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मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के होशंगाबाद में सेठानी घाट पर बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। किसानों के इस जमावड़े का कारण और इसके पीछे की वजहों का जिक्र स्रोत में नहीं किया गया है। हालाँकि, वीडियो की वायरलता इस बात का संकेत देती है कि यह घटना स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा का विषय बन गई है।
Deepak sharma
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के होशंगाबाद में सेठानी घाट पर बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। किसानों के इस जमावड़े का कारण और इसके पीछे की वजहों का जिक्र स्रोत में नहीं किया गया है। हालाँकि, वीडियो की वायरलता इस बात का संकेत देती है कि यह घटना स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा का विषय बन गई है।
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- इटारसी के नन्हें बाल कलाकार प्रिंस रावत अपनी शारीरिक बाधाओं को पीछे छोड़कर कला के दम पर हर किसी के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। प्रिंस का एक हाथ नहीं है और दूसरा हाथ भी कलाई से टेढ़ा है, लेकिन उनके हौसले और स्केचिंग के जुनून के आगे हर मुश्किल छोटी पड़ गई है। प्रिंस के इसी अद्भुत हुनर, एकाग्रता और लगन को देखते हुए सिद्धार्थ आर्य वेलफेयर फाउंडेशन ने उन्हें ड्रॉइंग बुक और स्केच पेंसिल सेट भेंट कर प्रोत्साहित किया है। प्रिंस का यह जज्बा और उनकी कला सभी के लिए एक बड़ी मिसाल है।1
- मध्य प्रदेश में सिवनी मालवा संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा मूंग खरीदी की मांग को लेकर प्रस्तावित किसान क्रांति पदयात्रा और मुख्यमंत्री आवास एवं कार्यालय के घेराव से पहले, पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे को सिवनी मालवा के ग्राम भैरोपुर से लाकर स्थानीय रेस्ट हाउस में नजरबंद कर दिया गया है। रेस्ट हाउस पर सुरक्षा के लिए एडिशनल एसपी कमलेश खरपूसे, थाना प्रभारी सुधाकर बारसकर सहित पुलिस बल तैनात किया गया है। इसी क्रम में, डोलरिया तहसील में पुलिस ने किसान क्रांति पदयात्रा में शामिल होने जा रहे क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के लगभग 30 कार्यकर्ताओं को रोक लिया। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। प्रशासन ने विभिन्न क्षेत्रों से निकल रहे किसानों को रोकने के लिए कई स्थानों पर पुलिस चेक पॉइंट लगाए हैं और उनकी निगरानी की जा रही है। संतोष पटवारे ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की आवाज को दबाना चाहती है और उनकी मांगें पूरी करने के बजाय उन्हें आंदोलन करने से रोकने के लिए नजरबंद किया जा रहा है। लेकिन किसान अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन मूंग खरीदी सहित किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रस्तावित था। दूसरी ओर, प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर यह कार्रवाई कर रहा है। फिलहाल क्षेत्र में पुलिस की गतिविधियां बढ़ गई हैं और किसान संगठनों के अगले कदम पर सभी की नजर बनी हुई है।1
- नर्मदापुरम के सोहागपुर स्थित तिवारी कॉलोनी में पुलिस की तत्परता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई। मां द्वारा बिना बताए घर से बाहर जाने पर डांटे जाने से नाराज होकर 18 वर्षीय युवती ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था। युवती के किसी गंभीर कदम उठाने की आशंका होने पर परिजनों ने पुलिस को फोन पर इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही एएसआई वरुण राजपूत और महिला कांस्टेबल नेहा रघुवंशी तत्काल मौके पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद भी दरवाजा न खुलने पर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया, जहां युवती पंखे पर फंदा बांध रही थी। पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद रविवार शाम लगभग 6 बजे युवती को थाने लाया गया, जहां पुलिस ने उसकी काउंसलिंग कर समझाइश दी और परिजनों से भी इस संबंध में चर्चा की।1
- कांग्रेस नेता शाहरुख पठान ने कहा है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा एक नैतिक जिम्मेदारी है। इसके साथ ही UCC कानून के मुद्दे को लेकर भी कांग्रेस नेता शाहरुख पठान मध्य प्रदेश सरकार पर जमकर बरसे।1
