रोशनगढ़ गांव में आवासीय पट्टा आवंटन में अनियमितता का गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर की जांच की मांग। BAGHPAT DESK :- बागपत जनपद के रोशनगढ़ गांव में आवासीय पट्टा आवंटन में अनियमितता का गंभीर आरोप सामने आया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि गांव में कुल 40 पात्र व्यक्तियों को आवासीय पट्टा आवंटित किया जाना था। हालांकि, आरोप है कि इनमें से केवल दो लोगों को ही पट्टा दिया गया, जबकि शेष 38 पात्र व्यक्तियों को नजरअंदाज कर दिया गया। ग्रामीणों का दावा है कि यह आवंटन प्रक्रिया नियमों के विरुद्ध है और इसमें पक्षपात किया गया है। ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि इस मामले को लेकर पूर्व में राजस्व न्यायालय में एक वाद दायर किया गया था। न्यायालय ने 40 व्यक्तियों के पट्टे के अधिकार को स्वीकार किया था। इसके बावजूद, स्थानीय स्तर पर केवल दो व्यक्तियों को ही लाभ प्रदान किया गया, जिससे अन्य पात्र व्यक्ति ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ अपात्र व्यक्तियों को भी लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है। ये व्यक्ति न तो गांव के स्थायी निवासी हैं और न ही पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि गांव के सभी 40 पात्र व्यक्तियों को 100-100 वर्ग गज के प्लॉट का पट्टा आवंटित किया जाए। उनका कहना है कि इससे सभी पात्रों को न्याय मिल सकेगा।
रोशनगढ़ गांव में आवासीय पट्टा आवंटन में अनियमितता का गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर की जांच की मांग। BAGHPAT DESK :- बागपत जनपद के रोशनगढ़ गांव में आवासीय पट्टा आवंटन में अनियमितता का गंभीर आरोप सामने आया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि गांव में कुल 40 पात्र व्यक्तियों को आवासीय पट्टा आवंटित किया जाना था। हालांकि, आरोप है कि इनमें से केवल दो लोगों को ही पट्टा दिया गया, जबकि शेष 38 पात्र व्यक्तियों को नजरअंदाज कर दिया गया। ग्रामीणों का दावा है कि यह आवंटन प्रक्रिया नियमों के विरुद्ध है और इसमें पक्षपात किया गया है। ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि इस मामले को लेकर पूर्व में राजस्व न्यायालय में एक वाद दायर किया गया था। न्यायालय ने 40 व्यक्तियों के पट्टे के अधिकार को स्वीकार किया था। इसके बावजूद, स्थानीय स्तर पर केवल दो व्यक्तियों को ही लाभ प्रदान किया गया, जिससे अन्य पात्र व्यक्ति ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ अपात्र व्यक्तियों को भी लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है। ये व्यक्ति न तो गांव के स्थायी निवासी हैं और न ही पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि गांव के सभी 40 पात्र व्यक्तियों को 100-100 वर्ग गज के प्लॉट का पट्टा आवंटित किया जाए। उनका कहना है कि इससे सभी पात्रों को न्याय मिल सकेगा।
- सुभाष पुलिस थाना पुलिस की टीएम ने 20 अप्रैल को हुई लूट की वारदात को सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आपको बता दें कि इन दोनों ही आरोपियों ने एक व्यक्ति के साथ उस वक्त लूट की वारदात को अंजाम दिया जिस वक्त व्यक्ति अपने भाई के साथ आनंद विहार पहुंच रहा था। उसी दौरान आरोपियों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया। जिसके चलते आरोपियों ने 6000 और मोबाइल फोन की लूट की वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गई।1
- भिवानी में ट्रेन की चपेट में आने से BSF जवान की मौत1
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम (SC/ST एक्ट) से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी व्यक्ति को उसकी जाति से संबोधित किया जाता है, लेकिन उसमें अपमानित करने या डराने की मंशा नहीं है, तो इसे इस कानून के तहत अपराध नहीं माना जा सकता।यह फैसला जस्टिस मदन पाल सिंह की एकल पीठ ने अमय पांडे और तीन अन्य द्वारा दायर आपराधिक अपील पर सुनाया। