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वर्तमान प्रधानमत्री मंजू देवी राजपूत ग्राम पंचायत घनशौल जनवारा मेरा नल 5महीने से खराब है भी तक नल को नहीं बनवाया
Anil Kumar yadav
वर्तमान प्रधानमत्री मंजू देवी राजपूत ग्राम पंचायत घनशौल जनवारा मेरा नल 5महीने से खराब है भी तक नल को नहीं बनवाया
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- बांदा डीएम ऑफिस में सिटी मजिस्ट्रेट संदीप केला कुर्सी पर बैठे रहे जबकि पीड़ित विकलांग व्यक्ति जमीन पर बैठा नजर आया यह दृश्य व्यवस्था की संवेदना पर गहरा प्रश्न उठता है जहां कुर्सियां ऊंची हो और नागरिक की गरिमा नीचे वहां न्याय की उम्मीद कितनी बचती है?1
- बांदा। जनपद के जसपुरा क्षेत्र में अन्ना जानवरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। आवारा पशुओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरते हुए सैकड़ों बीघे में खड़ी फसलों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। सरसों, गेहूं, चना सहित अन्य फसलें बर्बाद होने से किसान गहरे संकट में हैं। किसानों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। रात-दिन खेतों की रखवाली करने के बावजूद अन्ना जानवरों से फसलों को बचा पाना किसानों के लिए मुश्किल हो गया है। पीड़ित किसानों ने अब जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए अन्ना जानवरों को पकड़वाने, गौशालाओं में भेजने और फसल क्षति का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- #चित्रकूट 📍अस्पताल या कफन📍 👉🏾 ऊपर से आदेश आ गया क्या जो स्वास्थ्य व्यवस्था व जिले में एक मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर शांति पूर्ण कफन सत्याग्रह धरने पर बैठे लोगों पर पुलिस प्रशासन लाल आंख दिखा रहा है। 👉🏾 यह आंदोलन जनता के हित के लिए किया जा रहा है, एक मेडिकल कॉलेज की मांग के लिए किया जा रहा है, जिला अस्पताल रेफर सेंटर साबित न हो इसलिए किया जा रहा है। वो भी शांति पूर्वक। 👉🏾 बैठे हैं बैठे रहने दीजिए पुलिस प्रशासन क्यों डरा धमका रहा है।1
- यूपी के फतेहपुर जिले में एक दिवसीय दौरे पर फतेहपुर पहुंचे डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने नागेश्वर धाम आश्रम का लोकार्पण किया साथ ही मेरा गांव मेरा तीर्थ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। जिसमें विकास कार्यों में समर्पित समाजसेवी सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। साथ ही उन्होंने रास्ते में पड़ रहे बिंदकी सीएचसी का निरीक्षण किया और मौजूद डॉक्टरों को जनता को समुचित स्वास्थ्य व्यवस्था प्रदान किए जाने के निर्देश दिए। वहीं डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने आईसीसी वर्ल्ड कप से पाकिस्तान के बायकॉट के सवाल जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान अपनी हार सुनिश्चित जानता है खेल से कोई मतलब नहीं रह गया है पूरी तरह से आतंकवाद पर जूझ रहा। वहीं उन्होंने वित्तीय बजट पर सपा वा कांग्रेस द्वारा दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस और सपा को अर्थशास्त्र से कोई लेना देना नहीं है। यह केंद्रीय देश की अर्थ व्यवस्था को मजबूती देने वाला और देश को आगे बढ़ाना है विकसित भारत के संकल्पों को पूरा करने वाला बजट है। यूपी को दो नए रेल कॉरिडोर मिले हैं लोगों की वर्षों की आकांक्षा पूरी हुई है और विकास को नई गति मिलेगी।1
- Title : धार्मिक स्वतंत्रता पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला Synopsis : वीओ-1- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक मामले में साफ किया है कि किसी व्यक्ति या संस्था को अपनी प्राइवेट प्रॉपर्टी पर धार्मिक कार्यक्रम या प्रार्थना सभा करने के लिए सरकार की इजाजत की जरूरत नहीं है। यह अधिकार संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि यह अधिकार भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 के अंतर्गत प्रदत्त मौलिक अधिकारों का हिस्सा है, जिसे सामान्य परिस्थितियों में सीमित नहीं किया जा सकता। यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने मरानाथ फुल गॉस्पेल मिनिस्ट्रीज और इम्मानुएल ग्रेस चैरिटेबल ट्रस्ट की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया है। और अब पूरे मामले पर भी नजर डालते हैं........1
