राजधानी लखनऊ के चिनहट इलाके में स्थित ललोई पावर हाउस पर शनिवार को स्थानीय ग्रामीणों ने घंटों की अघोषित बिजली कटौती से परेशान होकर जमकर हंगामा किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने पावर हाउस परिसर में प्रवेश कर विरोध-प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। चिनहट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से बिजली की भारी किल्लत बनी हुई है, जिससे भीषण गर्मी के बीच बार-बार बिजली कटने से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें लगातार अघोषित बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और उमस से बच्चों और बुजुर्गों का बुरा हाल है, और शिकायत करने पर भी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी फोन नहीं उठाते या टालमटोल करते हैं। शनिवार को भी जब अचानक बिजली गुल हुई और घंटों तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण ललोई पावर हाउस पहुंचे और वहां तैनात कर्मचारियों से जवाब-तलब करने लगे। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी, जिसके बाद पावर हाउस के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि तकनीकी खराबी को जल्द से जल्द ठीक करके बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। फिलहाल, पावर हाउस पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, ग्रामीण प्रशासन को चेतावनी देते हुए कह रहे हैं कि यदि बिजली की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो वे एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
राजधानी लखनऊ के चिनहट इलाके में स्थित ललोई पावर हाउस पर शनिवार को स्थानीय ग्रामीणों ने घंटों की अघोषित बिजली कटौती से परेशान होकर जमकर हंगामा किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने पावर हाउस परिसर में प्रवेश कर विरोध-प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। चिनहट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से बिजली की भारी किल्लत बनी हुई है, जिससे भीषण गर्मी के बीच बार-बार बिजली कटने से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें लगातार अघोषित बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और उमस से बच्चों और बुजुर्गों का बुरा हाल है, और शिकायत करने पर भी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी फोन नहीं उठाते या टालमटोल करते हैं। शनिवार को भी जब अचानक बिजली गुल हुई और घंटों तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण ललोई पावर हाउस पहुंचे और वहां तैनात कर्मचारियों से जवाब-तलब करने लगे। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी, जिसके बाद पावर हाउस के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि तकनीकी खराबी को जल्द से जल्द ठीक करके बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। फिलहाल, पावर हाउस पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, ग्रामीण प्रशासन को चेतावनी देते हुए कह रहे हैं कि यदि बिजली की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो वे एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
- सूरत के संदर्भ में एक 'निराली बात' सामने आई है, जिसमें मोदी जी का उल्लेख करते हुए यह कहा गया है कि भारतीय सुंदर होती हैं।1
- राजधानी लखनऊ में 'ट्रॉमा का ड्रामा' लगातार जारी है, जहाँ दुबग्गा से काकोरी और दुबग्गा से पारा तक के कई अस्पतालों तथा नर्सिंग होम पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इन चिकित्सा संस्थानों पर नियमों के खुलेआम उल्लंघन के आरोप लगे हैं, जिनमें कुछ नर्सिंग होम तो बिना पंजीकरण के ही संचालित होने का दावा किया जा रहा है। मामले में फायर NOC को लेकर भी गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं, और कई संस्थानों में फायर एग्जिट की व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की गई है। एक अग्निकांड के बाद भी इन अस्पतालों की स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही है, साथ ही यह आरोप भी लग रहा है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। शिकायतें मिली हैं कि कई अस्पताल बेसमेंट में चल रहे हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं और सुरक्षा मानकों के पालन पर भी प्रश्नचिह्न लगता है। इन सभी अनियमितताओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। निरीक्षण व्यवस्था में खामियों को लेकर भी गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई हैं, और जिम्मेदार अधिकारियों से इस संबंध में जवाब की मांग की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन न होने पर भी सवाल उठ रहे हैं, और मांग की गई है कि नियम तोड़ने वाले सभी संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।1
