बोरदेही में 9 लाख की सनसनीखेज लूट का मास्टरमाइंड देवा इवने गिरफ्तार: 10 हजार का इनामी बदमाश चढ़ा पुलिस के हत्थे, पड़ोसी दुकानदार ने की थी मुखबिरी बोरदेही में 9 लाख की सनसनीखेज लूट का मास्टरमाइंड देवा इवने गिरफ्तार: 10 हजार का इनामी बदमाश चढ़ा पुलिस के हत्थे, पड़ोसी दुकानदार ने की थी मुखबिरी संवाददाता दिलीप पाल आमला आमला। बोरदेही थाना क्षेत्र में 9 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के मुख्य सरगना देवानंद उर्फ देवा इवने को पुलिस ने गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस पूरे षड्यंत्र का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि पीड़ित फरियादी विक्की साहू की दुकान के बगल में ही आरोपी सुशील यादव की दुकान थी। 20 मई को जब विक्की साहू और पीड़ित प्रदीप झरबड़े बैंक से बड़ी रकम निकालने आमला जाने की योजना बना रहे थे, तब सुशील ने उनकी पूरी बातचीत चुपके से सुन ली। इसके बाद सुशील ने तुरंत मास्टरमाइंड देवा इवने को फोन कर पीड़ितों की बाइक, उनके हुलिए और निकलने के समय की सटीक जानकारी दे दी, जिसके आधार पर बदमाशों ने रास्ते में पीछा कर वारदात को अंजाम दिया था। हत्या और डकैती जैसे 8 गंभीर अपराधों में दर्ज है नाम: पुलिस अधीक्षक ने घोषित किया था 10 हजार का इनाम, निगरानी बदमाश है आरोपी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी, एसडीओपी मुलताई एस.के. सिंह एवं डीएसपी महिला सेल दुर्गेश आर्मो के मार्गदर्शन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से आरोपियों का सुराग लगाया। पकड़ा गया मुख्य आरोपी देवा इवने (38 वर्ष), निवासी घाना उमरी (छिंदवाड़ा) का रहने वाला है और वह थाना नवेगांव का सूचीबद्ध 'निगरानी बदमाश' है। आरोपी के खिलाफ पूर्व से ही मुलताई, बोरदेही और नवेगांव थानों में हत्या, आर्म्स एक्ट, डकैती, चोरी, नकबजनी और जुआ जैसे 8 से अधिक संगीन आपराधिक मामले पंजीबद्ध हैं। लूटी गई संपत्ति की बरामदगी के लिए पूछताछ जारी: पुलिस ने आम जनता के लिए जारी की एडवाइजरी, संदिग्ध दिखने पर 112 पर दें सूचना बोरदेही पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 99/2026 धारा 309(6), 304(2), 3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया है। इस मामले में पुलिस पूर्व में ही षड्यंत्रकारी सुशील यादव सहित रामकुमार, गोविंद, शिवराम, दुर्गेश और कमलेश को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार मास्टरमाइंड देवा इवने को रिमांड पर लेकर लूटी गई 9 लाख रुपये की नकदी और अन्य सामग्री की बरामदगी के लिए गहन पूछताछ कर रही है। इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी राधेश्याम वट्टी व उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही। घटना के बाद बैतूल पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बैंक से बड़ी रकम ले जाते समय विशेष सतर्कता बरतें, अकेले यात्रा करने से बचें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तत्काल डायल-112 या नजदीकी थाने में सम्पर्क करें।
बोरदेही में 9 लाख की सनसनीखेज लूट का मास्टरमाइंड देवा इवने गिरफ्तार: 10 हजार का इनामी बदमाश चढ़ा पुलिस के हत्थे, पड़ोसी दुकानदार ने की थी मुखबिरी बोरदेही में 9 लाख की सनसनीखेज लूट का मास्टरमाइंड देवा इवने गिरफ्तार: 10 हजार का इनामी बदमाश चढ़ा पुलिस के हत्थे, पड़ोसी दुकानदार ने की थी मुखबिरी संवाददाता दिलीप पाल आमला आमला। बोरदेही थाना क्षेत्र में 9 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के मुख्य सरगना देवानंद उर्फ देवा इवने को पुलिस ने गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस पूरे षड्यंत्र का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि पीड़ित फरियादी विक्की साहू की दुकान के बगल में ही आरोपी सुशील यादव की दुकान थी। 