बेटी की शादी से तीन दिन पहले महिला पर जानलेवा हमला, FIR के बजाय पीड़िता पर मुकदमा — गाजीपुर पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज गाजीपुर | कासिमाबाद गाजीपुर जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बेरूकहीं में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता और महिला सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। पुत्री के विवाह से मात्र तीन दिन पूर्व एक महिला पर हुए जानलेवा हमले के बावजूद पुलिस ने उसकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की, बल्कि आरोपियों के प्रभाव में आकर उल्टा पीड़िता के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया। घटना के बाद से पूरे गांव में भय, आक्रोश और असंतोष का माहौल व्याप्त है। क्या है पूरा मामला ग्राम बेरूकहीं निवासी रम्भा देवी पत्नी अनिल कुशवाहा की पुत्री का विवाह 12 फरवरी को निश्चित था। 08 फरवरी की सुबह लगभग 9 बजे वह अपने घर के सामने विवाह की रस्मों के तहत हल्दी, माड़ो छावन एवं गाड़न की तैयारियों के लिए सफाई और सड़क की मरम्मत का कार्य करवा रही थीं। घर के सामने स्थित नाबदानी के पानी एवं गड्ढों के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसकी समतलीकरण हेतु ट्रॉली से राबिस मंगवाया गया था। इसी दौरान पड़ोसी संदीप कुशवाहा, संघर्ष कुशवाहा, श्रीकांत कुशवाहा, शशिकांत कुशवाहा, रीता देवी एवं नीतू देवी ने जानबूझकर सड़क पर बाइक खड़ी कर ट्रॉली का रास्ता रोक दिया। आरोप है कि आरोपियों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए ट्रॉली वापस भेजने का दबाव बनाया। पीड़िता ने बार-बार हाथ जोड़कर अपनी बेटी की शादी का हवाला देते हुए रास्ता न रोकने की विनती की, लेकिन आरोपियों ने बारात को दरवाजे तक न आने देने की धमकी देते हुए अचानक लात-घूंसों से हमला कर दिया। इस हमले में रम्भा देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। बीच-बचाव करने वालों पर भी हमला, कई घायल महिला की चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपियों ने उन पर भी लाठी-डंडों से हमला कर दिया। कई ग्रामीणों के सिर फूट गए, जिससे भारी मात्रा में रक्तस्राव हुआ। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में कई महिलाएं एवं बच्चे भी घायल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों ने खुलेआम धमकियां दीं और पूरे गांव में दहशत फैला दी। पुलिस की संदिग्ध भूमिका घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पर दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता समेत दो लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कासिमाबाद भेजा गया, लेकिन अन्य घायलों का मेडिकल परीक्षण जानबूझकर नहीं कराया गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पीड़िता को पूरा दिन थाने में बैठाए रखने के बावजूद उसकी FIR दर्ज नहीं की गई। इसके उलट, उसी दिन आरोपियों की तहरीर पर पीड़िता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया। 10 फरवरी को पीड़िता जब दोबारा थाने पहुंची तो पुलिस ने उसे डांटकर भगा दिया। मजबूर होकर पीड़िता ने 11 फरवरी को पुलिस अधीक्षक गाजीपुर को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सार्वजनिक मार्ग पर अवैध कब्जा, प्रशासन मौन ग्रामीणों के अनुसार आरोपी लंबे समय से सार्वजनिक रास्ते पर अवैध रूप से ओवरब्रिज व सरिया लगाकर कब्जा किए हुए हैं, जिससे आवागमन में गंभीर खतरा बना रहता है। उपजिलाधिकारी कासिमाबाद द्वारा अवैध निर्माण हटाने का नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन आरोपियों ने नोटिस की अवहेलना कर निर्माण जस का तस बनाए रखा है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपियों की स्थानीय स्तर पर गहरी पकड़ होने के कारण उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, जिससे उनके हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। भय के माहौल में संपन्न हुआ विवाह पीड़िता ने बताया कि 12 फरवरी को उनकी पुत्री का विवाह अत्यंत कठिनाई और भय के माहौल में संपन्न हुआ। 11 फरवरी को पुलिस बल तैनात करने के लिए लिखित आवेदन देने के बावजूद कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। पूरा विवाह कार्यक्रम तनाव और डर के बीच संपन्न हुआ। महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न यह घटना महिला सुरक्षा, निष्पक्ष पुलिसिंग और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक मां, जो बेटी की शादी की खुशियों में होनी चाहिए थी, उसे न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ा। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस अधीक्षक गाजीपुर से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। न्याय में देरी, अन्याय के समान है।