- पद से रिटायर हुए हैं, हमारे दिलों से नहीं... हसवां शिक्षा विभाग में इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के विदाई समारोह में शिक्षकों और ग्रामीणों का प्यार देखकर हर किसी की आँखें नम हो गईं। हसवां ब्लॉक ने शिक्षा की गुणवत्ता और अनुशासन में नई ऊंचाइयां छुई हैं। उनका सरल और सहयोगी स्वभाव ही था कि विदाई में उपहारों का अंबार लग गया, यहाँ तक कि गाड़ी भी छोटी पड़ गई! "हसवां में सेवा करना मेरे जीवन का सौभाग्य रहा।" -1
- बांदा सेवानिवृत्त नायब सूबेदार अभिमन्यु सिंह यादव का बांदा में भव्य स्वागत1
- चित्रकूट जिले के पहाड़ी गांव में जंगली जानवरों का आतंक किसानों की फसले हो रही चौपट1
- विश्वदीपक अवस्थी (युगान्तर प्रवाह) उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. ऐसा लगा रहा है कि जिले के कप्तान अनूप कुमार सिंह से जनपद संभल नहीं रहा है तभी उनके मातहत बेखौख होकर रिश्वत खोरी करने में लगे हुए हैं.. ताज़ा मामला जाफरगंज थाना क्षेत्र के मुसवापुर गांव का जहां विवाहिता रीतू देवी के साथ दहेज की मांग को लेकर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है. पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के लिए 20 हजार रुपये की मांग की है. नहीं देने पर उल्टा उन्हें ही फंसाने की धमकी मिल रही है. वहीं गंभीर हालत में पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है. शादी के कुछ दिनों बाद ही शुरू हो गई दहेज की प्रताड़ना पीड़िता रीतू देवी, जो राधानगर थाना क्षेत्र के मदरियापुर गांव की रहने वाली है, की शादी 4 मार्च 2024 को जाफरगंज थाना क्षेत्र के मुसवापुर गांव निवासी बृजेश से हुई थी. पीड़िता की मां मुन्नी देवी के अनुसार शादी के कुछ ही दिनों बाद से पति बृजेश अपाचे बाइक और सोने की चैन की मांग करने लगा. मायके पक्ष द्वारा असमर्थता जताने पर आरोपी पति आए दिन बेटी के साथ मारपीट करता था. लगातार प्रताड़ना से विवाहिता मानसिक और शारीरिक रूप से टूटती चली गई. 26 जनवरी की रात तमंचे के बल पर हुई बेरहमी से पिटाई पीड़िता की मां ने बताया कि 26 जनवरी की रात आरोपी पति ने तमंचे के बल पर रीतू देवी के साथ जमकर मारपीट की. जब बेटी ने फोन कर मायके वालों को सूचना दी तो परिजन मौके पर पहुंचे. परिजनों को देखते ही पति बृजेश और उसका छोटा भाई कल्लू पुत्र रघुराज गुस्से में आग बबूला हो गए. दोनों भाइयों ने विवाहिता को लात-घूंसों से पीटा और मायके वालों के साथ भी मारपीट गाली-गलौज कर उन्हें भगा दिया. “दहेज नहीं मिला तो जान से मार दूंगा.” धमकी से दहशत मारपीट के बाद आरोपी ने साफ धमकी दी कि अगर अपाचे बाइक और सोने की चैन नहीं दी गई तो वह रीतू देवी को जान से मार देगा. इस धमकी के बाद पीड़िता और उसका परिवार भय के माहौल में जीने को मजबूर हो गया. परिवार का कहना है कि विवाहिता की हालत गंभीर है और शरीर पर चोटों के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं. इसके बावजूद पुलिस की ओर से तत्काल कार्रवाई नहीं की गई. पीड़िता का आरोप: पुलिस ने मांगे 20 हजार रुपये, नहीं तो मुकदमा नहीं सबसे गंभीर आरोप जाफरगंज थाना पुलिस पर लगा है. पीड़िता रीतू देवी अपनी मां और परिजनों के साथ थाने पहुंची तो पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के लिए 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की. पीड़िता का कहना है कि रुपये देने से इनकार करने पर पुलिस ने साफ कह दिया कि बिना पैसे के कोई सुनवाई नहीं होगी. पीड़िता दर्द से कराहती रही लेकिन पुलिस ने मदद करने के बजाय उल्टा धमकाना शुरू कर दिया. 112 पुलिस के सामने छिपाया गया तमंचा, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई पीड़िता ने बताया कि जब उन्होंने 112 नंबर पर कॉल की थी तो पुलिस घर पहुंची थी. उसी दौरान आरोपी पति ने अपना अवैध तमंचा छिपा दिया. पुलिस के सामने यह सब हुआ लेकिन पुलिस ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया. अब आरोपी खुलेआम घूम रहा है और पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है. कई दिन बीत जाने के बाद भी मुकदमा दर्ज न होने से पीड़ित पक्ष न्याय की गुहार लगा रहा है और घायल अवस्था में पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है.1