20 मई को जब विक्की साहू और पीड़ित प्रदीप झरबड़े बैंक से बड़ी रकम निकालने आमला जाने की योजना बना रहे थे, तब सुशील ने उनकी पूरी बातचीत चुपके से सुन ली। इसके बाद सुशील ने तुरंत मास्टरमाइंड देवा इवने को फोन कर पीड़ितों की बाइक, उनके हुलिए और निकलने के समय की सटीक जानकारी दे दी, जिसके आधार पर बदमाशों ने रास्ते में पीछा कर वारदात को अंजाम दिया था। हत्या और डकैती जैसे 8 गंभीर अपराधों में दर्ज है नाम: पुलिस अधीक्षक ने घोषित किया था 10 हजार का इनाम, निगरानी बदमाश है आरोपी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी, एसडीओपी मुलताई एस.के. सिंह एवं डीएसपी महिला
सेल दुर्गेश आर्मो के मार्गदर्शन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से आरोपियों का सुराग लगाया। पकड़ा गया मुख्य आरोपी देवा इवने (38 वर्ष), निवासी घाना उमरी (छिंदवाड़ा) का रहने वाला है और वह थाना नवेगांव का सूचीबद्ध 'निगरानी बदमाश' है। आरोपी के खिलाफ पूर्व से ही मुलताई, बोरदेही और नवेगांव थानों में हत्या, आर्म्स एक्ट, डकैती, चोरी, नकबजनी और जुआ जैसे 8 से अधिक संगीन आपराधिक मामले पंजीबद्ध हैं। लूटी गई संपत्ति की बरामदगी के लिए पूछताछ जारी: पुलिस ने आम जनता के लिए जारी की एडवाइजरी, संदिग्ध दिखने पर 112 पर दें सूचना बोरदेही पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 99/2026 धारा 309(6), 304(2), 3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया है। इस मामले में पुलिस पूर्व में ही षड्यंत्रकारी सुशील यादव सहित रामकुमार, गोविंद, शिवराम, दुर्गेश और कमलेश को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार मास्टरमाइंड देवा इवने को रिमांड पर लेकर लूटी गई 9 लाख रुपये की नकदी और अन्य सामग्री की बरामदगी के लिए गहन पूछताछ कर रही है। इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी राधेश्याम वट्टी व उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही। घटना के बाद बैतूल पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बैंक से बड़ी रकम ले जाते समय विशेष सतर्कता बरतें, अकेले यात्रा करने से बचें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तत्काल डायल-112 या नजदीकी थाने में सम्पर्क करें।
- एक माह में ही टेढ़ा हुआ नया बिजली का खंभा, बिजली विभाग की लापरवाही से मंडरा रहा हादसे का खतरा पुराने थाने के पास नाली में लगाया गया था खंभा, नगर पालिका ने पहले ही जताई थी आपत्ति आमला। नगर के मुख्य मार्ग स्थित पुराने थाना परिसर के समीप बिजली विभाग द्वारा लगाया गया नया बिजली का खंभा महज एक माह के भीतर ही टेढ़ा हो गया है। खंभे की झुकी हुई स्थिति अब राहगीरों और आसपास के दुकानदारों के लिए चिंता का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद अब तक सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार बिजली विभाग ने यह खंभा नाली के किनारे स्थापित किया था। नगर पालिका ने खंभा लगाए जाने के समय ही बिजली विभाग को इसकी जानकारी देते हुए आगाह किया था कि नाली के किनारे लगाया गया खंभा भविष्य में खतरा बन सकता है। इसके बावजूद विभाग ने चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया। लगातार हो रही बारिश के कारण खंभे के आसपास की जमीन कमजोर होती जा रही है, जिससे खंभा और अधिक झुक गया है। यदि समय रहते इसे सीधा कर सुरक्षित नहीं किया गया या किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया, तो इसके गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है। यह मार्ग नगर का व्यस्ततम मार्ग है, जहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग से मांग की है कि खंभे का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और आवश्यक मरम्मत अथवा पुनः स्थापना की जाए। लोगों का कहना है कि हादसा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय विभाग को पहले ही सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।2
