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पुनासा / मुंदी में अचानक मौसम का बदला मिजाज झमाझम बारिश से सड़के हुई तरबतर
Shahrukh mansuri
पुनासा / मुंदी में अचानक मौसम का बदला मिजाज झमाझम बारिश से सड़के हुई तरबतर
More news from Madhya Pradesh and nearby areas
- इंदौर के हीरा नगर में 5 महीने की मासूम मानवी की बिस्तर से गिरकर मौत की घटना ने माता-पिता के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। सोते समय करवट लेने से पलंग से पक्के फर्श पर गिरने के कारण, बच्ची के सिर में गंभीर चोट लगी और 5 दिन के इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया।1
- Post by PM NEWS1
- बदनावर में जनगणना 2027 के तहत पहले चरण में मकानों की गणना और परिवारों से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में जनसंख्या से संबंधित विस्तृत आंकड़े जुटाए जाएंगे।1
- अचार की केरी की भरपूर आवक हो रही है वही लिंबू भी किसी से काम नहीं गिर रहा है इन्दौर देवी अहिल्या सब्जी मंडी मे थोक केरी खरीद रहे आचार कंपनी के लोग डिलाशन वाले विजयवर्गीय वाले मित्तल आचार वाले इंदौर के बड़े अचार वालों की खरीदी चालू हो गई है आसपास के 50 गांव से लोकल केरी आ रही है सबसे ज्यादा केरी बुरहानपुर से लगे गांव की आ रही है सबसे बड़े केरी के आडतीया फारूक राईन उमर चौधरी नज्जू चौधरी रईस भाई और अन्य लोगों के यहां भी केरी आ रही है केरी के थोक भाव है 20 से लगाकर 30 / 40 झंलवझववरुपए तक थोक भाव में बिक रही है अचार का गोंदा भी बहुत अच्छा आ रहा है 30 40 और ₹50 किलो बिक रहा है अभी तो आ रही है केरी और हम पानी गिरने के बाद अचार डालते हैं आम का क्योंकि उसे उसमें गुटली आ जाती है अचार के मामले में महाराष्ट्रीयन लोग सबसे आगे वह अचार डाल लेते हैं और मुरबा भी डाल लेते हैं और हम अचार डालने के लिए पानी का इंतजार करते हैं अभी इस वक्त केरी के भाव भी काम है पानी गिरने के बाद वही केरी 50 से ₹100 किलो हो जाती है मौका अच्छा है आचार डाल लेना चाहिए स्कूल खुलने के पहले आचार डाल जाए तो बच्चों के बैग में आचार चला जाएगा //सलीम चौधरी की मीडिया रिपोर्ट प्रिंट मीडिया एवं डिजिटल मीडिया के लिए1
- Post by Aarti Raikwar1
- एंकर / इंदौर। शहर में आपने श्वानो से परेशान होकर कोई उन्हें डंडों से मारता है तो कोई उन्हें गाड़ी के नीचे कुचल दैता है ऐसी तस्वीर तो आपने कई बार देखी होगी लेकिन शहर में एक ऐसा शख्स है जिसने अपना जन्मदिन श्वानो के बीच में बना कर इन बेजुबान पशुओं को भी सम्मान देने की एक अनोखी पहल करते हुए 51 हजार श्वानो को भोजन भंडारे की शपथ ली है और इन बेजुबानों के प्रति अपनी इंसानियत का अनोखा परिचय भी दिया है वॉइस ओवर / शिवसेना मध्य प्रदेश के प्रभारी सुरेश गुर्जर के जन्म दिवस पर आज इंदौर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्ट्रीट डॉगो को खाना खिलाया जिसमें शिवसेना के विभिन्न पदाधिकारीयो ने आकर सुरेश गुर्जर साहब को जन्मदिन की बधाई भी दी और उनके इस कार्य की सराहना भी की वही इस अवसर पर प्रदेश उप राज्य प्रमुख अनिल रघुवंशी , प्रदेश उप राज्य प्रमुख नासिक कंसाना, महिला शहर प्रमुख बबीता चौहान, सोनू सिरोसिया , सुभाष शर्मा सभी कार्यकर्ताओं ने अपना सहयोग भी प्रदान किया और भविष्य में 51 हजार स्ट्रीट डॉग को भोजन करने का संकल्प लिया है वही सूरज गुर्जर के मुताबिक प्रतिवर्ष उनका जन्मदिन आता है वह हमेशा से अपने जन्मदिन को सादगी के साथ मनाते आये हैं लेकिन इस बार उन्होंने अपने जन्मदिन को अनोखे रूप से मनाने का प्रयास किया और इंसानियत का एक अच्छा परिचय भी दिया है इस दौरान उनका कहना था कि उन्होंने काफी