हज यात्रा 2027 पर जाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है, जिसके अनुसार हज कमेटी ऑफ इंडिया ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। हज ट्रेनर एवं एडवोकेट तकिया अशरफ ने बताया कि हज के फॉर्म 22 जून 2026 से उपलब्ध करा दिए गए हैं और आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इस तरह इच्छुक लोगों के पास आवेदन करने के लिए लगभग 28 दिनों का समय है। आवेदन करने के लिए आवेदकों के पास कुछ आवश्यक दस्तावेज होने चाहिए, जिनमें ओरिजिनल पासपोर्ट, बैंक पासबुक या कैंसिल चेक, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एक चालू मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और ब्लड ग्रुप की जानकारी शामिल है। आवेदन प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से संभल के तेल मंडी स्थित मैंथा मार्केट में मरकज़ी मदरसा अहले सुन्नत अजमल उल उलूम में एक अधिकृत केंद्र स्थापित किया गया है। यह केंद्र हज कमेटी ऑफ उत्तर प्रदेश और जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित है, जहाँ निशुल्क मार्गदर्शन के साथ ऑनलाइन फॉर्म भरे जा रहे हैं। तकी अशरफ ने साइबर कैफे और जनसेवा केंद्र संचालकों से विशेष अपील की है कि वे हज कमेटी ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर ही आवेदन भरें, क्योंकि छोटी-छोटी गलतियों के कारण कई आवेदकों को बाद में लखनऊ और मुंबई तक के चक्कर लगाने पड़ते हैं। हज यात्रा से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए इच्छुक लोग हज ट्रेनर तकिया अशरफ, अब्दुल खालिक, हाजी नदीम और मोहम्मद अहमद रजा से संपर्क कर सकते हैं।
हज यात्रा 2027 पर जाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है, जिसके अनुसार हज कमेटी ऑफ इंडिया ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। हज ट्रेनर एवं एडवोकेट तकिया अशरफ ने बताया कि हज के फॉर्म 22 जून 2026 से उपलब्ध करा दिए गए हैं और आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इस तरह इच्छुक लोगों के पास आवेदन करने के लिए लगभग 28 दिनों का समय है। आवेदन करने के लिए आवेदकों के पास कुछ आवश्यक दस्तावेज होने चाहिए, जिनमें ओरिजिनल पासपोर्ट, बैंक पासबुक या कैंसिल चेक, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एक चालू मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और ब्लड ग्रुप की जानकारी शामिल है। आवेदन प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से
संभल के तेल मंडी स्थित मैंथा मार्केट में मरकज़ी मदरसा अहले सुन्नत अजमल उल उलूम में एक अधिकृत केंद्र स्थापित किया गया है। यह केंद्र हज कमेटी ऑफ उत्तर प्रदेश और जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित है, जहाँ निशुल्क मार्गदर्शन के साथ ऑनलाइन फॉर्म भरे जा रहे हैं। तकी अशरफ ने साइबर कैफे और जनसेवा केंद्र संचालकों से विशेष अपील की है कि वे हज कमेटी ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर ही आवेदन भरें, क्योंकि छोटी-छोटी गलतियों के कारण कई आवेदकों को बाद में लखनऊ और मुंबई तक के चक्कर लगाने पड़ते हैं। हज यात्रा से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए इच्छुक लोग हज ट्रेनर तकिया अशरफ, अब्दुल खालिक, हाजी नदीम और मोहम्मद अहमद रजा से संपर्क कर सकते हैं।
- समाजवादी पार्टी में 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम मुख्यमंत्री चेहरे की मांग जोर पकड़ती दिख रही है। संभल से समाजवादी पार्टी के जिला सचिव नवाब साद आदिल ने मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी द्वारा अखिलेश यादव को लिखे पत्र का समर्थन करते हुए कहा है कि मुसलमानों ने हमेशा सपा का साथ दिया है, इसलिए अब उन्हें पार्टी में नेतृत्व का अवसर मिलना चाहिए। नवाब साद आदिल ने मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी की उस मांग का समर्थन किया, जिसमें 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सपा की ओर से मुस्लिम मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने की बात कही गई है। उन्होंने तर्क दिया कि उत्तर प्रदेश में लगभग 22 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है, जिसने समाजवादी पार्टी का मजबूती से समर्थन किया है और मुलायम सिंह यादव, रामगोपाल यादव व अखिलेश यादव को सत्ता और संसद तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रही है। साद आदिल का कहना है कि जब मुस्लिम समाज लगातार पार्टी के साथ खड़ा रहा है, तो 2027 में मुख्यमंत्री पद के लिए मुस्लिम चेहरे को आगे लाने पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने भारतीय संविधान द्वारा सभी नागरिकों को दिए गए समान अधिकारों का हवाला देते हुए यह भी बताया कि देश में पहले भी मुस्लिम राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री रह चुके हैं। सपा नेता ने मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी की इस मांग को पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक बताते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।1
- जनपद संभल की चंदौसी तहसील क्षेत्र के फतेहपुर डाल गाँव में ग्रामीण पिछले चार दिनों से ट्रांसफॉर्मर के टूटे तार को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।1
- संभल में पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में अलमदार का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस संभल की सब्ज़ी मंडी के पास से होकर गुजरा।1