- 9 लाख की लूट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, ₹10 हजार का इनामी बदमाश पुलिस के शिकंजे में पड़ोसी ने दी थी बैंक से रुपये ले जाने की सूचना, उसी इनपुट पर रची गई थी वारदात की साजिश; मुख्य आरोपी पर हत्या, लूट, चोरी समेत 8 से अधिक मामले दर्ज1
- आठनेर में प्रशासन की कार्रवाई से उठे सवाल बस स्टैंड से हटाया गया फल विक्रेताओं कों रोज़ी-रोटी पर संकट? आठनेर में प्रशासन की कार्रवाई से उठे सवाल बस स्टैंड से हटाया गया फल विक्रेताओं कों रोज़ी-रोटी पर संकट? आठनेर (बैतूल)। नगर परिषद आठनेर में बस स्टैंड परिसर में अचानक चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान ने शहर में चर्चाओं का बाज़ार गर्म कर दिया है। नवपदस्थ तहसीलदार की 'सिंघम स्टाइल' एंट्री के साथ पुलिस, राजस्व विभाग और नगर परिषद की संयुक्त टीम सड़कों पर उतरी। अभियान की शुरुआत में सबसे पहले कार्रवाई की गाज़ बस स्टैंड पर लगे गरीब फल-फ्रूट विक्रेताओं और उनके अस्थायी ठेलों पर गिरी। कार्रवाई के बाद से जहाँ एक तरफ सड़क पर कुछ देर के लिए जगह साफ नज़र आई, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन की निष्पक्षता और संवेदनशीलता पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गरीब फल विक्रेताओं की रोज़ी-रोटी पर संकट अचानक हुई इस कार्रवाई से दैनिक फल विक्रेताओं की आजीविका पर गहरा संकट मंडराने लगा है। स्थानीय लोगों और प्रभावित दुकानदारों का पूछना है कि क्या कार्रवाई से पहले इन गरीब विक्रेताओं के लिए किसी वैकल्पिक स्थान या स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था की गई थी? बिना किसी पूर्व वैकल्पिक इंतज़ाम के ठेलों को हटा देने से इन परिवारों के सामने रोज़ी-रोटी का सवाल खड़ा हो गया है। चुनिंदा कार्रवाई या निष्पक्ष प्रशासन? स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी असंतोष है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान का निशाना केवल कमजोर वर्ग ही क्यों बनता है? कॉम्प्लेक्स के बाहर बेतरतीब पार्किंग: बस स्टैंड स्थित कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों के बाहर ग्राहकों के वाहन सड़क तक खड़े रहते हैं, जिससे हर समय ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या इन रसूखदार कॉम्प्लेक्स मालिकों और अव्यवस्थित पार्किंग पर भी प्रशासन की 'सिंघम' वाली सख्ती देखने को मिलेगी? लाखों के बजट पर सवाल: हाल ही में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे। लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि चौड़ी हुई सड़क का फायदा आम जनता और सुगम यातायात को मिलने के बजाय अव्यवस्था की भेंट चढ़ रहा है। जनमानस के प्रमुख सवाल क्या आठनेर बस स्टैंड पर अतिक्रमण का दायरा सिर्फ गरीब फल विक्रेताओं तक ही सीमित था? क्या नगर परिषद बड़े व्यापारियों और कॉम्प्लेक्सों की अवैध पार्किंग पर डंडा चलाने की हिम्मत दिखाएगी? सड़कों के चौड़ीकरण पर खर्च हुए लाखों रुपये का वास्तविक लाभ आखिर किसे मिल रहा है? संवेदनशीलता और निष्पक्षता की परीक्षा आठनेर में हुई यह कार्रवाई अब प्रशासन की साख पर सवालिया निशान लगा रही है। यदि अतिक्रमण हटाना यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ज़रूरी है, तो गरीबों के पुनर्वास और बड़े अतिक्रमणकारियों पर समान कार्रवाई भी उतनी ही अनिवार्य है। देखना यह होगा कि नगर परिषद और तहसील प्रशासन आने वाले दिनों में अपनी निष्पक्षता साबित करता है या यह अभियान महज़ "कमज़ोरों पर कार्रवाई" बनकर रह जाएगा।1
