बारां जिले के छीपाबड़ौद उपखंड क्षेत्र के ढोलम पंचायत के सुल्तानपुरा निवासी सतीश नामक युवक का शव 16 जून को राईं की घाटी में एक पेड़ से लटका मिला था। परिजनों और समाज बंधुओं ने इसे हत्या बताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। अखिल भारतीय प्रजापति कुम्भकार महासंघ के जिलाध्यक्ष ईश्वर प्रजापति के नेतृत्व में मृतक के पिता और समाज के पदाधिकारियों ने इस संबंध में उपखंड अधिकारी और छीपाबड़ौद थानाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। महासंघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष देवकिशन प्रजापति ने बताया कि मृतक के पिता हेमराज कुम्हार के अनुसार, सतीश दोपहर करीब 12 बजे पानी-पताशी बनाने के लिए लकड़ी लेने अपनी मोटरसाइकिल से छीपाबड़ौद गया था। जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटा, तो उसकी तलाश की गई। शाम को राईं के जंगल में बकरी चराने वालों ने पेड़ से लटके शव की सूचना गांव में दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पेड़ से उतारा। परिजनों को दृढ़ आशंका है कि सतीश की जानबूझकर हत्या करने के बाद उसके शव को पेड़ से लटकाया गया था। परिजनों ने ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। उन्होंने मांग की है कि मृत्यु के दो दिन पहले से लेकर मृत्यु के समय तक सतीश के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड के आधार पर जिन भी व्यक्तियों या महिलाओं से उसकी बात हुई, उनसे थाने बुलाकर कड़ी पूछताछ की जाए। साथ ही, मृतक के मोबाइल की अंतिम टावर लोकेशन का पूरा विवरण निकालकर उस क्षेत्र की विस्तृत जांच की जाए। इसके अलावा, परिजनों ने यह भी जानने की मांग की है कि सतीश ने अपने मोबाइल से सबसे अधिक समय किस व्यक्ति या महिला से बात की थी। उन्होंने मोटरसाइकिल के पास मिली बोतलों में मौजूद पदार्थ की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है। परिजनों ने जोर देकर कहा कि सीबीआई जांच के माध्यम से ही सही मुल्जिम का पता चल पाएगा। इस दौरान बाबूलाल, मुकेश, सोहन पेंटर, भगवान, महावीर, राजेंद्र, महेश, धीरज, चंद्रमोहन प्रजापति, गिरिराज, डॉ. अरविंद माथोड़िया, ओमप्रकाश, गिर्राज नागर, पप्पू अध्यापक सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
बारां जिले के छीपाबड़ौद उपखंड क्षेत्र के ढोलम पंचायत के सुल्तानपुरा निवासी सतीश नामक युवक का शव 16 जून को राईं की घाटी में एक पेड़ से लटका मिला था। परिजनों और समाज बंधुओं ने इसे हत्या बताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। अखिल भारतीय प्रजापति कुम्भकार महासंघ के जिलाध्यक्ष ईश्वर प्रजापति के नेतृत्व में मृतक के पिता और समाज के पदाधिकारियों ने इस संबंध में उपखंड अधिकारी और छीपाबड़ौद थानाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। महासंघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष देवकिशन प्रजापति ने बताया कि मृतक के पिता हेमराज कुम्हार के अनुसार, सतीश दोपहर करीब 12 बजे पानी-पताशी बनाने के लिए लकड़ी लेने अपनी मोटरसाइकिल से छीपाबड़ौद गया
था। जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटा, तो उसकी तलाश की गई। शाम को राईं के जंगल में बकरी चराने वालों ने पेड़ से लटके शव की सूचना गांव में दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पेड़ से उतारा। परिजनों को दृढ़ आशंका है कि सतीश की जानबूझकर हत्या करने के बाद उसके शव को पेड़ से लटकाया गया था। परिजनों ने ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। उन्होंने मांग की है कि मृत्यु के दो दिन पहले से लेकर मृत्यु के समय तक सतीश के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड के आधार पर जिन भी व्यक्तियों या महिलाओं से उसकी बात हुई, उनसे थाने बुलाकर कड़ी पूछताछ की जाए।
साथ ही, मृतक के मोबाइल की अंतिम टावर लोकेशन का पूरा विवरण निकालकर उस क्षेत्र की विस्तृत जांच की जाए। इसके अलावा, परिजनों ने यह भी जानने की मांग की है कि सतीश ने अपने मोबाइल से सबसे अधिक समय किस व्यक्ति या महिला से बात की थी। उन्होंने मोटरसाइकिल के पास मिली बोतलों में मौजूद पदार्थ की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है। परिजनों ने जोर देकर कहा कि सीबीआई जांच के माध्यम से ही सही मुल्जिम का पता चल पाएगा। इस दौरान बाबूलाल, मुकेश, सोहन पेंटर, भगवान, महावीर, राजेंद्र, महेश, धीरज, चंद्रमोहन प्रजापति, गिरिराज, डॉ. अरविंद माथोड़िया, ओमप्रकाश, गिर्राज नागर, पप्पू अध्यापक सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
- यह पोस्ट कपालभाति प्राणायाम के बारे में है।1
- छीपाबड़ौद में निर्जल एकादशी के पावन अवसर पर धर्म दान का आयोजन किया गया। इस दौरान भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों को दूध और शरबत पिलाया गया, जिससे उन्हें गर्मी से राहत मिली।1
- शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में अवैध खनन रोकने पहुंचे तहसीलदार सचिन भार्गव को गोली मारने की कथित धमकी देने का मामला अब गर्मा गया है। यह घटना 25 जून को हुई, जब तहसीलदार भार्गव अपनी राजस्व एवं प्रशासनिक टीम के साथ क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतों की जांच और कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया, और मौके पर हुए विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति कथित तौर पर तहसीलदार को धमकी देता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसमें उससे कार्रवाई बंद करने या गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही गई है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आए और मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, धमकी