गरीबी देखी है उनके पास करोड़ों रुपया था लेकिन समय इतना खराब आया कि वह काफी कर्ज में हो गए थे लेकिन अब जब उन्होंने इन बेजुबान पशुओं की सेवा करना शुरू किया तो आज फिर वह आसमान की बुलंदियों पर है इसी कारण से उन्होंने अपने 55 वे जन्मदिवस के इस अवसर पर परिवार के साथ अनोखे रूप से बनाने का संकल्प लिया है उनका कहना है कि घर में रहने वाले स्वानो को तो हम बेहतर भोजन व्यवस्था देते है लेकिन रोड पर रहने वाले स्ट्रीट डॉग को किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं मिल पाती है इस कारण से वह अब अपनी कार में एक भारी मात्रा में भोजन व्यवस्था लेकर निकले हैं जिसमें दूध बिस्किट टौस और ऐसे खाद्यान्न सामग्री रखी है कि जहां पर भी स्ट्रीट डॉग दिखाई देता है तुरंत ही खाना और पानी दिया जा रहा है अब हालात यह है कि उनकी गाड़ी का हॉर्न सुनकर ही कॉलोनी में रहने वाले डॉग तुरंत दौड़कर आ जाते हैं इसी तरीके से उन्होंने संकल्प लिया है कि वह पूरे शहर में 51000 से अधिक श्वानों को भोजन कराएंगे और यह भौजन प्रतिदिन जारी रहेगा इसके लिए उन्होंने सामाजिक संगठन प्रतिष्ठित बेजुबान पशुओं के लिए कार्य करने वाले संगठनों से भी संपर्क किया है जो की बढ़ चढ़कर इस कार्य में हिस्सा ले रहे उनका कहना है की गाड़ी के नीचे आने से इन बेजुबान जानवरों की मौत हो जाती है कुछ लोग इन्हें आहट करके जानबूझकर मार डालते हैं ऐसे लोगों पर कार्रवाई होना चाहिए साथ ही समय-समय पर प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों को भी इन बेजुबान पशुओं के लिए काम करना चाहिए ताकि उनके स्वास्थ्य और रहने की व्यवस्था हो सके वही इस पृथ्वी पर सबसे वफादार पशु में अगर कोई है तो वह स्वान को माना जाता है और इसकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य भी है।4
- बच्चों की लापरवाही बनी बड़ा हादसा! व्यस्त सड़क पर अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चे सिर्फ तालाब में कूदने के लिए दौड़ लगा रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज रफ्तार कार आ गई… और एक लड़का सीधे उससे जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। यह पूरा खौफनाक हादसा कैमरे में कैद हो गया, जिसे देखकर हर कोई सन्न रह गया। सवाल यही है— आखिर कब समझेंगे लोग सड़क सुरक्षा की अहमियत?1
- Post by PM NEWS1
- अप्रैल-मई में करें जायद फसलों की बुवाई, लागत कम-लाभ अधिक : कृषि मंत्री श्री कंषाना इंदौर 26 अप्रैल 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर जायद सीजन में किसानों की आय बढ़ाने के लिए कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि अप्रैल और मई माह में बोई जाने वाली फसलों से किसान कम समय और कम पानी में बेहतर मुनाफा ले सकते हैं। अप्रैल-मई में बोई जाने वाली प्रमुख फसलें एवं कृषि सलाह जायद सीजन में मूंग की विराट, शिखा, टीजेएम-3 एवं हम-16 किस्मों की बुवाई 15 मई तक की जा सकती है। बुवाई से पहले बीज को रायजोबियम एवं पीएसबी कल्चर से उपचारित करना लाभकारी रहता है और इस फसल में 4 से 5 सिंचाई पर्याप्त होती है। उड़द की इंदिरा उड़द-1, टी-9 एवं प्रताप उड़द-1 किस्मों को हल्की-दोमट मिट्टी में बोना चाहिए तथा खरपतवार नियंत्रण के लिए बुवाई के 25 दिन बाद निराई-गुड़ाई करना आवश्यक है। मक्का की जेएम-216, एचएम-4 तथा संकर किस्मों की बुवाई करने पर 5 से 6 सिंचाई की आवश्यकता होती है और बेबीकॉर्न के लिए 65 दिन में तुड़ाई कर किसान अतिरिक्त लाभ ले सकते हैं। सूरजमुखी की केबीएसएच-44 एवं डीआरएसएच-1 किस्में 3 से 4 सिंचाई में तैयार हो जाती हैं तथा परागण बढ़ाने के लिए खेत के पास मधुमक्खी पालन करने से उत्पादन 