- पुसली में कांग्रेस नेताओं ने मोहित गलफट मौत मामले में परिजनों से की मुलाकात, परिजनों से शोक संवेदना की व्यक्त 26 जुलाई रविवार को पुसली में एयरफोर्स में चयनित मोहित गलफट की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पुलिस ने कुएं से शव बरामद किया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है परन्तु आज तक मामले का खुलासा नहीं हो पाया वहीं कांग्रेस नेता हर्षवर्धन धोटे सहित नेताओं ने पुसली में मृतक मोहित गलफट के परिजनों और पिता से मुलाकात की शोक संवेदना व्यक्त की हर्षवर्धन धोटे ने पिता को भरोसा दिलाया की हम सब उनके साथ है मोहित के पिता मंचित गलफट ने जल्द बेटी की किन परिस्थितियों और किन कारणों से मौत हुई उसका खुलासा करने की बात कही कांग्रेस नेताओं ने उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया।1
- जाम सांवली हनुमान लोक में दुकान आवंटन को लेकर गरमाई सियासत पूर्व विधायक अजय चौरे ने उठाई स्थानीय युवाओं व गरीबों को प्राथमिकता देने की मांग सौंसर पांढुर्णा 31 जुलाई 2026 चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर संस्थान हनुमान लोक जाम सावली तहसील सौंसर जिला पांढुर्णा में नवनिर्मित दुकानों की सार्वजनिक नीलामी सूचना जारी होने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक पारा चढ़ गया है. मंदिर संस्थान द्वारा दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू किए जाने पर स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में रोष व्याप्त है. पूर्व विधायक अजय चौरे ने इस मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए प्रशासन और मंदिर समिति से स्थानीय लोगों एवं गरीबों के हितों की रक्षा करने की पुरजोर मांग की है. पूर्व विधायक अजय चौरे ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि हमेशा से जाम सांवली मंदिर का संचालन ग्राम के लोगों द्वारा किया गया है और हनुमान जी की कृपा से ही यहाँ के स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त होता रहा है. वर्तमान में दुकानों की नीलामी और आवंटन प्रक्रिया में बाहरी और बड़े व्यवसायियों को प्राथमिकता मिलने से स्थानीय बेरोजगारों के अधिकारों पर कुठाराघात हो रहा है. इसी कड़ी में सौंसर से कांग्रेस विधायक विजय रेवनाथ चौरे के निज निवास पर आयोजित जनता दरबार के दौरान भी चमत्कारिक हनुमान मंदिर परिसर के दुकानदारों ने अपनी समस्याएँ साझा कीं। दुकानदारों ने बताया कि वे पिछले लगभग 15 वर्षों से मंदिर परिसर में हार-फूल, पूजन सामग्री तथा अन्य सामान बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं, किंतु अब मंदिर ट्रस्ट समिति द्वारा उन्हें मंदिर परिसर से बेदखल कर दिया गया है। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित दुकानों की नीलामी मंदिर ट्रस्ट द्वारा की जा रही है, परंतु वर्षों से व्यवसाय कर रहे दुकानदारों को कोई प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। दुकानदारों ने केवल इतनी मांग की है कि उन्हें दुकान संचालन के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाए ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। विधायक को यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि लगभग 5 करोड़ की राशि में एक बड़ी दुकान नीलाम की जा रही है। शासन के निर्देशानुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विधवा महिलाओं एवं दिव्यांगजनों को नीलामी में प्राथमिकता एवं आरक्षण प्रदान किया जाता है, परंतु ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी इन नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। दुकानों की नीलामी की राशि अत्यधिक होने के कारण इसमें केवल पूंजीपति ही भाग ले सकते हैं और मध्यमवर्गीय परिवार व आम आदमी वहाँ दुकान लेने का सपना भी नहीं देख सकता। प्रमुख माँगे एवं बिंदु: जाम सावली हनुमान लोक में वर्तमान एवं भविष्य में निर्मित होने वाली कुल दुकानों का 80 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय बेरोजगार युवाओं और पूर्व में दुकान संचालित करने वालों को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित किया जाए. मंदिर में आने वाले चढ़ावे और शासन से मिलने वाले करोड़ों रुपयों पर