देने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत तीन आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। बताया गया है कि इन आरोपियों में एक ही परिवार के दादा, बेटे और पोते को नामजद किया गया है। पुलिस वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत जांच कर रही है, और प्रशासन का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद, जिला प्रशासन ने सख्त संदेश देते हुए मुख्य आरोपी के अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई भी की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और सरकारी अधिकारियों को धमकाने जैसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है, इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र पर सीधा हमला बताया है। इस घटनाक्रम ने जिले में अवैध खनन के नेटवर्क और उससे जुड़े प्रभावशाली लोगों की भूमिका को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है, और प्रशासन ने संकेत दिया है कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा।2
- झालावाड़ में हज़रत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मुस्लिम समुदाय द्वारा मातमी त्यौहार मुहर्रम मनाया गया। इस अवसर पर जिला मुख्यालय झालावाड़ और झालरापाटन शहर में दर्जनों की संख्या में ताजिए निकाले गए, जिन्हें देखने के लिए लोगों का भारी हुजूम उमड़ा। त्योहार के दौरान पूरे जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किए। शहर के विभिन्न इलाकों से निकले ये ताजिए बड़ा बाजार स्थित सीमेंट रोड पर पहुंचे, जहाँ मातमी धुन पर लोगों ने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने ताजियों के नीचे से गुजरकर मन्नतें मांगी और अपनी अकीदत के फूल पेश किए। दोपहर बाद, कड़ी सुरक्षा के बीच, सभी ताजिए कतारबद्ध होकर कर्बला के लिए रवाना किए गए, जहाँ देर रात उन्हें ठंडा किया जाएगा। कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मुहर्रम के दौरान डीएसपी और एसएचओ सहित लगभग 300 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया गया था। पूरे मार्ग की निगरानी ड्रोन के माध्यम से की जा रही थी, और नदी किनारे एसडीआरएफ की टीम भी तैनात की गई थी। इसके अतिरिक्त, हर एक ताजिए के साथ एक पुलिस जवान को लगाया गया था। किसी भी विद्युत-संबंधी हादसे से बचाव के लिए पूरे मार्ग की विद्युत आपूर्ति भी बंद करवा दी गई थी।4
- दुनिया में जब भी शहादत की बात होती है, कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन की शहादत को हमेशा याद किया जाता है। उन्हीं की याद में हर साल मोहर्रम के जुलूस निकाले जाते हैं, जो इमाम हुसैन की शहादत को स्मरण कराते हैं कि कैसे यज़ीद के सामने डटकर मुकाबला किया गया। इसी कड़ी में किशनगंज में भी इमाम हुसैन की याद में मोहर्रम का जुलूस निकाला गया।1
- झालावाड़ जिले में एक नाली का निर्माण कई सालों से नहीं हो पाया है, जिसके कारण आम लोगों को निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने इस समस्या को लेकर सरपंच को कई बार अवगत कराया है, लेकिन नाली बनवाने के संबंध में अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।1
- उपलब्ध जानकारी में 'ध्यान प्राणायाम' का उल्लेख किया गया है।1
- किसानों को खाद्य सामग्री लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जहाँ उन्हें एक कट्टे खाद्य के साथ एक अटैचमेंट भी लेना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण किसान विवश महसूस कर रहे हैं।1
- गुना शहर के एबी रोड स्थित श्रीराम फाइनेंस कार्यालय में गुरुवार को एक कर्मचारी सचिन सेन की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। 30 वर्षीय सचिन की मौत बिल्डिंग से गिरने के बाद जिला अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। इस घटना के बाद मृतक के परिवार ने कंपनी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के भाई मनीष सेन ने बताया कि सचिन पिछले करीब दो वर्षों से श्रीराम फाइनेंस कंपनी में कार्यरत था। परिवार के अनुसार, सचिन ने उन्हें ग्वालियर में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का हवाला दिया था और पिछले तीन दिनों से वह घर नहीं आया था, हालांकि वह फोन पर संपर्क में था और हर बार यही कहता रहा कि वह वरिष्ठ अधिकारियों के साथ है। परिवार ने आरोप लगाया है कि कंपनी के कुछ अधिकारी और कर्मचारी सचिन पर पैसों को लेकर लगातार दबाव बना रहे थे, और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर किसी भी तरह पैसे की व्यवस्था करने को कहा जा रहा था। परिजनों का दावा है कि सचिन ने फोन पर बताया था कि उसे कार्यालय में रोका गया है और घर नहीं जाने दिया जा रहा। मनीष सेन के अनुसार, घटना से कुछ समय पहले सचिन बातचीत के दौरान घबराया हुआ लग रहा था। इसके बाद अचानक उनके बिल्डिंग से गिरने की सूचना मिली। परिवार ने आशंका जताई है कि सचिन या तो प्रताड़ना से परेशान होकर जान बचाने के लिए वहां से निकलने की कोशिश कर रहा था, या उसके साथ कोई अप्रिय घटना हुई है। परिजनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सचिन सेन अपने पीछे पत्नी और तीन वर्षीय बेटे को छोड़ गए हैं, और घटना के बाद से परिवार में शोक तथा आक्रोश का माहौल है। बड़ी संख्या में परिजन और परिचित अस्पताल पहुंचे। पुलिस के पक्ष में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ने बताया कि सचिन सेन नामक युवक को बिल्डिंग से गिरने के बाद जिला अस्पताल लाया गया था, जहां उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी गहनता से छानबीन की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस घटनास्थल, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोगों से पूछताछ सहित सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।3