20 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। सब्जी वर्ग में भिंडी, लौकी, करेला, तोरई की संकर किस्में लगाना चाहिए और पानी की बचत के लिए ड्रिप सिंचाई व मल्चिंग अपनाना चाहिए। स्थानीय बाजार की मांग के अनुसार ही फसल का चयन करना बेहतर रहता है। पशुपालक किसान चारे के लिए मक्का की अफ्रीकन टॉल एवं ज्वार की एमपी चरी किस्म बो सकते हैं। ये फसलें 45 दिन में हरा चारा उपलब्ध करा देती हैं और चारा बीज पर शासन द्वारा 75 प्रतिशत अनुदान भी दिया जा रहा है। शासन द्वारा दी जा रही प्रमुख सुविधाएं जायद फसलों को बढ़ावा देने के लिए मूंग-उड़द के प्रमाणित बीज पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है और प्रदेश में इस सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में बीज भंडारित किया गया है। रायजोबियम कल्चर सभी विकासखंडों में निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। सिंचाई के लिए ‘पर ड्रॉप-मोर क्रॉप’ योजना में ड्रिप व स्प्रिंकलर पर 55 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है तथा पात्र किसानों को सोलर पंप 90 प्रतिशत तक अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिये रोटावेटर, कल्टीवेटर, बीज-उर्वरक ड्रिल पर 40 से 50 प्रतिशत अनुदान है और प्रदेश में स्थापित 2,500 कस्टम हायरिंग सेंटर से किसान किराये पर मशीनें ले सकते हैं। तकनीकी मार्गदर्शन के लिए हर विकासखंड में ‘कृषि चौपाल’ व किसान पाठशाला’ के माध्यम से विशेषज्ञ सलाह दी जा रही है तथा ‘एमपी किसान ऐप’ पर मौसम आधारित सलाह व मंडी भाव की जानकारी तुरंत मिल रही है। विपणन के लिए ‘मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ’ द्वारा मूंग एवं उड़द का उपार्जन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किया जाएगा। एफपीओ के माध्यम से किसानों को सीधा बाजार लिंकेज दिया जा रहा है। जोखिम से बचाव के लिए जायद फसलों को ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ में शामिल किया गया है और नुकसान होने पर 72 घंटे में सर्वे की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बिजली के लिए कृषि पंपों को 10 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली दी जा रही है तथा जायद फसल के लिए अस्थायी कनेक्शन 3 दिन में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा जायद फसलों की बुवाई, उन्नत तकनीक, अनुदान योजनाओं एवं नरवाई प्रबंधन से संबंधित संपूर्ण जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.mpkrishi.mp.gov.in पर उपलब्ध कराई गई है। वेबसाइट के होमपेज पर ‘जायद फसल विशेष’ सेक्शन में फसलवार पैकेज ऑफ प्रैक्टिस, बीज उपलब्धता, एमएसपी पर ई-उपार्जन पंजीयन की तिथि, अनुदान के लिए आवेदन प्रक्रिया तथा जिलेवार कृषि विशेषज्ञों के नंबर भी प्रकाशित किए गए हैं। किसान भाई ‘ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल’ व ‘ई-उपार्जन पोर्टल’ का लिंक भी वेबसाइट से प्राप्त कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। मंत्री श्री कंषाना ने किसानों से कहा कि जायद फसलें 60 से 70 दिन में तैयार होकर खरीफ से पहले खेत खाली कर देती हैं और दलहनी होने के कारण मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाती हैं। उन्होंने किसानों से नरवाई न जलाने और उसे खेत में मिलाकर जायद की बुवाई करने की अपील की है। मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि विभाग का हर अधिकारी किसानों की मदद के लिए तैयार है। किसी भी समस्या के लिए किसान कॉल सेंटर टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर संपर्क कर सकते हैं।1