बेटी की शादी से तीन दिन पहले महिला पर जानलेवा हमला, FIR के बजाय पीड़िता पर मुकदमा — गाजीपुर पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज गाजीपुर | कासिमाबाद गाजीपुर जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बेरूकहीं में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता और महिला सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। पुत्री के विवाह से मात्र तीन दिन पूर्व एक महिला पर हुए जानलेवा हमले के बावजूद पुलिस ने उसकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की, बल्कि आरोपियों के प्रभाव में आकर उल्टा पीड़िता के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया। घटना के बाद से पूरे गांव में भय, आक्रोश और असंतोष का माहौल व्याप्त है। क्या है पूरा मामला ग्राम बेरूकहीं निवासी रम्भा देवी पत्नी अनिल कुशवाहा की पुत्री का विवाह 12 फरवरी को निश्चित था। 08 फरवरी की सुबह लगभग 9 बजे वह अपने घर के सामने विवाह की रस्मों के तहत हल्दी, माड़ो छावन एवं गाड़न की तैयारियों के लिए सफाई और सड़क की मरम्मत का कार्य करवा रही थीं। घर के सामने स्थित नाबदानी के पानी एवं गड्ढों के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसकी समतलीकरण हेतु ट्रॉली से राबिस मंगवाया गया था। इसी दौरान पड़ोसी संदीप कुशवाहा, संघर्ष कुशवाहा, श्रीकांत कुशवाहा, शशिकांत कुशवाहा, रीता देवी एवं नीतू देवी ने जानबूझकर सड़क पर बाइक खड़ी कर ट्रॉली का रास्ता रोक दिया। आरोप है कि आरोपियों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए ट्रॉली वापस भेजने का दबाव बनाया। पीड़िता ने बार-बार हाथ जोड़कर अपनी बेटी की शादी का हवाला देते हुए रास्ता न रोकने की विनती की, लेकिन आरोपियों ने बारात को दरवाजे तक न आने देने की धमकी देते हुए अचानक लात-घूंसों से हमला कर दिया। इस हमले में रम्भा देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। बीच-बचाव करने वालों पर भी हमला, कई घायल महिला की चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपियों ने उन पर भी लाठी-डंडों से हमला कर दिया। कई ग्रामीणों के सिर फूट गए, जिससे भारी मात्रा में रक्तस्राव हुआ। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में कई महिलाएं एवं बच्चे भी घायल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों ने खुलेआम धमकियां दीं और पूरे गांव में दहशत फैला दी। पुलिस की संदिग्ध भूमिका घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पर दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता समेत दो लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कासिमाबाद भेजा गया, लेकिन अन्य घायलों का मेडिकल परीक्षण जानबूझकर नहीं कराया गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पीड़िता को पूरा दिन थाने में बैठाए रखने के बावजूद उसकी FIR दर्ज नहीं की गई। इसके उलट, उसी दिन आरोपियों की तहरीर पर पीड़िता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया। 10 फरवरी को पीड़िता जब दोबारा थाने पहुंची तो पुलिस ने उसे डांटकर भगा दिया। मजबूर होकर पीड़िता ने 11 फरवरी को पुलिस अधीक्षक गाजीपुर को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सार्वजनिक मार्ग पर अवैध कब्जा, प्रशासन मौन ग्रामीणों के अनुसार आरोपी लंबे समय से सार्वजनिक रास्ते पर अवैध रूप से ओवरब्रिज व सरिया लगाकर कब्जा किए हुए हैं, जिससे आवागमन में गंभीर खतरा बना रहता है। उपजिलाधिकारी कासिमाबाद द्वारा अवैध निर्माण हटाने का नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन आरोपियों ने नोटिस की अवहेलना कर निर्माण जस का तस बनाए रखा है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपियों की स्थानीय स्तर पर गहरी पकड़ होने के कारण उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, जिससे उनके हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। भय के माहौल में संपन्न हुआ विवाह पीड़िता ने बताया कि 12 फरवरी को उनकी पुत्री का विवाह अत्यंत कठिनाई और भय के माहौल में संपन्न हुआ। 11 फरवरी को पुलिस बल तैनात करने के लिए लिखित आवेदन देने के बावजूद कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। पूरा विवाह कार्यक्रम तनाव और डर के बीच संपन्न हुआ। महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न यह घटना महिला सुरक्षा, निष्पक्ष पुलिसिंग और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक मां, जो बेटी की शादी की खुशियों में होनी चाहिए थी, उसे न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ा। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस अधीक्षक गाजीपुर से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। न्याय में देरी, अन्याय के समान है।
- Post by Dawan विजय टाइम्स पेपर न्यूज1
- गाजीपुर। मां सरस्वती पैरामेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज, महेंगवा–मरदह में पढ़ने वाले डी-फार्मा के छात्र विपुल यादव की मंगलवार दोपहर रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार विपुल यादव, पुत्र जयप्रकाश यादव, निवासी नसीरपुर डाढ़ी, थाना मरदह, कॉलेज की चौथी मंजिल से नीचे गिर गया। घटना की जानकारी होते ही कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया। कॉलेज कर्मचारियों ने तुरंत उसे एम्बुलेंस से इलाज के लिए मऊ ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कॉलेज के चेयरमैन विजय यादव ने बताया कि वे इस समय लखनऊ में थे। उन्हें जानकारी मिली कि विपुल चौथी मंजिल की छत पर मोबाइल पर बातचीत कर रहा था और बातचीत के दौरान वह नीचे गिर गया।2
- घोसी ब्लॉक क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में महाशिवरात्रि पर्व पर अखंड हरि कीर्तन समापन पर भण्डारे का आयोजन पहुंचे हजारों श्रद्धालु1
- Post by Bala Ji1
- bagi ballia1
- बरात शर्मा परिवार1
- Har ek ladke ki soch ek ladki ke prati 😅☺️🤪😇 only masti😉😍1
- आपलोग सपोर्ट मिलकर साथ-साथ अधिकार अपना अधिकार पहचान सपना क्यो कि जनता अपना नमस्कार1