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी समन आदेश को रद्द कर दिया। हालांकि भारतीय दंड संहिता के तहत चल रही कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दी। क्या है पूरा मामला ? दरअसल, साल 2019 में अमय पांडे और अन्य के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि उन्होंने शिकायतकर्ता के साथ मारपीट और जातिगत टिप्पणी की। हालांकि, आरोपियों की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि पूरा मामला विरोधाभासी है और दुर्भावनापूर्ण तरीके से गढ़ा गया है। उन्होंने बताया कि प्राथमिकी में शुरू में जातिगत गाली या अपमान का कोई जिक्र नहीं था। बल्कि यह केवल एक सामान्य विवाद और कथित मारपीट का मामला था जो एक शादी समारोह के दौरान हुआ था। बाद में शिकायतकर्ता ने अपने बयान में बदलाव करते हुए जातिगत टिप्पणी और हमले का नया आरोप जोड़ा और यह भी कहा कि उसने आरोपियों की पहचान CCTV फुटेज के आधार पर की है। हाईकोर्ट ने क्या टिप्पणी की? कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि अभियोजन के मामले में कई महत्वपूर्ण विरोधाभास हैं। प्राथमिकी और बाद के बयानों के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई देता है, जिससे मामले की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में केवल मामूली चोटों का उल्लेख है, जो अभियोजन की गंभीर आरोपों वाली कहानी से मेल नहीं खाता। कोर्ट ने यह भी गौर किया कि मामले की पृष्ठभूमि एक निजी विवाद से जुड़ी प्रतीत होती है, जिससे यह शक और गहरा होता है कि SC/ST एक्ट का उपयोग सही संदर्भ में किया गया या नहीं। एक्ट को लेकर स्पष्टता अपने फैसले में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि SC/ST एक्ट के प्रावधान लागू करने के लिए यह जरूरी है कि आरोपी ने जानबूझकर पीड़ित को उसकी जाति के आधार पर अपमानित या डराया हो। वहीं यह कृत्य सार्वजनिक स्थान या सार्वजनिक दृष्टि में किया गया हो। कोर्ट ने कहा कि केवल किसी को उसकी जाति से पुकारना या सामान्य गाली-गलौज या झगड़ा SC/ST एक्ट के दायरे में नहीं आता। जब तक उसमें स्पष्ट रूप से जातिगत अपमान की मंशा न हो।4
- लंदन की तिजोरी खाली! भारत ने वापस मंगाया अपना 104 टन सोना, जानें क्या है असली वजह भारत अपने विदेशी भंडार में रखे सोने को तेजी से वापस देश में ला रहा है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और भरोसे के संकट के बीच यह कदम रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत तेजी से अपना सोना विदेशों से वापस ला रहा है। रिजर्व बैंक की रिपोर्ट (अक्टूबर 2025-मार्च 2026) के अनुसार भारत के 880.52 टन सोने में से करीब 77% यानी लगभग 680 टन अब अपने देश में रखा गया है, जबकि 197.67 टन अभी भी बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के पास है। सिर्फ 6 महीने में 104.23 टन सोना वापस लाया गया है।1
- न्यूज़: दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी इलाके में हुए सनसनीखेज सशस्त्र लूट कांड का क्राइम ब्रांच ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। AEKC टीम ने तेज और साहसिक कार्रवाई करते हुए दो शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ₹3.92 लाख नकद, मोबाइल फोन, एक पिस्टल, जिंदा कारतूस और चाकू बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वारदात के दौरान पीड़ितों पर फायरिंग की थी और चाकू से हमला कर लूट को अंजाम दिया था। इस घटना में इस्तेमाल की गई स्पोर्ट्स बाइक भी पुलिस ने बरामद कर ली है। क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई को बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, जिससे इलाके में सुरक्षा को लेकर लोगों में भरोसा बढ़ा है।1
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- दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले की आदर्श नगर थाना पुलिस ने सड़क पर अपराध रोकने और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के अभियान के तहत दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शाहिद (25) और शाकिर (23) के रूप में हुई है, जो शकूरपुर की जे.जे. कॉलोनी के रहने वाले हैं।1
- हमारा योगी आदित्यनाथ जी से अनुरोध है कि इस विषय पर ध्यान दें, जब यूपी का रोड टैक्स भर जाए तो किस बात पर नगर निगम के नाम पर पर्ची कटाएं1
- लोग गंगा नदी में कपड़े धोते है,गंगा के किनारे वाले होटल का गंदा पानी गंगा में जाता है, टॉयलेट लोग गंगा में करते है, और जानवरों को पशुपति कहने वाले लोग अब सवाल कर रहे हैं कि कुत्ते को गंगा नदी में क्यों नहला रहे हो! आप जवाब दीजिए क्या एक कुत्ते को नहला देने से सबके पाप धोने वाली गंगा मां अपवित्र हो जाएगी! comment Karo......!!!!!1