सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वालों को सुप्रीम कोर्ट से राहत! अब नहीं होगी सीधी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला अभिव्यक्ति की आजादी को मिली मजबूती मुंबई /पुणे: (आपकी जंग)सोशल मीडिया पर अपनी बात रखने वालों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि केवल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर लोगों पर सीधी कार्रवाई नहीं की जा सकती। जानकारी के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 66(ए) को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ मानते हुए कोर्ट ने इसे असंवैधानिक करार दिया। इस फैसले के बाद अब फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर अपनी राय रखने वाले आम नागरिकों को राहत मिलेगी। ⚠️ पहले क्या होता था? पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट या टिप्पणी करने पर पुलिस धारा 66(ए) के तहत सीधे कार्रवाई कर सकती थी। इससे कई बार आम लोगों की अभिव्यक्ति पर दबाव बनता था। ✅ अब क्या बदला? अब इस फैसले के बाद सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट को आधार बनाकर किसी के खिलाफ कार्रवाई करना आसान नहीं होगा। इससे नागरिकों के बोलने और अपनी बात रखने के अधिकार को मजबूती मिली है। 🗣️ विधि आयोग के सदस्य अंड. विजय सावंत के मुताबिक, यह निर्णय लोकतंत्र के लिए बेहद अहम है और इससे लोगों की आवाज को दबाया नहीं जा सकेगा। 💥 आपकी जंग का संदेश: यह फैसला हर उस नागरिक की जीत है जो सच बोलने का हौसला रखता है। अब डर नहीं, खुलकर अपनी बात रखिए — क्योंकि लोकतंत्र में आवाज दबाने की नहीं, सुनने की जरूरत है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वालों को सुप्रीम कोर्ट से राहत! अब नहीं होगी सीधी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला अभिव्यक्ति की आजादी को मिली मजबूती मुंबई /पुणे: (आपकी जंग)सोशल मीडिया पर अपनी बात रखने वालों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि केवल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर लोगों पर सीधी कार्रवाई नहीं की जा सकती। जानकारी के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 66(ए) को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ मानते हुए कोर्ट ने इसे असंवैधानिक करार दिया। इस फैसले के बाद अब फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर अपनी राय रखने वाले आम नागरिकों को राहत मिलेगी। ⚠️ पहले क्या होता था? पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट या टिप्पणी करने पर पुलिस धारा 66(ए) के तहत सीधे कार्रवाई कर सकती थी। इससे कई बार आम लोगों की अभिव्यक्ति पर दबाव बनता था। ✅ अब क्या बदला? अब इस फैसले के बाद सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट को आधार बनाकर किसी के खिलाफ कार्रवाई करना आसान नहीं होगा। इससे नागरिकों के बोलने और अपनी बात रखने के अधिकार को मजबूती मिली है। 🗣️ विधि आयोग के सदस्य अंड. विजय सावंत के मुताबिक, यह निर्णय लोकतंत्र के लिए बेहद अहम है और इससे लोगों की आवाज को दबाया नहीं जा सकेगा। 💥 आपकी जंग का संदेश: यह फैसला हर उस नागरिक की जीत है जो सच बोलने का हौसला रखता है। अब डर नहीं, खुलकर अपनी बात रखिए — क्योंकि लोकतंत्र में आवाज दबाने की नहीं, सुनने की जरूरत है।
- आपकी जंग मुंबई /महाराष्ट्र के पुणे में सोमवार को मौसम ने अचानक ऐसा करवट ली कि लोग दंग रह गए। तेज आंधी और बारिश के साथ हुई जबरदस्त ओलावृष्टि ने पूरे इलाके को सफेद चादर में बदल दिया। सड़कों, मैदानों और इमारतों के आसपास बर्फ जैसे ओले जमते नजर आए, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ ही मिनटों में मौसम साफ से खतरनाक हो गया। तेज हवाओं के साथ गिरते ओलों ने वाहनों, पेड़ों और खुले में खड़ी चीजों को नुकसान पहुंचाया। कई इलाकों में दृश्य ऐसा था मानो पहाड़ी इलाका हो, जहां हर तरफ बर्फ बिछी हो। मौसम विभाग ने पहले ही बदलाव के संकेत दिए थे, लेकिन इतनी तीव्र ओलावृष्टि ने सभी को चौंका दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते जलवायु पैटर्न के कारण ऐसे असामान्य मौसम अब ज्यादा देखने को मिल सकते हैं। आपकी जंग की जनता से अपील है कि सावधान रहें, सुरक्षित रहें — मौसम के इस बदलते मिजाज को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है!1
- গুরুংবস্তিতে নাবালিকার রহস্যমৃত্যু, চেন্নাই থেকে গ্রেফতার অভিযুক্ত দোষীর ফাঁসির দাবিতে পরিবার ও এলাকাবাসীর বিক্ষোভ #khabarsiliguri1
- Post by Panitanki Times1
- ভোটের মুখে টাকার ঘোষণা! আইন ভাঙছে কি প্রার্থী? কমিশনের নজরে, কটাক্ষে বিরোধীরা1
- বিধায়ক দেবে দুয়ারে পরিষেবা এই ইস্যুতেই ২৬এর নির্বাচনের ময়দানে তৃণমূল কংগ্রেস। ফাঁসিদেওয়া বিধানসভার তৃণমূল কংগ্রেস প্রার্থীকে জেতালে এবার দুয়ারে বিধায়কের পরিষেবা প্রদান করা হবে দলীয় কর্মসূচিতে দুয়ারে বিধায়ক ইস্যু নিয়ে ভোট প্রার্থনা করছে তৃণমূল। খড়িবাড়ির পানিট্যাঙ্কিতে এই ইস্যুতে ভোট প্রচারে ঘাসফুল শিবির। বিধানসভার কোর্ডিনেটর কাজল ঘোষের দাবি, বিজেপি বিধায়ক তার কোন কার্যালয় দেখেনি সাধারণ ভোটাররা।এমনকি তিনি ফোন অবধি ধরতেন না। এই জায়গায় দাঁড়িয়ে দুয়ারে রেশন এর মত মুখ্যমন্ত্রীর কর্মসূচি অঙ্গ হিসেবে দুয়ারে বিধায়ক করা হবে। ফাঁসিদেওয়া বিধানসভায় তৃণমূল কংগ্রেস প্রার্থী রিনা টোপ্পো এক্কাকে জয়ী হলে ফাঁসিদেওয়া ব্লক জুড়ে বিভিন্ন জায়গায় বিধায়ক কার্যালয় হবে। আর এখান থেকেই বিধায়ক সাধারণ ভোটারদের পরিসেবা দেবে। পাল্টা কটাক্ষ বিজেপি প্রার্থী দূর্গা মূর্মূর। তৃণমূলের চোখ কান কিছুই নেই। শুধু ভাঁওতাবাজি করে তারা। মানুষকে ভাওতাবাজি দিয়ে ভোট নেওয়ার চেষ্টা করছে তৃণমূল। ফের এই বিধানসভায় বিজেপি ক্ষমতায় আসবে। আমরা সাধারণ মানুষের সব ধরনের চেষ্টা করেছি। ১৫ বছর তৃণমূল সরকার চালানোর পর তাদের অফিস কোথায়। রিনা টোপ্পো এক্কা পঞ্চায়েত সমিতির সভাপতি হয়েও কোন কাজ করেননি। ৪ তারিখ রেজাল্ট তা পরিষ্কার করে দেবে।1
- বীজপুরে প্রচারের ময়দানে বিক্ষোভের মুখে বিজেপি প্রার্থী সুদীপ্ত দাস, এলাকায় উত্তেজনা1
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