- अमरोहा के हसनपुर थाना क्षेत्र के गांव देहरी गुर्जर में महीनों से मुख्य मार्ग पर जारी जलभराव ने विकास के दावों की पोल खोल दी है, जिससे ग्रामीणों का घर से निकलना तक दूभर हो गया है। आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार शिकायत के बावजूद इस गंभीर समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया है। स्थिति इतनी बदतर है कि कुछ दिनों पहले एक महिला की अंतिम यात्रा भी घुटनों तक भरे गंदे पानी से होकर निकाली गई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। समस्या से बेहाल ग्रामीणों ने अब प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन में गुड्डू सिंह, सोनू सागर, कोशिंदर सागर, विनोद गुप्ता, बबली त्यागी, राजेश सिंह, रोबिन त्यागी, प्रदीप और प्रमोद सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। उन्होंने प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। अब यह देखना होगा कि वायरल वीडियो और ग्रामीणों के इस प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन तथा संबंधित विभाग कब तक इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर ग्रामीणों को राहत प्रदान करता है, या फिर देहरी गुर्जर के ग्रामीणों को इसी तरह जलभराव के बीच अपनी जिंदगी गुजारने के लिए मजबूर रहना पड़ेगा। यह स्थिति 'हसनपुर के देहरी गुर्जर में जलभराव से बेहाल, जिम्मेदार बेखबर' के हालात को दर्शाती है।3
- जयपुर के पशुपालकों ने केंद्र सरकार के लिए दूध के नए संस्करण M20, M50 और M100 जारी किए हैं। यह कदम पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट को लेकर उनकी नाराजगी के विरोध में उठाया गया है। पशुपालकों ने स्पष्ट किया है कि जिस तरह केंद्र सरकार ने इथेनॉल की मिलावट के साथ पेट्रोल के विभिन्न वर्जन बनाए हैं, उसी तर्ज पर उन्होंने भी केंद्र सरकार के लिए पानी मिलाकर दूध के ये नए वर्जन तैयार किए हैं।1
- अमरोहा के गजरौला क्षेत्र में दबंगई का एक मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर कुछ युवकों ने एक युवक के साथ मारपीट की और उसे जबरन ई-रिक्शा में बैठाकर अपने साथ ले गए। यह घटना गजरौला के चौपला चौराहे पर दिल्ली रोड स्थित ताज चिकन कॉर्नर के पास रात करीब 9 बजकर 08 मिनट की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ई-रिक्शा में सवार तीन युवकों ने वहाँ मौजूद एक युवक को पीटना शुरू किया और फिर उसे बलपूर्वक ई-रिक्शा में बैठाकर अपने साथ ले गए। पीड़ित युवक तिगरिया गाँव का निवासी बताया जा रहा है। इस वारदात का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया है। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत फैल गई है और स्थानीय लोग पीड़ित युवक की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। हालाँकि, वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, और पुलिस की ओर से भी इस मामले में फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।1
- अमरोहा जनपद के आदमपुर थाना क्षेत्र के कस्बा ढवारसी में असलम पुत्र शरीफ, जो स्वयं को बुलंद मंज़िल का पत्रकार बताता है, पर एक दूध कारोबारी से ₹50,000 की रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप लगा है। बताया गया है कि उसने अपने तीन साथियों जितेंद्र, महिपाल और सतपाल के साथ मिलकर यह रंगदारी मांगी थी। इस मामले में पीड़ित दूध कारोबारी ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने तथाकथित पत्रकार असलम सैफी और उसके साथियों जितेंद्र, महिपाल, सतपाल के खिलाफ ₹50,000 की रंगदारी मांगने की शिकायत दर्ज कर ली है।2
- सम्भल जिले में प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक महिला के निधन के लगभग डेढ़ माह बाद उसका शव कब्र से निकलवाकर दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। यह कदम मृतका के मायके पक्ष की निरंतर मांग और जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेश के बाद उठाया गया। जानकारी के अनुसार, जफीर की पत्नी महताब की मृत्यु 11 मई 2026 को हुई थी। उस समय स्थानीय पुलिस ने आवश्यक पंचनामा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया था और बिसरा भी सुरक्षित रखवाया गया था। पहले पोस्टमार्टम के बाद महताब के शव को थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के कस्बा सिरसी में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया था। हालांकि, मृतका का मायके पक्ष पहले हुए पोस्टमार्टम से संतुष्ट नहीं था, उनका आरोप था कि महिला की मौत के कारणों की सही और निष्पक्ष जांच नहीं हुई है। इसी असंतोष के चलते उन्होंने जिलाधिकारी सम्भल से शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की गुहार लगाई थी। जिलाधिकारी के आदेश के बाद, सोमवार को नायब तहसीलदार सम्भल दीपक कुमार जुरैल की निगरानी में चिकित्सकों और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक विशेष टीम कब्रिस्तान पहुँची। टीम ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए, लगभग एक घंटे की कार्रवाई के बाद, महताब के शव को कब्र से बाहर निकाला। इसके उपरांत, शव को सीलबंद कर दोबारा पोस्टमार्टम के लिए बहजोई स्थित मोर्चरी भेज दिया गया। अब सभी की निगाहें इस दूसरे पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे महिला की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की उम्मीद की जा रही है।1