बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन: ब्रेन ट्यूमर से जिंदगी की जंग हारे, बलिया से दिल्ली तक शोक की लहर लखनऊ/बलिया। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा में पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार देर रात दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से ब्रेन ट्यूमर से जूझ रहे थे और पिछले कई महीनों से उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन से बसपा को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। रसड़ा (बलिया) विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक रहे उमाशंकर सिंह अपने क्षेत्र में मजबूत जनाधार और संगठनात्मक पकड़ के लिए जाने जाते थे। 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा की ओर से जीतकर वे विधानसभा में पार्टी के एकमात्र विधायक बने थे। मायावती ने जताया गहरा शोक बसपा सुप्रीमो मायावती ने उमाशंकर सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। आज अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब गुरुवार को उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके पैतृक क्षेत्र लाया गया, जहां हजारों समर्थकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। बीमारी के बावजूद सक्रिय रहे उमाशंकर सिंह पिछले काफी समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इसी दौरान उनके विभिन्न ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई भी हुई थी, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों से खुद को पूरी तरह अलग नहीं किया। बसपा के सामने नई चुनौती उमाशंकर सिंह के निधन के साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा का प्रतिनिधित्व समाप्त हो गया है। ऐसे समय में, जब पार्टी पहले से ही अपने जनाधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, यह घटना बसपा के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों दृष्टि से बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन: ब्रेन ट्यूमर से जिंदगी की जंग हारे, बलिया से दिल्ली तक शोक की लहर लखनऊ/बलिया। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा में पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार देर रात दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से ब्रेन ट्यूमर से जूझ रहे थे और पिछले कई महीनों से उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन से बसपा को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। रसड़ा (बलिया) विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक रहे उमाशंकर सिंह अपने क्षेत्र में मजबूत जनाधार और संगठनात्मक पकड़ के लिए जाने जाते थे। 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा की ओर से जीतकर वे विधानसभा में पार्टी के एकमात्र विधायक बने थे। मायावती ने जताया गहरा शोक बसपा सुप्रीमो मायावती ने उमाशंकर सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। आज अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब गुरुवार को उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके पैतृक क्षेत्र लाया गया, जहां हजारों समर्थकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। बीमारी के बावजूद सक्रिय रहे उमाशंकर सिंह पिछले काफी समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इसी दौरान उनके विभिन्न ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई भी हुई थी, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों से खुद को पूरी तरह अलग नहीं किया। बसपा के सामने नई चुनौती उमाशंकर सिंह के निधन के साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा का प्रतिनिधित्व समाप्त हो गया है। ऐसे समय में, जब पार्टी पहले से ही अपने जनाधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, यह घटना बसपा के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों दृष्टि से बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
- 5 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंसर पटवारी द्वारा दिया ज्ञापन1
- 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन ने शुरू किया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान जोधपुर, 06 अगस्त 2026। 