- बाराबंकी के विकास खंड मसौली स्थित ग्राम पंचायत दादरा में 'मेरा युवा भारत' संगठन द्वारा 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान युवा मंडल अध्यक्ष अरुण वर्मा और उनके सदस्यों ने गांव में एक नशा मुक्त युवा रैली निकाली। इस रैली में "नशा छोड़ो, जीवन से नाता जोड़ो" और "नशे की लत एक बीमारी है, इससे दूर रहना समझदारी है" जैसे विभिन्न नारों के माध्यम से युवाओं और ग्रामीणों को जागरूक करने का प्रयास किया गया, साथ ही युवाओं को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आंगनबाड़ी सरिता देवी वर्मा जी ने युवाओं को नशे से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। आशा निर्मला देवी जी ने सभी युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की, जबकि आशा दयावती पाल जी ने युवाओं को 'मेरा युवा भारत' के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेकर विकसित भारत के निर्माण में अपना सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक, विकास खंड मसौली के राम रूप वर्मा ने किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में युवा मंडल अध्यक्ष दादरा अरुण वर्मा, युवती मंडल अध्यक्ष इचौलिया रजनी देवी, सदस्य सत्येंद्र कुमार, अंश कश्यप, कृष्ण कश्यप, सालवी, पारुल, गुंजा देवी, अफसाना, हर्ष चौधरी, अमन, शिवा वर्मा, राजीव गौतम, अनिकेत, बादल कुमार, आशुतोष आनंद, हर्षित कुमार, शुभम यादव, अंकित कुमार, ललित सिंह, ओम कश्यप सहित अन्य गणमान्य सदस्य और युवा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' के लक्ष्य के तहत एक रैली और शपथ ग्रहण समारोह के रूप में आयोजित किया गया था।1
- बाराबंकी के बड्डूपुर थाना क्षेत्र में लखनऊ-महमूदाबाद राज्य मार्ग पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक पिता और उनके तीन वर्षीय बेटे की जान चली गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह भीषण टक्कर शनिवार शाम धधरा भट्ठा के पास एक कार और मोटरसाइकिल के बीच हुई। ग्राम गोडैचा निवासी मुकेश अपनी पत्नी पूजा और तीन वर्षीय बेटे के साथ मोटरसाइकिल से कहीं जा रहे थे, तभी बड्डूपुर थाना क्षेत्र के धधरा भट्ठा के पास सामने से आ रही फ्रोंक्स कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मोटरसाइकिल पर सवार तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघटेर पहुँचाया। प्राथमिक उपचार के बाद, उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने तीनों को लखनऊ मेडिकल कॉलेज (ट्रॉमा सेंटर) रेफर कर दिया। इलाज के दौरान, रविवार दोपहर मुकेश और उनके तीन वर्षीय बेटे ने दम तोड़ दिया। वहीं, उनकी पत्नी पूजा का इलाज अभी भी ट्रॉमा सेंटर में जारी है, जहाँ उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही बड्डूपुर पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि दुर्घटना में शामिल फ्रोंक्स कार की पहचान कर ली गई है और मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- सोशल मीडिया पर एक गीत के बारे में जानकारी माँगी जा रही है, जो देश को एक विशेष संदेश देना चाहता है। पोस्ट में लोगों से पूछा गया है कि क्या उन्हें इस गीत के संदेश के बारे में पता है और इसे गाने वाली कलाकार का नाम क्या है। उपयोगकर्ताओं से अपील की गई है कि यदि उनके पास यह जानकारी है, तो वे वीडियो को साझा करें।1
- बाराबंकी जनपद के रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के एक गाँव में राजस्व विभाग ने अवैध खनन और परिवहन में शामिल दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त करने की कार्यवाही की है।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की हैदरगढ़ तहसील के त्रिवेदीगंज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कटआउट खंभों पर लगाए गए हैं। इन कटआउट में दोनों नेताओं के मुंह पर टेप लगा हुआ दिखाया गया है। इन कटआउट के साथ कांग्रेस नेता जयंत गौतम की तस्वीर भी मौजूद है। जयंत गौतम कांग्रेस पार्टी के नेता हैं और हैदरगढ़ से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। खंभों पर लगे इन कटआउट में पेपर लीक और राम मंदिर में चंदा मामले से संबंधित नारे भी लिखे गए हैं, जिससे इन मुद्दों को लेकर उठाई गई आपत्तियों को उजागर किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शनिवार शाम एक निर्माणाधीन बिल्डिंग की शटरिंग ढह जाने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह हादसा हैदरगढ़ क्षेत्र में लखनऊ-बनारस हाईवे पर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय के सामने बन रही एक इमारत में हुआ, जब लगभग 28 से 29 मजदूर स्लैब डालने का काम कर रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत दल मौके पर पहुंचे। बचाव टीमों ने करीब डेढ़ घंटे तक मशक्कत करते हुए 8 मजदूरों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें से तीन गंभीर रूप से घायल मजदूरों को सीएचसी हैदरगढ़ में भर्ती कराया गया है। दुर्घटना स्थल पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे। बताया गया कि शनिवार शाम करीब 7:00 बजे 2000 स्क्वायर फीट के क्षेत्र में स्लैब डालने का काम चल रहा था। स्लैब तैयार करने के लिए लगाई गई शटरिंग पर निर्माण सामग्री रखने के दौरान अचानक अधिक भार पड़ने से करीब 90 फीट लंबी और 30 फीट चौड़ी स्लैब भरभरा कर नीचे गिर गई। यह बिल्डिंग लखनऊ के एक निवासी की बताई जा रही है।1