राज्य सरकार के जमीनी प्रयासों के समन्वय से उत्तर प्रदेश अब फार्मा और बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को नई शक्ति प्रदान कर रहा है।
    user_Bharat kumar bharat
    Bharat kumar bharat
    पत्रकार Robertsganj, Sonbhadra•
    41 min ago
  • Post by @PappuKumar-ky6qb you tube my channel
    1
    Post by @PappuKumar-ky6qb you tube my channel
    user_@PappuKumar-ky6qb you tube my channel
    @PappuKumar-ky6qb you tube my channel
    Farmer Robertsganj, Sonbhadra•
    1 hr ago
  • सोनभद्र विण्ढमगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोरुखाड में स्थित नेशनल हाईवे एनएच-39 पर बालू से लदा एक टिपर अनियंत्रित होकर पलट गया। यह घटना मंगलवार देर रात लगभग 3:00 बजे की बताई जा रही है। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जोरुखाड निवासी विश्वामित्र कुशवाहा ने बताया कि रात में अचानक तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद वे तुरंत घर से बाहर निकले। बाहर आने पर उन्होंने देखा कि बालू से लदा टिपर सड़क पर पलटा हुआ है। उन्होंने बताया कि टिपर का नंबर UP64AT4998 है और यह वाहन कुडवा ग्राम पंचायत निवासी कमलेश यादव का बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, घटना का मुख्य कारण चालक को नींद आना बताया जा रहा है, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में चालक और खलासी दोनों सुरक्षित बच गए और किसी को गंभीर चोट नहीं आई। घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना मिलने के बाद संबंधित लोगों द्वारा स्थिति का जायजा लिया गया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर रात में चलने वाले भारी वाहनों की निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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    सोनभद्र विण्ढमगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोरुखाड में स्थित नेशनल हाईवे एनएच-39 पर बालू से लदा एक टिपर अनियंत्रित होकर पलट गया। यह घटना मंगलवार देर रात लगभग 3:00 बजे की बताई जा रही है। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
जोरुखाड निवासी विश्वामित्र कुशवाहा ने बताया कि रात में अचानक तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद वे तुरंत घर से बाहर निकले। बाहर आने पर उन्होंने देखा कि बालू से लदा टिपर सड़क पर पलटा हुआ है। उन्होंने बताया कि टिपर का नंबर UP64AT4998 है और यह वाहन कुडवा ग्राम पंचायत निवासी कमलेश यादव का बताया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, घटना का मुख्य कारण चालक को नींद आना बताया जा रहा है, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में चालक और खलासी दोनों सुरक्षित बच गए और किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना मिलने के बाद संबंधित लोगों द्वारा स्थिति का जायजा लिया गया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर रात में चलने वाले भारी वाहनों की निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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    Kiran Gound
    Local News Reporter ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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