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन, जोधपुर मंडल द्वारा राष्ट्रव्यापी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत कैरेज एंड वैगन डिपो, एस एंड टी विभाग, इलेक्ट्रिक पावर विभाग तथा रेलवे अस्पताल में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय ध्वज वितरित किए गए। इस अवसर पर यूनियन पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के जयघोष लगाते हुए कर्मचारियों में देशभक्ति एवं राष्ट्रप्रेम की भावना का संचार किया। तिरंगा वितरण कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों में विशेष उत्साह एवं देशभक्ति का वातावरण देखने को मिला। मंडल सचिव मनोज कुमार परिहार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 15 अगस्त 2026 को देश 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। उन्होंने सभी देशवासियों से अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराकर राष्ट्रीय पर्व को गरिमा एवं उत्साह के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि यूनियन द्वारा तिरंगा वितरण अभियान लगातार पाँच दिनों तक चलाया जाएगा, जिसके तहत मंडल के विभिन्न कार्यालयों एवं विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय ध्वज वितरित किए जाएंगे। तिरंगा वितरण कार्यक्रम में मदनलाल बैरवा, बन्ने सिंह, अशोक सिंह मेडतिया, परमानन्द गुर्जर, मोहम्मद आबीद, अमिता जैकब, राजेन्द्र सिंह , विक्रम सिंह गोड़ सहित यूनियन के अनेक पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई1
- *शिव भक्तों पर आपत्तिजनक टिप्पणी से ब्रजभूमि के संतों में आक्रोश* *संतों ने प्रशासन से मौलाना के खिलाफ कार्रवाई की मांग की* *वृन्दावन/मथुरा, 6 अगस्त 2026:* एक मौलाना के कथित बयान के बाद ब्रजभूमि के संतों और सनातनी हिंदुओं में भारी नाराजगी है। मौलाना ने अपने बयान में कांवड़ यात्रा करने वाले शिव भक्तों को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि "जो शराब, भांग, गांजा आदि का सेवन करते हैं और कानून तोड़ते हैं, वे सच्चे शिव भक्त नहीं हो सकते"। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए *श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज* ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी से करोड़ों शिव भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि "कांवड़ एक पवित्र धार्मिक यात्रा है। कुछ लोगों के गलत आचरण के कारण पूरे समाज को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।" ब्रजभूमि के अन्य संतों ने भी इस बयान की निंदा की है और प्रशासन से मांग की है कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले बयानों पर सख्त कार्रवाई हो। संतों का कहना है कि सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए और धार्मिक यात्राओं पर किसी प्रकार की अभद्र टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। संतों ने जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया है कि मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए ताकि ब्रज क्षेत्र में शांति बनी रहे। *शिव भक्तों पर आपत्तिजनक टिप्पणी से ब्रजभूमि के संतों में आक्रोश* *संतों ने प्रशासन से मौलाना के खिलाफ कार्रवाई की मांग की* *वृन्दावन/मथुरा, 6 अगस्त 2026:* एक मौलाना के कथित बयान के बाद ब्रजभूमि के संतों और सनातनी हिंदुओं में भारी नाराजगी है। मौलाना ने अपने बयान में कांवड़ यात्रा करने वाले शिव भक्तों को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि "जो शराब, भांग, गांजा आदि का सेवन करते हैं और कानून तोड़ते हैं, वे सच्चे शिव भक्त नहीं हो सकते"। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए *श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज* ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी से करोड़ों शिव भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि "कांवड़ एक पवित्र धार्मिक यात्रा है। कुछ लोगों के गलत आचरण के कारण पूरे समाज को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।" ब्रजभूमि के अन्य संतों ने भी इस बयान की निंदा की है और प्रशासन से मांग की है कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले बयानों पर सख्त कार्रवाई हो। संतों का कहना है कि सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए और धार्मिक यात्राओं पर किसी प्रकार की अभद्र टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। संतों ने जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया है कि मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए ताकि ब्रज क्षेत्र में शांति बनी रहे।3
- सैंपऊ तहसील कार्यालय में एसीबी की बड़ी कार्रवाई लोगों में मची अफरा तफरी1
- रिसाव, कई गांवों पर मंडराया खतरा ब्रेकिंग: रिछोहा बांध से जमीन के नीचे रिसाव, खेतों में घुसा पानी, फसलें संकट में आगरा के जगनेर में बांध से रिसाव, मिर्च-टमाटर और बाजरे की फसल पर बड़ा खतरा जगनेर में बांध का रिसाव बना चिंता का विषय, आगरा: जगनेर के रिछोहा बांध में रिसाव, कई गांवों पर मंडराया खतरा ब्रेकिंग: रिछोहा बांध से जमीन के नीचे रिसाव, खेतों में घुसा पानी, फसलें संकट में आगरा के जगनेर में बांध से रिसाव, मिर्च-टमाटर और बाजरे की फसल पर बड़ा खतरा जगनेर में बांध का रिसाव बना चिंता का विषय, सिंचाई विभाग युद्धस्तर पर जुटा आगरा अलर्ट: रिछोहा बांध में रिसाव से कई गांवों में दहशत, राहत कार्य जारी रिछोहा बांध में रिसाव से खेत जलमग्न, प्रशासन और सिंचाई विभाग मौके पर Agra Breaking: जगनेर के रिछोहा बांध से रिसाव, गांवों और किसानों पर बढ़ा संकट1