राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के अवसर पर रुड़की के युवा चिकित्सक डॉ. अर्पित सैनी को चिकित्सा के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सराहा गया है। उन्होंने अपनी योग्यता, सेवा भाव और मरीजों के प्रति समर्पण के कारण बहुत ही कम समय में लोगों के बीच अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। डॉ. सैनी वैलनगिरी हील्स नर्सिंग होम, रुड़की में वरिष्ठ चिकित्सक के रूप में कार्यरत हैं और उन्हें चिकित्सा जगत का एक प्रतिभाशाली नाम माना जाता है। डॉ. अर्पित सैनी ने MBBS और MD (इंटरनल मेडिसिन एंड क्रिटिकल केयर) में गोल्ड मेडल प्राप्त किए हैं, जो उनके ज्ञान, मेहनत और चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है। उन्हें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायराइड, पेट संबंधी रोग, छाती की बीमारियां तथा दिमाग और नसों से जुड़ी जटिल समस्याओं के उपचार में विशेष अनुभव हासिल है। इलाके के मरीजों का कहना है कि डॉ. अर्पित सैनी केवल बीमारी का सटीक निदान और उपचार ही नहीं करते, बल्कि मरीजों के साथ उनका व्यवहार भी बेहद सहज, संवेदनशील और भरोसा दिलाने वाला होता है। उनकी देखरेख में वैलनगिरी हील्स नर्सिंग होम में मरीजों को 24 घंटे जनरल मेडिसिन और क्रिटिकल केयर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के अवसर पर रुड़की के युवा चिकित्सक डॉ. अर्पित सैनी को चिकित्सा के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सराहा गया है। उन्होंने अपनी योग्यता, सेवा भाव और मरीजों के प्रति समर्पण के कारण बहुत ही कम समय में लोगों के बीच अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। डॉ. सैनी वैलनगिरी हील्स नर्सिंग होम, रुड़की में वरिष्ठ चिकित्सक के रूप में कार्यरत हैं और उन्हें चिकित्सा जगत का एक प्रतिभाशाली नाम माना जाता है। डॉ. अर्पित सैनी ने MBBS और MD (इंटरनल मेडिसिन एंड क्रिटिकल केयर) में गोल्ड मेडल प्राप्त किए हैं, जो उनके ज्ञान, मेहनत और चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है। उन्हें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायराइड, पेट संबंधी रोग, छाती की बीमारियां तथा दिमाग और नसों से जुड़ी जटिल समस्याओं के उपचार में विशेष अनुभव हासिल है। इलाके के मरीजों का कहना है कि डॉ. अर्पित सैनी केवल बीमारी का सटीक निदान और उपचार ही नहीं करते, बल्कि मरीजों के साथ उनका व्यवहार भी बेहद सहज, संवेदनशील और भरोसा दिलाने वाला होता है। उनकी देखरेख में वैलनगिरी हील्स नर्सिंग होम में मरीजों को 24 घंटे जनरल मेडिसिन और क्रिटिकल केयर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- Rajesh kumarलक्सर, हरिद्वार, उत्तराखंडडॉक्टर अर्पित सैनी समाजसेवी रुड़की हॉस्पिटल10 hrs ago
- ग्राम उमाही कोटा नगल सबस्टेशन क्षेत्र में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के चलते विद्युत लाइन में आए दिन फॉल्ट होता रहता है। इस गंभीर समस्या के कारण एक कुत्ते की मौत हो चुकी है, और स्थानीय लोगों को आशंका है कि किसी भी समय कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। जानकारी के अनुसार, यह विद्युत लाइन 10 साल से भी अधिक पुरानी है और पिछले दो सालों से डैमेज अवस्था में है। इस लाइन को बदलने के लिए जनवरी 2026 में एस्टीमेट भी बनाया जा चुका था। हालांकि, विद्युत विभाग लाइन बदलने के लिए कोई प्रबंध नहीं कर पा रहा है। विभाग के लाइनमैनों का कहना है कि स्टोर में आवश्यक सामान उपलब्ध न होने के कारण लाइन को बदला नहीं जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत विभाग का कोई भी बड़ा अधिकारी गांव आकर इस जर्जर व्यवस्था का जायजा नहीं लेता, जिससे पीवीवीएनएल की खराब विद्युत व्यवस्था की पोल खुल गई है।1
- उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक युवक पर जानलेवा हमला किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब युवक अपने ससुराल जा रहा था। इस मामले में मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह कोई सामान्य हमला नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या की साजिश है, जिसके लिए वे न्याय की मांग कर रहे हैं।1
- बसपा प्रत्याशी कविता देवी ने युवाओं, महिलाओं, चिकित्सा व्यवस्था और प्राथमिक स्कूलों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा। उनके इस कदम को #BSP, #bhimarmy, और #mayavti जैसे हैशटैग के साथ साझा किया जा रहा है।1
- मुजफ्फरनगर में चरथावल विधायक पंकज मलिक ने टाउन हॉल मैदान में स्थित पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसान नेता चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा और स्मारक स्थल की बदहाल स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। विधायक ने आरोप लगाया कि स्मारक स्थल पर भारी गंदगी, कूड़ा-कचरा और शराब की खाली बोतलें फैली हुई हैं। इसके अलावा, आसपास खुले बिजली के तार और पूरी जर्जर व्यवस्था आम लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है। पंकज मलिक ने इस बात पर चिंता जताई कि जहाँ अन्य प्रेरणा स्थलों का नियमित रखरखाव किया जा रहा है, वहीं चौधरी चरण सिंह के स्मारक की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल साफ-सफाई, मरम्मत, नियमित देखरेख सुनिश्चित करने और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। विधायक ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वह इस महत्वपूर्ण मुद्दे को विधानसभा सदन में उठाएंगे।1
- Post by Lalitkumar1
- हरिद्वार-लक्सर रोड की हालत बेहद खराब है, जहाँ सड़क खोदने के बाद संबंधित विभाग उसे दुरुस्त करना भूल गया है। बरसाती मौसम के चलते इस रास्ते से आने-जाने वाले स्कूली बच्चों और अन्य राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि क्या विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?1
- मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल थाना क्षेत्र के पावटी खुर्द गांव में गुरुवार शाम शराब का ठेका शुरू होने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों का भारी आक्रोश भड़क उठा। सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने एकजुट होकर ठेके पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिस दौरान कुछ महिलाओं ने ठेके से शराब की बोतलें बाहर निकालकर तोड़ दीं और बिक्री के लिए रखा लोहे का खोखा भी पलट दिया। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। हंगामे की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक सत्यनारायण दहिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, वहीं आबकारी विभाग के एक निरीक्षक ने भी घटनास्थल पर ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने स्पष्ट किया कि वे गांव में किसी भी कीमत पर शराब का ठेका संचालित नहीं होने देंगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वे पहले भी ठेका हटाने की मांग को लेकर पुलिस और प्रशासन को शिकायत दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि दो-तीन दिन पहले जिला मुख्यालय स्थित डीएम कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, जिसके बावजूद गांव में शराब की बिक्री शुरू होने से उनमें गहरी नाराजगी है। प्रदर्शन के दौरान ग्राम प्रधान अजीत सिंह, मोनू त्यागी, मोहम्मद मुरसलीन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौजूद रहीं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि ठेका नहीं हटाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए मामले में नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।1
- शरारती तत्व अब नई तकनीक का इस्तेमाल कर लिथियम बैटरी को बंद कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, ये शरारती तत्व रिमोट कंट्रोल का उपयोग करके ब्लूटूथ के ज़रिए एक मोबाइल ऐप की मदद से लिथियम बैटरी को बंद करने की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।1