पहला हक स्थानीय गरीब परिवारों का होना चाहिए न कि बड़े व्यापारियों का. यदि स्थानीय लोगों की उपेक्षा की गई तो मंदिर समिति और प्रशासन के खिलाफ उग्र सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर संस्थान हनुमान लोक द्वारा जारी सूचना के अनुसार ग्राउंड फ्लोर पर नवनिर्मित दुकानों की सार्वजनिक आम नीलामी दिनांक 05 अगस्त 2026 बुधवार से निर्धारित की गई है जिसके लिए विभिन्न श्रेणियों ए बी सी डी ई के तहत आफर प्राइस और अमानत राशि तय की गई है. नीलामी प्रक्रिया को लेकर स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों के बीच चिंता बनी हुई है कि कहीं इस प्रक्रिया से मूल स्थानीय दुकानदार व गरीब वर्ग रोजगार से वंचित न हो जाए. क्षेत्रीय जनता और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन पांढुर्णा कलेक्टर और मंदिर ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष से तत्काल हस्तक्षेप करने तथा दुकान आवंटन नियमों में संशोधन कर स्थानीय निवासियों के हितों को सुरक्षित करने की अपील की है. संपादकीय एवं स्थानीय समाचार संकलन ब्यूरो सौंसर पांढुर्णा1
- *उफनती नदी पार कर स्कूल जाती हैं कौड़ी की 40 बच्चियां, 1 साल से पुलिया का प्रस्ताव पेंडिंग* *4 KM कीचड़-नदी पार करके पढ़ने जाते हैं बच्चे, जनपद पंचायत भैंसदेही में अटकी सड़क की फाइल* *कौड़िया पंचायत का कौड़ी गांव: शिक्षा के लिए जान जोखिम में डालने को मजबूर 35-40 छात्र-छात्राएं* भैंसदेही ग्राम पंचायत कौड़िया के ग्राम कौड़ी के 35 से 40 बच्चे और बच्चियां आज भी शिक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई के लिए इन बच्चों को रोजाना उफनती नदी, दुर्गम पहाड़ियों और कच्चे कीचड़ से भरे रास्ते से 4 किलोमीटर का सफर तय कर कौड़ी से कौड़िया जाना पड़ता है। *1 साल से अटका है प्रस्ताव* ग्रामवासियों ने बताया कि लगभग एक वर्ष पहले ही गांव से कौड़िया तक पुलिया और पक्की सड़क बनाने का प्रस्ताव जनपद पंचायत भैंसदेही में भेजा गया था। लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बरसात के दिनों में स्थिति और भी विकट हो जाती है। नदी उफान पर रहती है और रास्ता पूरी तरह कीचड़ से भर जाता है। इसके बावजूद बच्चे स्कूल जाने से पीछे नहीं हटते। *शिक्षा के लिए संघर्ष* कौड़ी गांव में 9वीं से 12वीं तक कोई स्कूल नहीं है। ऐसे में माध्यमिक और हाईस्कूल के छात्रों को रोजाना इस कठिन रास्ते से गुजरना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि कई बार बच्चे गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं, लेकिन मजबूरी में उन्हें भेजना पड़ता है। लड़कियों के लिए यह सफर और भी खतरनाक है। *क्या कहते हैं ग्रामीण* ग्रामीणों की मांग है कि शासन-प्रशासन जल्द से जल्द पुलिया और सड़क का निर्माण कराए ताकि बच्चों को सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंचने की सुविधा मिल सके। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसी दिन कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। *प्रशासन से अपील* अब देखना यह है कि जनपद पंचायत भैंसदेही में पेंडिंग पड़ा यह प्रस्ताव कब स्वीकृत होता है और कब कौड़ी गांव के बच्चों को शिक्षा के लिए सुरक्षित रास्ता मिल पाता है। *जवाबदार अधिकारी का क्या कहना,,* बीईओ संदीप राठौर ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद उन्होंने मौके का निरीक्षण किया है तथा समस्या के समाधान के लिए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं सीईओ जनपद पंचायत झलकन अहिरवार भैंसदेही ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। वे स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे और पुलिया एवं सड़क निर्माण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।3
- बोरदही पुलिस ने 10,000 के फरार आरोपी देवा उर्फ देवानंद इवने उमरी नवेगांव कों किया गिरफतार2