- भोपाल के त्रिलंगा स्थित शराब की दुकान पर नियमों और प्रतिबंधों को ताक पर रखकर अहाता बनाकर बिठाकर खुलेआम शराब पिलाई जा रही है। एक तरफ जहाँ पुलिस प्रशासन लोगों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा देने में लगा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ आबकारी विभाग चैन की नींद सोया हुआ है और दिनदहाड़े शराबखोरी का यह दौर जारी है। शराब की दुकान पर लोग बेरोकटोक झुंड बनाकर शराब पी रहे हैं, जिन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। न तो दुकान वाले इन्हें मना कर रहे हैं और न ही पुलिस या आबकारी विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई की जा रही है। बिना किसी डर के दिनदहाड़े शराब पीने के बाद लोग गाड़ियां चलाएंगे, जिससे भीषण एक्सीडेंट होने की आशंका बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार तंत्र पूरी तरह बेखबर बैठा है।4
- मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में संभावित किसान आंदोलन को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। कानून व्यवस्था, शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पिपरिया शहर में रेलवे स्टेशन, सिलारी चौराहा सहित प्रमुख स्थानों पर नायब तहसीलदार नीरज बैस, पुलिस अधिकारी और पुलिस बल तैनात किए गए हैं। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा संवेदनशील मार्गों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है और सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है। अधिकारियों ने संबंधित अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि आम नागरिकों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और महत्वपूर्ण मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि यातायात सुचारु बना रहे और किसी भी स्थिति से तत्काल प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, शांति एवं सौहार्द बनाए रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।1
- संयुक्त किसान मोर्चा ने मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करने और अन्य लंबित मांगों को लेकर भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के घेराव का ऐलान किया है। इस आंदोलन में प्रदेशभर से 10 हजार से अधिक किसानों के शामिल होने की संभावना है। तीन दिवसीय इस आंदोलन की शुरुआत नर्मदापुरम में मां नर्मदा की पूजा-अर्चना के साथ होगी, जिसके बाद किसान पैदल भोपाल के लिए रवाना होंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, पदयात्रा के पहले दिन किसान अब्दुल्लागंज पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगे। दूसरे दिन मिसरोद में विश्राम किया जाएगा और तीसरे दिन सभी किसान भोपाल पहुंचकर सीएम हाउस का घेराव करेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा का आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने में परेशान हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मोर्चा ने मूंग की पूरी सरकारी खरीदी, ई-टोकन प्रणाली को समाप्त करने और फसलों का उचित मूल्य देने की मांग की है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।2
- भोपाल के त्रिलंगा स्थित शराब दुकान पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध अहाता बनाया गया है और दिनदहाड़े लोगों को झुंड बनाकर शराब पिलाई जा रही है। एक तरफ जहाँ पुलिस प्रशासन लोगों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस जगह पर खुलेआम शराबखोरी जारी है। अहाता बनाकर बिठाकर शराब पिलाना प्रतिबंधित होने के बावजूद ना तो दुकान वाले, ना पुलिस वाले और ना ही आबकारी विभाग के अधिकारी इन्हें रोक रहे हैं। बेरोकटोक शराब पीकर ये लोग गाड़ियाँ चलाएँगे जिससे एक्सीडेंट का खतरा बना हुआ है, लेकिन आबकारी विभाग पूरी तरह चैन की नींद सोया हुआ है।4
- मध्यप्रदेश के सांदीपनि विद्यालय के लोकार्पण अवसर पर लगे बैनर-पोस्टरों से केंद्रीय कृषि मंत्री व विदिशा-रायसेन सांसद शिवराज सिंह चौहान की फोटो गायब कर दी गई है। यह मामला उनके ही संसदीय क्षेत्र साँची का है, जहाँ सांदीपनि विद्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम के पोस्टरों से उनकी तस्वीर हटा दी गई। मध्यप्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और पढ़ाई का बेहतर वातावरण मुहैया कराने के उद्देश्य से तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूरे प्रदेश में सीएम राइज स्कूलों की सौगात दी थी। हालाँकि, उनके मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इन सीएम राइज स्कूलों का नाम बदलकर सांदीपनि विद्यालय कर दिया था।1